• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for health & happiness

health & happiness

आलू के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य लाभ – आलू की पोषण संबंधी लाभ

kmsraj51 की कलम से…..

Soulword_kmsraj51 - Change Y M Tआलू

भारत और विश्व में आलू विख्यात है और अधिक उपजाया जाता है| आलू को हमेशा छिलके समेत पकाना चाहिए क्योंकि आलू का सबसे अधिक पौष्टिक भाग छिलके के एकदम नीचे होता है, जो प्रोटीन और खनिज से भरपूर होता है। आलू में स्टॉर्च, पोटाश और विटामिन ए व डी होता है।

potato

यह अन्य सब्जियों के मुकाबले सस्ता मिलता है लेकिन है गुणों से भरपूर | आलू से मोटापा नहीं बढ़ता| आलू को तलकर तीखे मसाले, घी आदि लगाकर खाने से जो चिकनाई पेट में जाती है, वह चिकनाई मोटापा बढ़ाती है| आलू को उबालकर अथवा गर्म रेत या राख में भूनकर खाना लाभदायक और निरापद है|
आलू में विटामिन बहुत होता है| आलू को छिलके सहित गरम राख में भूनकर खाना सबसे अधिक गुणकारी है|

-भुना हुआ आलू पुरानी कब्ज और अंतड़ियों की सड़ांध दूर करता है| आलू में पोटेशियम साल्ट होता है जो अम्लपित्त को रोकता है|
-चार आलू सेंक लें और फिर उनका छिलका उतार कर नमक, मिर्च डालकर नित्य खाएं। इससे गठिया ठीक हो जाता है|
हरा भाग खतरनाक
आलू के हरे भाग में सोलेनाइन विषैला पदार्थ होता है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। आलू के अंकुरित हिस्से का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए।

आलुओं में प्रोटीन होता है, सूखे आलू में 8.5 प्रतिशत प्रोटीन होता है| आलू का प्रोटीन बूढ़ों के लिए बहुत ही शक्ति देने वाला और बुढ़ापे की कमजोरी दूर करने वाला होता है|
आलू में कैल्शियम, लोहा, विटामिन-बी तथा फास्फोरस बहुतायत में होता है| आलू खाते रहने से रक्त वाहिनियां बड़ी आयु तक लचकदार बनी रहती हैं तथा कठोर नहीं होने पातीं|
इसको छिलके सहित पानी में उबालें और गल जाने पर खाएं।
यदि दो-तीन आलू उबालकर छिलके सहित थोड़े से दही के साथ खा लिए जाएं तो ये एक संपूर्ण आहार का काम करते हैं|
आलू के छिलके ज्यादातर फेंक दिए जाते हैं, जबकि अच्छी तरफ साफ़ किये छिलके सहित आलू खाने से ज्यादा शक्ति मिलती है|
– कभी-कभी चोट लगने पर नील पड़ जाती है। नील पड़ी जगह पर कच्चा आलू पीसकर लगाएँ|
– शरीर पर कहीं जल गया हो, तेज धूप से त्वचा झुलस गई हो, त्वचा पर झुर्रियां हों या कोई त्वचा रोग हो तो कच्चे आलू का रस निकालकर लगाने से फायदा होता है।|
-गुर्दे की पथरी में केवल आलू खाते रहने पर बहुत लाभ होता है|पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियाँ और रेत आसानी से निकल जाती हैं|
-उच्च रक्तचाप के रोगी भी आलू खाएँ तो रक्तचाप को सामान्य बनाने में लाभ करता है|
-आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा|

Post inspired by: Poojya Acharya Bal Krishan Ji Maharaj

मैं पूज्य आचार्य बाल कृष्ण जी महाराज का आभारी हूं.

Bal Krishna Ji-2 Bal Krishna Jihttp://patanjaliayurved.org/

Note::-

यदि आपके पास Hindi या English में कोई  article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

love-rose-kmsraj51Picture Quotes By- “तू न हो निराश कभी मन से” किताब से

Book-Red-kmsraj51

100 शब्द  या  10 शब्द – एक सफल जीवन के लिए –

(100 Word “or” Ten Word For A Successful Life )

“तू न हो निराश कभी मन से” किताब => लेखक कृष्ण मोहन सिंह (kmsraj51)

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की  व्यथ॔ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

Soulword_kmsraj51 - Change Y M T

“सफल लोग अपने मस्तिष्क को इस तरह का बना लेते हैं कि उन्हें हर चीज सकारात्मक व खूबसूरत लगती है।”
-KMSRAJ51

“हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने जीवन का कुछ सेकंड, प्रतिघंटा और प्रतिदिन कैसे बिताते हैं”
-KMSRAJ51

-A Message To All-

मत करो हतोत्साहित अपने शब्दों से ……आने वाली नयी पीढ़ी को ,
वो भी करेंगे कुछ ऐसा एक दिन…. जिसे देखेगा ज़माना ….पकड़ती हुई नयी सीढ़ी को ॥

कुछ भी आप के लिए संभव है ॥

जीवन मंदिर सा पावन हाे, बाताें में सुंदर सावन हाे।

स्वाथ॔ ना भटके पास ज़रा भी, हर दिन मानो वृंदावन हाे॥

~kmsraj51

95+ देश के पाठकों द्वारा पढ़ा जाने वाला हिन्दी वेबसाइट है,, –

https://kmsraj51.wordpress.com/

मैं अपने सभी प्रिय पाठकों का आभारी हूं…..  I am grateful to all my dear readers …..

“तू न हो निराश कभी मन से” book

~Change your mind thoughts~

@2014-all rights reserve under kmsraj51.

——————– —– https://kmsraj51.wordpress.com/ —– ——————

 

Filed Under: 2014 - KMSRAJ51 KI PEN SE ....., Happiness, Health - KMSRAJ51 ki Pen Se Tagged With: Ayurveda, Beautiful Healthy Life, Beauty tips in Hindi, Eat Healthy Food, Get Fitness & Healthy Lifestyle, Health, health & happiness, Health Quotes in Hindi, Health Tips, health tips ayurveda home remedy, Health Tips in Hindi, healthy lifestyle tips in Hindi, kms, Kmsraj51

मुँहासे का इलाज करने के लिए सरल घरेलू उपचार !!

kmsraj51 की कलम से …..

Ayurvedic-Tips-in-Hindi-kmsraj51

पिंपल्स एक बहुत ही कॉमन बीमारी है, जो अधिकतर टीनएजर्स में देखने को मिलती है। युवावस्था में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण चेहरे की तैलीय ग्रंथियां एक्टिव हो जाती हैं। इसी कारण तैलीय ग्रंथियों पर बैक्टीरिया अटैक कर देते हैं और चेहरे पर पिंपल्स हो जाते हैं।

पिंपल्स के कारण-

1. सामान्यत: पिंपल्स टीनएज में होते हैं, क्योंकि इस अवस्था में शरीर में सेक्स हार्मोन्स की वृद्धि होती है।

2. बहुत अधिक मात्रा में जंक फूड के सेवन से पिंपल्स हो जाते हैं।

3. अनुवांशिकता और धूल से इन्फेक्शन भी इसके कारण हो सकते हैं।

4. कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स का बहुत ज्यादा उपयोग भी इसका एक कारण है।

5. डेड स्किन भी पिंपल्स का कारण बन सकती है।

उपचार-

हल्दी- हल्दी एंटीसेप्टिक का काम करती है। इसीलिए इसमें बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता पाई जाती है।

=> एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।

=> इस पेस्ट को पिंपल्स पर लगाएं। कुछ मिनट के लिए लगा रहने दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ऐसा एक हफ्ते तक करें। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।

पुदीना- पुदीना शरीर को ठंडक पहुंचाता है। साथ ही, इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी पाए जाते हैं।

=> पुदीने की कुछ पत्तियों को मिक्सर में पीस लें।
=> इसका पेस्ट बनाकर उसे चेहरे पर रात को सोने से पहले लगा लें या इसे छानकर जूस निकालकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं। इसे रातभर चेहरे पर लगा रहने दें।
=> सुबह चेहरा धो लें। ऐसा हफ्ते में एक बार जरूर करें। धीरे-धीरे पिंपल्स खत्म हो जाएंगी।

नींबू- पिंपल्स में नींबू बहुत फायदेमंद होता है। नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।

=> दो मध्यम आकार के नींबू लेकर उनका जूस निकाल लें।
=> नींबू के रस को कॉटन में भिगोकर चेहरे पर लगा लें। सूख जाए तो ठंडे पानी से धो लें।
=> दिन में दो बार इसे तीन-चार दिनों तक लगाएं। पिंपल्स दूर हो जाएंगे।

लहसुन- लहसुन में एंटीफंगल तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए यह पिंपल्स को बहुत जल्दी दूर कर देता है।

=> लहसुन की दो कलियां और एक लौंग पीस लें।
=> इस पेस्ट को सिर्फ पिंपल्स पर लगाएं। कुछ देर लगा रहने दें। फिर चेहरा धो लें। ऐसा करने से पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।

टूथपेस्ट- टूथपेस्ट का उपयोग दांतों को सफेद बनाने के लिए तो सभी करते हैं, लेकिन इसका उपयोग पिंपल्स को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।

=> रात को सोने से पहले पिंपल्स पर टूथपेस्ट लगाएं।
=> सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो लें। पिंपल्स पर इसका असर साफ दिखाई देगा।
=> पिंपल्स पर सिर्फ सफेद टूथपेस्ट लगाना चाहिए।

भाप- भाप पिंपल्स का एक बढ़िया इलाज है। चेहरे पर भाप लेने से रोम छिद्र खुल जाते हैं। चेहरे की गंदगी दूर हो जाती है।

=> जब भी पिंपल्स की समस्या हो, चार-पांच दिनों तक दिन में दो बार चेहरे पर भाप लें।
=> पिंपल्स खत्म हो जाएंगे और चेहरा ग्लो करने लगेगा।

बर्फ- पिंपल्स को खत्म करने के लिए बर्फ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

=> बर्फ के टुकड़े को कॉटन में लपेटकर चेहरे पर हल्के से मसाज करेंं।
=> तीन-चार दिन तक दिन में दो बार बर्फ से मसाज करने से पिंपल्स की ठीक हो जाएंगे।

Face Beauti

दालचीनी- दालचीनी को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को एक चम्मच या दो चम्मच मात्रा में लेकर चेहरे पर लगाएं।

=> ऐसा दिन में कम से कम दो बार करें। पिंपल्स दूर हो जाएंगी।

संतरे के छिलके- संतरे के छिलकों को चेहरे के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। संतरे के छिलकों को छांव में सुखाकर पाउडर बना लें।

=> इस पाउडर को एक से दो चम्मच पानी में मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
=> आधे घंटे के बाद चेहरा धो लें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें।

शहद- शहद एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है। पिंपल्स की समस्या में यह रामबाण है।

=> कॉटन बॉल को शहद में डुबोकर चेहरे पर लगाएं।
=> सूखने पर चेहरा धो लें। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।

पपीता- पपीता में बहुत अधिक मात्रा में एंटीआक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह पिंपल्स को बहुत जल्दी खत्म करने की क्षमता रखता है।

=> एक पपीता को छिलकर मिक्सर में पीस लें और चेहरे पर लगाएं। पपीते का जूस भी चेहरे पर लगाया जा सकता है।
=> पंद्रह से बीस मिनट चेहरे पर लगा रहने दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें।

खीरे का जूस- खीरा कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। गर्मियों में यह स्किन के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है।

=> खीरे के छिलके उतारकर उसे टुकड़े करके मिक्सर में पीस लें।
=> इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। दिन में कम से कम दो बार ये पेस्ट लगाने से पिंपल्स दूर हो जाते हैं।
=> खीरे के पेस्ट में थोड़ा नींबू का रस व शहद मिला कर लगाएंगे तो स्किन ग्लो करने लगेगी।

एप्पल साइडर विनेगर- एप्पल साइडर विनेगर को स्किन के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है।

=> एप्पल साइडर विनेगर में कॉटन बॉल डुबोकर उसे चेहरे पर लगाएं।
=> सूखने पर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ऐसा दिन में दो बार करें। पिंपल्स गायब हो जाएंगे।

टमाटर – टमाटर एंटीआक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसीलिए इसे स्किन के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

=> टमाटर को पीसकर उसका जूस बना लें। इस जूस को छानकर चेहरे पर लगाएं। सूखने पर चेहरा धो लें।
=> दिन में कम से कम दो बार ऐसा करें। पिंपल्स पर असर दिखाई देने लगेगा।

नीम- नीम की पत्तियों को आयुर्वेद में त्वचा की बीमारियों की अचूक दवा माना गया है।

=> नीम की पत्तियों को धोकर उसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। आधे घंटे बाद चेहरा धो लें।

Note::-
यदि आपके पास Hindi या English में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

——————– —– http://kmsraj51.wordpress.com/ —– ——————

Filed Under: 2014 - KMSRAJ51 KI PEN SE ....., Happiness, Health - KMSRAJ51 ki Pen Se, Health Tips Tagged With: health & happiness, Health is Wealth, home remedies for Pimples, kms, Kmsraj51, Pimples treatment tips in hindi

आयुर्वेद के सहज उपचार सूत्र !!

kmsraj51 की कलम से …..

Ayurvedic-Tips-in-Hindi-kmsraj51ayurveda

कैसी भी हो पथरी बिना ऑपरेशन ही टूट कर बाहर हो जाएगी

=> किडनी, मूत्राशय, मूत्र नलिका आदि में पथरी का होना या बनना कोई नया या अनजाना रोग नहीं है। विभिन्न रसायनों से बने छोटे-छोटे कणों (क्रिस्टल्स) का जमाव पथरी का निर्माण करते हैं। पथरी मुख्यत: कैल्शियम फॅास्फेट, कैल्शियम ऑक्सोलेट, यूरिक एसिड और अमोनियम फॅास्फेट जैसे रसायनों के क्रिस्टल्स जमने के कारण होती हैं।

=> ज्यादातर कठोर पानी और ज्यादा मिनरल्स से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से पथरी होती है। पीठ के पिछले हिस्से से पेट तक तेजी से दर्द होना, जी मिचलना या उल्टियां होना, पेशाब में खून का जाना, जिसे हिमेटूरिया कहा जाता है। पेशाब में संक्रमण, पेशाब करते वक्त जलन होना, बार-बार पेशाब होना आदि पथरी के प्रमुख लक्षण हैं।

=> एक रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ भारत में 70 लाख लोग इस समस्या से ग्रसित हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को स्टोन बेल्ट के नाम से जाना जाता है। आधुनिक मशीनों और महंगी दवाओं से पथरी के इलाज का दावा जरूर किया जाता है, लेकिन महंगे खर्च के बावजूद इसका सटीक इलाज नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

=> आदिवासियों के सैकड़ों साल पुराने परंपरागत जड़ी बूटियों के ज्ञान के आधार पर दवाओं को निश्चित ही तैयार किया जा सकता है। कुछ इसी तरह के प्रयासों के चलते इन्ही सब अजूबी जड़ी-बूटियों को लेकर ज्स्टोनोफज् जैसे प्रोड्क्ट्स का बाजार में आना एक अच्छा संकेत है। चलिए आज जानते हैं कुछ देसी नुस्खों के बारे में जिनका इस्तेमाल कर पथरी की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

=> अंगूर, पुनर्नवा (पूरा पौधा) और अमलतास की फलियों के गूदे की समान मात्रा (6 ग्राम प्रत्येक) लेकर पीस लें। इस मिश्रण को 250 मिली पानी में 30 मिनिट तक उबालें। इसे छानकर रोगी को कम से कम दिन में दो बार पिलाएं। पथरी के दर्द में इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है।

=> पेशाब में यदि जलन महसूस हो तो गिलोय के तने का चूर्ण (10 ग्र्राम) और आंवला का चूर्ण (10 ग्र्राम) लें। इसमें सौंठ चूर्ण (5 ग्र्राम), गोखरु के बीजों का चूर्ण (3 ग्र्राम) और अश्वगंधा की जड़ों का चूर्ण (5 ग्र्राम) मिलाएं। इस मिश्रण को 100 मिली लीटर पानी में उबाल लें। इस काढ़े को रोगी को दिन में एक बार रोजाना एक माह तक दें। लाभ होगा।

=> दूब घास की जड़ें, पाठा की जड़ें, दारू हल्दी का कंद और मालकांगनी की पत्तियों की समान मात्रा लें। इन्हें पीसकर रस तैयार कर लें। इस मिश्रण का तीन ग्राम रस शहद के साथ लेना पथरी के लिए कारगर होता है।

=> अश्वगंधा की जड़ों का रस पीने से पथरी का दर्द कम होता है। इस रस को पीने से पहले गर्म कर लें तो बेहतर परिणाम मिलेंगे।

=> अश्वगंधा की जड़ों का रस और आंवला के रस को समान मात्रा में (आधा-आधा कप) मिलाकर लें। मूत्राशय और मूत्र मार्ग में पेशाब करते समय जलन की शिकायत खत्म हो जाती है। यह पथरी को गलाकर बाहर भी निकाल देता है।

=> सौंफ की चाय को पथरी के इलाज में-
एक कारगर उपाय है। सौंफ की चाय बनाने के लिए आधा चम्मच सौंफ पीस लें। दो कप पानी में पांच मिनिट तक उबाल लें। जब यह गुनगुना रह जाए तो इसे पी लें। ऐसा रोज दो से तीन बार लें तो पेट दर्द और किडनी दर्द में राहत मिलती है।

=> पेशाब करते समय जलन या कम पेशाब होने की शिकायत हो तो आंवले से बेहतर उपचार कोई और नहीं है। आंवले का रस, शक्कर और घी का मिश्रण इस समस्या में कारगर होता है।

=> आंवले के रस में इलायची के दानों को पीसकर मिलाएं। इसे हल्का गर्म करके पिएं। उल्टियां, चक्कर या पेट दर्द जैसी समस्याओं में यह राहत देता है। साथ ही, पथरी को भी निकाल फेंकने में सक्षम होता है।

=> तुलसी की पत्तियों का चूर्ण और हरड़ का चूर्ण मिलाकर खाने से दर्द में काफी आराम मिलता है। इस चूर्ण में नींबू का रस और शहद मिलाकर लेने से पथरी खत्म हो जाती है।

AYURVEDA-1

“दूध से करें रोगों का इलाज”

Milk-kmsraj51

कहते हैं शरीर को हमेशा स्वस्थ बनाए रखना हो तो रोजाना आधा लीटर दूध जरूर पीना चाहिए, क्योंकि दूध एक संपूर्ण आहार है। दूध में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें विटामिन ए, डी, के और ई सहित फॉस्फोरस, आयोडीन व कई मिनरल और फैट पाए जाते हैं।

=> दूध पीने से बॉडी को कई एंजाइम और लिविंग ब्लड सेल्स भी मिलते हैं। ये तो हुए दूध पीने के साधारण लाभ। इसके अलावा दूध कई रोगों में दवा की तरह भी काम करता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दूध के कुछ ऐसे नुस्खे जिन्हें अपनाने पर आपको कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से राहत मिलेगी।

=> पेट की प्रॉब्लम्स-
कब्ज व एसिडिटी की समस्या में दूध रामबाण की तरह काम करता है। ठंडे दूध मे मिश्री मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है। रात को गुनगुना दूध पीकर सोने से कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है। यदि कब्ज बहुत पुराना व हो तो दूध में एक चम्मच बादाम का तेल डालकर पिएं।

=> तेज दिमाग के लिए-
यदि आपकी याददाश्त कमजोर हैं। आप हर बात थोड़ी देर में भूल जाते हैं तो एक गिलास दूध पीने का ये खास तरीका आपकी समस्या दूर कर सकता है। रोजाना एक गिलास दूध में थोड़ा इलायची पाउडर डालकर उबालकर ठंडा कर पिएं। एक ताजा के अनुसार दूध न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि इससे ब्रेन पॉवर पर सकारात्मक असर भी पड़ता है।

BRAIN-KMSRAJ51

=> अस्थमा की प्रॉब्लम हो तो-
अस्थमा के रोगियों के लिए आधा लीटर दूध में आधा लीटर पानी डालकर उबाल लें, जब दूध आधा रह जाए तो उसमें दस ग्राम बादाम तेल व दस ग्राम मिश्री के साथ ही थोड़ी सा काली मिर्च पाउडर डालकर दूध रोगी को पीने को दें, ऐसा करने से अस्थमा में बहुत जल्दी राहत मिलती है।

=> सुंदर और बेदाग स्किन के लिए-
दूध में थोड़ा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाएं। इससे मुंहासे दूर होते हैं। कच्चे दूध में गुलाबजल मिलाकर लगाने से स्किन हेल्दी रहती है। होंठों पर कच्चा दूध लगाने से होंठ गुलाबी हो जाते हैं।

Face Beauti

=> मुंह में छाले होने पर-
कब्ज या शरीर में गर्मी बढ़ जाने पर मुंह में छालों की समस्या परेशान करने लगती है। आपको भी अगर मुंह के छाले की समस्या परेशान कर रही हो तो दिन में कम से कम तीन बार कच्चे दूध से अच्छी तरह से गरारे करें, छाले मिट जाएंगे।

=> आंखों के लिए-
कम उम्र में चश्मा लगना या आंखों में पानी या जाले आना आजकल एक आम समस्या हो गई है। आंखों को इन प्रॉब्लम्स से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। आंखों की सही से देखभाल करें व आंखों को सुबह-शाम पानी से धोएं। इसके अलावा कच्चे दूध से क्रीम निकालकर, उस दूध की कुछ बूंदें आंखों में डालें। आंखे हमेशा स्वस्थ रहेंगी।

kms-7
kms-7

Note::-
यदि आपके पास Hindi या English में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

——————– —– http://kmsraj51.wordpress.com/ —– ——————

Filed Under: 2014 - KMSRAJ51 KI PEN SE ....., Happiness, Health - KMSRAJ51 ki Pen Se, Health Tips Tagged With: Beauty tips in Hindi, better life health tips in hindi, body care tips in hindi, brain care, eye care tips, face beauty tips, happiness, health & happiness, Health is Wealth, Health Tips in Hindi, Home remedies, kms, Kmsraj51, Life, Skin Care Tips in Hindi

गर्मी से बचने के घरेलू उपाय।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ गर्मी से बचने के घरेलू उपाय। ϒ

Summer-Sun-kmsraj51आया मौसम गर्मी, लू का……

दोस्तों,
मई का महीना आ गया है और सूरज अपनी प्रखर किरणों की तीव्रता से संसार के जलियांश (स्नेह ) को सुखा कर वायु में रूखापन और ताप बढ़ा कर मनुष्यों के शरीर के ताप की भी वृद्धि कर रहा है।

गर्मी में होने वाले आम रोग – गर्मी में लापरवाही के कारण सरीर में निर्जलीकरण (dehydration), लू लगना, चक्कर आना, घबराहट होना , नकसीर आना, उलटी-दस्त, Sun-burn, घमोरिया जैसी कई diseases हो जाती हैं।

  • इन बीमारियों के होने में प्रमुख कारण – गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सर, नंगे पाँव धुप में चलना, तेज गर्मी में घर से खाली पेट या प्यासा बाहर जाना, कूलर या AC से निकल कर तुरंत धुप में जाना, बाहर धुप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना, सीधे कूलर या AC में बेठना, तेज मिर्च-मसाले, बहुत गर्म खाना, चाय, शराब इत्यादि का सेवन ज्यादा करना, सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना इत्यादि कारण गर्मी से होने वाले रोगों को पैदा कर सकते हैं।

हम कुछ छोटी-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रख कर ,इन सबसे बचे रह कर, गर्मी का आनंद ले सकते हैं।

उपचार से बचाव बेहतर होता है,है ना?

  • तो चलिए हम कुछ बचाव के तरीके जानते हैं –
  • गर्मी में सूरज अपनी प्रखर किरणों से जगत के स्नेह को पीता रहता है, इसलिए गर्मी में मधुर(मीठा), शीतल(ठंडा), द्रव (liquid) तथा इस्निग्धा खान-पान हितकर होता है।
  • गर्मी में जब भी घर से निकले, कुछ खा कर और पानी पी कर ही निकले, खाली पेट नहीं।
  • गर्मी में ज्यादा भारी (garistha), बासी भोजन नहीं करे, क्योंकि गर्मी में शरीर की जठराग्नि मंद रहती है। इसलिए वह भारी खाना पूरी तरह पचा नहीं पाती और जरुरत से ज्यादा खाने या भारी खाना खाने से उलटी-दस्त की शिकायत हो सकती है।
  • गर्मी में सूती और हलके रंग के कपडे पहनने चाहिये।
  • चेहरा और सर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये।
  • प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखना चाहिये।
  • बाजारू ठंडी चीजे नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये।
  • ठंडा मतलब आम(केरी) का पना, खस, चन्दन गुलाब फालसा संतरा का सरबत, ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी, मट्ठा, गुलकंद का सेवन करना चाहिये। इनके अलावा लोकी, ककड़ी, खीरा, तोरे, पालक, पुदीना, नीबू , तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये। शीतल पानी का सेवन , 2 से 3 लीटर रोजाना।
  • अगर आप योग के जानकार हैं, तो सीत्कारी, शीतली तथा चन्द्र भेदन प्राणायाम एवं शवासन का अभ्यास कीजिए ये शरीर में शीतलता का संचार करते हैं।

तो दोस्तों इन कुछ छोटी-छोटी बातो का ध्यान रख कर गर्मी की गर्मी से हम स्वयं को बचा सकते हैं।

Ayurvedic-Tips-in-Hindi-kmsraj51

अपनी सलाह और कमेंट्स ज़रूर शेयर करे…..

Post inspired by: http://www.achhikhabar.com/ (thanks a lot AKC & Mr. Gopal Mishra).

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2014 - KMSRAJ51 KI PEN SE ....., Health - KMSRAJ51 ki Pen Se, Health Tips Tagged With: 10 Home remedies, avoid heat - in Hindi, Ayurveda Tips in Hindi, Garmi se bachne ke gharelu upay, health & happiness, health & wealth, Health Articles In Hindi, Health In Hindi, Health Tips in Hindi, Hindi Health Tips, https://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, गर्मी से बचने के उपाय हिंदी में, गर्मी से बचने के घरेलू उपाय।, गर्मी से बचने के तरीके, घरेलू आयुर्वेद स्वास्थ्य सुझाव, लू से बचने के उपाय, शरीर की गर्मी दूर करने के आसान उपचार

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.