Q. A. W. – KMSRAJ51 ~ Ep.- 1st / 02-April-2017


Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ Q. A. W. ~ KMSRAJ51 ϒ

ओम गंग गणपतये नमः 

श्री गणेश मंत्र

ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभं।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

Q. 1 .⇒  अपने लक्ष्य(AIM) तक पहुँचने का सबसे सरल व सटीक सूत्र क्या हैं ?
                                                                  या
            अपने लक्ष्य(AIM) काे प्राप्त करने का सबसे आसान व सटीक सूत्र क्या हैं ?
                                                                                   -स्वाती अवस्थी, मध्य प्रदेश

A. 1 .⇒  किसी भी इंसान को सर्वप्रथम अपना एक लक्ष्य (AIM) निश्चित करना (Fix) चाहिए। चाहे आपका लक्ष्य कुछ भी हाे – वजन घटाना, धूम्रपान छोड़ना, उपन्यास लिखना, शारीरिक व्यायाम करना, या जीवन में सच्चे प्रेम को पाना, Govt. या Pvt. Sector में किसी अच्छे Post (पद) पर नौकरी प्राप्त करना etc…..

छोटे कार्यों से लाए जा सकते है असाधारण बड़े बदलाव … छोटे-छोटे सवाल स्वयं से पूछें – जो कार्य आप करना चाह रहे हैं उसमें क्या रुकावट(अवराेध) आ रही हैं। छोटे विचार सोचे, छोटे-छोटे प्रयास करें, छोटी-छोटी समस्याएं सुलझाएँ … अपने लक्ष्य तक पहुँचने का यह एक सटीक विज्ञान हैं। आपके द्वारा उठाये गये छोटे-छोटे कदम नई साेच के प्रति दिमाग की प्रतिराेध करने के स्वभाव काे बदलते हैं। अपने लक्ष्य तक पहुचने के लिए आपकाे, संपूर्ण रूप से अर्थांत पूर्ण रूप से “तन, मन, धन व संकल्पाें” सहित अपने हर एक पल काे Positive Way में सफल या Utilize करना हाेगा।

एक बात सदैव ही याद रखें “ज़िन्दगी में कभी भी निराश हाेकर रुकें नहीं, सदैव ही चलते रहें।” आपके पास जाे भी साधन उपलब्ध (available) हैं उन्हीं से तुरंत Start कर दें। बाकी सब कुछ खुद ब खुद(स्वतः) ही मिल जाएगा आपको।

“कभी भी रुकें नहीं बस चलते रहें।” or “Never stop, just keep walking.” Right Way में धैर्य के साथ। “आपकाे आपके लक्ष्य तक पहुँचने से काेई और नहीं, स्वयं आप ही राेकते हैं।”~KMSRAJ51

Q. 2 .⇒  क्या अपनी आदतों को हम आसानी से बदल सकते हैं ?
                                                     या
                                अपनी आदतों को कैसे बदलें ?
                                                   -गरिमा कपूर, कर्नाटक

A. 2 .⇒  ज़िंदगी बहुत छोटी है इसलिए समय बर्बाद मत करो। समय के महत्व काे समझे व समय के साथ-२ चलने का अभ्यास करें। अपने Mind काे कुछ इस तरह से खुराक दें। 

  • अधिकतर लाेग अपनी आदताें काे खुद पर नियंत्रण करने की अनुमति दे देते हैं। अगर वे आदतें बुरी हाें, ताे उनके नज़रियाें पर नकारात्मक असर डालती हैं।
  • किसी भी इंसान के Mind काे काेई भी दृढ़ आदत डालने में कम से कम 21 दिन लगते हैं।
  • इंसान का Mind किसी भी प्रकार के कर्म काे निरंतर 21 दिनों तक करता रहता है ताे – आगे वह कर्म स्वतः ही बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के निरंतर चलता रहता हैं।
  • आज के मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या यह है कि काेई भी आदत डालने का संकल्प ताे ले लेते है, पर वह संकल्प दृढ़ नहीं हाेता – जिस कारण किसी भी नई आदत काे प्रारंभ करने के 3-7 दिन या ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों तक ही करता है, उसके बाद अपने उन्हीं पुरानी आदताें पर वापस आ जाता हैं।  नये वर्ष (New Year’s) के प्रारंभ हाेने पर जिन नये आदताें काे डालने का संकल्प लिए जाते है वो इसी श्रेणी(category) में आते है।
  • किसी भी नई आदत काे डालने का सबसे कारगर तरिका यह है की उस आदत के लिये Mind काे आंतरिक रूप से तैयार करें।
  • काेई भी नई आदत डालने में आजकल के लाेग सबसे बडी गलती यह करते है कि पहले ही दिन से ज्यादा समय देना चाहते है उस आदत काे डालने के लिये। For Example ….. A संकल्प लेता है कि अब मैं प्रतिदिन सुबह जल्दी उठूंगा, 4 बजे भाेर में ही, पर हाेता क्या हैं, पहले दिन….. दूसरे दिन ….. उठता है ….. तीसरे दिन साेया ही रहता है। अब गलती कहाँ पर हुई …(याद रखें कि – A पहले सुबह 6 बजे उठता था।) A से गलती यह हुई की उसने पहले ही दिन से 4 बजे उठने की काेशिश की, जबकी ऐसा नहीं करना था। ….काे सुबह 4 बजे उठने के लिये कुछ इस तरह से अभ्यास करना चाहिए था… पहले दिन 5:45 पर… दूसरे दिन 5:30 पर …. तीसरे दिन 5:15 पर … चाैथे दिन 5:00 पर …. व पांचवें दिन 4:45 पर ….. तथा आगे के दिनों में 15 मिनट कम करते-करते आठवे दिन 4 बजे उठने लगता।
  • 15 मिनट पहले उठने के अंतर काे इंसानी शरीर सरलता पूर्वक सह लेता है इससे ज़्यादा नहीं।
  • परिवर्तन की चुनाैती के प्रेम में पड़ें और परिवर्तन की इच्छा काे बढ़ते हुए देखें।
  • बुरी आदतों काे धीरे-धीरे छाेडते जाये व उनकी जगह एक-एक अच्छी आदतों काे डालते जाये। एक दिन ऐसा आयेगा जब आपके Mind के अंदर मात्र अच्छी आदतों का भंडार हाेगा।

नज़रिया और कुछ नहीं, विचार की आदत है। चाहे वे अच्छी हाें या बुरी, आदत डालने की प्रक्रिया समान रहती है। सफल हाेने की आदत डालना भी उतना ही आसान है, जितना कि असफल हाेने की आदत डालना।

हम सभी अपनी आदतों की वजह से अपनी ज़िंदगी में खुशियाँ पा सकते हैं या फिर मुश्किल में भी पड़ सकते हैं।~Kmsraj51

प्रिय पाठकों इस रविवार काे केवल २ प्रश्नाें के उत्तर दें रहा हुँ, अगले रविवार से ५ प्रश्नाें के उत्तर देने का प्रयत्न करेंगे। Comment`s के माध्यम से अपनी राय जरूर बताये।

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Krishna Mohan Singh(KMS)
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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

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