• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for सफलता के सरल सूत्र।

सफलता के सरल सूत्र।

जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते। ϒ

• जब टूटने लगे हौसला तो बस यह याद रखना बिना मेहनत के तख़्तों ताज नही होते।
ढूंढ लेना अंधेरों में अपनी मंजिल।
जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते॥

• कभी-कभी अपने आत्मसम्मान के लिये, कुछ रिश्तों से दूर ही रहना चाहिए।
उसे निभा कर क्या फायदा, जिधर कोई आपकी इज्जत तक ना करे॥

• छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता।
टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता॥

• बहते आँसुओं की ज़ुबान नहीं होती।
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नही होती॥
प्यार करे जो तुमसे क़दर करना उसकी।
क्योंकि किस्मत हर किसी पर मेहरबां नहीं होती॥

• पैसे से कभी सुख ख़रीदा नहीं जाता।
और दुःख का कोई खरीदार नहीं होता॥

• सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की क़दर करना।
वर्ना कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते-दिलाते॥

• जिंदगी एक एहसास है, जिंदगी तो तेरे पास है।
जो मिल गया वही अपना है, जो नहीं मिला वो सपना है।
मत गिनो जिंदगी के पल को जियो जिंदगी के हर पल को॥

• कोई भी समस्या में, कोई भी दुख में।
सिर्फ ईश्वर और समय सबसे महान चिकित्सक है॥

• इंसान जिंदगी में हमेशा दो चीज़ो से हारता है, पहला वक़्त और दूसरा प्यार।
वक्त किसी का नहीं होता और प्यार हर किसी से नही होता॥

• कौन किसको दिल में जगह देता है, पेड़ भी सूखे पत्ते को गिरा देता है।
वाकिफ है हम दुनिया के रिवाजो से, रूक जाये अगर साँसे, तो कोई अपना ही कोई अपने को जला देता है॥

• बहुत से गुणों के होने के बावजूद।
सिर्फ एक दोष सब कुछ नष्ट कर सकता है॥

• चिरागों की हिफाजत भला कौन कर सकता है।
जब कि वक्त तो रोज सूरज को भी बुझा देता है॥

• हर इंसान के अन्दर गुण भी हाेते है और अवगुण भी हाेते है क्योंकि हर कोई भगवान नहीं है।
हमेशा किसी के गुण देखने चाहिये, अवगुण नही, अवगुण अपने देखने चाहिये गुण दूसरों के॥

• मिट्टी से बना है हर इंसान, मिट्टी में ही मिल जायेगा।
इसलिए करले जग में सबसे मेल मिलाप और प्रेम॥
क्योंकि कब क्या हो जाएगा पता नहीं।
क्योंकि सब कुछ है हाथ में उस रब के॥

• जब कोई दिल दुखाये तो बेहतर है चुप रहना चाहिये।
क्योंकि जिन्हें हम जवाब नहीं देते, उन्हें वक्त जवाब देता है॥

• सारी जिंदगी रखा रिश्तों का भ्रम मैंने।
लेकिन सच तो यह है कि…
खुद के सिवा, इस दुनिया में कोई अपना नहीं होता॥

• खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते है।
हँसती आँखों में राज गहरे होते है॥
जिनसे अक्सर हम रूठ जाते है।
असल में उन्हीं से रिश्ते गहरे होते है।
वो दूर होने पर भी दिल के करीब रहते है॥

Comments कर जरूर बताये आपके लिए कौन सा Quotes – beneficial रहा।

I am waiting for your Comments.

©- विमल गांधी जी। ∇

Vimal Gandhi-kmsraj51
विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक Quotes और कविता साझा करने के लिए।

विमल गांधी जी के लिए मेरे विचार:

♣ “विमल गांधी जी” की Quotes और कविताआे के हर एक शब्द में अलाैकिक सार भरा हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। Quotes और कविताऐं छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन Quotes और कविताओं काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to become them selves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2017-Kmsraj51 की कलम से….., अनमोल वचन, सफलता के सरल सूत्र। Tagged With: best inspirational quotes, Comfort Zone से बाहर निकलें, cute quotes, Ghazal, keys to success, most popular positive quotes, Quotes, quotes on achievement of goals, Success Quotes, top success quotes, what is success in life, अनमोल वचन, गीत ग़ज़ल कविता

मन का एंटी-वायरस। 

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ मन का एंटी-वायरस। ϒ

सम्पूर्ण मन की शक्तियों को जागृत कर –
उसे सही तरीके से उपयोग कर, जीवन में सच्चे आनंद खुशी व पवित्रता का अनुभव करें।

जैसे कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर अपना काम निरंतर करता रहता है, भीतर की सफार्इ करता है और बाहर से अवांछित चीजों को कम्प्युटर में प्रवेश करने से रोकता है।

वैसे ही हमारे मन-मस्तिष्क में प्रभु भक्ति, आत्म-ज्ञान व् ध्यान और प्रभु सानिद्ध भी बुराइयों की सफार्इ करता है और बाहर से अवांछित बुराइयां और विकार के लिए प्रवेश निषेध कर देता है।

एक मंदिर है जहां साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। मैं रोजाना वहां मंदिर सेवकों को नियमित सफाई करते, पोछा लगाते देखता हूँ। निरंतर मंदिर प्रांगण में पौछा लगते रहने पर भी रोजाना पौछे का पानी काला एवं मैला हो जाता है, यानी मैल निकल ही आता है। मैनें कभी ऐसा नहीं देखा कि पोछे का पानी, पोछा लगने के बाद साफ रहा हो।

मैं वो दिन देखना चाहता हूँ जब पोछे के बाद पानी एकदम स्वच्छ दिखे (यानी कोई गंदगी नहीं निकले), पर यह संभव नहीं लगता।क्योंकि दिन भर मंदिर में दर्शनार्थी का, सामान-सामग्री का आना जाना लगा रहता है।

ऐसे ही हमारे मन में भी सभी प्रकार के संसारिक विचारों का निरंतर आना-जाना लगा रहता है और इससे गंदगी होता रहता है।

शुद्ध अवस्था(शुद्ध स्थिति) के मन को भी मैला होते देर नहीं लगता।

उदाहरण स्वरूप – आप देखें कि एक बच्चे की २-३ वर्ष की अवस्था में मन कितना शुद्ध और विकार रहित होता है, फिर हर बढ़ते वर्ष में अशुद्धि बढ़ती जाती है।

अपने से बड़ों को देखकर बच्चा झूठ बोलना सीखता है, अन्य बहुत सारी बुराइयां आती जाती रहती है।

अच्छार्इ को देखकर सिखने में और अच्छार्इ को अपने मन-मस्तिष्क में उतारने में बड़ा श्रम है पर बुराइयां बिना श्रम ही मन में उतर कर, चिपक जाते है।

अच्छाई को ग्रहण करना और बनाये रखना बड़ा कठिन है, पर बुराइयों को ग्रहण करना और अपनाये रखना बड़ा आसान है क्योंकि यह स्वत: होने वाली प्रक्रिया है, इसमें हमारे श्रम की आवश्यकता नहीं होती।

बुराइयां हमसे चिपके नहीं, इसकी सावधानी रखने में श्रम की जरूरत होती है, और जो बुराइयां हमारे मन-मस्तिष्क में वास कर रही हैं, उन्हें त्यागने में भी श्रम की जरूरत होती है।

इसलिए सबसे सरलतम उपाय है, सबसे सरलतम साधन है कि नित्य प्रभु भक्ति व ज्ञान-ध्यान के द्वारा प्रभु सानिद्ध में रहकर मन-मस्तिष्क को पोछते रहना, भक्ति- ज्ञान-ध्यान का पोछा लगाते हुए स्वच्छ रखना। प्रभु सानिद्ध की एक विलक्षण और अदभूत शक्ति है कि स्वत: ही हमारे मन-मस्तिष्क का शुद्धिकरण और सफार्इ करता रहता है।

बिलकुल वैसे ही – जैसे कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर अपना काम निरंतर करता रहता है, भीतर की सफार्इ करता है और बाहर से अवांछित चीजों को कम्प्युटर में प्रवेश करने से रोकता है।

वैसे ही हमारे मन-मस्तिष्क में प्रभु भक्ति व ज्ञान-ध्यान एवं प्रभु सानिद्ध भी बुराइयों की सफार्इ करता है और बाहर से अवांछित बुराइयां और विकार के लिए प्रवेश निषेध कर देता है।

विश्व के किसी भी व्यक्ति व अन्य वस्तु में सामर्थ्य नहीं, किसी भी चीज में इतनी ताकत नहीं कि वह हमारे मन-मस्तिष्क को शुद्ध कर सके।
यह ताकत – या सामर्थ्य सिर्फ और सिर्फ प्रभु सानिद्ध में ही है।

संसार में रहकर ऐसा दिन कभी भी नहीं आएगा कि हमारा मन मैला ही न हो। संसार तो हमेशा गंदगी देगा और प्रभु सानिद्ध से ही उसकी सफार्इ संभव है।

अशुद्ध विचार, अवांछित र्इच्छाओं, वासनाओं व् विकारो को मन-मस्तिष्क से दूर रखने का एकमात्र और सरलतम उपाय है – प्रभु की सच्चे मन से प्रभु की भक्ति….व ज्ञान-ध्यान और साधना करना जिससे प्रभु का सानिध्य सदैव ही प्राप्त हो।

प्रभु की भक्ति….व ज्ञान-ध्यान और साधना ही सर्व शक्तियों, सम्पूर्ण पवित्रता और सच्चे आत्मिक आनंद का स्त्रोत है।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2017-Kmsraj51 की कलम से….., प्रेरणादायक लेख।, मन की सकारात्मक ऊर्जा।, सफलता के कारगर सूत्र।, सफलता के सरल सूत्र। Tagged With: Anti-Virus of the Mind, Happy life quotes, Hindi Quotes, https://kmsraj51.com/, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Positive energy of the mind, Success life quotes, The positive energy of the mind, पवित्र 'सकारात्मक सोच', मन का एंटी-वायरस, मन का एंटी-वायरस।, सुखी जीवन का स्रोत - संपूर्ण पवित्रता।, हैप्पी लाइफ कोट्स

सुखी जीवन का स्रोत – संपूर्ण पवित्रता।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सुखी जीवन का स्रोत – संपूर्ण पवित्रता। ϒ

सर्व समस्याओं का केवल एक समाधान – संपूर्ण पवित्रता का पालन।

purity-kmsraj51

प्यारे दोस्तों – पवित्रता एक ऐसी पूंजी है जिससे हम सभी प्रकार के सुख ले सकते हैं। इस शक्ति से लाेगाें ने दुनिया में हर एक चीज़ काे अपने वश किया है। चाहे वाे प्रकृति हाे `या` प्रकृति का आकर्षण हाे। पवित्रता काे ही सुख और शांति की माता का दर्जा प्राप्त है। यदि आज काेई अपवित्र है ताे वह हर तरह से दुःखी हैं। पवित्रता की अग्नि विकाराें काे समूल नाश करने का माद्दा रखती हैं।

¤ पवित्रता ¤

पवित्रता काे शरीर मात्र के साथ नहीं जाेड़ना है, पवित्रता ताे मन की, तन की, धन की, समय की, संकल्पाें की भी है। शब्दों का उपयाेग तथा तथा कार्य आदि करने में भी पवित्रता का अमूल्य याेगदान है।

परमात्मा की श्रीमत के अनुसार पवित्र मनुष्य मन, वचन व कर्म तीनाे से पवित्र हाेगा। यहाँ तक कि स्‍वप्‍न और संकल्प में भी उसके किसी और के लिए बुरे भाव नहीं आएंगे। इसलिए ताे कहते हैं कि पवित्रता की परिभाषा बहुत सूक्ष्म है।

पवित्रता के कुुछ प्रकार ये हैं-

¤ मन की पवित्रता ¤

सदैव ईश्वर के श्रीमत प्रमाण ही संकल्प करना, शुभ भावना, शुभ कामना, दातापन की भावना सदैव स्व, दुसराें और विश्व प्रति श्रेष्ठ संकल्प ही करना।

लाभ – पवित्र मन सदैव श्रेष्ठ और कल्याणकारी ही संकल्प करता है जिससे Pure vibrations सारे विश्व में फैलते है जाे जीव-जन्तुओं और प्रकृति के लिए भी कल्याणकारी हैं।  वहीं विकारी मन, जाे विकाराें के वश हाेता है उससे नकारात्मक और अशुद्ध vibrations विश्व की तमाेप्रधानता काे और भी बढ़ाते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग के मुख्य कारणों में हमारे मानसिक एनर्जी का दूषित हाेना भी है। हमारे विचारों से ही समाज का निर्माण हाेता है। गैसाे के साथ हमारे मानसिक Wastes के कारण भी पर्यावरण प्रदूषित होता है।

¤ तन की पवित्रता ¤

ब्रह्मचर्य का पालन करने से हमें शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक लाभ हाेता है। जिससे हमारे जीवनद्रव्य की रक्षा हाेती है जाे Brain में निर्मित हाेता है। Brain की बहुत सारी ऊर्जा बच जाती है। फलस्वरूप हमारी आयु लम्बी हाेती है। ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले मानव सदा निराेगी और स्वस्थ्य हाेते हैं। उन्हें हर जगह मान-सम्मान और यश की प्राप्ति हाेती हैं।

¤ पवित्र भोजन ¤

जैसा अन्न वैसा मन। हमारे भाेजन का प्रभाव हमारे मन पर भी पड़ता है। तामसिक भाेजन मन काे विकारी बनाता है, वहीं शुद्ध सात्विक मन एक स्वस्थ शरीर और दाेनाें के निर्माण में सहायक है। सात्विक भाेजन से परमात्मा की शक्ति भी मिलती है, क्योंकि वाे परमात्मा की याद में बनाया जाता है। वहीं मांसाहार का सेवन या जंक फूड खाने से तन और मन दाेनाें काे हानि हाेती है, वहीं हम जीवहत्या के भी दाेषी बन जाते हैं।

¤ कर्माें की पवित्रता ¤

ज्ञान के सागर परमात्मा ने हमे कर्माें की गुहा गति का ज्ञान दिया है। साथ ही साथ हमें मास्टर त्रिकालदर्शी बन कर्म करने की प्रेरणा दी है। ईश्वर हमें सदैव अपने हर कर्म उनकाे समर्पित कर निमित्त भाव से कर्म करने काे बाेलते है, जिससे हम कर्माें के प्रभाव से बच जाते हैं। ईश्वर हमें कर्मयाेगी बनने की शिक्षा देते हैं। हमारे हर कर्म स्व और दूसराें प्रति कल्याणकारी हाें जिससे हमारा भविष्य उज्जवल बनता है। सत्कर्म से हमारे जमा का खाता बढ़ता है और ईश्वर के सहयाेगी बनकर हम अपना भाग्य श्रेष्ठ बना लेते हैं। परमात्मा हमें कर्माें में भी अहिंसा की सेवा देते हैं। न किसी काे दुःख देना न दुःख लेना। सदा दूसराें की सेवा कर दुआ का खाता बढ़ाना और सबकाे परमात्मा के बताये मार्ग पर चलने की शिक्षा देना। अपने Practical जीवन से परमात्मा काे प्रत्यक्ष करना ही हमारे आध्यात्मिक जीवन का उद्देश्य हाे। स्वपरिवर्तन से विश्वपरिवर्तन का लक्ष्य सहज ही हाे जाएगा और फिर से रामराज्य आ जाएगा।

लाभ – दूसराें की बदुआयें लेने से बचेंगे और नए कार्मिक Accounts अच्छे ही बनाएंगे।

¤ धन की पवित्रता ¤

दूसराें की दुआएं लेते हुए सदा मेहनत और ईमानदारी से ही धन अर्जित करेंगे और धन काे ईश्वरीय सेवा में लगाएंगे। कभी भी रहमदिल बन कुपात्र काे धन का दान नहीं करना जिससे बाेझा खुद पर आये। पवित्र धन घर में शांति और खुशहाली लेकर आता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि पवित्रता की धारणा से ही आत्मा अन्य गुणाें काे स्वत: ही धारण करने और अपने पावन बनने की राह पर अग्रसर हाे जाती है।

¤ विकाराें का परिवर्तित रूप ¤

काम:- काम विकार शुभ कामना के रूप में आपके पुरूषार्थ में सहयाेगी रूप बन जायेगा। काम के रूप में वार करने वाला शुभकामना के रूप में विश्व-सेवाधारी रूप बन जायेगा। दुश्मन के बजाए दोस्त बन जायेगा।

क्रोध:- क्रोधाग्नि रूप में जाे ईश्वरीय सम्पत्ति काे जला रहा है, जाेश के रूप में सबकाे बेहाेश कर रहा है, यही क्रोध विकार परिवर्तित हाे रूहानी जाेश वा रूहानी खुमारी के रूप में बेहाेश काे हाेश दिलाने वाला बन जायेगा। क्रोध विकार सहन-शक्ति के रूप में परिवर्तित हाे आपका एक शस्र बन जायेगा। जब क्रोध सहन-शक्ति का शस्र बन जाता है ताे शस्र सदैव शस्रधारी की सेवा अर्थ हाेते हैं। यही क्रोध-अग्नि, याेगाग्नि के रूप में परिवर्तित हाे जायेगी, जाे आपकाे नहीं जलायेगी लेकिन पापाें काे जलायेगी।

लोभ:- इसी प्रकार लाेभ विकार ट्रस्टी रूप की अनासक्त वृत्ति के स्वरूप में, उपराम स्थिति के स्वरूप में, बेहद की वैराग्य वृत्ति के रूप में परिवर्तित हाे जायेगी। लाेभ खत्म हाे जायेगा और सदा `चाहिए-चाहिए` के बदले `इच्छा मात्रम अविद्या` स्वरूप हाे जायेंगे। लाेभ काे चाहिए नहीं कहेंगे, लेकिन `जाइये`, `लेना है नहीं`, देना है, देना है` यह परिवर्तन हाे जायेगा। यही लाेभ अनासक्त वृत्ति वा देने वाला दाता के स्वरूप की स्मृति-स्वरूप में परिवर्तन हाे जायेगा।

माेह:- इसी प्रकार माेह विकार वार करने के बजाए स्नेह के स्वरूप में ईश्वर की याद और सेवा में विशेष साथी बन जायेगा। स्नेह `याद और सेवा` में सफलता का विशेष साधन बन जायेगा।

अहंकार:- ऐसे ही अहंकार विकार देह-अभिमान से परिवर्तित हाे स्वाभिमान बन जायेगा। स्व-अभिमान चढ़ती कला का साधन है। देहाभिमान गिरती कला का साधन है। देहाभिमान परिवर्तित हाे स्व-अभिमान के रूप में स्मृति-स्वरूप बनने में साधन बन जायेगा। इसी प्रकार यह विकार अर्थात विकराल रूपधारी आपकी सेवा के सहयाेगी, आपकी श्रेष्ठ शक्तियों के स्वरूप में परिवर्तित हाे जायेंगे। ऐसे परिवर्तन करने की शक्ति अनुभव करते हाे? इन तीन स्मृतियाें के आधार पर पाँचाे का परिवर्तन कर सकते हाे। 

काम के रूप में आये शुभ भावना बन जाए, तब माया-जीत जगत-जीत का टाइटल मिलेगा। विजयी, दुश्मन का रूप परिवर्तन ज़रूर करता है। जाे राजा हाेगा वह साधारण प्रजा बन जायेगा, तब विजयी कहलाया जायेगा। मंत्री हाेगा वह साधारण व्यक्ति बन जायेगा तब विजयी कहलाया जायेगा।

वैसे भी नियम है कि जाे जिस पर विजय प्राप्त करता है उसकाे बन्दी बनाकर रखते हैं, अर्थात गुलाम बनाके रखते हैं। आप भी इन पाँच विकाराें के ऊपर विजयी बनते हाे। आप इनकाे बन्दी नहीं बनाओ। बन्दी बनायेंगे ताे फिर उछलेंगे। लेकिन आप इन्हें परिवर्तित कर सहयाेगी स्वरूप बना दाे। ताे सदा आपकाे सलाम करते रहेंगे। विश्व-परिवर्तन के पहले स्व-परिवर्तन कराे। स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन सहज हाे जायेगा। परिवर्तन करने की शक्ति सदा अपने साथ रखाे। परिवर्तन-शक्ति का महत्त्व बहुत बड़ा हैं।

प्यारे दोस्तों – एक बात सदैव याद रखे – संपूर्ण पवित्रता का पालन करने वाला इंसान सहज रूप से असंभव काे भी संभव में परिवर्तित कर देता हैं। संपूर्ण संयमित व पवित्र जीवन जीना ही सच्चा जीवन जीना है। जीवन में संयम व पवित्रता हाेगी तभी शांति और ख़ुशी हाेगी। सच्ची शांति और ख़ुशी ताे संपूर्ण संयमित व पवित्र योगी जीवन से ही मिलेगी।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2016 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., सफलता के कारगर सूत्र।, सफलता के सरल सूत्र।, सुखी जीवन का स्रोत - संपूर्ण पवित्रता।

सफलता के लिए सरल फार्मूला।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सफलता के लिए सरल फार्मूला। ϒ

“Always think positive”
“Always cool mind”
“Always Re-search mind”
“Always think different than other people”
“Always remove our inner weakness”
“Always use formula Try–Try–Try–Try–Try = Success”
“So you are success in your Life.

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2013-KMSRAJ51, Formula for Success, POSITIVE THOUGHT`S - PAVITRA VEECHAR, अनमोल वचन, सफलता के सरल सूत्र। Tagged With: https://kmsraj51.com/, Inspirational Success Quotes, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, safalta ke sutra hindi, secret of success, success mantra in hindi, Success Quotes, success sutra in hindi, Success Sutra of life, The simple formula for success, कामयाब होने के तरीके, कामयाबी के सूत्र, सफल जीवन का रहस्य, सफलता के उपाय, सफलता के टिप्स, सफलता के मंत्र, सफलता के सूत्र।, सर्वत्र सफलता के उपाय

Primary Sidebar

Recent Posts

  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.