• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / 2022-KMSRAJ51 की कलम से / न जाने क्यों?

न जाने क्यों?

Kmsraj51 की कलम से…..

Table of Contents

Toggle
  • Kmsraj51 की कलम से…..
    • ♦ न जाने क्यों? ♦
      • आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—
    • Please share your comments.
    • आप सभी का प्रिय दोस्त
      • ———– © Best of Luck ®———–
    • Note:-
      • “सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)
      • Related posts:
    • बस भी करो अब।
    • चुनावी मौसम।
    • अब सोने दो।
      • Like this:
      • Related

♦ न जाने क्यों? ♦

न जाने क्यों लोग बुराई के साथ मन का दरिया पार कर जाते हैं,
लंका पति रावण का पुतला दहन कर इंसान न जाने क्यों इतराता है॥

सियासत भी मुश्किलों से घिरी है इंसान की गोद में आकर,
बचाती हूं कारोबार तो न जाने क्यों ईमान बीच में आ जाता है॥

बहना के प्यार में रावण ने धोखे से मां सीता का हरण कर डाला,
चारों वेदों का ज्ञाता वो न जाने क्यों मां सीता को वह हाथ लगा नहीं पाता है॥

दस-दस हाथियों का बल था उसमें तीनों लोकों का स्वामी था,
इतना बलशाली होकर भी न जाने क्यों मां सीता को छू नहीं पाता है॥

इसे मैं नाम से रावण की मासूमियत कहूं या कहूं चालाकियां,
उस ज्ञानी रावण के चरित्र के आगे न जाने क्यों मन भ्रमित हो जाता है॥

कभी सोचती है विजय आज के इंसान के बारे में तो वक्त ठहरा हुआ सा नजर आता है,
मुझे तो हर गली नुक्कड़ चौराहे पर न जाने क्यों हर मोड़ पर रावण नजर आता है॥

देखती आ रही हूं कई युगों से उस रावण का पुतला इंसान जलाते आ रहे हैं,
मन में दुर्भावना लेकर न जाने क्यों रावण का पुतला दहन कर इतराता हैं॥

अरे! समझो समाज के ठेकेदारों अपने मन के रावण को मारते क्यों नहीं हो?
ज्ञानी रावण के जैसा संयम रख अपना चरित्र संवारते क्यों नहीं हो॥

मैं देखती हूं हर रोज कितनी ही लड़कियों का इंसान हनन कर रहा है,
कागज का पुतला जलाने की बजाए न जाने क्यों लोग अपने मन का रावण मारते क्यों नहीं है॥

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए; इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की हैं — मैं देखती हूं हर रोज कितनी ही लड़कियों का इंसान हनन कर रहा है, कागज का पुतला जलाने की बजाए न जाने क्यों लोग अपने मन का रावण मारते क्यों नहीं है। केवल रावण का पुतला प्रत्येक वर्ष जलाने से कुछ भी नहीं होगा, जब तक अपने मन के अंदर के रावण को हर इंसान नहीं जलाता हैं। इसलिए आओ हमसब मिलकर ये प्रण ले की अपने मन के अंदर के रावण को सदैव के लिए जलाएंगे, तभी एक सच्चे और अच्छे समाज की नींव पड़ेगी। तभी आने वाली पीढ़ी ख़ुशी-ख़ुशी अपना योगदान मानव कल्याण के लिए दे पायेगी। याद रखें – अच्छा संस्कार, अच्छा आचरण, अच्छा व्यवहार, अच्छा चरित्र, से ही एक अच्छे समाज का निर्माण होता हैं।

—————

यह कविता (न जाने क्यों?) “विजयलक्ष्मी जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Quotes, Poetry, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी IDहै:kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Related posts:

नारी है।

सफर।

सरहदी बाशिंदे।

Share this:

  • Post

Like this:

Like Loading...

Related

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: dussehra par poem in hindi, Poems On Dussehra In Hindi, poet vijaylaxmi poems, vijaylaxmi, vijaylaxmi poems, दशहरा त्योहार पर कविता, दशहरा पर कविता, दशहरा पर कविता: बुराई पर अच्छाई की जीत, दशहरा पर कविताएं, न जाने क्यों, न जाने क्यों - विजयलक्ष्मी, मन के अंदर के रावण को जलाये, रावण पर कविता, विकारों रूपी रावण को जलाये, विजय दशमी पर कविता, विजयलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी की कविताएं

Reader Interactions

Comments

  1. Vijaylaxmi says

    October 5, 2022 at 8:40 pm

    Jai shree Ram

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.

%d