• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / 2021-KMSRAJ51 की कलम से / भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात।

भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात।

Kmsraj51 की कलम से…..

Table of Contents

Toggle
  • Kmsraj51 की कलम से…..
    • ♦ भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात। ♦
      • दिनांक 23 दिसंबर 2021
      • परियोजना का शिलान्यास
      • सड़क और चौराहा का सुधार
      • परियोजना का लोकार्पण
      • पुनर्विकास
      • काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कार्य
      • राजकीय आईटीआई में निर्माण
      • रविदास की जन्म स्थली
      • अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र
      • तिब्बती अध्ययन शिक्षा संस्थान
      • सर्विलांस कैमरा
      • पार्किंग
      • एस टी पी का निर्माण
      • लकड़ी का पुल
      • काशी के सभी घाट का अपना अपना बहुमूल्य इतिहास है।
      • आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने मधु स्रोत के आशा और उद्योग में वर्णित
      • काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कनाडा से आए अतिथि के वक्तव्य
      • वाराणसी के पांडेपुर सेविंग रोड तक फोन सड़क के लिए टेंडर
      • बनारस में एक और आधार सेवा केंद्र
      • नारी शक्ति के लिए २१ दिसंबर २०२१ को प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
      • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
      • — Conclusion —
      • ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।
    • Please share your comments.
    • आप सभी का प्रिय दोस्त
      • ———– © Best of Luck ®———–
    • Note:-
      • “सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)
      • Related posts:
    • ब्यूटी पार्लर एंव ब्यूटी क्लीनिक में अन्तर।
    • ताले टूटेंगे।
    • संसार ही स्वर्ग बन जाता।
      • Like this:
      • Related

♦ भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात। ♦

दिनांक 23 दिसंबर 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 दिसंबर को कारखाने कि जनसभा को संबोधित करते हुए बहुत सारे परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।

परियोजना का शिलान्यास

  • आयुष मिशन के तहत राजकीय होमियो मेडिकल कॉलेज — लागत 49. 99 करोड़।
  • वाराणसी – भदोही – गोपीगंज मार्ग एस एच 87 फोर लेन 8.6 किलोमीटर, चौड़ी करण आदि लागत 269.10 करोड़।
  • मोहन सराय दीनदयाल नगर चकिया मार्ग 11km, लागत 412.53 करोड़, सर्विस लेन के साथ सिक्स लेन की।

सड़क और चौराहा का सुधार

  • फेज – 1 …
  • मैदागिन से गोदौलिया तक।
  • गोदौलिया से सोनारपुरा तक।
  • सोनारपुरा से अस्सी तक।
  • सोनारपुरा से भेलूपुर तक और गोदौलिया से गिरिजा घर तक। लागत 25 करोड़।
  • बनारस काशी संकुल – करखियांव लागत 475 करोड़।
  • दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ लिमिटेड संयंत्र, रामनगर बायोगैस पावर उत्पादन केंद्र लागत 19 करोड़।

परियोजना का लोकार्पण

  • एकीकृत आयुष चिकित्सालय ग्राम मद्रासी विकासखंड आराजिलाइना 50 वेड युक्त लागत 6.41 करोड़।
  • दशाश्वमेध वार्ड का निर्माण का स्मार्ट सिटी 16.22 करोड़।
  • राज मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य लागत 13.53 करोड़।
  • काल भैरव वार्ड का पुनर विकास लागत 16.22 करोड़।
  • क्षेत्रीय निदेशक मानक प्रयोगशाला का निर्माण पिंडरा लागत 9.03 करोड़।
  • तहसील पिंडरा में दो मंजिला अधिवक्ता भवन का निर्माण लागत 1.64 करोड़।

पुनर्विकास

  • जंगम बाड़ी वार्ड का पुनर विकास कार्य लागत 12.65 करोड़।
  • गढ़वासी टोला का पुनर विकास कार्य लागत 7.90 करोड़।
  • नदेसर तालाब का विकास और सुंदरीकरण लागत 3.02 करोड़।
  • सोनभद्र तालाब का विकास और सुंदरीकरण लागत 1.38 करोड़।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कार्य

  • डॉ हास्टल, नर्स हॉस्टल और धर्मशाला का निर्माण लागत 130 करोड़।
  • अंतर विश्वविद्यालयी शिक्षक शिक्षा केंद्र का निर्माण लागत 107.36 करोड़।
  • आवासीय फ्लैट अदद 80 पैकेज -1, जोधपुर कॉलोनी में निर्मित लागत 60.63 करोड़।
  • आवासीय फ्लैट 80 पैकेज -2, जोधपुर कालोनी में निर्मित लागत 60.63 करोड़।

राजकीय आईटीआई में निर्माण

  • राजकीय आईटीआई करौंदी में 13 आवासों का निर्माण लागत 2.75 करोड़।

रविदास की जन्म स्थली

  • सीर गोवर्धन में पर्यटन विकास फेज – 1 के तहत सामुदायिक हाल और शौचालय का निर्माण लागत 5.35 करोड़। अंतर्गत राजगीर निर्माण निगम लिमिटेड भदोही इकाई।

अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र

  • अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र ईरी में स्पीड बिल्डिंग फैसिलिटी का निर्माण लागत 3.55 करोड़ अंतर्गत ईरी के सबीर बायोटेक लिमिटेड।

तिब्बती अध्ययन शिक्षा संस्थान

  • केंद्रीय उच्च कि तिब्बती शिक्षण संस्थान सारनाथ में शिक्षक प्रशिक्षण भवन का निर्माण लागत 7.10 करोड़, अंतर्गत नेशनल बिल्डिंग का स्टेशन कारपोरेशन।

सर्विलांस कैमरा

  • शहर में 720 स्थलों पर उन्नत सर्विलांस कैमरा – लागत 128.04 करोड़।

पार्किंग

  • बनिया बाग पार्क में भूमिगत पार्क, इंडोर पार्क का विकास कार्य लागत 90.42 करोड़।

एस टी पी का निर्माण

  • 50 एम एल डी क्षमता की एस टी पी रमना का निर्माण कार्य लागत 161.31 करोड़, अंतर्गत गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई।

काशी बहुत पुराना शहर है। बनारस को काशी भी कहा जाता है। बनारस का पुराना नाम आनंद वन भी है। बनारस का विस्तार लगातार गंगा के किनारे दक्षिण दिशा की तरफ होता रहा। ले. योगेंद्र नारायण, वा0 के अनुसार सन 1982 में बनाए गए जेम्स प्रिंसेप की मानचित्र की अनुसार उस समय तक बनारस का विस्तार हसीना लेके पास तक हो चुका था। अस्सी के पास का अंतिम निर्माण अमृत राव का बाड़ा था। उसके दक्षिण दिशा में खाली जमीन अथवा खेत थे। पश्चिम की तरफ कुरुक्षेत्र तालाब था। जिसका पानी गोदौलिया नाला से होता हुआ दशासुमेध घाट पर गिरता था।

लकड़ी का पुल

विशेश्वर खंड और केदार खंड को जोड़ने के लिए बाद में लकड़ी का एक पुल बनाया गया जिसे डेडसी का पुल कहा जाता था।

उन दिनों विश्वनाथ गली को विशेश्वर खंड, और भूतेश्वर गली को केदार खंड कहा जाता था। नगर के पश्चिम में औरंगाबाद सराय बनाती थी। उसी से सटा हुआ विशाल चक्र तालाब था।
ओमकारेश्वर खंड सी विश्वेश्वर खंड में तेजी से बस्तियों का विस्तार हो रहा था। गुजराती बस्तियां बस चुकी थी। मंदिरों और घाटो का निर्माण तेजी से होने लगा था। वाराणसी में कोलकाता दिल्ली लाहौर तक की व्यापारी खींचे पांव आ रहे थे। डॉ मोती चंद में काशी के इतिहास में मिलता है कि बनारस में बाजीराव पेशवा के कार भारी सदाशिव नामक जोशी के पेशवा को हर 88 -1735 उलझे पत्र का उल्लेख किया है, इसमें कहा गया है कि जरासंध घाट पर मीर घाट के नाम से पुष्पा बनवा रहे थे। बनवाने के लिए से इमारती सामान खरीद लिया था और इससे दूसरे लोग भी ईमारती काम अपने हाथों में नहीं ले सकते थे। बाजीराव पेशवा ने उस समय शायद ब्रहमपुरी बनवाने के लिए नाईक को लिखा था पर उसके लिए बड़ी जमीन नहीं मिल रही थी। आज के समय में मीर घाट के किले का अस्तित्व स्थित तो नहीं है। काशी नगरी को भी अयोध्या नगर की तरह आक्रांताओं का दंश झेलना पड़ा।

परंपरा गीत की रचना प्रस्तुत है……

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन दौरे जमां हमारा।

जिस प्रकार सभ्यता और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने सजाने संवारने का काम
प्राचीन काल में गुजरात से आए हुए अच्छों ने किया था उसी तर्ज़ बाबा सम्मान प्रधानमंत्री काशी को संवारने अद्भुत अविस्मरणीय कार्य किया है। नवगीत के सशक्त हस्ताक्षर डॉ शंभू नाथ सिंह की रचना यहां नई तरंगे दे रहा है —

देश हैं हम,
महज राजधानी नहीं।
हम बदलते हुए भी,
न बदले कभी।
लड़खड़ाये कभी,
और संभले कभी,
हम हजारों बरस से,
जी से जी रहे।

काशी के सभी घाट का अपना अपना बहुमूल्य इतिहास है।

दशाश्वमेध घाट – यह घाट शहर के घाटों के मध्य में काशी के पांच अति प्राचीन पवित्र घाटों में से एक है। इस घाट पर गंगा के जल में रूद्र सरोवर तीर्थ है। माघ के महीने में यहां स्नान करने वालों की तादाद अधिक लगी रहती है। इस घाट पर पीतल की मूर्ति में शीतला जी की मूर्ति विराजमान है। जहां शहर में शीतला माता की महामारी फैलने पर लोग पूजा अर्चना करते है। शीतला देवी के बगल में बंधी देवी का एक गुप्त स्थान है। शिवपुरा के अनुसार शिव जी ने राजा दियो दास को काशी से भी रक्त करने के लिए ब्रह्मा को काशी में भेजा। ब्रह्मा कासी में जाकर दियो दास की मदद से दश अश्वमेध यज्ञ किए। उसी स्थान को दशाश्वमेध के नाम से जाना जाता है। ब्रह्मा जी भी रामेश्वर शिवलिंग स्थापित करके वही रह गए। पुस्तकों का अध्यन करने पर पता चलता है कि प्राचीन काल में राजा जब किसी राज्य को जीतकर आते थे तो वह भी इसी स्थान पर यज्ञ कराया करते थे। इस स्थान पर 10 दिन स्नान करने से जो शुक्ल पक्ष की दशमी पर्यंत स्नान करता है। उसका जन्मों का पाप कट जाता है। यहां स्नान करने से सब फल की प्राप्ति होती है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने मधु स्रोत के आशा और उद्योग में वर्णित

कर्मों के फल के मिलने में यद्यपि हो जाती है देर,
तो भी उस जगदीश्वर के घर, होता नहीं कभी अंधेर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 15 साल का कार्यकाल अथवा प्रधानमंत्री के रुप में भारत का नेतृत्व करने की कला कौशल को दुनिया में भारत की सराहना की जा रही है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि उनके लिए उपरोक्त रचनाकार की रचना प्रासंगिक है—

जब तक मेरे इस शरीर में, कुछ भी शेष रहेंगे प्राण,
तब तक का प्रयत्न मेटूंगा, अत्याचारी का अभिमान।
धर्म न्याय का पक्ष ग्रहण कर, कभी न दूंगा पीछे पैर,
वीर जनों की रीति यही है, नहीं प्रतिज्ञा लेते फेर।
देश दुख अपमान जाति का, बदला मैं अवश्य लूंगा।
अन्याय के घोर पाप का, दंड उसे अवश्य दूंगा।।(लक्ष्मी,नव.१९१२)

रचनाकार किसी भी व्यक्ति की संबंध में अध्ययन करते करते और उनकी बस्ती स्थिति को देखकर कुछ कहने को मजबूर हो जाता है। एक रचना प्रस्तुत है…

मैं धरा हूं!
आकाश पाताल के बीच खड़ा,
समाज के कल्याण के लिए खड़ा,
ज्ञानियों के सिर पर चढ़ा,
ज्ञानियों में जान से भरा,
मैं घरा,
मैं धरा हूं!

भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वैज्ञानिकों को मिसाइल की सफलता के लिए जिसे चांदीपुर बालासोर, निशा से हो देसी गुरुजी मिसाइल का सफल परीक्षण १८/१०/२०१४ को १० बजे सुबह हुआ जो परमाणु आयु ले जाने में सक्षम है। वैज्ञानिकों को सफलता के लिए बधाई दी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कनाडा से आए अतिथि के वक्तव्य

बीएचयू वाराणसी में 18 अक्टूबर 2014 शनिवार की गोष्ठी के दूसरे दिन कनाडा से पधारे डॉ मैक्को नाकी ने कहा कि भले ही भारत – कनाडा मैं हाथ विषमता यें है परंतु चिट्टी सीमा मनु में हम किसी भी दिक्षित देश से कम नहीं है। डॉ भवानी शंकर कोडाली गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया के प्रयोग और वैचारिक विषयों को रेखांकित किया।

भारत ने 2014 से 2021 तक अनेकों मिसाइल बनाकर दुनिया को दिखा दिया कि भारत किसी भी मामले में कभी पीछे नहीं रहेगा। किसी भी खतरे से निपटने के लिए भारत मुकम्मल तैयारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में घर का चला रहा। दुस्साहस और दादागिरी की 2014 से खा लिया घटनाओं के बीच पहली बार देश के सिर सन्नी नेतृत्व से सीधे संबाद में pm ने कहा कि पारंपरिक जिंदगी संभावनाएं भले ना हूं, लेकिन किसी की व्यवहार को नियंत्रित करने और निवारक शक्ति के तौर पर ताकत का इस्तेमाल हम औजार बना रहेगा। मोदी जी ने जवानों से लेकर जनरल तक नई तकनीकी इस्तेमाल पर जोर दिया और पहली बार प्रधानमंत्री पद से तीनों सेनाओं के शीर्ष कमांडर को संबोधित किया। किसी भी खतरे से निपटने के लिए सेना को मुकम्मल इंतजाम करने को कहा। भारत की जनता प्रधानमंत्री जी के विचार सुझाव विकास विजन, मिशन को जनता अच्छी भावना से समझ रही है। मोदी जी ने कहा था कि वह गांव के बारे में महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित है। आदर्श गांव का अर्थ यह है कि वह स्वास्थ्य स्वच्छता शिक्षा विकास के साथ-साथ वापसी सौहार्द का केंद्र बने। सभी सांसदो को अपने कार्यकाल में आदर्श गांव बनाने की अपील की। उन्होंने खुद भी अपने समस्ती क्षेत्र वाराणसी में एक आदर्श गांव बनाने का फैसला लिया।

भारत के प्रधानमंत्री जी के विचारों से मेल खाती हुई चंद्रभान सुकुमार जी की रचना प्रस्तुत —

गांधी के सपनों का भारत,
गांधी के अपनों का भारत!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि मेरा क्या मैं झोला लेकर चल दूंगा।

मेरा मत है कि शंभू नाथ सिंह की रचना प्रासंगिक होगी —

जंग जल्द पैर बढ़ाओ आओ, आओ!
आज अमीरों की हवेली,
किसानों की होगी पाठशाला,
धोबी, पासी, चमार, तेली
खोलेंगे अंधेरे का ताला
एक बात पढ़ेंगे, टाट बिछाओ!
गरीबों को आशाओं को निराश शर्तों को
तरह – तरह से लाभ पहुंचा कर सिद्ध कर
दिया है कि इनका भी हमें सम्मान करना चाहिए।
तू कहां जा सकता है जी कि –
बहुत दिनों बाद खुला आसमान,
निकली है धूप हुआ खुश जहान।

धरातल से उठा हुआ व्यक्ति हमेशा धरातल को अपने आप में अंदर देखता है। वह जानता है समझता है आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करता है प्रयासों से देश को आगे बढ़ा समाज के उत्थान के लिए तरह – तरह की योजना लाता है। सहदेवी संत हृदय का व्यक्ति की पहचान जानिए —

मेरी चाह नहीं इसकी
बड़ा व्यक्ति कहा जाऊं!
चौबीस घंटे की धूल में
पाथर बन पूजा जाऊं!
सर्दी गर्मी बरसात में भी,
छतरी एक ना पाऊं।
प्रभुता की भले नहीं,
लघुता के गीत सुनाऊं॥
प्रधानमंत्री जी का प्रयास गरीबों,
असहाय के लिए एक रचना –
निश्चिंत रहें, जो करे भरोसा मेरा,
बस, मिले प्रेम का मुझे परोसा मेरा।
आनंद हमारे ही अधीन रहता है,
तब भी विषाद नरलोक व्यर्थ सकता है॥
करके अपना कर्तव्य रहो संतोषी,
फिर सफल हो कि तुम विफल, न होगे दोषी॥

उत्तर प्रदेश के मुखिया आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी अपने कुशल प्रशासन शासन के द्वारा भ्रष्टाचार अनाचार, दुराचार में लिप्त होने वाले लोगों को समझा दिया है रचना प्रस्तुत है मधु स्रोत से —

लालसा अज्ञात की बताके ढोंग रचते जो,
शब्दों का झूठ मूठ, अब होंवे सावधान।
आवें लोक लोचन समक्ष, देखें एक बार,
अपनी यह कला हीन, कोरी शब्द की उड़ान।
बोलें तो हृदय पर हाथ रख सत्य – सत्य,
इसका वहां के किसी भाव से भी है मिलान।

वाराणसी के पांडेपुर सेविंग रोड तक फोन सड़क के लिए टेंडर

वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पुरजोर प्रयास चल रहा है। किसी क्रम में पांडेपुर मार्ग और पांडेपुर चौराहे से रिंग रोड तक खाना बनाने के लिए 4200000 रुपए की निंजा जारी कर दी गई। पांडेपुर रिंग रोड तक 6.5 किलोमीटर, कचहरी से संदहां तक 9 किलोमीटर की निमिदा लोग निर्माण विभाग। कचहरी से आशापुर होते हुए संदहां तक 9.2, 35 किलोमीटर लंबी सड़क को बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग 115 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है।

बनारस में एक और आधार सेवा केंद्र

डिजिटल इंडिया का डिजिटल उत्तर प्रदेश बनाने के लिए गोंडा मुरादाबाद सहारनपुर के साथ-साथ वाराणसी के महमूरगंज में एक और सेवा केंद्र आज शुभारंभ हुआ।

नारी शक्ति के लिए २१ दिसंबर २०२१ को प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 दिसंबर तो संगम तट पर परेड मैदान में मातृ शक्तियों से मुलाकात की। कहा कि up की महिलाओं ने ठान लिया है कि यहां पहले की सरकारों वाला दौर नहीं लौटने देंगी नारी गरिमा को योगीराज मे महत्ता दिए जाने की बात कह कर मोदी ने महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास दिलाया। उन्होंने गांव के स्यं सहायता समूह से जुड़ी सखियों के काम की तारीफ की। महिला स्व सहायता समूह की सहायता के लिए 1.60 लाख महिलाओं को इसके लिए 100 करोड़ का ऑनलाइन हस्तांतरण किया।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत छ: श्रेणियों में ₹15000 देने का प्रावधान है। जिसमें …

  • जन्म के समय 2000/
  • प्रथम वर्ष का टीका पूर्ण करने पर 1000/
  • कक्षा एक में प्रवेश के समय 2000/
  • कक्षा 6 में प्रवेश करने पर 2000/
  • कक्षा 9 में प्रवेश करने पर 3000/
  • दसवीं/12वी परीक्षा उत्तीर्ण डिग्री/ दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश पर 5000/

उपरोक्त सभी रकम एक मुश्त खाते में ऑनलाइन दिया जाना है।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस लेख में समझाने की कोशिश की है — जब इरादे हो नेक, तो चहुँ ओर विकास होता है। इसी का प्रमाण है प्रगतिशील उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है। धरातल से उठा हुआ व्यक्ति हमेशा धरातल को अपने आप में अंदर देखता है। वह जानता है समझता है आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करता है प्रयासों से देश को आगे बढ़ा समाज के उत्थान के लिए तरह – तरह की योजना लाता है। सहदेवी संत हृदय का व्यक्ति की पहचान जानिए।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह लेख (भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Related posts:

नया घर।

देव पूर्णिमा।

ताले टूटेंगे।

Share this:

  • Post

Like this:

Like Loading...

Related

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की रचनाएँ Tagged With: author sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh article, भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी की काशी को सौगात, सुखमंगल सिंह जी की रचनाएँ

Reader Interactions

Comments

  1. सुख मंगल सिंह says

    December 23, 2021 at 6:14 am

    संपादक महोदय को बहुत-बहुत बधाई आप के अथक परिश्रम से आलेख प्रकाशित हुआ है जिसे पढ़कर दुनिया भर की ख़ास तौर से जनमानस काशी का संक्षिप्त इतिहास और वर्तमान समय में आदरणीय नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी के अथक प्रयासों से हो रहे विकास को याद कर सकेंगे। जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विदेशी पर्यट कों का काशी के प्रति जागरूक और लगाव बढ़ेगा।
    भगवान भोलेनाथ आपको तथा आपके परिवार को सुख समृद्धि और ज्ञान से परिपूर्ण करें यही हमारी हार्दिक शुभकामनाएं

    Reply
    • kmsraj51 says

      December 26, 2021 at 1:37 pm

      Jai Hind Jai Bharat, Har Har Mahadev – Jai Shiva Sambhu.

      Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.

%d