• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / 2021-KMSRAJ51 की कलम से / तेरी जय जयकार।

तेरी जय जयकार।

Kmsraj51 की कलम से…..

Table of Contents

Toggle
  • Kmsraj51 की कलम से…..
    • ♦ तेरी जय जयकार। ♦
    • Please share your comments.
    • आप सभी का प्रिय दोस्त
      • ———– © Best of Luck ® ———–
    • Note:-
      • “सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)
      • Related posts:
    • फिर एक वर्ष का।
    • हिंदी है भारत की बिंदी।
    • हो गए जुदा हम मिलने से पहले।
      • Like this:
      • Related

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ तेरी जय जयकार। ♦

teree-jay-jayakaar-kmsraj51.png

उनके जश्न में भी तेरा जलवा बरकरार है।
सच को तुमपे नाज है, फख्र तुमपे यार है।
चुनौती स्वीकार कर लड़ना अड़ना जरुरी है।
तुम बहादुरी से लड़े, तेरी जय जयकार है॥

क्या हुआ गर खेल में पराजय लगी हाथ।
परछाई है संग छोड़ गये सारे अपने साथ।
इमानदारों के लिए हमेशा दुश्वारियाँ हजार है।
तुम बहादुरी…..

मैनें देखा है राहों में तेरा सूर्य सा अभिनंदन।
जनसैलाब की आँखों में हर्षातिरेक वाला क्रन्दन।
दिल जीतना देश जीतने से बेहतर व्यापार है।
तुम बहादुरी…..

अना को नहीं गिरवी रखा अनीति के लिए।
पथभ्रष्ट हुए नहीं कभी स्वार्थ कुरीति के लिए।
कर्तव्यच्युत नहीं कर सके, रकीबों धिक्कार है।
तुम बहादुरी…..

जीतनेवाले अपनी इस जीत पे पछतायेंगे।
आइने से खुद नजर मिलाके हार जायेंगे।
शर्म से गर्दन झुकी है शीशा भी शर्मसार है।
तुम बहादुरी…..

♦ शैलेश कुमार मिश्र (शैल) – मधुबनी, बिहार ♦

  • “शैलेश कुमार मिश्र (शैल) जी” ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाया है, कैसी भी परिस्थिति हो अपने उमंग – उत्साह को कम न होने दो।

—•—•—•—

sk-mishra-kmsraj51.png

यह कविता “शैलेश कुमार मिश्र (शैल) जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपने सच्चे मन से देश की सेवा के साथ-साथ एक कवि हृदय को भी बनाये रखा। आपने अपने कवि हृदय को दबाया नहीं। यही तो खासियत है हमारे देश के वीर जवानों की। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

About Yourself – आपके ही शब्दों में —

  • नाम: शैलेश कुमार मिश्र (शैल)
  • शिक्षा: स्नातकोत्तर (PG Diploma)
  • व्यवसाय: केन्द्रीय पुलिस बल में 2001 से राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत।
  • रुचि: साहित्य-पठन एवं लेखन, खेलकूद, वाद-विवाद, पर्यटन, मंच संचालन इत्यादि।
  • पूर्व प्रकाशन: कविता संग्रह – 4, विभागीय पुस्तक – 2
  • अनुभव: 5 साल प्रशिक्षण का अनुभव, संयुक्त राष्ट्रसंघ में अफ्रीका में शांति सेना का 1 साल का अनुभव।
  • पता: आप ग्राम-चिकना, मधुबनी, बिहार से है।

आपकी लेखनी यूँ ही चलती रहे, जनमानस के कल्याण के लिए। उस अनंत शक्ति की कृपा आप पर बनी रहे। इन्ही शुभकामनाओं के साथ इस लेख को विराम देता हूँ। तहे दिल से KMSRAJ51.COM — के ऑथर फैमिली में आपका स्वागत है। आपका अनुज – कृष्ण मोहन सिंह।

  • जरूर पढ़े: चली जाती है।
  • जरूर पढ़े: अच्छा लगता है।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Related posts:

शरीर से परम तत्व प्राप्त।

साहित्य का प्रदेय।

हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनने की राह में कौन बना है रोड़ा?

Share this:

  • Post

Like this:

Like Loading...

Related

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, शैलेश कुमार मिश्र-शैल जी की कवितायें Tagged With: a poem on courage, courage poem in hindi, hindi poetry on courage, poetry based on courage, Shail Poetry, slam poetry on courage, त्याग और बलिदान पर कविता, बहादुरी पर कविता, भारतीय सैनिकों की बहादुरी पर कविता, वीरता पर आधारित कविता, शैलेश कुमार मिश्र-शैल जी की कवितायें, सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता

Reader Interactions

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Recent Posts

  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।
  • चलो दिवाली मनाएं।
  • दीपों का त्योहार।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।

मित्र।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.

%d