कौन हो तुम।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ कौन हो तुम। ϒ

तंग गलियों से होकर –
गुज़रता है कोई।
आहिस्ता-आहिस्ता॥

फटा लिबास ओढ़े –
कहता है कोई।
आहिस्ता-आहिस्ता॥

पैरों में नहीं चप्पल उसके।
काँटों भरी सेज पर –
चलता है कोई।
आहिस्ता-आहिस्ता॥

आँखें हो गई हैं अब –
उसकी बूढ़ी।
धँसी हुई आँखों से –
देखता है कोई।
आहिस्ता-आहिस्ता॥

एक रोज़ पूछा मैंने –
उससे।
“कौन हो तुम”
‘तेरे देश का कानून’।
बोला आहिस्ता-आहिस्ता॥

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

सहेजें आवाज की शक्ति को।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सहेजें आवाज की शक्ति को। ϒ

  • किसी भी बात को कम शब्दों में और सारे तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जाता है तो उसे अच्छा माना जाता है।
  • हमेशा लिखने का ढंग अपना निजी होना चाहिए न कि नकल किया हुआ।
  • इस तरह से सम्भव है कि किसी नयी  भाषा का जन्म हो जो तुम्हारे मन को तरंगित कर दे और निश्चित रूप से वह इतनी सरल हो कि आसानी से समझ में आ जाए।
  • साथ-साथ उस भाषा में अच्छी लय – ताल  हो जो एक वेग के साथ हमसे जुड़ जाए ताकि उसे बिना पढ़े या सुने, हम रह नहीं पायें।
  • उम्मीद है कि इस दिशा में तुम पर्याप्त परिश्रम करोगी/करोगे।
  • फूल कभी भी परेशान नहीं होते कि उन्हें कांटों के आस-पास खिलना होगा बल्कि स्वयं में और कांटों में फर्क दिखलाकर वे खुशबू बिखेरते दूर चले जाते हैं।
  • इसलिए जो अच्छे काम हैं वही तुम्हें करना चाहिए।
  • यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि दूसरे कुछ लोग बुरे काम कर रहे हैं, या कुछ भी बुरा सोच रहे हैं वह तुम्हारे बारे में है। फिर दूसरों का मस्तिष्क या सोच तुम्हारें वश में भी तो नहीं है।
  • सारी चीजें पूरी होने में समय लेती हैं। बर्फीले पहाड़ों के थोड़े से ही हिस्से गर्मी में पिघल पाते हैं, जब तक वे पूरे पिघले, उसके पहले ही सर्दियां आ जाती हैं और वे पूर्ववत बने रहते हैं।
  • इसी तरह से मुसीबतें हमें पूरी तरह से निगल जाएं, उससे पहले ही उनसे बचाव किया जा सकता है।
  • इसलिए गलतियां करने के बाद भी संभलने के जो अवसर तुम्हें मिलते हैं उनमें संभल जाओ।
  • इस जिंदगी का यही नियम है, जहां बाधाएं हैं, उनसे बचाव के उपाय भी हैं।
  • अगर एक नदी अपने तट को रुका हुआ देखती रहती, तो खुद क्या भी रुक नहीं जाती?
  • यह हवा तो बिना थके परिश्रम करती रहती है।
  • अगर सभी अंधकार का ही अनुशरण करते, तो प्रकाश कौन फैलाता?
  • इसलिए वैसी चीजों की तरफ मत देखो जिनमें स्थिरता आ गयी है और जो जीवन में निराशा का संचार करती हैं।
  • तुम्हारे मन को छूने के लिए असीम चीजें हैं। अपनी झोली को इतना अधिक फैलाओ कि सब कुछ समा जाने के बाद भी खाली बच जाए, इसका कोई न कोई कोना।
  • फसल बोने के बाद भी डर लगा रहता है कि कहीं उसके अंकुरित होते छोटे-छोटे पौधों को चिडिय़ा खा नहीं जाएं या फसल के दानों को कीड़े चट न कर जाएं या रातों रात चोर इसे चोरी करके न ले जाएं। निरंतर प्रति दिन की सुरक्षा के बाद हमें हासिल होता है अन्न।
  • अतः हमारे ज्ञान को भी इसी तरह से संभाल कर रखना पड़ता है किसी कवच जैसी सुरक्षात्मक व्यवस्था से। जैसा कि हर घड़ी के ऊपर एक कांच लगा होता है।
  • हम हर अच्छी या बुरी चीज को देख सकते हैं। लेकिन सभी में हमारे दिमाग को लिप्त नहीं होने देना है। केवल अपने काम से मतलब रखने वाली जानकारियों को ही गहरी याददाश्त में रखना है अन्य को नहीं।
  • इस तरह का हमारा संयम ही हमारी सोच में आने वाली विकृतियों से हमें बचाए रखता है।
  • ये आंखें सचमुच में अंधी हैं। बिना प्रकाश के दो डग भी आगे नहीं बढ़ सकती। इन्हें प्रकाश चाहिए, अन्यथा बेकार। वैसे इतने सारे उपलब्ध प्रकाश का थोड़ा सा ही अंश ये लेती हैं बाकी इनके काम का नहीं।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

गहराई से सोचना।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ गहराई से सोचना। ϒ

छोटे-छोटे रास्ते गांव की तरफ ले जाते हैं और लंबे रास्ते शहरों की तरफ। गांव बेहद छोटा लगता है, ऐसा महसूस होता है, जैसे बहुत कम होगी यह विभिन्नता। लेकिन ऐसा दूर से देखने से लगता है, जबकि ऐसा होता नहीं।  यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी हवाई जहाज से हम नीचे की ओर देखे तो सिर्फ धरती ही धरती नजर आती है लेकिन स्च्चाई  में होता है बहुत कुछ। गांव के लोग भी अपने सीमित साधनों में तरह के तरह काम करते हैं, जैसे कपड़े बुनना, मिट्टी के सामान तैयार करना, फसल उगाना, शहद तैयार करना, बांस की कलाकृतियां  तैयार करना आदि। धीरे-धीरे ये छोटे-छोटे साधन ही कोई बड़ा आकार ले लेते हैं, जैसे छोटे-छोटे गांव ही शहर का और गांव के लोग ही बाद में शहरी हो जाते हैं। इस तरह से तुम्हारी मौजूद बुद्धि को भी बड़ा आकार लेना  होगा ताकि वह आधुनिक हो जाए तथा देश – विदेश में मौजूद यंत्रों एवं उनकी प्रणाली को समझ सके और फिर कुछ नया कर सके या मौजूदा प्रणाली का अनुसरण कर अपने होने की सार्थकता सिद्ध कर सके।

पत्रों में हमारी गहरी निजी भावनायें छिपी होती हैं। वे गाढ़े शहद की तरह हैं। एक सैनिक ही पत्रों का महत्व जानता है या कोई प्रेमी। इन पत्रों को व्यर्थ की चीज नहीं समझकर मन बहलाने का सशक्त साधन मानना चाहिए। जो मित्र तुमसे बिछुड़ गए थे उनसे भी पत्रों के द्वारा  संपर्क बनाये रखा जा सकता है। ये पत्र कभी भी काम चलाऊ नहीं होने चाहिए बल्कि पूरी तन्मयता से लिखे होने चाहिएं। एक पत्र में तुम अपने मन की पूरी बातें कह सकती हो और तुम्हारा पत्र मिलने पर दूसरे भी उसी के अनुरूप तुम्हें पत्र लिखते हैं। एक अच्छा पत्र प्राय: जिन्दगी भर हमारे साथ रहता है एवम् उसे बार-बार पढऩे से सुख मिलता है।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

एक लक्ष्य व एकाग्रता।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ एक लक्ष्य व एकाग्रता। ϒ

A Goal is a Must, So is Concentration.

ImageThe sun’s rays do not burn until brought to a focus.

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

प्रेम बांटने से प्रेम मिलता है।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ प्रेम बांटने से प्रेम मिलता है। ϒ

  • जीवन जीने के लिए है और वह भी अच्छी तरह से। तुम सबसे प्रेम करो और यह वैसा प्रेम हो जिसमें वियोग दुख नहीं देता है। तुम बहो नदी की तरह-लय में और अपने ज्ञान रूपी रेत के कण बांटते जाओ – दूसरों को, ताकि इस रेत से दूसरों के सुन्दर – सुन्दर घर बन सकें। जहां गति है वहीं दूरियां खत्म हो जाती हैं और तुम से जब दूसरों को कुछ प्राप्त होता है, तो यह अनुभव तुम्हें बेहद खुशी देता है।
  • आम की गुठली को देखकर ही उसके वृक्ष की पूरी आकृति याद आ जाती है या किसी देश का लहराता हुआ झंडा देखकर उससे संबंधित सारी बातें मन में विचारों के रूप में गुजरने लगती हैं। इस तरह से इस दुनिया में जो भी चीजें हैं वे बहुत सारी दूसरी चीजों से भी जुड़ी होती हैं। हर चीज बहुत सारी चीजों का प्रतीक है जैसे कलम भर कहने से कागज, स्याही, पुस्तकों के चित्र उभर कर सामने आ जाते हैं इस तरह के प्रतीक किसी भी पाठ के नोट्स बनाने के काम में मदद करते हैं।
  • नदियां हम से कहती हैं कि जब उनमें बहाव है तो एक न एक छुपी ताकत भी है जो उन्हें आगे की ओर भेज रही है। लेकिन वह ताकत अदृश्य है। ऐसा ही हर पाठ के साथ होता है।  जो लिखे हुए शब्द और विषय हैं, वे तो सामने हैं किन्तु उनके पीछे एक उद्देश्य होता है, यानि उन्हें पढऩे का कारण। ऐसे कारणों की जानकारी हमेशा पाठ को अच्छी तरह से समझने में मदद करती है।
  • शरीर में थोड़ा सा भी जख्म हुआ नहीं कि खून बहने लगा। नाव में छोटा सा भी छेद हुआ नहीं कि पानी भरने लगा। इस तरह की कितनी ही घटनाएं होती हैं जो तुम्हारे न चाहते हुए भी अपने आप घटने लगती है। जो बुरी चीजें हैं उनकी ओर तुमने जरा सा ध्यान दिया तो वे अपने आप तुम्हारे पास आने लगती हैं। इन चीजों पर बिल्कुल भी ध्यान न देकर अपने आपको बचाया जा सकता है। हमारा मन इसी तरह से काम करता है। जिन चीजों पर थोड़ा सा भी ध्यान दिया वही चीजें सक्रिय हो गईं।
  • हर चीज जो मौजूद है उसका एक इतिहास होता है तथा उससे जुड़ी बहुत सी बातें भी। धीरे- धीरे थोड़ा-थोड़ा करके ऐसी बहुत सारी चीजों को जाना जा सकता है। कई बार एक ही विषय को अलग-अलग पुस्तकों का अध्ययन करके बहुत सारी नई जानकारियां इकट्ठी कर ली जाती हैं और नया लेख तैयार हो जाता है। हमें कभी भी अपने ज्ञान को सीमा में नहीं बांधना चाहिए। हमेशा विचारों को विस्तृत और खुला रखना चाहिए। जैसे एक पतंग के उडऩे का कोई निश्चित मार्ग नहीं होता, कहीं भी वह उड़ सकती है और वापस लौट सकती है।
  • पत्रों में हमारी गहरी निजी भावनायें छिपी होती हैं। वे गाढ़े शहद की तरह हैं। एक सैनिक ही पत्रों का महत्व जानता है या कोई प्रेमी। इन पत्रों को व्यर्थ की चीज नहीं समझकर मन बहलाने का सशक्त साधन मानना चाहिए। जो मित्र तुमसे बिछुड़ गए थे उनसे भी पत्रों के द्वारा  संपर्क बनाये रखा जा सकता है। ये पत्र कभी भी काम चलाऊ नहीं होने चाहिए बल्कि पूरी तन्मयता से लिखे होने चाहिएं। एक पत्र में तुम अपने मन की पूरी बातें कह सकती हो और तुम्हारा पत्र मिलने पर दूसरे भी उसी के अनुरूप तुम्हें पत्र लिखते हैं। एक अच्छा पत्र प्राय: जिन्दगी भर हमारे साथ रहता है एवम् उसे बार-बार पढऩे से सुख मिलता है।
  • शरीर चाहे घुप्प अंधेरे में हो या पानी के तल में अपने भीतर सांस भरने का प्रयत्न कभी नहीं छोड़ेगा। हमारा स्वभाव ही है जानना और सीखना। जब तक उसे यह नहीं मिल जाता उसे पूरी तरह से, तृप्ति नहीं होती। कहीं भी मीठा रखो अपनी जिज्ञासा के कारण चीटियां पहुंच ही जाती हैं। कोई तुम्हें अच्छी तरह से पढ़ाये या न पढ़ाये तुम में दूसरों से कुछ लेने की काबिलीयत होनी चाहिए, बस चीजों को जानने की अपनी जिज्ञासा बनाये रखो। शेष कार्य शरीर खुद ही कर देगा।
  • हम जानते हैं कि एक छोटी सी चींटी हमारा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकेगी लेकिन उसके काटने पर भी पूरा शरीर झनझना उठता है। वैसे ही यह ईर्ष्या अदृश्य होकर भी हमें भयभीत कर देती है। ईर्ष्या करके हम दूसरे की तरक्की को रोकना चाहते हैं तथा चाहते हैं कि वह जहां है उससे भी अधिक नीचे गिर जाये। लेकिन ऐसा करना हमारे हाथों में नहीं होता। सभी का अपना – अपना जीने का तरीका है।दूसरों की सोच में तुम्हारा हस्तक्षेप तुम्हें ही परेशान कर देता है।
  • शुभ रात्रि! रात्रि तुम्हें विदा। जब सोने के पहले इस तरह के भाव अपने आप तुम्हारे मन में आते हैं तो लगता है कि आज का दिन अच्छा रहा। बहुत सारी उपलब्धियां मिलीं। यानि पहले से अधिक अच्छी तरह से चीजों को समझा गया और जो भी कार्य किये गये वे निष्ठा पूर्वक किये गये, अत: संतोष हुआ। फिर यह संतोषपूर्ण रात्रि काफी आरामदायक होती है। कल फिर से तुम नयी होकर आती हो, हर नयी चीज में हाथ लगाती हो।
  • इस संसार में हर पल कुछ नया हो रहा है और उस नये को जानने के लिए तुम्हें भी एक बदला हुआ मनुष्य बनना होगा। केवल तथाकथित रूढि़वादी चीजों पर विश्वास करके तुम नया कुछ नहीं कर सकती। सभी चीजों को जानने की कोशिश करो, अपनी आंखों की शक्ति को पहचानो। इसी के सहारे तुम सारी चीजों को उभारना और ढालना सीखती हो।
  • रेगिस्तान में ऊंट पर बैठ कर यात्रा की जाती है और दुर्गम पहाड़ों के संकरे रास्तों पर घोड़ों की पीठ पर बैठ कर। इसी तरह से अलग-अलग विषयों को अपनी भिन्न-भिन्न मन: स्थितियों के सहारे समझना होता है या पढऩा होता है। अगर तुम गणित पढ़ रही हो, तो तुम्हें विशलेषण करने वाली बुद्धि का सहारा लेना होता है और इतिहास पढ़ते समय मन को पुराने जमाने में ले जाना होता है, उसी तरह विज्ञान पढ़ते समय इस युग की मौजूद सारी चीजों पर ध्यान केन्द्रित करना होता है। धीरे-धीरे परिस्थितियों के अनुसार हमारा दिमाग विषयों को पढ़ते ही उनके अनुसार ही तालमेल बैठा लेता है, जैसे गाने के अनुसार वाद्य यंत्रों में हाथ ऊपर-नीचे होने लगते हैं।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

अच्छे अनुभवों का मूल्य।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ अच्छे अनुभवों का मूल्य। ϒ

  • दवा की सूक्ष्म मात्रा भी जीवन देती है, दवा सूक्ष्म होकर भी प्राण है। आर्द्रता? पानी का ही एक रूप है। इसी तरह जो चुपचाप हैं, वे अपने में श्रेष्ठता छुपाये हुए हैं। श्रेष्ठ चीजें झूठ-मूठ के वार्तालाप नहीं करती, बल्कि स्वयं श्रेष्ठ तौर-तरीकों से अपनी बात बताती हैं। अच्छे विज्ञापन मौन रहकर भी बहुत कुछ कह जाते हैं।
  • मैं अब भी जब कभी अपने पुराने विद्यालय की ओर देखता हूं तो लगता है कि मेरे जैसे  कितने ही छात्र यहां आए होंगे और पढ़ाई खत्म करके चले गए होंगे। मुझे इस विद्यालय में  बिताया हुआ हर खूबसूरत क्षण याद है और दूसरे छात्र भी होंगे जो यहां से पढक़र विदा हुए हैं, उन्हें भी यह सब याद होगा। इस तरह से तुम देखोगी कि हजारों बच्चे ऐसे हैं जो एक ही जगह पढऩे पर भी अलग-अलग अनुभव रखते हैं। इसलिए उन सभी के अच्छे अनुभवों का  मूल्य है। लेकिन सभी अपने अनुभवों को खुले दिल से सबके सामने नहीं रख पाते, फिर भी जो अपने अनुभव संस्मरण के रूप में किताबों के द्वारा सबके सामने रखते हैं, उन्हें पढऩा दूसरे लोगों को समझने जैसा है।
  • परीक्षा देते समय सबसे पहले आसान प्रश्नों को हल किया जाता है, फिर धीरे-धीरे कठिन  प्रश्नों को। इसी तरह से अपना पाठ याद करते समय सबसे आसान चीजों को पहले समझना होता है। फिर उसी समझ के सहारे कठिन चीजों को। सारे पाठ एक आधार पर खड़े होते हैं। जिन्हें जाने बिना दूसरी चीजों को समझना बिल्कुल मुश्किल है। लेकिन इस क्रिया में विषयों के संबंध में अत्यधिक रुचि बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। एक बार मार्ग निकाल लेने के बाद फिर कहीं भी कठिनाई नहीं होती।
  • जब पेड़ों पर फल आते हैं, तो पेड़ का सारा ध्यान उन्हें बड़ा एवम् स्वादिष्ट बनाने में लग जाता है। जैसे ही वे फल तोड़ लिये जाते हैं, पेड़ अपनी शाखाओं को बढ़ाने एवं मजबूत करने में अपना ध्यान लगाने लगता है। कोई भी शारीरिक कार्य करते समय हाथ-पांव, कान-आंखें दिमाग आदि सभी एक साथ लगे होते हैं। लेकिन पढ़ते वक्त वे अपनी सारी शक्ति पाठ को समझने में लगा देते हैं। तुम जितना ही अपनी शक्ति को इस तरह से पुस्तकों पर केन्द्रित करोगी, उतना ही अधिक लाभ मिलेगा।
  • जब कहीं आग लग जाती है, सबसे पहले मनुष्यों को बचाने की कोशिश की जाती है, फिर बाकी चीजों को। इससे समझ सकती हो कि मनुष्य जीवन का कितना अधिक महत्व है। मनुष्य ही पृथ्वी पर सबसे बड़ा बुद्धिजीवी है जो कुछ न कुछ नया करने का प्रयत्‍न करता  रहता है। इसलिए अपने में जो भी खास बातें हैं तथा जिनके कारण तुम मनुष्य हो, उन्हें पहचानो। ताकि तुम महसूस कर सको कि तुम्हारे पास इतने सारे गुण हैं। कलम अगर मेज पर पड़ी रही, तो प्लास्टिक का टुकड़ा भर थी। लेकिन जब इससे लिखा गया तो यह महत्वपूर्ण चीज बन गयी। इसलिए अपनी उपयोगिता को सुला कर मत रखो, उसे जगाये रखो।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

Real Education Continuous………….kmsraj51 ki kalam se

 जितने भी खनिज हैं सभी जमीन के नीचे हैं, कोई ऊपर नहीं. जो बहुमूल्य होता है वह छुपा हुआ होता है. इसलिए कुछ लोगों को विद्या कहां है, इसका आभास तक नहीं होता.