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better life health tips in hindi

कब्‍ज दूर करने के घरेलू उपचार।

kmsraj51 की कलम से …..

Ayurvedic-Tips-in-Hindi-kmsraj51
आयुर्वेद उपचार

कब्‍ज दूर करने के घरेलू उपचार।

सामान्य रूप से मल का निष्कासन ना होना तथा आंतों में मल का रूकना कब्ज कहलाता है॰

अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण कब्‍ज और पेट गैस की समस्‍या आम बीमारी की तरह हो गई है। कब्‍ज रोगियों में गैस व पेट फूलने की शिकायत भी देखने को मिलती है। लोग कहीं भी और कुछ भी खा लेते हैं। खाने के बाद बैठे रहना, डिनर के बाद तुरंत सो जाना ऐसी आदतें हैं जिनके कारण कब्‍ज की शिकायत शुरू होती है। पेट में गैस बनने की बीमारी ज्‍यादातर बुजुर्गों में देखी जाती है लेकिन यह किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकती है।

आइए हम आपको कब्‍ज से बचने के घरेलू नुस्‍खे के बारे में जानकारी देते हैं;

कब्‍ज के उपचार के घरेलू उपाय –

  • सुबह उठने के बाद नींबू के रस को काला नमक मिलाकर पानी के साथ सेवन कीजिए। इससे पेट साफ होगा।
  • 20 ग्राम त्रिफला रात को एक लिटर पानी में भिगोकर रख दीजिए। सुबह उठने के बाद त्रिफला को छानकर उस पानी को पी लीजिए। इससे कुछ ही दिनों में कब्‍ज की शिकायत दूर हो जाएगी।
  • कब्‍ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से पहले एक चम्‍मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्‍ज दूर हो जाता है।
  • हर रोज रात में हर्र को पीसकर बारीक चूर्ण बना लीजिए, इस चूर्ण को कुनकुने पानी के साथ पीजिए। कब्‍ज दूर होगा और पेट में गैस बनना बंद हो जाएगा।
  • रात को सोते वक्‍त अरंडी के तेल को हल्‍के गरम दूध में मिलाकर पीजिए। इससे पेट साफ होगा।
  • इसबगोल की भूसी कब्‍ज के लिए रामबाण दवा है। दूध या पानी के साथ रात में सोते वक्‍त इसबगोल की भूसी लेने से कब्‍ज समाप्‍त होता है।
  • पका हुआ अमरूद और पपीता कब्‍ज के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। अमरूद और पपीता को किसी भी समय खाया जा सकता है।
  • किशमिश को पानी में कुछ देर तक डालकर गलाइए, इसके बाद किशमिश को पानी से निकालकर खा लीजिए। इससे कब्‍ज की शिकायत दूर होती है।
  • पालक का रस पीने से कब्‍ज की शिकायत दूर होती है, खाने में भी पालक की सब्‍जी का प्रयोग करना चाहिए।
  • अंजीर के फल को रात भर पानी में डालकर गलाइए, इसके बाद सुबह उठकर इस फल को खाने से कब्‍ज की शिकायत समाप्‍त होती है।
  • मुनक्‍का में कब्‍ज नष्‍ट करने के तत्‍व मौजूद होते हैं। 6-7 मुनक्‍का रोज रात को सोने से पहले खाने से कब्‍ज समाप्‍त होती है। 

कब्‍ज की समस्‍या से बचने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम और योगा करना चाहिए। गरिष्‍ठ भोजन करने से बचें।

इन नुस्‍खों को प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। अपनाने के बाद भी अगर पेट की बीमारी ठीक नही होती तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

Post Share by: Dr. Naveen Chauhan

dr-naveen

B.A.M.S, C.C.Y.P, P.G.C.R.A.V
(Kshara-sutra) Ayurveda Consultant

& Kshara-sutra surgical specialist for Proctological diseases

(Consultant Ayurveda Physician and Kshar sutra specialist)

SHRI DHANWANTARI CLINIC, GHAZIABAD

http://www.ayurvedapilescure.com/

(मैं डॉ. नवीन चौहान जी का बहुत आभारी हूँ , हिन्दी में स्वास्थ्य सुझाव Share करने के लिए.)

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100 शब्द  या  10 शब्द – एक सफल जीवन के लिए –

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“तू न हो निराश कभी मन से” किताब => लेखक कृष्ण मोहन सिंह (kmsraj51)

 

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आयुर्वेद के सहज उपचार सूत्र !!

kmsraj51 की कलम से …..

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कैसी भी हो पथरी बिना ऑपरेशन ही टूट कर बाहर हो जाएगी

=> किडनी, मूत्राशय, मूत्र नलिका आदि में पथरी का होना या बनना कोई नया या अनजाना रोग नहीं है। विभिन्न रसायनों से बने छोटे-छोटे कणों (क्रिस्टल्स) का जमाव पथरी का निर्माण करते हैं। पथरी मुख्यत: कैल्शियम फॅास्फेट, कैल्शियम ऑक्सोलेट, यूरिक एसिड और अमोनियम फॅास्फेट जैसे रसायनों के क्रिस्टल्स जमने के कारण होती हैं।

=> ज्यादातर कठोर पानी और ज्यादा मिनरल्स से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से पथरी होती है। पीठ के पिछले हिस्से से पेट तक तेजी से दर्द होना, जी मिचलना या उल्टियां होना, पेशाब में खून का जाना, जिसे हिमेटूरिया कहा जाता है। पेशाब में संक्रमण, पेशाब करते वक्त जलन होना, बार-बार पेशाब होना आदि पथरी के प्रमुख लक्षण हैं।

=> एक रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ भारत में 70 लाख लोग इस समस्या से ग्रसित हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को स्टोन बेल्ट के नाम से जाना जाता है। आधुनिक मशीनों और महंगी दवाओं से पथरी के इलाज का दावा जरूर किया जाता है, लेकिन महंगे खर्च के बावजूद इसका सटीक इलाज नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

=> आदिवासियों के सैकड़ों साल पुराने परंपरागत जड़ी बूटियों के ज्ञान के आधार पर दवाओं को निश्चित ही तैयार किया जा सकता है। कुछ इसी तरह के प्रयासों के चलते इन्ही सब अजूबी जड़ी-बूटियों को लेकर ज्स्टोनोफज् जैसे प्रोड्क्ट्स का बाजार में आना एक अच्छा संकेत है। चलिए आज जानते हैं कुछ देसी नुस्खों के बारे में जिनका इस्तेमाल कर पथरी की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

=> अंगूर, पुनर्नवा (पूरा पौधा) और अमलतास की फलियों के गूदे की समान मात्रा (6 ग्राम प्रत्येक) लेकर पीस लें। इस मिश्रण को 250 मिली पानी में 30 मिनिट तक उबालें। इसे छानकर रोगी को कम से कम दिन में दो बार पिलाएं। पथरी के दर्द में इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है।

=> पेशाब में यदि जलन महसूस हो तो गिलोय के तने का चूर्ण (10 ग्र्राम) और आंवला का चूर्ण (10 ग्र्राम) लें। इसमें सौंठ चूर्ण (5 ग्र्राम), गोखरु के बीजों का चूर्ण (3 ग्र्राम) और अश्वगंधा की जड़ों का चूर्ण (5 ग्र्राम) मिलाएं। इस मिश्रण को 100 मिली लीटर पानी में उबाल लें। इस काढ़े को रोगी को दिन में एक बार रोजाना एक माह तक दें। लाभ होगा।

=> दूब घास की जड़ें, पाठा की जड़ें, दारू हल्दी का कंद और मालकांगनी की पत्तियों की समान मात्रा लें। इन्हें पीसकर रस तैयार कर लें। इस मिश्रण का तीन ग्राम रस शहद के साथ लेना पथरी के लिए कारगर होता है।

=> अश्वगंधा की जड़ों का रस पीने से पथरी का दर्द कम होता है। इस रस को पीने से पहले गर्म कर लें तो बेहतर परिणाम मिलेंगे।

=> अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के रस को समान मात्रा में (आधा-आधा कप) मिलाकर लें। मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत खत्म हो जाती है। यह पथरी को गलाकर बाहर भी निकाल देता है।

=> सौंफ की चाय को पथरी के इलाज में-
एक कारगर उपाय है। सौंफ की चाय बनाने के लिए आधा चम्मच सौंफ पीस लें। दो कप पानी में पांच मिनिट तक उबाल लें। जब यह गुनगुना रह जाए तो इसे पी लें। ऐसा रोज दो से तीन बार लें तो पेट दर्द और किडनी दर्द में राहत मिलती है।

=> पेशाब करते समय जलन या कम पेशाब होने की शिकायत हो तो आंवले से बेहतर उपचार कोई और नहीं है। आंवले का रस, शक्कर और घी का मिश्रण इस समस्या में कारगर होता है।

=> आंवले के रस में इलायची के दानों को पीसकर मिलाएं। इसे हल्का गर्म करके पिएं। उल्टियां, चक्कर या पेट दर्द जैसी समस्याओं में यह राहत देता है। साथ ही, पथरी को भी निकाल फेंकने में सक्षम होता है।

=> तुलसी की पत्तियों का चूर्ण और हरड़ का चूर्ण मिलाकर खाने से दर्द में काफी आराम मिलता है। इस चूर्ण में नींबू का रस और शहद मिलाकर लेने से पथरी खत्म हो जाती है।

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“दूध से करें रोगों का इलाज”

Milk-kmsraj51

कहते हैं शरीर को हमेशा स्वस्थ बनाए रखना हो तो रोजाना आधा लीटर दूध जरूर पीना चाहिए, क्योंकि दूध एक संपूर्ण आहार है। दूध में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें विटामिन ए, डी, के और ई सहित फॉस्फोरस, आयोडीन व कई मिनरल और फैट पाए जाते हैं।

=> दूध पीने से बॉडी को कई एंजाइम और लिविंग ब्लड सेल्स भी मिलते हैं। ये तो हुए दूध पीने के साधारण लाभ। इसके अलावा दूध कई रोगों में दवा की तरह भी काम करता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दूध के कुछ ऐसे नुस्खे जिन्हें अपनाने पर आपको कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से राहत मिलेगी।

=> पेट की प्रॉब्लम्स-
कब्ज व एसिडिटी की समस्या में दूध रामबाण की तरह काम करता है। ठंडे दूध मे मिश्री मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है। रात को गुनगुना दूध पीकर सोने से कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है। यदि कब्ज बहुत पुराना व हो तो दूध में एक चम्मच बादाम का तेल डालकर पिएं।

=> तेज दिमाग के लिए-
यदि आपकी याददाश्त कमजोर हैं। आप हर बात थोड़ी देर में भूल जाते हैं तो एक गिलास दूध पीने का ये खास तरीका आपकी समस्या दूर कर सकता है। रोजाना एक गिलास दूध में थोड़ा इलायची पाउडर डालकर उबालकर ठंडा कर पिएं। एक ताजा के अनुसार दूध न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि इससे ब्रेन पॉवर पर सकारात्मक असर भी पड़ता है।

BRAIN-KMSRAJ51

=> अस्थमा की प्रॉब्लम हो तो-
अस्थमा के रोगियों के लिए आधा लीटर दूध में आधा लीटर पानी डालकर उबाल लें, जब दूध आधा रह जाए तो उसमें दस ग्राम बादाम तेल व दस ग्राम मिश्री के साथ ही थोड़ी सा काली मिर्च पाउडर डालकर दूध रोगी को पीने को दें, ऐसा करने से अस्थमा में बहुत जल्दी राहत मिलती है।

=> सुंदर और बेदाग स्किन के लिए-
दूध में थोड़ा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाएं। इससे मुंहासे दूर होते हैं। कच्चे दूध में गुलाबजल मिलाकर लगाने से स्किन हेल्दी रहती है। होंठों पर कच्चा दूध लगाने से होंठ गुलाबी हो जाते हैं।

Face Beauti

=> मुंह में छाले होने पर-
कब्ज या शरीर में गर्मी बढ़ जाने पर मुंह में छालों की समस्या परेशान करने लगती है। आपको भी अगर मुंह के छाले की समस्या परेशान कर रही हो तो दिन में कम से कम तीन बार कच्चे दूध से अच्छी तरह से गरारे करें, छाले मिट जाएंगे।

=> आंखों के लिए-
कम उम्र में चश्मा लगना या आंखों में पानी या जाले आना आजकल एक आम समस्या हो गई है। आंखों को इन प्रॉब्लम्स से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। आंखों की सही से देखभाल करें व आंखों को सुबह-शाम पानी से धोएं। इसके अलावा कच्चे दूध से क्रीम निकालकर, उस दूध की कुछ बूंदें आंखों में डालें। आंखे हमेशा स्वस्थ रहेंगी।

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Note::-
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