• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।

उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।

भाई से भाई का सच्चा स्नेह।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-KMS

ϒ भाई से भाई का सच्चा स्नेह। ϒ

BTA-KMSRAJ51

सेठ धर्मदास को फल खाने का बहुत शौक था। वो रोज तरह – तरह के फल खरीदते थे। एक दिन वो संतरे खरीद रहे थे कि अचानक खरीदते -खरीदते, उनका मन किया और उन्होंने एक फांक खायी, खाते ही वो दंग रह गये और उन्होंने विक्रेता से पूछा;???

क्या ये संतर विदेश से आये हैं? इतने स्वादिष्ट संतरे मैने कभी नहीं खाये।

विक्रेता ने बताया कि ये संतरे इसी शहर के हैं, और आज एक बूढा आदमी उसे बेच कर गया है।

सेठ जी, स्वाद का रहस्य जानने के लिए बूढ़े के पास गये और उनसे पूछा कि आपके संतरे के स्वाद का रहस्य क्या हैं?

बूढ़े व्यक्ति ने कहा: “भाई के प्रति भाई का प्यार।”

सेठ जी ने कहा वो कैसे मैं समझा नहीं।

तब बूढ़े व्यक्ति ने कहा कि ये पेड़ उसकी माँ ने लगाया था। उसके जन्म से पहले। जब माँ इस पेड़ में रोज पानी डालती थी तब मैं माँ से पूछता था।

“माँ तुम इस पेड़ में रोज पानी लगाती हो, इसका कितना ध्यान रखती हो, ये कौन है? इससे हमको क्या फायदा होगा?

तब माँ ने कहा बेटा – ये तेरा बड़ा भाई है। तू हमेशा इसका ख्याल रखना, इसको कभी ना काटना, ये तेरा साथ तब भी देगा जब तुझे अपने ठुकरा देंगे।”

तब से मुझे भी इस से प्यार हो गया और मैने इसे अपना बड़ा भाई माना और अपनी हर खुशी, हर गम इसके साथ साझा किया। समय बीतता चला गया, मैं अमेरिका चला गया और बहुत पैसा वाला बन गया, माँ और अपने इस भाई को भूल गया ।

मेरे दो बच्चे हुए, धीरे – धीरे समय ने चक्र चलाया, मुझे बिजनेस में घाटा हुआ, मेरे सब मित्र, पत्नी, बच्चे मेरा साथ छोड़ गये।

सब अपने – अपने शेयर बेच कर अलग हो गए।

मैंने अपनी सारी संपत्ति बेच कर कर्ज पटाया।

मैं अपनों के बेगानेपन, अकेलेपन, निराशा, हताशा से टूट गया।

फिर मुझे बचपन में माता की बात याद आई, मेरे पास यहाँ Return आने लायक पैसे बचे थे।

फिर मैं अपने इस टूटे – फूटे घर वापस आया, आते ही मैं अपने इस भाई से मिलकर खूब रोया। फिर मैंने इसकी देखरेख की और आज ये अपने छोटे, बूढ़े भाई को सहारा दे रहा है।

मेरे प्रति जो इसके अंदर प्यार है, वो इसके फलों में स्वाद बनकर आता है। मेरा ये भाई आज भी मेरे साथ खड़ा है।

सेठ जी ने मुड़कर देखा तो पेड़ स्वीकृति में हिल रहा था ।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2016 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., विमल गांधी जी।, हिंदी, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Kahani-हिंदी कहानी, Hindi Stories, https://kmsraj51.com/, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Stories, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, कहानियाँ हिंदी में।, कहानी, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, प्रेरणात्मक हिन्दी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, भाई से भाई का सच्चा स्नेह।, शैक्षिक हिन्दी कहानी संग्रह, हिंदी कहानियाँ, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिंदी में कहानियाँ।, हिन्दी कहानी संग्रह

काैन दोस्त व काैन दुश्मन।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-KMS

ϒ काैन दोस्त व काैन दुश्मन। ϒ

एक बार एक छोटी चिड़िया सर्दी में खाने की तलाश में उड़ कर जा रही थी, ठंड इतनी ज्यादा थी कि उससे ठंड सहन नही हुई और खून जम जाने से वो वहीं पर एक मैदान में गिर गयी…..

वहां पर एक गाय ने आकर उसके ऊपर गोबर कर दिया। गोबर के नीचे दबने के बाद उस चिड़िया को एहसास हुआ की उसे दरअसल उस गोबर के ढेर में गर्मी मिल रही थी। लगातार गर्माहट के एहसास ने उस छोटी चिड़िया को सुकून से भर दिया और उसने गाना गाना शुरू कर दिया।

वहां से निकल रही एक बिल्ली ने उस गाने की आवाज़ सुनी और देखने लगी की ये आवाज़ कहाँ से आ रही है। ….. थोड़ी देर बाद उसे एहसास हुआ की ये आवाज़ गोबर के ढेर के अंदर से आ रही है, उसने गोबर का ढेर खोदा और उस चिड़िया को बाहर निकाला और उसे खा गयी।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि…..

“आपके ऊपर गंदगी फेंकने वाला हर इंसान आपका दुश्मन नहीं होता।
और
आपको उस गंदगी में से बाहर निकालने वाला हर इंसान आपका दोस्त नहीं होता।“

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2016 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., Hindi Motivational Story !!, हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Stories, https://kmsraj51.com/, inspirational story in hindi, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Moral Stories in Hindi for kids, Motivational Story in Hindi, Short Hindi Stories, Short Hindi Stories for Kids, Stories, stories in hindi, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, कहानियाँ हिंदी में।, कहानी, कहानी-किस्से, काैन दोस्त व काैन दुश्मन।, नैतिक कहानी हिंदी में।, प्रेरणात्मक हिन्दी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, समान बल का प्रयाेग।, हिंदी कहानियाँ, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिंदी में कहानियाँ।

समान बल का प्रयोग।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-KMS

ϒ समान बल का प्रयोग। ϒ

UTSF-KMSRAJ51

गंगा तट पर एक संत अपने शिष्याें काे शिक्षा दे रहे थे, तभी एक शिष्य ने पूछा, “गुरुजी, यदि हम कुछ नया, कुछ अच्छा करना चाहते है, लेकिन समाज उसका विराेध करता है ताे हमे क्या करना चाहिए?

गुरुजी ने कुछ साेचा और बाेले “इस प्रश्न का उत्तर मैं कल दूंगा।”

अगले दिन जब सभी शिष्य नदी के तट पर एकत्रित हुए ताे गुरुजी बाेले, ताे आज हम एक प्रयोग करेंगे….. इन तीन मछली पकड़ने वाली डंडियाें काे देखाे, ये एक ही लकड़ी से बनी हैं और बिल्कुल एक समान हैं।”

उसके बाद गुरुजी ने उस शिष्य काे आगे बुलाया जिसने कल प्रश्न किया था। “पुत्र, ये लाे इस डंडी से मछली पकड़ाे।” ,गुरुजी ने निर्देश दिया। शिष्य ने डंडी से बंधे कांटे मे आंटा लगाया और पानी में डाल दिया। फाैरन ही एक बड़ी मछली कांटे में आ फंसी। जल्दी पूरी ताकत लगाकर बाहर की ओर खींचाे” गुरुजी बाेले।

शिष्य ने ऐसा ही किया, उधर मछली ने भी पूरी ताकत से भागने की काेशिश की। फलतः डंडी टूट गयी। “काेई बात नहीं; ये दूसरी डंडी लाे और पुनः प्रयास कराे।” गुरुजी बाेले। शिष्य ने फिर से मछली पकड़ने के लिए कांटा पानी में डाला।

इस बार जैसे ही मछली फंसी, गुरुजी बाेले, “आराम से एकदम हल्के हाथ से डंडी काे खींचाे।” शिष्य ने ऐसा ही किया, पर मछली ने इतनी ज़ाेर से झटका दिया कि डंडी हाथ से छूट गयी। गुरुजी ने कहा, “ओहहाे लगता है मछली बच निकली, चलाे इस आखिरी डंडी से एक बार फिर से प्रयत्न कराें।”

शिष्य ने फिर वही किया। पर इस बार जैसे ही मछली फंसी गुरुजी बाेले, “सावधान इस बार न अधिक ज़ाेर लगाओ न कम बस जितनी शक्ति से मछली खुद काे अंदर की ओर खींचे उतनी ही शक्ति से तुम डंडी काे बाहर की ओर खींचाे। कुछ ही देर में मछली थक जायेगी और तब तुम आसानी से उसे बाहर निकाल सकते हाे।” शिष्य ने ऐसा ही किया और इस बार मछली पकड़ मेें आ गयी।

“क्या समझे आप लाेग?” शिष्य गुरुजी ने बाेलना शुरु किया….. ये मछलियाँ उस समाज के समान हैं जाे आपके कुछ करने पर विराेध करता है। यदि आप इनके खिलाफ अधिक शक्ति का प्रयाेग करेंगे ताे आप टूट जायेंगे। यदि आप कम शक्ति का प्रयाेग करेंगे ताे भी वे आपकाे या आपकी याेजनाओं काे नष्ट कर देंगे। ….. लेकिन यदि आप उतने ही बल का प्रयाेग करेंगे जितने बल से वे आप का विराेध करते हैं ताे धीरे-धीरे वे थक जायेंगे….. हार मान लेंगे और तब आप जीत जायेंगे।

ताे प्रिय मित्रों,

इसलिए कुछ उचित करने में जब ये समाज आपका विराेध करे ताे समान बल प्रयाेग का सिद्धांत अपनाइये और अपने लक्ष्य काे प्राप्त कीजिये।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2016 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Stories, https://kmsraj51.com/, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, कहानियाँ हिंदी में।, कहानी, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, प्रेरणात्मक हिन्दी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, समान बल का प्रयाेग।, हिंदी कहानियाँ, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिंदी में कहानियाँ।

ईश्वर से सच्चा प्रेम।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-KMS

ϒ ईश्वर से सच्चा प्रेम। ϒ

गाँव की एक अहीर बाला दूध बेचने के लिये रोजाना दूसरे गाँव जाती। रास्ते में एक नदी पड़ती। नदी किनारे दूध का डिब्बा खोलती और उसमें से एक लोटा दूध निकालती। दूध के डिब्बे में एक लोटा पानी मिलाती और नदी पार के गाँव की ओर चल पड़ती दूध बेचने। यह उसकी रोज की दिनचर्या थी।

नदी किनारे एक वृक्ष पर संत मलूकदास जी जप माला फेरते हुऐ इस अहीर बाला की गतिविधियों को रोज आश्चर्य से देखा करते। एक दिन उनसे रहा नहीं गया और ऊपर से आवाज लगा ही दी।

बेटी सुनो।

हाँ – बाबा, बोलिये ना।

बुरा न मानो तो तुमसे एक बात पूछना चाहता हूँ।

पूछिये ना बाबा, आपकी बात भी कोई बुरा मानने की होती है क्या?

बेटी – मैं रोज देखता हूँ। तुम यहाँ आती हो। दूध के डिब्बे में से एक लोटा दूध निकालती हो और डिब्बे में एक लोटा पानी मिला देती हो। क्यों करती हो तुम ऐसा?

लड़की ने नज़रें नीची कर ली।

कहा – बाबा, मैं जिस गाँव में दूध बेचने जाती हूँ ना….. वहाँ मेरी सगाई पक्की हुई है। मेरे वो वहीं रहते हैं। जबसे सगाई हुई है मैं रोज एक लोटा दूध उन्हें लेजाकर देती हूँ। दूध कम न पड़े इसलिये एक लोटा पानी डिब्बे में मिला देती हूँ।

पगली तू ये क्या कर रही है?

कभी हिसाब भी लगाया है तूने? कितना दूध – पानी कर चुकी है अभी तक तू। अपने मंगेतर के लिये?

लड़की नें नज़रें तनिक उठाते हुऐ उत्तर दिया – बाबा, जब सारा जीवन ही उसे सौंपने का फैसला हो गया तो फिर हिसाब क्या लगाना? जितना दे सकी दिया… जितना दे सकूंगी देती रहूंगी।

मलूक दास जी के हाथ से माला छूट कर नदी में जा गिरी। उस अहीर बाला के पाँव पकड़ लिये उन्होंने। बोले – बेटी, तूने तो मेरी आँखें ही खोल दी। माला का हिसाब लगाते-लगाते मैंने तो जप का मतलब ही नहीं समझा। जब सारा जीवन ही उसे सौंप दिया तो क्या हिसाब रखना? कितनी माला फेर ली?

यह है वास्तविक प्रेम ईश्वर से …..

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2016 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Do not ruin things hindi story, Do not ruin things., Hindi Kahani-हिंदी कहानी, https://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Stories, Top 100 कहानियों का संग्रह, ईश्वर से सच्चा प्रेम।, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, कहानियों का संग्रह, कहानियों का संग्रह हिंदी में।, कहानियों का संग्रह।, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, प्रेरणात्मक हिन्दी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, शैक्षिक कहानियों का संग्रह हिंदी में।, शैक्षिक हिन्दी कहानियों का संग्रह।, शैक्षिक हिन्दी कहानी संग्रह, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिंदी में-शैक्षिक कहानियों का संग्रह।, हिन्दी कहानियों का संग्रह, हिन्दी कहानी संग्रह

वस्तुओं को बर्वाद ना करें।

Kmsraj51 की कलम से…..

Do Not Waste Things | वस्तुओं को बर्बाद ना करें।

Buddha became satisfied with the followers. He was happy that his disciple did not waste things.भगवान् बुद्ध के एक अनुयायी ने कहा – प्रभु!

मुझे आपसे एक निवेदन करना है।
बुद्ध : बताओ क्या कहना है ?

अनुयायी : मेरे वस्त्र पुराने हो चुके हैं। अब ये पहनने लायक नहीं रहे। कृपया मुझे नए वस्त्र देने का कष्ट करें।

बुद्ध ने अनुयायी के वस्त्र देखे, वे सचमुच बिलकुल जीर्ण हो चुके थे और जगह जगह से घिस चुके थे।

इसलिए उन्होंने एक अन्य अनुयायी को नए वस्त्र देने का आदेश दे दिए। कुछ दिनों बाद बुद्ध अनुयायी के घर पहुंचे।

बुद्ध : क्या तुम अपने नए वस्त्रों में आराम से हो ? तुम्हे और कुछ तो नहीं चाहिए?

अनुयायी : धन्यवाद प्रभु। मैं इन वस्त्रों में बिलकुल आराम से हूँ और मुझे और कुछ नहीं चाहिए।

बुद्ध : अब जबकि तुम्हारे पास नए वस्त्र हैं तो तुमने पुराने वस्त्रों का क्या किया?

अनुयायी : मैं अब उसे ओढने के लिए प्रयोग कर रहा हूँ ?

बुद्ध : तो तुमने अपनी पुरानी ओढ़नी का क्या किया?

अनुयायी : जी मैंने उसे खिड़की पर परदे की जगह लगा दिया है।

बुद्ध : तो क्या तुमने पुराने परदे फ़ेंक दिए ?

अनुयायी : जी नहीं, मैंने उसके चार टुकड़े किये और उनका प्रयोग रसोई में गरम पतीलों को आग से उतारने के लिए कर रहा हूँ।

बुद्ध : तो फिर रसॊइ के पुराने कपड़ों का क्या किया ?

अनुयायी : अब मैं उन्हें पोछा लगाने के लिए प्रयोग करूँगा।

बुद्ध : तो तुम्हारा पुराना पोछा क्या हुआ?

अनुयायी : प्रभु वो अब इतना तार – तार हो चुका था कि उसका कुछ नहीं किया जा सकता था। इसलिए मैंने उसका एक – एक धागा अलग कर दिए की बातियाँ तैयार कर लीं …. उन्ही में से एक कल रात आपके कक्ष में प्रकाशित था।

बुद्ध अनुयायी से संतुष्ट हो गए। वे प्रसन्न थे कि उनका शिष्य वस्तुओं को बर्वाद नहीं करता और उसमे समझ है कि उनका उपयोग किस तरह से किया जा सकता है।

मित्रों — आज जब प्राकृतिक संसाधन दिन – प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं ऐसे में हमें भी कोशिश करनी चाहिए कि चीजों को बर्वाद ना करें और अपने छोटे छोटे प्रयत्नों से इस धरा को सुरक्षित बना कर रखें।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari, etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी Tagged With: Do Not Waste Things, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, ‎कहानियां, कहानी-किस्से, जीवनी कहानियां, नैतिक कहानी हिंदी में, पंचतंत्र कहानियाँ, प्रेरणात्मक हिन्दी कहानी, बच्चों की कहानियाँ, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, शैक्षिक हिन्दी कहानी संग्रह, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिन्दी कहानी संग्रह

भगवान के दोस्त।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT-2016

ϒ भगवान के दोस्त। ϒ

एक बच्चा फटे पुराने जूतों के साथ प्लास्टिक की गेंद से खेल रहा था। लोगों को उसके जूते देखकर बहुत दुःख हुआ। तभी किसी सज्जन ने बाज़ार से नया जूता ख़रीदा और उसे देते हुए कहा “बेटा लो, ये जूता पहन लो”। लड़के ने फ़ौरन जूते निकाले और पहन लिए, उसका चेहरा ख़ुशी से दमक उठा था।

वो मेरी तरफ़ पल्टा और मेरा हाथ थाम कर पूछा  “आप भगवान हैं ? उसने घबरा कर हाथ छुड़ाया और कानों को हाथ लगा कर कहा – “नहीं बेटा, नहीं, मैं भगवान नहीं”। लड़का फिर मुस्कराया और कहा “तो फिर ज़रूर आप भगवान के दोस्त होंगे।

क्योंकि मैंने कल रात में ही भगवान से कहा था कि मुझे नऐ जूते दे-दें। 

“वो सज्जन मुस्कुरा दिया और उसके माथे को प्यार से चूमकर अपने घर की तरफ़ चल पड़ा।

अब वो सज्जन भी जान चुके थे कि भगवान का दोस्त होना कोई मुश्किल काम नहीं……॥

और हम…..??

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2016-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी Tagged With: Hindi Kahani-हिंदी कहानी, http://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, एक मासूम कहानी, एक मासूम कहानी कहानी, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, प्रेरणात्मक हिंदी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिन्दी प्रेरणादायक कहानी

ये समाज कभी ना छोड़े आपको।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ ये समाज कभी ना छोड़े आपको। ϒ

प्रिय पाठक मित्रों,

लोग सोचते है कि ये समाज के लोग क्या सोचेंगे?
जाे कार्य (कर्म) हम कर रहें हैं, अगर हम स्वयं उस कार्य से संतुष्ट नहीं हैं, ताे क्या सिर्फ समाज व दुनिया के लोगाे काे दिखावें के लिए काेई कार्य करना उचित हैं।

आजकल समाज के लोग एक-दूसरे का टांग(पैर) खिंचाई बहुत चतुराई के साथ करते हैं। स्वयं कार्य (कर्म) करके आगे बढ़ने कि नहीं साेचते, बल्कि यह साेचते है कि अगला(फ़लाना) Life में “मेरे से आगे कैसे बढ़ गया?” अब ताे इसकाे राेकना ही हाेगा, अर्थात इसकी टांग(पैर) खिंचाई कर नीचे गिराकर अपने बराबर लाना हैं।

प्रिय मित्रों,, आज मैं आप सभी से एक कहानी Share कर रहा हुँः  “ये समाज कभी ना छोड़े आपको।”

कहानी कुछ इस तरह से हैं …..   ∼ एक बार एक किसान अपने बेटे(पुत्र) के साथ बाहर किसी गाँव-देहात से आ रहा था और साथ में एक गधा (donkey) भी था। पिता और पुत्र दोनों अपनी मस्ती में धुन गीत गाते-गुनगुनाते चलें आ रहें थे। तभी रास्ते में एक तिराहे पर कुछ लाेग खड़े हुऐ मिलते है, जब पिता और पुत्र गधे के साथ उनके सामने से गुजरते है तब वहाँ खड़े लाेग आपस में बात करने लगते है कि “दोनों कितने बड़े मूर्ख है साथ में गधा है फिर भी पैदल जा रहें हैं।”

उनकी बातें सुनकर, पिता और पुत्र दोनों गधे के ऊपर बैठकर जाने लगें। अभी कुछ ही दुर आगे बढ़े थे कि एक जगह फिर से कुछ लाेग खड़े दिखाई दिये – जब पिता और पुत्र उनके सामने से गुजरते है तब आपस में सब एक-दुसरे से बात करने लगते है कि “देखाें दोनों कितने बड़े निर्दयी है एक गधे पर दोनों सवार है।” 

उनकी बातें सुनकर, पिता गधे से उतर कर पैदल ही चलने लगता है। कुछ और दुर आगे बढ़ने पर फिर से एक जगह पर कुछ लाेग खड़े दिखाई देते हैं, जब पिता और पुत्र उनके सामने से गुजरते है तब आपस में सब एक-दुसरे से बात करने लगते है कि देखाें क्या ज़माना आ गया है “बेटा कितना निर्दयी है खुद ताे गधे पर बैठा हैं और अपने पिता काे पैदल चलवा रहा हैं।”

उनकी बातें सुनकर, अब पुत्र गधे से उतर कर अपने पिता काे गधे के ऊपर बैठा कर, खुद पैदल ही चलने लगता है। थाेड़ा और दुर आगे बढ़ने पर फिर से एक जगह पर कुछ लाेग खड़े दिखाई देते हैं, जब पिता और पुत्र उनके सामने से गुजरते है तब सभी आपस में एक-दुसरे से बात करने लगते है कि देखाें “पिता कितना निर्दयी है खुद ताे गधे पर बैठा हैं और अपने पुत्र काे पैदल चलवा रहा हैं।”

उनकी बातें सुनकर, अब पिता भी गधे से उतर कर पैदल ही चलने लगा। अर्थात अब पिता और पुत्र दोनों ही गधे काे साथ में लिए पैदल ही चलने लगे।

थाेड़ा और दुर आगे बढ़ने पर फिर से एक जगह पर कुछ लाेग खड़े दिखाई देते हैं, जब पिता और पुत्र उनके सामने से गुजरते है तब सभी आपस में एक-दुसरे से बात करने लगते है कि देखाें: …..

“दोनों कितने बड़े मूर्ख है साथ में गधा है फिर भी दोनों पैदल जा रहें हैं।”

प्रिय मित्रों, अब ताे आप सभी काे समझ आ ही गया हाेगा कि “क्या करना उचित हैं।” और “क्या अनुचित करना हैं।” 

∗ सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग। ∗

हमेशा याद रखें ¤ आपके शरीर काे चलाने वाली आत्मा कि तीन मुख्य शक्तियां हैं, “मन, बुद्धि और संस्कार।” बुद्धि निर्णय करने का कार्य करती हैं। अर्थात – बुद्धि अपने आप में बहुत बड़ी जज हैं, “बुद्धि रूपी जज काे सदैव समय प्रमाण निर्णय करने में उपयोग करें।”

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Kahani-हिंदी कहानी, Hindi Story. कथा सागर हिन्दी साहित्य, https://kmsraj51.com/, Kids Motivational Story in Hindi, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Read Largest Collection of Hindi Stories, stories for kids, The society will never leave you.", उत्साह-वर्द्धक कहानी हिन्दी में।, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, पढ़े शैक्षिक कहानियों का सबसे बड़ा संग्रह।, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए कहानियाँ हिन्दी में।, बच्चों के लिए कहानियों का सबसे बड़ा संग्रह।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, ये समाज कभी ना छोड़े आपको।, शैक्षिक हिन्दी कहानी संग्रह, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिन्दी कहानियों का सबसे बड़ा संग्रह।, हिन्दी कहानी संग्रह

« Previous Page

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.