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“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

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Poem on mind

मन खोज रही कस्तूरी।

Kmsraj51 की कलम से…..

Man Khoj Rahii Kasturi | मन खोज रही कस्तूरी।

महक रही नस-नस में रजनीगंधा,
मन वन – वन खोज रही कस्तूरी।
पिपासित उर को न तृप्त कर पाती,
प्यासी – प्यासी साँझ अधूरी।

मुग्धित शर्मिली सिंधुसुता-सी,
नैनों की मादकत और अलसायापन।
उच्छवासों-सी तपित तरलता,
शीतल चंद्रज्योत्स्ना सम्मोहन।
सुनहली हर भोर हो गई,
अधिवासित साँझ ढली सिंदूरी।

मुखड़ा-माणिक-सा तापित कर जाते,
यामिनी के निमंत्रण का आमंत्रण।
तन-मन अंतर्मन में शम्पा भर जाते,
मीठे सपने पीते उन्मादक वो क्षण।
अंग – अंग खिलने लगते,
पर रत जगी और रातें अधूरी।

भुजपाशों की कोमल परिधियाँ,
जग रही भर आलिंगन में।
लगे सुलगने फिर कनक-किंशुक के वन,
मदहोशित रही आमुदित श्वांसों में।
स्कंधों को श्रापित-सी लगती,
अंग पुर से पल दो पल की दूरी।
महक रही नस-नस में रजनीगंधा,
मन वन – वन खोज रही कस्तूरी।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल‘ जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

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यह कविता (मन खोज रही कस्तूरी।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल’ जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख/दोहे सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

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“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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मन की कुंठा।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मन की कुंठा। ♦

ज्यों राख के ढेर में,
ज्वाला छुपी शान्त पड़ी है।
त्यों राहो की उलझनें,
मोड़-मोड़ पर छुपी खड़ी है।

आने दो बाहर,
हृदय की कुठां को।
खुली हवा में मन को,
विचरण करने दो।

मंजर अगर अभी है,
रूकावटों का।
फिर भी आशा की ज्योति से,
जीवन की सुखमय घड़ी है।

मत देखो घनघोर,
हृदय के अन्धेरो को।
स्वार्थ, भौतिकता, निर्लज्जा,
व विनाश के सपेरों को।

छुपा नही है अभी उम्मीदों का सूरज,
बिना अस्तित्व के बादलो मे।
युद्ध, महंगाई, बेरोजगारी तथा,
डकैती के दलालों में।

जागो नवयुवकों,
अपनी ऊर्जा का संचार करो।
लेष मात्र है ये उलझनें,
भारत का पुनः उद्धार करो।

सुभाष, भगत तथा आजाद,
कभी न डग में विचलित हुए।
नहीं चुनी राहें आसान,
तभी तो दिलों में अमर हुए।

समय गवाही जरूर देगा,
ईमानदारी व सत्य के…
मार्ग पर चलने की।
बदलेगी जरूर ये तस्वीर,
तू तमन्ना तो रख बदलने की।

मिलकर काफिला आगे बढे़गा,
तभी इस युद्ध को जीत पाएंगे।
सर्वस्व न्योछावर करके देखो,
तभी सच्चे सिपाही कहलाएगें।

♦ लाल सिंह वर्मा जी – जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

• Conclusion •

  • “लाल सिंह वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — आजकल के नवयुवकों को क्या हो गया है, किसी को भी भारतीय संस्कृति, संस्कार व सभ्यता का रक्षा करना अपना दायित्व नहीं लगता आखिर क्यों? अब भी समय है जागो नवयुवकों, अपनी ऊर्जा का संचार करो। लेष मात्र है ये उलझनें, भारत का पुनः उद्धार करो। नशे के चंगुल से बाहर निकल कर भारत के नवनिर्माण में भागीदार बनो। इतिहास गवाह है सुभाष, भगत तथा आजाद, कभी न डग में विचलित हुए। कभी नहीं चुनी राहें आसान, तभी तो दिलों में अमर हुए सदैव के लिए। याद रखना तू समय गवाही जरूर देगा, ईमानदारी व सत्य के… मार्ग पर चलने की। बहुत ही जल्द बदलेगी जरूर ये तस्वीर, तू तमन्ना तो रख बदलने की। जब मिलकर काफिला आगे बढे़गा, तभी इस युद्ध को जीत पाएंगे। सर्वस्व न्योछावर करके देखो माँ भर्ती पर तभी सच्चे सिपाही कहलाएगें।

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यह कविता (मन की कुंठा।) “लाल सिंह वर्मा जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं लाल सिंह वर्मा सुपुत्र श्री भिन्दर सिंह, गांव – खाड़ी, पोस्ट ऑफिस – खड़काहँ, तहसील – शिलाई, जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक शिक्षक हूं, शिक्षा विभाग में भाषा अध्यापक के पद पर कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है, हिंदी भाषा से सम्बन्धित साहित्यिक विधाओं में रचनाएं लिखना तथा विशेष रूप से सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व मानवीय मूल्यों से सम्बन्धित रचनाओं का अध्ययन करना पसंद है। इस Platform (KMSRAJ51.COM) के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

शैक्षिक योग्यता – J.B.T, BEd., MA in English and MA in Hindi, हिंदी विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। अध्यापक पात्रता परीक्षा L.T., J.B.T., TGT पास की है। केंद्र विश्वविद्यालय PHD• (पीएचड•) प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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