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सबसे बड़ा कर्तव्य क्या है

सबसे बड़ा कर्तव्य क्या है?

Kmsraj51 की कलम से…..

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ϒ सबसे बड़ा कर्तव्य क्या है? ϒ

प्यारे दोस्तों – बहुत समय पहले की बात है। एक राजा पंडितों, विद्वानों से प्रय: प्रश्न किया करते थे कि संसार में सबसे बड़ा कर्तव्य क्या है? इस प्रश्न के उत्तर में विद्वानों ने उन्हें विभिन्न उत्तर दिए, पर किसी के भी उत्तर से राजा संतुष्ट नहीं हो पाए। एक दिन वह शिकार खेलने जंगल में गए। एक जानवर का पीछा करते-करते वे रास्ता भटक गए। भीषण गर्मी के कारण उन्हें चक्कर आने लगा।वह(राजा) एक आश्रय की खोज करने लगे – खोजते-खोजते उन्हें एक आश्रम दिखाई पड़ा, जहां एक संत ध्यान में बैठे थे। राजा इतना ज्यादा थक गए थे कि – उन्हें(संत) पुकारते हुए बेहोश हो गए।

होश में आने पर उन्होंने देखा कि – संत उनके मुख पर पानी के छींटे मार रहे हैं। राजा ने विनम्रता से कहा, `महात्मन ! आप तो समाधि में लीन थे। आपने मेरे लिए समाधि क्यों भंग की? संत ने राजा से कहा – `राजन ! आपके प्राण संकट में थे। ऐसे समय में मेरे लिए ध्यान की अपेक्षा आपकी सहायता के लिए तत्पर होना ज्यादा महत्वपूर्ण कार्य था। समय और परिस्थिति को देखते हुए ही कर्तव्य का निर्धारण करना चाहिये।

उनके इस कथन से राजा की जिज्ञासा भी शांत हो गई कि इंसान का “सबसे बड़ा कर्तव्य क्या है?” उन्होंने समाज लिया कि सबसे बड़े कर्तव्य का निर्णय परिस्थिति को देख कर ही किया जा सकता हैं।

सीख – जीवन में सदैव ही कर्तव्य का निर्णय परिस्थिति को देख कर ही ले। समय के अनुसार क्या उचित हैं और क्या अनुचित हैं को समझकर सही कदम उठाये। मानव सेवा को सदैव ही प्रथम स्थान पर रखे।

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