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हिन्दी भाषा।

Kmsraj51 की कलम से…..

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    • Hindi Bhasha | हिन्दी भाषा।
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Hindi Bhasha | हिन्दी भाषा।

Hindi Day is celebrated in India to commemorate the date 14 September 1949 on which a compromise was reached—during the drafting of the Constitution of India—on the languages that were to have official status in the Republic of India.

जो हिन्दी भाषा से नहीं होगा परिचित।
उसके लिए नहीं है हमारे पास कोई इज्जत।
हैलो हाय कहने वालो एक बार फिर सुन लो।
अपने मन में हिन्दी भाषा के विचार बुन लो।

हमने सुना था कि बच्चों को हिन्दी भाषा पढ़ाई जाती है।
मगर आज पैदा होते ही विदेशी भाषा सिखाई जाती है।
विदेशी भाषा पढ़ने वालों ने कर दिया एक नया काम।
थोड़ी बहुत हिन्दी भाषा बोलने वालों का जीना हो गया हराम।

आज हिन्दी भाषा का नहीं है उतना स्थान।
फिर भी लोगों के दिल में है कुछ अरमान।
आज विदेशों में भी लोग हिन्दी बोला करते हैं।
फिर हम हिन्दी बोलने से क्यों शरमाते है।

♦ विनोद वर्मा जी / जिला – मंडी – हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “विनोद वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस लेख के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — कविता में लेखक हिन्दी भाषा के महत्व को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। वे इसके लिए यह कह रहे हैं कि हिन्दी भाषा को बढ़ावा देना आवश्यक है, और लोगों को यह बदलाव लाने के लिए अपने मन में हिन्दी के विचार बुनने की आवश्यकता है। कविता में यह भी कहा गया है कि विदेशी भाषा की पढ़ाई के बावजूद हिन्दी भाषा के प्रति लोगों की आकर्षण और समर्थन बढ़ गए हैं, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि अब विदेशों में भी लोग हिन्दी बोलते हैं, जबकि भारत में ही हिन्दी का महत्व कम हो गया है। आखिर में, कविता लोगों को हिन्दी का समर्थन देने की ओर प्रोत्साहित कर रही है और उन्हें शरम करने की जरूरत नहीं है।

—————

यह कविता (हिन्दी भाषा।) “विनोद वर्मा जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विनोद कुमार है, रचनाकार के रुप में विनोद वर्मा। माता का नाम श्री मती सत्या देवी और पिता का नाम श्री माघु राम है। पत्नी श्री मती प्रवीना कुमारी, बेटे सुशांत वर्मा, आयुष वर्मा। शिक्षा – बी. एस. सी., बी.एड., एम.काम., व्यवसाय – प्राध्यापक वाणिज्य, लेखन भाषाएँ – हिंदी, पहाड़ी तथा अंग्रेजी। लिखित रचनाएँ – कविता 20, लेख 08, पदभार – सहायक सचिव हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ मंडी हिमाचल प्रदेश।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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