एप्पल के 3rd फाउंडर्स-रोनाल्ड वेन रॉन ‘।


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रोनाल्ड वेन ‘रॉन’

रोनाल्ड वेन ‘रॉन’ कभी थे Apple के मालिक, अब कहलाते हैं दुनिया के सबसे अनलकी इंसान।

एक गलत फैसला जिंदगी को पूरी तरह बदल सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के मालिक के साथ। एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनी है। शुरुआती दौर में इसने कई उतार-चढ़ाव देखे। अगर आपसे पूछा जाए की एप्पल के कितने फाउंडर थे तो शायद जवाब होगा दो, लेकिन बहुत कम लोग एप्पल के तीसरे फाउंडर के बारे में जानते होंगे। इन शख्स का नाम है ‘रॉन वेन’ (Ron Wayne)। रॉन आज 81 साल के हो चुके हैं, लेकिन वो दुनिया के सबसे बदकिस्मत इंसान के तौर पर जाने जाते हैं।

एप्पल कंपनी के उस मालिक के बारे में जिसे दुनिया का सबसे बदकिस्मत इंसान कहा जाता है। हालांकि, एप्पल की सफलता के पीछे इनका बहुत बड़ा हाथ है।

एप्पल कंपनी की शुरुआत 1 अप्रैल, 1976 में हुई थी। इसे शुरू करने वाले लोगों में स्टीव जॉब्स, स्टीव वॉजनिएक और रोनाल्ड वेन थे। रोनाल्ड वेन उस समय कंपनी के सबसे अनुभवी इंसान थे। 42 साल के रॉन (रोनाल्ड) ने ही एप्पल का पहला लोगो भी डिजाइन किया था। इतना ही नहीं, एप्पल कंपनी का पार्टनरशिप एग्रीमेंट भी रॉन ने ही बनाया था। एक तरह से देखा जाए तो कंपनी की बुनियाद रॉन के बलबूते पर खड़ी हुई थी, लेकिन कुछ ऐसा हो गया कि उन्होंने 800 डॉलर में अपने शेयर बेचकर कंपनी को छोड़ दिया।

रॉन, जॉब्स और वॉजनिएक एक साथ Atari सॉफ्टवेयर में काम किया करते थे। तीनों ने मिलकर एप्पल की स्थापना की थी। सबसे अजीब बात ये है कि रॉन ने कंपनी को सिर्फ 12 दिन में छोड़ दिया था और अपने शेयर्स 800 डॉलर में बेच दिए थे। अगर उन्होंने ऐसा ना किया होता तो कंपनी में अभी उनकी पूंजी 35 बिलियन डॉलर्स के करीब होती। रॉन वेन को सबसे बदकिस्मत इंसान कहा जाता है। एक इंटरव्यू में रॉन ने स्टीव जॉब्स के बारे में कुछ ऐसी बातें बताई जिनके कारण वो कंपनी छोड़ने पर मजबूर हो गए थे।

रॉन के मुताबिक कंपनी छोड़ने का फैसला उनका अपना था। उन्हें जॉब्स के साथ काम करने में दिक्कत हो रही थी। भले ही जॉब्स लोगों के सामने एक अच्छे स्पीकर के तौर पर सामने आए हों, लेकिन असल में जॉब्स बहुत जिद्दी और जोड़-तोड़ करने वाले इंसान थे। 21 साल के स्टीव जॉब्स, 25 साल के स्टीव वॉजनिएक और 42 साल के रॉन वेन ने मिलकर इस कंपनी की शुरुआत की थी। उस समय रॉन कंपनी के 10 प्रतिशत शेयर धारक थे।

रॉन वेन ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि उस समय वो 22,000 डॉलर प्रति साल कमाते थे। अपने शानदार करियर को छोड़कर वो उम्र के ऐसे पड़ाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। कंपनी छोड़ने के बाद कुछ सालों तक जॉब्स और वॉजनिएक रॉन को वापस बुलाते रहे, लेकिन रॉन ने उनकी बात नहीं मानी, उस वक्त रॉन को यह नहीं पता था कि वह कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं।

एप्पल धीरे-धीरे दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनती चली गई। जिसके बाद वो दुनिया के सबसे अनलकी इंसान कहलाने लगे। अगर देखा जाए तो रॉन की मौजूदगी के बिना एप्पल का कोई अस्तित्व नहीं होता, लेकिन फिर भी रॉन को बहुत कम लोग जानते हैं। एप्पल का अब कुल मुनाफा 85 हजार करोड़ रुपए है। वहीं, जनवरी-मार्च 2015 अवधि में आमदनी 3.60 लाख करोड़ रुपए (5800 करोड़ डॉलर) से अधिक हो गई। इतना ही नहीं, कंपनी के पास 12 लाख करोड़ कैश है। इन आंकड़ों को देखकर ये बात साफ हो जाती है कि रॉन दुनिया के सबसे अनलकी इंसान हैं।

Source: http://www.bhaskar.com/

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