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हकीकत।

Kmsraj51 की कलम से…..

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    • ♦ हकीकत। ♦
      • आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—
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♦ हकीकत। ♦

नौका है टूटी हुई,
जाना है उस पार।
ना जानूं कितना गहरा पानी,
नैया बिन पतवार।

पीने को पानी नसीब नहीं,
कुऍं का ख्वाब रखता हूं।
खाने को भोजन नहीं,
दुश्मन पे फतह का ख्याल रखता हूं।

ख्वाब में भी न सोचा था हमनें,
दोस्ती का वास्ता देकर,
वो दुश्मन बन गया होगा।
उसे गुमां हो गया,
कद देखकर नाटा।

शास्त्री जी पर गुमां है सबको,
दुश्मन को दिखाया हिन्दुस्तानी चाटा।
नफरतों की फिजाओं में,
प्यास मुहब्बतों की नहीं बुझती।

कोशिश चाहे लाख कर लो,
आग से कभी आग नहीं बुझती।
पलट गई तख्तो ताज,
हिल गई सल्तनत।

हौसला व बहादुरी के आगे,
सर झुकाती हैं, हरकतें नापाक।
आग लगी है तेरे शहर में,
चिंगारी तेरे घर तक आएगी।

कभी साथ मनाते थे ईद और होली,
आज चलाते हो सरहद पे गोली।
मत ललकारो ये है हिन्दुस्तान,
तेरा मुल्क नहीं बचेगा,
बन जाएगा कब्रिस्तान।

♦ भोला शरण प्रसाद जी – सेक्टर – 150/नोएडा – उत्तर प्रदेश ♦

—————

  • “भोला शरण प्रसाद जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — हम भारत वासी दिल से प्रेम करने वाले को प्रेम करते है और जो हमें आँख दिखाते है उनका आँख भी निकाल लेते है। हम कभी किसी पर पहले वार नही करते है लेकिन अगर दुश्मन हम पर वार करे तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे भी नहीं रहते है। हमें गर्व है अपने वीर सेनानी सुभाष चंद्र बोस जी पर, उन्होंने दुश्मन को दिखाया हिन्दुस्तानी चाटा। एक बात याद रखे नफरतों की फिजाओं में कभी भी प्यास मुहब्बतों की नहीं बुझती। चाहे कोई भी पड़ोसी देश हो हमारा हमसे प्यार करेगा, हम भी उन पर प्यार बरसायेंगे, लेकिन अगर हमसे गद्दारी करेंगे तो उसका जवाब उसी की भाषा में हमें देना आता हैं, जय हिन्द – जय हिन्द की सेना।

—————

यह कविता (हकीकत।) “भोला शरण प्रसाद जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं भोला शरण प्रसाद बी. एस. सी. (बायो), एम. ए. अंग्रेजी, एम. एड. हूं। पहले केन्द्रीय विघालय में कार्यरत था। मेरी कई रचनाऍं विघालय पत्रिका एंव बाहर की भी पत्रिका में छप चूकी है। मैं अंग्रेजी एंव हिन्दी दोनों में अपनी रचनाऍं एंव कविताऍं लिखना पसन्द करता हूं। देश भक्ति की कविताऍं अधिक लिखता हूं। मैं कोलकाता संतजेवियर कालेज से बी. एड. किया एंव महर्षि दयानन्द विश्वविघालय रोहतक से एम. एड. किया। मैं उर्दू भी जानता हूं। मैं मैट्रीकुलेशन मुजफ्फरपुर से, आई. एस. सी. एंव बी. एस. सी. हाजीपुर (बिहार विश्वविघालय) बी. ए. (अंग्रेजी), एम. ए. (अंग्रेजी) बिहार विश्वविघालय मुजफ्फरपुर से किया। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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