क्या करें – क्या ना करें।

Kmsraj51 की कलम से…..

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ϒ क्या करें – क्या ना करें। ϒ

ज़िन्दगी में कई दफा ऐसा भी समय आता हैं जब इंसान काे समझ में ही नहीं आता कि क्या करू – क्या ना करू। जब भी ऐसा समय आए जीवन में – अपने आंतरिक आत्मा की आवाज को सुने वह क्या कह रही हैं।

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अर्थांत ॒ आपकी अंतरात्मा जाे कह रही हैं, वही करें। तभी आपको सफलता मिलेगी। अगर आपकाे लगता है कि आपका जिस भी Field में रूची हैं उस Field मे Business करू ताे मुझे Success निश्चित रूप से मिलेगा, ताे देर ना करें छाेटे से Setup के साथ ही अपने Business का शुभारंभ करें। अर्थांत ॒ जाे कुछ भी है उसी से अपना Business Start करें, आगे आपकाे automatically (खुद ब खुद) …. सब कुछ मिलता चला जायेगा।

“जिस भी कार्य काे करने में आपका आंतरिक रूची हैं उस कार्य में आपकाे सफल हाेने से काेई भी शक्ति या मानव नहीं राेक सकते।”

एक बात सदैव ही याद रखें कि – जो समय चला गया उसे आप कभी भी वापस नहीं ला सकते। लेकिन आज जाे समय आपके पास है, अगर यह समय भी यूं ही Waste(व्यर्थ) चला गया ताे आप ज़िन्दगी में जहा थे वही के वही रह जायेगें। ज़िन्दगी में परिवर्तन बहुत आवश्यक हैं। किसी भी चीज़ या व्यक्ति से स्नेह करें, माेह नहीं। क्योंकि जहा माेह हाेता है वहा परिवर्तन करने में समस्या हाेती हैं।

जहा तक हाे सके आपकी यही काेशिश हाे कि आपका जन्मभूमि व कर्मभूमि अलग-अलग स्थान ही हाे। जिसकाे समय के साथ चलना आ गया उसे काेई भी शक्ति सफल हाेने से नहीं राेक सकती।

“समय कहता हैं मेरे संग-संग अगर तू चल तो ज़िन्दगी जीने में आनंद ही आनंद हैं।”

आपकाे अपने मन काे सदैव ही सकारात्मक व अच्छे कार्य में इतना ज्यादा व्यस्त रखने की ज़रूरत हैं कि आपके मन काे व्यर्थ सोचने का समय ही ना मिलें। यह तभी संभव है जब आप सच्चे मन से दृढ़ संकल्प ले व अभ्यास करें – कि सिर्फ सकारात्मक व अच्छे विचारों पर ही चिंतन व मनन करना हैं। धीरें-धीरें आपके मन से नकारात्मक विचारों का Stock कम हाेने लगेगा, फिर एक समय ऐसा भी आयेगा जब आपके मन में सिर्फ व सिर्फ सकारात्मक व अच्छे विचारों का Stock हाेगा।

मानव शरीर पर सकारात्मक और नकारात्मक विचारों का बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता हैं। किसी बात का Tension(तनाव) माना नकारात्मक विचार, नकारात्मक विचार इंसान को बिमार भी कर देती हैं। सकारात्मक विचार निश्चित रूप से किसी भी इंसान काे सदैव ही स्वस्थ व आनंद में रखती हैं।

“जाे इंसान मन से कभी भी निराश नहीं हाेता उसे सफलता निश्चित रूप से मिलती हैं।”

Article Source Book : “तू ना हो निराश कभी मन से” (Under written book by ~ KMSRAJ51)

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

दुविधा रूपी अंधकार को आत्मविश्वास से आलोकित करें।

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT-Oct-14-5

KMSRAJ51-Problem Solve

दुविधा रूपी अंधकार को आत्मविश्वास से आलोकित करें।

अक्सर कई छात्र मेल के द्वारा या फोन के माध्यम से हमसे पूछते हैं कि हम प्रवेश परिक्षाओं में कैसे सफलता पायें या किस तरह तैयारी करें कि हमें कामयाबी मिले?  सच तो ये है कि, कामयाबी की चाह लिये हम सब अपने-अपने क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं। परन्तु अपने कार्य सम्पादन के दौरान अक्सर एक दुविधा में भी रहते हैं कि हमारे द्वारा किया गया कार्य सफल होगा या नही, ये हम कर पायेंगे या नही  इत्यादि इत्यादी. मित्रों, इस तरह की आशंकायें हमारी ऊर्जा को छींण करने का प्रयास करती हैं और स्वंय के विश्वास पर एक प्रश्न चिन्ह लगा देती हैं।  यही दुविधा सफलता की सबसे बङी बाधा है। किसी भी कार्य को करने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करना कार्य की रणनीति होती है परंतु जब नकारात्मक पहलु योजना पर हावी होता है तो यही संशय सफलता की सबसे बङी अङचन होती है। जिसके कारण हम एक कदम भी आगे नही रख पाते। जबकि जिवन का सबसे बङा सच है कि हमेशा परिस्थिति एक जैसी नही रहती, लक्ष्य की सफलता में कई रोङे आते हैं। जो इन रुकावटों को आत्मविश्वास के साथ पार करता है वो लक्ष्य हासिल करने में सफल होता है। लेकिन दूसरी ओर जो दुविधा के जंजाल में फंस जाता है, वो कभी भी आशाजनक सफलता नही अर्जित कर पाता है। ज्यादातर लोग ज्ञान और प्रतिभा की कमी से नही हारते बल्की इसलिये हार जाते हैं कि दुविधा में पङकर जीत से पहले ही मैदान छोङ देते हैं।

दुविधा तो एक द्वंद की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति निर्णय नही ले पाता और न ही स्वतंत्र ढंग से सोच पाता है। इतिहास गवाह है कि प्रत्येक सफल व्यक्तियों के रास्ते में अनेक मुश्किलें आईं किन्तु उन्होने उसे एक स्वाभाविक प्रक्रिया समझा और आगे के कार्य हेतु कोशिश करते रहे। कई बार हम लोग किसी कार्य को करने से पहले इतना ज्यादा सोचते हैं कि समय पर काम नही हो पाता या हम अवसर को दुविधा के भंवर में कहीं खो देते हैं। यदि हम विद्यार्थी की बात करें तो कई बार ऐसा होता है कि कुछ छात्र विषय को लेकर इतने ज्यादा संशय में रहते हैं कि वो फार्म भरने में लेट हो जाते हैं या आशंकाओं के चक्कर में गलत विषय का चयन कर लेते हैं। जबकि सच तो ये है कि सभी विषय में मेहनत करनी होती है तभी अच्छे अंक मिलते हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यदि एक बुद्धिमान व्यक्ति भी लंबे समय तक दुविधाग्रस्त रहता है तो उसका भी मानसिक क्षरण हो जाता है। जिसके कारण सक्षम व्यक्ति भी उन्नति नही कर पाता। दुविधा सफलता की राह में सबसे बङी अङचन है। अत्यधिक संशय आत्मविश्वास को भी कमजोर बना देता है। यदि हम एक परशेंट असफल भी होते हैं, तो भी हमारे अनुभव में इजाफा ही होता है और अनुभव से आत्मविश्वास बढता है। मन में ये विश्वास रखना भी जरूरी है कि सब कुछ संभव है।

स्वामी विवेकानंद जी कहते हैं कि,  संभव की सीमा जानने का सबसे अच्छा तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाना।

जो लोग सफलता की इबारत लिखे हैं उन्हे भी दुविधाओं के कोहरे से गुजरना पढा है परन्तु ऐसे में उन लोगों ने परिस्थिति को इस तरह ढाला कि वे अपनी योजनाएं  स्वयं निर्धारित कर सके। सफलता के लिये ये भी आवश्यक है कि हम हर परिस्थिति में स्वंय को तैयार रखें। किसी भी सफलता के लिये ये जरूरी है कि हम निर्णय लेने की भूमिका में आगे बढें; क्योंकि एक कदम भी आगे बढाने के लिये निर्णय तो लेना ही पङता है, तद्पश्चात जिंदगी हमें धीरे-धीरे खुद ही निर्णय लेना सीखा देती है। अतः सबसे पहले हम दुविधापूर्ण मनः स्थिति के शिकार न होते हुए स्वंय को संतुलित रखते हुए दुविधा रूपी अंधकार को आत्मविश्वास से आलोकित करें, जिससे आशंकाओं और दुविधाओं का तिमिर नष्ट हो तथा सफलता की और हमसब का कदम अग्रसर हो।

डॉ.ए.पी.जे. कलाम के अनुसार,  Confidence & hard work is the best medicine to kill the disease called failure. It will make you a successful person. 

Post inspired by Mrs. अनिता शर्मा जी

Educational & Inspirational VIdeos (9.8 lacs+ Views):  YouTube videos Link

(http://www.youtube.com/channel/UCRh-7JPESNZWesMRfjvegcA?feature=watch)

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अनीता जी नेत्रहीन विद्यार्थियों के सेवार्थ काम करती हैं।

एक अपील

आज कई दृष्टीबाधित बच्चे अपने हौसले से एवं ज्ञान के बल पर अपने भविष्य को सुनहरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कई दृष्टीबाधित बच्चे तो शिक्षा के माधय्म से अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। उनके आत्मनिर्भर बनने में शिक्षा का एवं आज की आधुनिक तकनिक का विशेष योगदान है। आपका साथ एवं नेत्रदान का संकल्प कई दृष्टीबाधित बच्चों के जीवन को रौशन कर सकता है। मेरा प्रयास शिक्षा के माध्यम से दृष्टीबाधित बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है। इस प्रयोजन हेतु, ईश कृपा से एवं परिवार के सहयोग से कुछ कार्य करने की कोशिश कर रहे हैं जिसको YouTube पर “audio for blind by Anita Sharma” लिख कर देखा जा सकता है।

I am grateful to Anita Ji for sharing this wonderful article with KMSRAJ51 Readers.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

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“अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥”

 ~KMSRAJ51

“अगर जीवन में सफल हाेना हैं. ताे जहाँ १० शब्दाें से काेई बात बन जाये वहा पर,

१०० शब्द बाेलकर अपनी मानसिक और वाणी की ऊर्जा को नष्ट नहीं करना चाहिए॥”

 ~KMSRAJ51

 

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

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* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

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* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

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* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

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* चांदी की छड़ी।

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मुझे तेरी कमी महसूस होती है …..

 

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMS

अधूरी ज़िन्दगी महसूस होती है….. मुझे तेरी कमी महसूस होती है

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अधूरी ज़िन्दगी महसूस होती है…..

मुझे तेरी कमी महसूस होती है…..

तुने मुझे देखा, मुझे सोचा, फिर तुम मुझे भूले

मुझे ये बात भी आज महसूस होती है…..

हमेशा साथ रहने की क़सम खाई थी कभी तुमने, (याद है )

क़सम तेरी आज kmsraj51 को,बड़ी महसूस होती है…..

बदन तेरा था, उसमें जान मेरी थी,

तुझे क्या ये कमी, कभी महसूस होती है…..

‘kmsraj51’ उसको बहुत दिन से नहीं देखा तुने

इन आँखों में नमी बस, मुझे आज महसूस होती है…..

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सच्चें मन से अगर कुछ करने की ठान लाे, ताे आपकाे सभी काम में सफलता मिल जाती हैं।

जीवन में जाे भी काम कराें पुरे मन से कराें, ताे सफलता आपकाे जरूर मिलेगी।

-कृष्ण मोहन सिंह ५१

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लिए समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

 

 

 

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Seven Techniques To Let Go Off The Past

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMS

Seven Techniques To Let Go Off The Past – Part 1

Almost each one of us carries a heavy or subtle burden of negative events and happenings that have taken place in our life sometime in the past, either an immediate past or a far-off one; which reduce our present contentment levels immensely. The negative past could be of any form – you experienced the loss of a close loved one due to a break-up or sudden death; you went through a serious physical illness or a very lean phase of financial loss, you were abused on a mental or physical level; you were not treated properly by a colleague at office and undue advantage was taken of you; you performed an inappropriate action and you repent up till now, even after many years have passed, and many such similar and different types of incidents.

There are three different types of processes for removing negative past memories from our consciousness:

* Modifying – A negative past event is modified into a positive, beneficial form and then stored in the consciousness.

* Forgetting – Memories of a negative past event are forgotten and do not exist either in our conversations or in our conscious mind or thoughts, but traces of those memories exist in the sub-conscious mind.

* Erasing – No traces of the negative past exist in the consciousness and memories of it are completely removed from the sub-conscious also.

We need to take the help of all the different aspects or techniques of spirituality and not depend on only one or two for these removal processes. In the next two days’ messages, we will explain all these different techniques of spirituality, which if incorporated in our life, help us experience lightness and emotional freedom from the past. All of them have their own unique importance.

Message

The one who takes inspiration from others keeps moving forward.

Projection: When I look at the specialities of others, I sometimes tend to get discouraged. At such times my own weakness(es) look very prominent and my specialities remain hidden. Such comparision might not actually lead to jealousy but subtly continues to have its influence on me in a negative way.

Solution: At all times I must make sure I am constantly moving forward. Looking at others’s specialities I need to take inspiration from them. I need to see what aspect I can imbibe in myself too. When I do this I will be able to experience constant progress being free from negativity.

 

Seven Techniques To Let Go Off The Past – Part 2

Positive Information and Intoxication – The more we listen or read positive and constructive spiritual knowledge, even if it is for 10 minutes daily, and imbibe (absorb) it, the more our negative memories fade into the background. Also the regular input of knowledge lifts our consciousness to a higher level and gives us an experience of intoxication or spiritual bliss, in which the memory of our past sorrows and negative experiences gets dissolved. Even on a physical level, there are lots of people who indulge in some kind of addiction or intoxication only because it temporarily helps them to overcome and forget the negatives in their life.

Karma Realization – Another benefit of spiritual knowledge is that it makes us realize the various shades and details of the Law of Karma and its application in the World Drama, which helps us immensely in letting go of the past and concentrating on our present so that a bright future can be built, irrespective of the quality of the past.

Self and God Realization – One of the most important benefits of meditation, an important aspect of spirituality, is that it makes us realize and experience the spiritual self and the Father of the spiritual self, the Supreme Soul, accurately. This is an experience of liberation, in which there is no room for past repentances. Past repentances are more a reflection of excessive attachment to the physical or material or attachment to incorrect emotions related to body-consciousness, remembering the damage caused by it to the self and experiencing sorrow due to the same.

Connection and Relation – Also, meditation being a deep connection between me and the Supreme Father, it fills me with immense power and it is also an intense relationship, which fills me with love, happiness and peace. In the experience of these attainments, over a period of time, my past ceases to burden my consciousness.

Message

The right kind of support makes people independent.

Projection: When I provide help and support to others, sometimes I find that they become dependent on me. They continue to expect the same kind of support that they had got from me before, when I am not in a position to give. Then my good gesture becomes a bondage or difficulty for me.

Solution: When I am providing help to someone, I need to check the kind of help that I am providing. True help is to provide assistance in such a way that slowly the person learns to rely on his own resources and becomes independent. Then there will be no expectations from me.

 

Seven Techniques To Let Go Off The Past – Part 3

Correction – Memories inside the soul are like imprints or impressions on the soul. Some impressions are deep, some are not. Negative past experiences leave very deep negative impressions or scars on the soul, which sometimes take a lot of time to heal and sometime an entire lifetime can be sent without them getting healed. Negative past experience imprints and negative emotions like anger, hatred, attachment etc. are closely linked. So, correcting the self or incorporating positive sanskars fills the spiritual self with positive impressions. This, over a period of time, nullifies the effect of these negative impressions and as a result, the related negative memories.

Donation – Donation can be simply defined as the distribution of the invisible attainments one has experienced through spiritual self transformation, to others. It helps one receive blessings or positive energy of those whom we donate to and gives life a focused positive purpose, both of which help us immensely in forgetting our past. People who live only for themselves will find it more difficult to forget their past as compared to ones who spend a lot of time for others. Giving happiness to others helps us in forgetting our griefs.

Interaction – The more we interact with and remain in the company of positive minded people and have positive conversations with them, we give and receive positive energy and the more our past gets erased from my consciousness. Spirituality teaches us to look inwards and experience introvertness, which we haven’t experienced for a long time. At the same time, spirituality also teaches us to keep a balance between looking inwards and outwards. Composed and balanced extrovertness and healthy, happy relationships with virtuous people help us remain more in a present consciousness, not giving the mind to drift too much into the past.

Message

The power of positivity helps finish all negativity.

Projection: When I am faced with negativity in people or in situations, I too usually tend to have negative thoughts. When my mind is caught up with negativity of any kind-fear, anger or tension, I cannot think anything positive. I then find myself totally caught up in the situation finding no solution.

Solution: The only way to finish negativity is to work with positivity. I need to make a conscious effort to look at some positive aspect in the situation or person with whom I am facing difficulty. When I do this I can relate to them with this positivity which will slowly make the situation better again.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

soulpower-kmsraj51

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Kmsraj51 की कलम से …..

Coming soon book (जल्द ही आ रहा किताब) …..

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“तू ना हो निराश कभी मन से”

 

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

 

 

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Living With A Purpose

kmsraj51 की कलम से…..

Soulword_kmsraj51 - Change Y M T

Living With A Purpose 

How can we define heaven? Heaven could simply be described as the place to experience peace, joy and happiness. So, what is our heaven in our practical life? How can we experience it? Fulfilling our dream or true purpose or experiencing it being fulfilled is our heaven. Living out our dream and purpose is to live in our personal space of heaven here and right now. 

If everything that we do during the day and in life is directed at fulfilling our purpose – our reason for being, for existing and for living – we will be much happier in everything we do, because everything will be channeled or focused towards what we really want. On the other hand, if we do a little bit of everything, but without knowing where we are going or what our true destination is, we will be like a ship that has lost its way in the ocean. The ship’s crew steers the ship – it now goes towards the left, now to the right, goes backwards, then forwards towards the north, towards the south and in the end stays in the same place and gets nowhere, although it’s crew is busy or is working all the time. The crew lets itself be carried by the currents, the tides, the waves in the ocean and the winds above the ocean. It has lost its bearings and doesn’t know how to be guided by the stars, which would show the crew the right way. In our case, the stars being our intuition. Without our life’s course dictated by a true purpose, we let our consciousness asleep and don’t listen to our intuition, which will reveal to us our purpose.

Message

he method to get help is to take the first step of courage. 

Projection: When I set out to achieve something, I usually expect help from situations or people, but am not always able to get it. Then I tend to become disheartened and sometimes tend to give up the task altogether.

Solution: The right way to get help is to first take a step forward even in the most negative situations. With courage and faith when I start in whatever little way I can, I find the help coming to me. Then I will neither stop nor give up with the little setbacks that I am faced with.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

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“तू ना हो निराश कभी मन से”

Book-Red-kmsraj51

 

 

 

मन काे कैसे नियंत्रण में करें।

मन के विचारों काे कैसे नियंत्रित करें॥

विचारों के प्रकार-एक खुशी जीवन के लिए।

अपनी सोच काे हमेशा सकारात्मक कैसे रखें॥

“मन के बहुत सारे सवालाें का जवाब-आैर मन काे कैसे नियंत्रित कर उसे सहीं तरिके से संचालित कर शांतिमय जीवन जियें”

“तू ना हो निराश कभी मन से”

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“तू ना हो निराश कभी मन से”

 

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आयुर्वेद-अशोक वृक्ष के लाभ।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ आयुर्वेद – अशोक वृक्ष के लाभ। ϒ

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यह भारतीय वनौषधियों में एक दिव्य रत्न है। भारत वर्ष में इसकी कीर्ति का गान बहुत प्राचीन काल से हो रहा है। प्राचीन काल में शोक को दूर करने और प्रसन्नता के लिए अशोक वाटिकाओं एवं उद्यानों का प्रयोग होता था, और इसी आश्रय से इसके नाम शोकनाश, विशोक, अपशोक आदि रखे गए हैं। सनातनी वैदिक लोग तो इस पेड़ को पवित्र एवं आदरणीय मानते ही हैं, किन्तु बौद्ध भी इसे विशेष आदर की दॄष्टि से देखते हैं क्यूंकि कहा जाता है की भगवान बुद्ध का जन्म अशोक वृक्ष के नीचे हुआ था। अशोक के  वृक्ष भारत वर्ष में सर्वत्र बाग़ बगीचों में तथा सड़कों के किनारे सुंदरता के लिए लगाए जाते हैं। भारत के हिमालयी क्षेत्रों तथा पश्चिमी प्रायद्वीप में ७५० मीटर की ऊंचाई पर मुख्यतः पूर्वीबंगाल, बिहार, उत्तराखंड, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में साधारणतया नहरों के किनारे व सदाहरित वनों में पाया जाता है। मुख्यतया अशोक की दो प्रजातियां होती हैं, जिनका प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है।

आज हम आपको अशोक के कुछ औषधीय गुणों से अवगत कराएंगे –

१- श्वास – ६५ मिलीग्राम अशोक बीज चूर्ण को पान के बीड़े में रखकर खिलाने से श्वासरोग में लाभ होता है।

२- रक्तातिसार – अशोक के तीन-चार ग्राम फूलों को जल में पीसकर पिलाने से रक्तातिसार (खूनीदस्त ) में लाभ होता है।

३- रक्तार्श ( बवासीर ) – अशोक की छाल और इसके फूलों को बराबर की मात्रा में लेकर दस ग्राम मात्रा को रात्रि में एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें , सुबह पानी छानकर पीलें इसी प्रकार सुबह का भिगोया हुआ शाम को पीलें, इससे खूनी बवासीर में शीघ्र लाभ मिलता है।

४- अशोक के १-२ ग्राम बीज को पानी में पीसकर दो चम्मच की मात्रा में पीसकर पीने से पथरी के दर्द में आराम मिलता है।

५- प्रदर – अशोक छालचूर्ण और मिश्री को संभाग खरलकर, तीन ग्राम की मात्रा में लेकर गो-दुग्ध प्रातः -सायं सेवन करने से श्वेत -प्रदर में लाभ होता है।

=> अशोक के २-३ ग्राम फूलों को जल में पीसकर पिलाने से रक्त प्रदर में लाभ होता है।

Post inspired by:

Poojya Acharya Bal Krishan Ji Maharaj-KMSRAJ51

पूज्य आचार्य बाल कृष्ण जी महाराज।

मैं श्री आचार्य बाल कृष्ण जी महाराज का बहुत आभारी हूँ!!

आपको दिल से शुक्रिया;

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

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∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।
* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।
* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।
* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।
* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र
* चांदी की छड़ी।

KMSRAJ51-CYMT

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English 

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”
~KMSRAJ51

Kmsraj51 की कलम से …..

Coming soon book (जल्द ही आ रहा किताब) …..

“तू ना हो निराश कभी मन से”

Book-Red-kmsraj51

मन काे कैसे नियंत्रण में करें।

मन के विचारों काे कैसे नियंत्रित करें॥

विचारों के प्रकार-एक खुशी जीवन के लिए।

अपनी सोच काे हमेशा सकारात्मक कैसे रखें॥

“मन के बहुत सारे सवालाें का जवाब-आैर मन काे कैसे नियंत्रित कर उसे सहीं तरिके से संचालित कर शांतिमय जीवन जियें।”

“तू ना हो निराश कभी मन से”

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“तू ना हो निराश कभी मन से”

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Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs

kmsraj51 की कलम से…..

Soulword_kmsraj51 - Change Y M T

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 1

Motivation for Change

An important factor to start positive change in our lives is for there to be a passion, a powerful force that leads us, a final goal that keeps us motivated. It is important to set yourself goals, to be convinced and to have the confidence and faith that one can reach them, since in this way we will make a daily effort to achieve those goals. There needs to be a clearly defined sense of purpose to your existence, clarifying the values that must guide your life in order to achieve these goals and establish the steps you must take for inculcating these values. If, at a subconscious level, you allow a mistaken purpose to be created, or there is a lack of true purpose in your life, then you will not be motivated to know and change yourself. Many people think that the purpose of their life is to survive and they use the language of survival in this way: “Life is hard out there. You must get whatever you can”. They are not aware that they have chosen this purpose, but subconsciously it is what they believe they are here for, and this makes them think that they must accumulate, take, create barriers to protect themselves and compete with others.

 

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 2 

Positive Affirmations 

Affirmations are promises that we make to ourselves. They are helpful for breaking negative habits or weak thoughts that have been created as a result of mistaken attitudes. Affirmations help to strengthen the mind, although to be effective there must be acceptance and understanding behind them. It is interesting to begin experimenting with them and, later on, we can begin to create variations of new affirmations, according to our individual needs.

Here are some examples: 

* Today I will experience peace through positivity. I will see what is good in others and will not think about what is negative or harmful. I will see others in the way I would like them to see me.

* From now on I will not judge others.

* Today I will speak peacefully and share peace with everyone around me. I must speak as softly as I can. 

* Today I will make the past the past and look towards the future with a new vision. 

* Today I will not react angrily. I will stay calm and in peace and will not sacrifice this for anyone or any situation. I must not allow anything or anyone rob me of my peace.

For the affirmation to be effective, we must repeat it to ourselves often, so that it becomes recorded in our subconscious. It is also important to proclaim the affirmations with feeling, believing in them and not in a monotonous and impersonal voice. As a minimum, you should repeat each affirmation at least five times a day. If we listen to something repeatedly, we begin to believe in it. In reality, this is the origin of the majority of our beliefs, when as children we heard our parents tell us things over and over again. Advertising uses this technique constantly. They create a phrase, a slogan, and repeat it over and over again in the media until, finally, people believe it. To be able to control your life, first you must know and dominate your beliefs. One way of doing this is through affirmations.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 3

Conscious Disassociation 

A useful method for transforming habits is that of conscious disassociation. This involves avoiding the situations that give rise to the habit occurring automatically. For example, if you often smoke after a coffee, you have to make sure there is no coffee. By breaking your habit, you will be less likely to have a craving to smoke. Instead of your habitual coffee, you can create a new pattern and have a cup of herbal tea and sit down to think or read, instead of smoking.
Rajyoga Meditation
Rajyoga meditation is an efficient method for transforming habits. By connecting with the Supreme Soul (who is the purest conscient energy) in the incorporeal (non-physical) world of divine light, which is called paramdham orshantidham, the soul purifies itself and one experiences a natural disinclination from negative habits that we have been trapped in for a long time.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 4

Visualization 

Visualization consists of creating positive images by means of the ability to imagine, and in this way reinforce positive thoughts and strengthen your will to achieve positively what you affirm for yourself in your mind. With visualization you manage to intensify experiences of positive affirmations and self-motivation, and it also helps you to specify and clarify your goals. The basic principle of using images in our mind is to act as if the desire we have in our mind has already been achieved. If we place images of success, health, wellbeing or inner peace in our mind, these will materialize in positive situations and experience, and this image of success will become real in our lives.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 5

Exercises of Silence 

Exercises of silence help you concentrate your mind and intellect, and go within yourself to recover the positive and eternal energies. With the appropriate concentration of the mind and intellect towards your constructive inner forces of peace, love and happiness, you can strengthen yourself. Being strong means staying positive when faced with negative situations, peaceful when everything around you is chaotic: in other words, not being influenced negatively but influencing the situation with your positivity. When you stay calm in your inner power of peace, you can transmit this to others and help them to calm themselves. When you begin exercises of silence, concentrate primarily on peace. This is the basis of the practice, as when there is inner balance and harmony it is easier to build over these the other values love, happiness, truth and sincerity. The experience of deep peace calms you, clarifies you and fills you with energy to think and act positively and achieve your purpose that you have set for yourself. 

 

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

 

Note::-

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“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की  व्यथ॔ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

 

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