• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / 2023-KMSRAJ51 की कलम से / मन खोज रही कस्तूरी।

मन खोज रही कस्तूरी।

Kmsraj51 की कलम से…..

Table of Contents

Toggle
  • Kmsraj51 की कलम से…..
    • Man Khoj Rahii Kasturi | मन खोज रही कस्तूरी।
    • Please share your comments.
    • आप सभी का प्रिय दोस्त
      • ———– © Best of Luck ®———–
    • Note:-
      • “सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)
      • Related posts:
    • माँ दुर्गा और बेटियां।
    • आजादी का अमृत महोत्सव।
    • विश्व साक्षरता दिवस।
      • Like this:
      • Related

Man Khoj Rahii Kasturi | मन खोज रही कस्तूरी।

महक रही नस-नस में रजनीगंधा,
मन वन – वन खोज रही कस्तूरी।
पिपासित उर को न तृप्त कर पाती,
प्यासी – प्यासी साँझ अधूरी।

मुग्धित शर्मिली सिंधुसुता-सी,
नैनों की मादकत और अलसायापन।
उच्छवासों-सी तपित तरलता,
शीतल चंद्रज्योत्स्ना सम्मोहन।
सुनहली हर भोर हो गई,
अधिवासित साँझ ढली सिंदूरी।

मुखड़ा-माणिक-सा तापित कर जाते,
यामिनी के निमंत्रण का आमंत्रण।
तन-मन अंतर्मन में शम्पा भर जाते,
मीठे सपने पीते उन्मादक वो क्षण।
अंग – अंग खिलने लगते,
पर रत जगी और रातें अधूरी।

भुजपाशों की कोमल परिधियाँ,
जग रही भर आलिंगन में।
लगे सुलगने फिर कनक-किंशुक के वन,
मदहोशित रही आमुदित श्वांसों में।
स्कंधों को श्रापित-सी लगती,
अंग पुर से पल दो पल की दूरी।
महक रही नस-नस में रजनीगंधा,
मन वन – वन खोज रही कस्तूरी।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल‘ जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

यह कविता (मन खोज रही कस्तूरी।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल’ जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख/दोहे सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Related posts:

पढ़ ले भाई - अब वक़्त हो गया।

दीपावली : पुकार।

बसंत बहार।

Share this:

  • Post

Like this:

Like Loading...

Related

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi satish sekhar Srivastava, Poem on mind, satish sekar srivastava parimal poems, एक छोटी सी कविता मन पर, मन की आवाज - मोटिवेशनल कविता, मन खोज रही कस्तूरी, मन खोज रही कस्तूरी - सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल, मन पर कविता, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.

%d