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KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

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9th Anniversary of KMSRAJ51.COM

Kmsraj51 की कलम से…..

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    • ♦ 9th Anniversary of KMSRAJ51.COM ♦
    • KMSRAJ51.COM की 9वीं वर्षगांठ
    • 09-03-2013 – 09-03-2022
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♦ 9th Anniversary of KMSRAJ51.COM ♦

KMSRAJ51.COM की 9वीं वर्षगांठ

09-03-2013 – 09-03-2022

आज इस महायज्ञ (वेबसाइट) को 9 वर्ष पूर्ण हुए। इन 9 वर्षों में बहुत उतार चढ़ाव देखे हमने। यह महायज्ञ (वेबसाइट) हमने 09 मार्च 2013 को पूर्ण निश्वार्थ भाव से शुरू किया था जो अनवरत चल रहा है। इस महायज्ञ (वेबसाइट) का कार्य मेरे लिए सदैव ही प्रथम स्थान पर रहा है, चाहे कोई भी मौसम हो, या कोई भी परिस्थिति हमने इस कार्य को कभी भी रोका नहीं, इन 9 वर्षों में हमारे जीवन में भी बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव आया। इन 9 वर्षों में हमने बहुत कुछ सीखा।

09 मार्च 2013 को इस महायज्ञ (वेबसाइट) की शुरुआत की थी, जिससे सम्पूर्ण विश्व में जन जन तक भारतीय साहित्य, संस्कृति, संस्कार व सभ्यता की जानकारी पहुंचे। वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के दिलों दिमाग तक अपने महान भारतीय साहित्य, संस्कृति, संस्कार व सभ्यता को पहुंचाने के लिए। आज यह महायज्ञ (वेबसाइट) वट वृक्ष की तरह महान भारतीय साहित्य, संस्कृति, संस्कार व सभ्यता को सम्पूर्ण विश्व में जन जन तक पहुंचा रहा है। सम्पूर्ण विश्व में सभी उम्र के पाठकों द्वारा प्रेम से पढ़ा जा रहा है, इस महायज्ञ (वेबसाइट) से सभी लाभान्वित हो रहे हैं।

  • इस वेबसाइट पर आप सभी को पढ़ने को मिलेगा आधुनिक व प्राचीन भारतीय हिंदी साहित्य और ज्ञान, ध्यान, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक चिकित्सा, सकारात्मक विचार, कैरियर मार्गदर्शन इत्यादि से संबंधित लेख, आर्टिकल, कविताएँ, निबंध व विचार, कोट्स मिलेंगे।
  • एक शांत दिमाग बेहतर साेच सकता है, एक थके हुए दिमाग की तुलना में।
  • मेरा स्लोगन ही है – “तू ना हो निराश कभी मन से” – मेरा लक्ष्य है सभी मनुष्यों को मानसिक रूप से पूर्ण Strong बनाना।
  • हर इंसान के अंदर असीमित शक्तियां निहित है, बस जरूरत है इन शक्तियों को सही तरीके से Use करना। मैं अपनी शक्तियों को Right Way में Use कर रहा हूँ, मुझे लिखना बहुत अच्छा लगता है मैं इस काम से कभी बोर नहीं होता।
  • आज के समय में लोगों की मदद करने के लिए – Internet किसी के लिए कितना उपयोगी हो सकता है इस बात को समझना कठिन नहीं है, पर दुःख की बात है कि हमारी राष्ट्र भाषा हिंदी में Internet पर ना के बराबर Content उपलब्ध हैं। मैं इसी कमी को अपने स्तर से कम करने में प्रयासरत हूँ।

यह महायज्ञ (वेबसाइट) बहुत सारे पवित्र व महान आत्माओं के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारे सहयोगी (पवित्र और महान आत्माएं) लेखक / लेखिका व कवि / कवयित्री निम्नवत है •……

  • विमल गांधी जी।
  • नंदिता शर्मा जी।
  • डॉ विदुषी शर्मा जी।
  • सुखमंगल सिंह जी।
  • अशोक सिंह जी।
  • शैलेश कुमार मिश्र (शैल) जी।
  • हेमराज ठाकुर जी।
  • वेदस्मृति ‘कृती’ जी।
  • कृष्ण कुमार सैनी जी।
  • रवि रंजन पाण्डेय जी।
  • ‘अजीब’ आदित्य कुमार जी।
  • आलम आजाद जी।
  • सारांश सागर जी।
  • डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव जी।
  • डॉ मुकेश कुमार जी।
  • डॉ रूपेश जैन जी।
  • सुशीला देवी जी।
  • विजयलक्ष्मी जी।
  • विवेक कुमार जी।
  • कविता पाल जी।
  • प्रो. मीरा भारती जी।
  • सतीश शेखर श्रीवास्तव – परिमल जी।
  • अमित प्रेमशंकर जी।
  • पूनम गुप्ता जी।
  • दौलत राम गर्ग जी।

20+ हमारे और भी सहयोगी (पवित्र और महान आत्माएं) लेखक / लेखिका व कवि / कवयित्री हैं। सभी के सहयोग से यह महायज्ञ (वेबसाइट) अनवरत चल रहा है, और चलता रहेगा। हमारा मानना है की मेरा जन्म ही हुआ है मानव जाति के कल्याण के लिए। अपने अंतिम स्वास तक इतना करके जाना है की आने वाली पीढ़ियां अनंत काल तक हमारे द्वारा किये गए कार्यों से लाभान्वित होती रहे। कहने को तो बहुत कुछ है मन में, समय के अभाव के कारण अभी नहीं लिख रहा हूँ, लेकिन आने वाले समय में सम्पूर्ण विस्तार से लिखकर बताऊंगा।

अरे तेरे “मैं मैं – तू तू भ्रामक विचार, तेरा मन ! तू !! तेरी काया !!
क्या शाश्वती का स्वप्न देख रहे हैं ? “प्यारे” गुमराह न हो !
उठो होष में आवो और अपने को पहिचानों ! अमरत्व तेरे पॉव तले की धूल है !!–KMSRAJ51

—————

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आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं। ____

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