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“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

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poem on relationship in hindi

रिश्तों के मायने।

Kmsraj51 की कलम से…..

Rishton Ke Mayne | रिश्तों के मायने।

न जाने कहाँ खो गए वो स्नेहमयी रिश्ते।
अच्छा -बुरा समझाने वो बड़े-बूढ़े फरिश्ते।

सँयुक्त परिवार में वो रिश्तों की अठखेलियां।
अपनापन दर्शाती वो प्रेमभरी पहेलियां।

एक शर्म एक हया का पर्दा होता था तब।
न जाने खो गया वो पर्दा कहाँ अब।

माता-पिता के आमने-सामने नहीं होते थे बच्चें।
बहुत भोले और दिल के होते थे वो बहुत ही सच्चे।

रिश्तों की बुनियाद होती तो सबमें दिखता भाईचारा।
चाचा-ताऊ के डर से न होते घर के बालक आवारा।

वो दादी, चाची, ताई का भी मिलता था प्यार।
माँ की प्रीत संग वो प्रेम बढ़ता बेशुमार।

चिंता नही होती थी न कोई थी फिक्र किसी बात की।
न लड़ाई-झगड़े की, न ही किसी दुख की रात की।

परिवार बड़े होने के साथ-साथ रिश्तों से थे भरपूर।
बुआ-फूफा का प्रेम देने में रिश्ता भी होता मशहूर।

काश! लौट आये घरों में वो प्रेम भरे रिश्ते खास पुराने।
फिर से परिवारों में खुशियों की किलकारियों के बन जाये बहाने।

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — इस कविता में बताया गया है कि परिवार में नाजुक और स्नेहमय रिश्तों की महत्वपूर्णता को कैसे समझने की आवश्यकता है। यह कविता उन पुराने समय के सँयुक्त परिवार के रिश्तों की याद दिलाती है जिन्होंने हमारे जीवन को सजाया है और उनके अब अदूर होने पर विचार कराती है। कविता में उन परिवारिक रिश्तों की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन होता है जो हमारे जीवन को खास बनाते हैं। कविता के अंत में एक ख्वाहिश व्यक्त की जाती है कि पुराने प्रेमपूर्ण रिश्तों को दोबारा जीवन में बसाने की जरुरत पुनः है।

—————

यह कविता (रिश्तों के मायने।) “श्रीमती सुशीला देवी जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी (राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षिका व अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार) है। शिक्षा — डी•एड, बी•एड, एम•ए•। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

  • अनेक मंचों से राष्ट्रीय सम्मान।
  • इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज।
  • काव्य श्री सम्मान — 2023
  • “Most Inspiring Women Of The Earth“ – Award 2023
    {International Internship University and Swarn Bharat Parivar}
  • Teacher’s Icon Award — 2023
  • राष्ट्रीय शिक्षा शिल्पी सम्मान — 2021
  • सावित्रीबाई फुले ग्लोबल अचीवर्स अवार्ड — 2022
  • राष्ट्र गौरव सम्मान — 2022
  • गुरु चाणक्य सम्मान 2022 {International Best Global Educator Award 2022, Educator of the Year 2022}
  • राष्ट्रीय गौरव शिक्षक सम्मान 2022 से सम्मानित।
  • अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ लेखिका व सर्वश्रेष्ठ कवयित्री – By — KMSRAJ51.COM
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान — 2022
  • राष्ट्रीय शिक्षक गौरव सम्मान — 2022
  • राष्ट्रीय स्त्री शक्ति सम्मान — 2022
  • राष्ट्रीय शक्ति संचेतना अवार्ड — 2022
  • साउथ एशिया टीचर एक्सीलेंस अवार्ड — 2022
  • 50 सांझा काव्य-संग्रहों में रचनाएँ प्रकाशित (राष्ट्रीय स्तर पर)।
  • 70 रचनाएँ व 11+ लेख और 1 लघु कथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित (KMSRAJ51.COM)। इनकी 6 कविताएं अब तक विश्व स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान पा चुकी है, जिनके आधार पर इनको सर्वश्रेष्ठ कवयित्री व पर्यावरण प्रेमी का खिताब व वरिष्ठ लेखिका का खिताब की प्राप्ति हो चुकी है।
  • इनकी अनेक कविताएं व शिक्षाप्रद लेख विभिन्न प्रकार के पटल व पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहे हैं।
  • 3 महीने में तीन पुस्तकें प्रकाशित हुए। जिसमें दो काव्य संग्रह “समर्पण भावों का” और “भाव मेरे सतरंगी” और एक लेख संग्रह “एक नजर इन पर भी” प्रकाशित हुए। एक शोध पत्र “आओं, लौट चले पुराने संस्कारों की ओर” प्रकाशित हुआ। इनके लेख और रचनाएं जन-मानस के पटल पर गहरी छाप छोड़ रहे हैं।

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रिश्तों का गणित।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ रिश्तों का गणित। ♦

रिश्तों का गणित
अक्सर कहते हैं लोग मुझे,
मैं गणित का ज्ञान रखती नहीं।
करती हूं किस प्रकार गृहस्ती में काम,
कुछ तो करो इस का बखान॥

चलो – गणित की शुरुआत,
मैं कुछ इस प्रकार करती हूं !
शून्य से प्रारंभ कर,
शून्य से ही अंत करती हूं॥

माना अंकगणित से,
ज्यादा नाता रखती नहीं।
पर इतना तो जरूर है,
की रिश्तों में मैं ज्यादा,
गुणा भाग करती नहीं॥

जोड़ना हो अगर तो,
दिलों को मैं जोड़ना हूं जानती।
घटने और घटाने की बात आए तो,
मैं नफरतों को देती हूं घटा॥

समीकरण तो ज्यादा समझ में आते नहीं,
पर रिश्तों में सामंजस्यता बैठा लेती हूं।
उठता है अगर अहंकार का जोड़ वाला चिन्ह,
तो उसे मैं दो मीठे बोल बोलकर घटा ही लेती हूं॥

ज्यादा पहाड़े तो आते नहीं,
लेकिन मुट्ठी भर खुशियों को,
उम्मीद के दामन के साथ गुणा करके,
पहाड़ जितना बना देती हूँ॥

हवा चलती है जब परेशानियों की,
तो मैं भाग कर देती हूं।
थोड़ी उम्मीद में देती हूं बाँट,
थोडा सब्र रखने की करती हूं बात॥

फिर भी जोड़ गुणा भाग – घटा,
में रह जाए कोष्ठक जैसा कोई सवाल,
उसे भी अलग रखकर देती हूं।
रिश्ते में नई पहचान,
ताकि वो ना हो जाये परेशान॥

अंको की इस भीड़ में फिर भी,
अपनी पहचान शून्य ही बताती हूँ।
शून्य से शुरुआत करके – शून्य,
पर ही खत्म हो जाती हूं॥

♦ कविता पाल जी – नई दिल्ली ♦

—————

  • “कविता पाल जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाने की कोशिश की हैं — रिश्ता चाहे कोई भी है, उतार चढ़ाव तो रिश्तों में आता रहता है, प्रेम, समर्पण और समझदारी से हरेक रिश्तों को संभाला जा सकता हैं। रिश्तों का गणित तो बहुत सरल है बस जरूरत है समझदारी के साथ सभी से तालमेल बनाकर चलने की। चाहे बड़े हो या छोटे सबको प्रेम से मिलजुल कर रहना चाहिए। सभी का आदर व सम्मान करना चाहिए। मिलजुल कर हर एक कार्य करना चाहिए। आओ हम सब मिलकर एक सुखमय समाज का निर्माण करें।

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यह कविता (रिश्तों का गणित।) ” कविता पाल जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए, माता रानी की कृपा से।

नाम : कविता पाल
शिक्षा : पुस्तकालय विज्ञान में D.LIS, B.LIS, और M.LIS
PG Diploma in YOGA.

शौक : अध्यापन, लेखन, समाज सेवा द्वारा महिलाओं की स्थिति में जागरूकता लाना।

— अपने बारे में कुछ शब्द साहित्यिक गतिविधियां काव्य लेखन, गद्य लेखन एवं फेसबुक के विभिन्न साहित्यिक समूहों में सक्रिय सहभागिता रहती है अतः सक्रिय लेखक सम्मान एवं पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
— मेरे द्वारा फेसबुक पर अनमोल अल्फाज नामक पेज का संचालन भी किया जाता है। जिसका एकमात्र उद्देश्य समाज में मेरी कविताओं द्वारा महिलाओं एवं अन्य क्षेत्र में जागरूकता का कार्य करना है।

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