KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

Kmsraj51 की कलम से…..

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कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह …..

:- गहराई से सोचना प्रत्येक शब्द 

मेरे(kmsraj51) कुछ व्यक्तिगत सकारात्मक विचारों का समूह …..

अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखना …..

हमेशा मन को शांत रखना …..

दिमाग को हमेशा अनुसंधान में लगाये रखना …..

हमेशा (सदैव) अन्य लोगों से अपनी सोच को अलग रखना …..

हमेशा अपनी मन की कमजोरी को दूर रखना …..

हमेशा आंतरिक आत्मा की (आत्मा के अंदर की आवाज) आवाज सुनो …..

हमेशा ईस सूत्र का उपयोग करें …..

….. कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश = सफलता

आपके जीवन में हमेशा खुशी मिलेगी …..

आपका कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ….. मैं एक शुद्ध आत्मा हूँ!! …..

** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

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आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,, https://kmsraj51.com/

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“अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥”

 ~KMSRAJ51

“अगर जीवन में सफल हाेना हैं. ताे जहाँ १० शब्दाें से काेई बात बन जाये वहा पर,

१०० शब्द बाेलकर अपनी मानसिक और वाणी की ऊर्जा को नष्ट नहीं करना चाहिए॥”

 ~KMSRAJ51

 

 

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Bridges over mottled water – Promote Yourself

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bridge
The darkness is deep
Deeper even than the oily pools,
That tumble in the recesses, 
Somewhere behind my eyes. 
Looking outward,
It is like a peacock 
Splayed its glassy feathers 
On this tarry mirror.
The mountains make jagged splits
Nursing the bulging veins 
Pulsating.
I dreamt of the dive
It was clear.
From my house to the bridge 
Not ghostly or ethereal
Just a shadow 
A figure cutting through the haze of hail and wailing torrents. 
I could only think of water on my way there
The smooth torpedo of my body. 
I sat by the edge for some time
I let the rain reshape me
And breathing came in gasps
Handfuls of breath and spit
Propelled.
I thought of the green moss in the depths
The sinewy comfort of it’s tangles.
The bridge gave me my leap 
My freedom spoke to me mid-air
Down I went 
And the cold…

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