Kmsraj51 की कलम से…..
माँ तू मुझे क्यू याद आती है..

माँ तू मुझे क्यू याद आती है…..
पौष की सर्द रातों को सीने से लगाकर सुलाती थी जो,
पकड़कर दोनों बाजूओं को जमीं पर चलना सिखाती थी जो,
जब चलते चलते गिरता था, गिरे हुए को उठाती थी जो,
गोद में बिठाकर अपने हाथों से खाना खिलाती थी जो,
अपनी बांहों में उठाकर झूला झुलाती थी जो,
रातों को सुलाने के लिए लोरियां सुनाती थी जो,
आज वो मां बहुत याद आती है,
मुश्किल में उसकी कमी बहुत सताती है,
उसकी बातें करते ही आँख भर आती है,
नहीं इस दुनिया में वो, मगर राहुल को
आज भी कहीं से देकर आवाज मुझे बुलाती है वो…….
Note:- Post share by My dear Friend Mr. Rahul Sharma.
श्रीमान- राहुल शर्मा मेरे बहुत पुराने दोस्त और एक कवि हृदय है।
मैं हृदय से श्री- राहुल शर्मा का बहुत आभारी हूँ. दिल काे छुने वाली हिंदी कविता शेयर करने लिए।
Note::-
यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!
Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)
ज्ञान का अर्थ है समझ। समझदार उसे कहा जाता है जो समय प्रमाण समझदारी से कार्य करते हुए सफलता को प्राप्त करे।समझदार की निशानी है वह कभी धोखा नहीं खा सकते। और योगी की निशानी है क्लीन और क्लीयर बुद्धि। जिसकी बुद्धिक्लीन और क्लीयर है वह कभी नहीं कहेगा कि पता नहीं ऐसा क्यों हो गया! यह शब्द ज्ञानी और योगी आत्मायें नहीं बोल सकती, वे ज्ञान और योग को हर कर्म में लाती हैं।
–ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________




