• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for hemraj thakur poems

hemraj thakur poems

तुम क्या हिन्द बनाएंगे।

Kmsraj51 की कलम से…..

Tum Kya Hind Banaenge | तुम क्या हिन्द बनाएंगे।

अंग्रेजी को बढ़ावा देने वालो, तुम क्या हिन्द बनाएंगे?
तुम्हारी रग-रग से वाकिफ हम, पछुआ रीत बढ़ाएंगे॥

हिन्दुस्तान में रह कर जो भी, हिन्दी की बात चलाएंगे।
राष्ट्र हित के रथ को असल में, वही ही सही चलाएंगे॥

अब जाग चुका है हर भारतवासी, कितना बुद्धू बनाएंगे?
हिन्दी में कर भाषण अपना, अंग्रेजी का जाल बिछाएंगे॥

वे चले गए हैं सैंतालीस के, जिनकी भाषा तुमको प्यारी है।
पचहत्तर सालों में न भूले उनको, वाह! जी कैसी यारी है?

अब तो छोड़ो मोह पछुआ से, राष्ट्र की बात को आगे करो।
जाति धर्म के बिखरे मानकों में, प्रेम – एकता के धागे भरो॥

भाषा वैविध्य का लाभ उठाकर, भारत को न परेशान करो।
राम कृष्ण की जाया भूमि, इस पर कुछ तो एहसान करो॥

संस्कृति सभ्यता की लुटिया डुबाने में, न यारो सहयोग करो।
निज राष्ट्र का गौरव उन्नत कर, राष्ट्र की रीत का भोग करो॥

मौंसी के घर की ठाठ में खोकर, मां का यूं न तिरस्कार करो।
मां तो मां ही होती है जी, कुछ तो लाज शर्म स्वीकार करो॥

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — राष्ट्र धर्म ही हमारे लिये तो सर्वोपरि है। राष्ट्र आराधना सबसे बड़ी ईश भक्ति है।। राष्ट्र धर्म से हमारी तो सांसे चल रही है। अंग्रेजी को बढ़ावा देने वालो भला तुम सब क्या हिन्द बनाएंगे? हम सब तुम्हारी रग-रग से वाकिफ है, तुम आगे भी पछुआ रीत बढ़ाएंगे। हम सभी अब जानते है की हिन्दुस्तान में रह कर जो भी, हिन्दी की बात चलाएंगे, असल में राष्ट्र हित के रथ को वही सही चलाएंगे। अब जाग चुका है हर भारतवासी, कितना बुद्धू बनाएंगे? हम सभी को, अब हिन्दी में कर भाषण अपना, अंग्रेजी का जाल बिछाएंगे। कितनी शर्म की बात है वे तो चले गए हैं सैंतालीस के ही, जिनकी भाषा तुमको अभी तक प्यारी है। पचहत्तर सालों में न भूले उनको, वाह! जी कैसी यह यारी है? अब तो छोड़ो प्यारे मोह पछुआ से और राष्ट्र की बात को आगे कर, जाति धर्म के बिखरे मानकों में, प्रेम – एकता के धागे भरो व आगे बढ़ो। भाषा वैविध्य का लाभ उठाकर, भारत को न परेशान करो। राम कृष्ण की जाया भूमि, इस पर कुछ तो एहसान करो तुम। संस्कृति सभ्यता की लुटिया डुबाने में, न यारो सहयोग करो और निज राष्ट्र का गौरव उन्नत कर, राष्ट्र की रीत का भोग करो प्यारों।मौंसी (अंग्रेजी) के घर की ठाठ में खोकर, मां का यूं न तिरस्कार करो। मां तो मां ही होती है जी, कुछ तो लाज शर्म स्वीकार करो। जय हिन्द!

—————

यह कविता (तुम क्या हिन्द बनाएंगे।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर की कविताएं Tagged With: Best राष्ट्रधर्म Quotes Status Shayari Poetry & Thoughts, hemraj thakur, hemraj thakur poems, tum kya hind banaenge, तुम क्या हिन्द बनाएंगे, तुम क्या हिन्द बनाएंगे - हेमराज ठाकुर, राष्ट्रधर्म की राह बताती कविता, राष्ट्रधर्म पर कविता, राष्ट्रधर्म सर्वोपरि, हिंदी कविता संग्रह - तुम क्या हिन्द बनाएंगे, हिन्दी कविता - तुम क्या हिन्द बनाएंगे, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

ये तो नाइंसाफी है।

Kmsraj51 की कलम से…..

This is Unfair | ये तो नाइंसाफी है।

बेतरतीब भभकती एक आग को देखा,
उसमें सुलगते नफरत के अंगारे देखे।
हिन्दू – मुस्लिम की उसमें ज्वालाएं देखी,
फिर भी लोगों में आपसी भाईचारे देखे।

कुछ लोग लगे हैं बस सत्ता के लोभ में,
सियासी घी डालकर लपटें भड़काने में।
विविधता में एकता का है मुल्क हमारा,
एक वर्ग लगा है सबको यह समझाने में।

कोई जाति – धर्म के तूफान है उड़ाता,
नफ़रत की लपटें और तेजी से भड़के।
फिर भी खड़ा मजबूती से भारत कैसे?
दुश्मनों के सोच में जैसे प्राण ही लटके।

कई लगे हैं समता की बरसात बरसाने,
वे चले हैं नफरतों की आग बुझाने को।
एक कुनबा भीतर ही भीतर ऐसा भी है,
जो लगा है राष्ट्र हित के मुद्दे दबाने को।

सत्ता समर में गुनहगारों को है मिलती,
हमेशा हम सबने देखी यारो माफ़ी है।
बेगुनाहों को सियासी चाल में फंसाना,
आजाद भारत में ये तो नाइंसाफी है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — आजकल के कुछ सियासी लोग अपनी जेब भरने के लिए दिखावटी फिक्रमंद बनकर जनता के बीच नफरत फैला रहे है, और आपस में सभी को लड़ा रहे है। हम भारत वासी है, अनेकता में एकता ही हमारी पहचान है। जिस भी भारतीय के अंदर देश प्रेम नहीं वह भारत देश के लिए नासूर के समान है, ऐसे ही लोग आगे चलकर सियासी पद पर पहुंचकर बाहर के देशो में जाकर अपने भारत देश की बुराई करते हैं। हमे ऐसे लोगों को पहचान कर इनके कहे में बिलकुल भी नहीं आना है, क्योकि ऐसे लोग हमे आपस में लड़ाकर अपनी ज़ेब भरते है, हमे ऐसे लोगों से सदैव ही सावधान रहना चाहिए। हम सभी को आपस में मिलजुलकर अपने भारत देश की उन्नति में हमेशा योगदान देना चाहिए, तभी अपना देश तेज गति से आगे बढ़ेगा। जय हिन्द!

—————

यह कविता (ये तो नाइंसाफी है।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, poem on dirty politics in hindi, this is unfair, गंदी राजनीति - Gandi Rajniti, गन्दी राजनीति स्टेटस, चुनाव व्यंग्य कविता, चुनावी मौसम पर कविता, चुनावी हथकंडे पर कविता, बेशर्म राजनीति शायरी, बेशर्म राजनीति शायरी हिंदी में, ये तो नाइंसाफी है, वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर - ये तो नाइंसाफी है, हेमराज ठाकुर की कविताएं

खो जाने दो।

Kmsraj51 की कलम से…..

Kho Jaane Do | खो जाने दो।

खो जाने दो हमें गुमराहियों के अंधेरे में,
वाहवाहियों की हमें कोई दरकार नहीं।
नहीं चाहिए हमें ऐसी ख्याति विख्याती,
लोक मंगल का हो जिसमें विचार नहीं।

कहां खोए रहे हर क्षण छिछले से शब्द न्यास में,
बेकार वह बात जिसमें गरिमा का अधिभार नहीं।
नफरत भली है उस दिखावटी प्रेम से भी कहीं,
जिसमें हकीकत का हो लेश मात्र भी दीदार नहीं।

सजानी नहीं है जिन्दगी की महफिलें हमें,
खुशामदी के रंग बिरंगे बनावटी फूलों से।
फिल्मी किरदारी प्रेम की है चाह ही कहां?
जिन्दगी जीना चाहते हैं प्यार के उसूलों से।

कमबख्त यह जीवन भी बदलता है रंग,
हर रोज बस मौसम के मिजाज की भांति।
सुकून से जीने ही नहीं देता है किसी को भी,
जिन्दगी की उहापोह में है ही कहां शान्ति।

रंगीनियों की तलबगार रही है हमेशा से,
छिछोले से पन की वह मदहोश वासना।
प्रेम पूजा है, जरूरत है, रहम है, इबादत है,
प्रेम तो खुद ही है उस खुदा की उपासना।

सब जानते हैं लोग, लेकिन फिर भी न जाने क्यों?
जहां में नफरतों और वासनाओं का जहर घोलते हैं।
जिधर भी देखो उधर ही एक अजीब सी मदहोशी है,
अब तो लोग प्रेम को भी रूप और दौलत से तोलते हैं।

बस एक अजीब सी घुटन है हर किसी के भीतर,
बिरले ही है कोई जो दिल का हर राज खोलते हैं।
है अधूरे प्रेम की आज भी लाखों कहानियां यहां,
पर मजाल है कि कोई किसी से कुछ बोलते हैं।

गुजर जाती हैं जिन्दगियां सच्चे प्रेम की तलाश में,
नसीब कहां? मिल जाए तो खुद को खो जाने दो।
मन मसोसकर घुट – घुट के जीने से बेहतर तो यह है,
कि खुद को खुदा की इबादत से प्रेम में रो जाने दो।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — दिखावटी वाहवाहियों की हमें कोई दरकार नहीं है, नहीं चाहिए हमें ऐसी ख्याति विख्याती, लोक मंगल का हो जिसमें विचार नहीं। ये सच है की नफरत भली है उस दिखावटी प्रेम से भी कहीं, जिसमें हकीकत का हो लेश मात्र भी दीदार नहीं। सजानी नहीं है जिन्दगी की महफिलें हमें, खुशामदी के रंग बिरंगे बनावटी फूलों से। हमें फिल्मी किरदारी प्रेम की है चाह ही कहां? हम जिन्दगी जीना चाहते हैं प्यार के उसूलों से। आज का मानव दहोश वासना में है, जबकि उसे जरुरत है प्रेम, स्नेह व भक्ति-भजन की, हम सब जानते है की प्रेम ईश्वर का ही रूप है। सब जानते हैं लोग, लेकिन फिर भी न जाने क्यों? जहां में नफरतों और वासनाओं का जहर घोलते हैं। जिधर भी देखो उधर ही एक अजीब सी मदहोशी है, अब तो लोग प्रेम को भी रूप और दौलत से तोलते हैं। बस एक अजीब सी घुटन है हर किसी के भीतर, बिरले ही है कोई जो दिल का हर राज खोलते हैं। गुजर जाती हैं जिन्दगियां सच्चे प्रेम की तलाश में, नसीब कहां? मिल जाए तो खुद को खो जाने दो।

—————

यह कविता (खो जाने दो।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, motivational poem in hindi, खो जाने दो, खो जाने दो - हेमराज ठाकुर, जीवन की सीख कविता, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, प्रेरणादायक हिंदी कविता संग्रह, बेहतरीन मोटिवेशनल कविताएँ, युवाओं के लिए प्रेरणादायक कविता, सीख देने वाली कविता, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

वासनाओं की आजादी।

Kmsraj51 की कलम से…..

Freedom Of Lust | वासनाओं की आजादी।

आशाओं के सब भंवर टूट गए,
तट विहीन हो रही मोह नदियां।
तृष्णाओं के जाले फैंक फैंक कर,
पकड़ रहे हैं विकारों की मछियां।

झुरमुट बन मद झाड़ है उपज रहे,
दब रही है जिनमें ज्ञान की फसलें।
प्रेम की खाद अब मिलती कहां है?
वासना रसायन में उलझे सब मसले।

फरिश्ते तो हो गए हैं दूर की कौड़ी,
रिश्ते ही नित निरन्तर जर्जरा रहे हैं।
प्रेमी प्रेमिका के तो भला क्या कहने?
भाई – बहन मदहोशी में सठिया रहे हैं।

छल छदम तो होते सदियों से आए हैं,
बेशर्मी तो इस युग में देखो आई नई है।
न बच्चों में तहजीब पहनावे बरतावे की,
न अभिभावकों में आज वह शेष रही है।

फिर कहते हैं क्यों टिकते नहीं रिश्ते?
यह प्रश्न तो शायद आज बेईमानी है।
शादी से पहले ही संबंधों को बनाना,
वासनाओं को प्रेम समझना नादानी है।

हम मानव हैं, समझते क्यों नहीं?
क्यों पशु की नकल सब करते हैं?
वासनाओं की आजादी, अमर्यादी,
निज पद में कुठाराघात क्यों करते हैं।

विकारों को समझना स्वर्ग से बढ़ कर,
वासनाएं ही क्यों पीयूष सी लगती है?
इनकी प्यास कहां बुझती है किसी की?
ये तो युगों युगों से यूं ही बस भभकी है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — आजकल समाज में आधुनिकता के नाम पर इंसान कितना गिर गया है वासनाओं के गर्त में? जिस्म की भूख में सब मर्यादाओं को भूल गया है आज का दानवी मानव क्यों? शादी से पहले ही संबंधों को बनाना और वासनाओं को ही प्रेम समझना नादानी है। हम मानव हैं, समझते क्यों नहीं? क्यों पशु की नकल सब करते हैं? वासनाओं की आजादी, अमर्यादी, निज पद में कुठाराघात क्यों करते हैं सभी? प्रेमी प्रेमिका के तो भला क्या कहने? भाई – बहन मदहोशी में सठिया रहे हैं आजकल। बेशर्मी तो इस युग में देखो आई नई है, न बच्चों में तहजीब पहनावे बरतावे की और न अभिभावकों में आज वह शेष रही है लाज – शर्म। वासनाओं के कारण मनुष्य का व्यक्तित्व सडऩे लगता है और काम वासना में बुरे से बुरा कर्म कर रहा है आज का जानवर से भी गया गुजरा मानव। विषयासक्ति की दुर्गंध हमारे व्यक्तित्व को इस तरह ढांप लेती है कि हम दानव बन जाते है। वासना पूरी तरह से यौन आकर्षण पर आधारित है, जबकि प्रेम भावनात्मक इच्छा पर।

—————

यह कविता (वासनाओं की आजादी।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Freedom Of Lust, hemraj thakur, hemraj thakur poems, Hindi Poems, जिस्म की भूख - आजकल का प्यार, जिस्म की भूख क्यों?, वासना और सच्चे प्रेम में अंतर, वासनाओं की आजादी, वासनाओं की आजादी - हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

बचपन।

Kmsraj51 की कलम से…..

Childhood | बचपन।

काश! लौट आते वे बचपन के दिन आज,
जिसमें, दादी चूमती भालों को।
माता, लोरी गा कर सहज सुलाती,
बहना, चटकारी देती गालों को।

वह बाबुल की बाहों का झूला होता,
सागर समझता नदी और नालों को।
कोरे कागज की वह कश्ती होती,
खेलता, काठ के कृपाण और भालों को।

माँ डांटती, मैं रुस कर छुप जाता,
आँगन में बाबुल की पीठ के पीछे।
माँ खंगालती, घर का कोना – कोना,
दादी देखती, हर पलंग के नीचे।

बाबा, मौन रह देते, साथ मेरा तब,
गमछे से ढांपते, ताकि तनिक न दिखे।
बहना खोलती, भ्रातृ भेद सारा तब,
माँ झुंझलाती, अच्छा! तो ये तुम्हारी सीखें?

काश! मिट्टी के वे घरौंदे होते,
बनाता, मिटाता, फिर से बनाता।
किशोर पड़ोसिन कमला की चुगली,
तोतली आवाज में दादा से लगाता।

डांट पड़ती देख दादा से उसको,
मेरा रूआंसा सा चेहरा, फिर से खिलखिलाता।
काश! लौट आते वे बचपन के दिन आज,
जिंदगी जीने का बड़ा मजा आता।

आज न जाने क्या हो गया ये?
आलीशान बंगलों का सुख भी न भाता।
आंगन में लगे हुए झूले पर झूल कर भी,
वह बाबुल की बाहों सा चैन न आता।

काश! हुआ न होता बड़ा अगर मैं,
तो आज ये बचपन का भाव न सताता।
आज है भार सब अपने ही कंधों पर,
जो उठाया करते थे, तब मेरे पिता और माता।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — बचपन जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। बचपन में इतनी चंचलता और मिठास भरी होती है कि हर कोई फिर से बचपन को जीना चाहता है। बचपन में वह धीरे-धीरे चलना, गिर पड़ना और फिर से उठना। मेरे बचपन में पिता के द्वारा डांटने पर हम अपनी मां के आंचल में जाकर छुप जाया करते थे। मां की लोरियां सुनकर मुझे अच्छी नींद आती थी। दादा – दादी का वह प्यार व अपनापन भुलाया नहीं जाता। वह समय बहुत ही खुशी देने वाला होता था। बचपन मानो स्वर्ग का एक नगरी है जहाँ से हमे निकलने का मन ही नहीं करता। बचपन ही वो समय होता है जहाँ हमे कोई रोक-टोक नहीं करता। पूरी दुनिया एक तरफ और हम एक तरफ होने लगते है। जब हम एक बच्चे होते है, तब हमें अपने बचपन का कोई महत्व नहीं समझ आता। लेकिन जब हम लोग बड़े होते जाते है, तब हमें अपने बचपन का महत्व समझ आता है। बचपन हर व्यक्ति के जीवन का मौज मस्ती से भरपूर एक अहम हिस्सा होता है। मेरा बचपन बहुत ही सुहावना रहा और मेरा बचपन गाँव में ही बीता है। बचपन में बच्चे अनुकरण प्रिय होते हैं. वे जैसा देखते हैं, सुनते हैं, वैसा ही करने के लिये प्रयासरत हो जाते हैं। बचपन में बच्चे के व्यक्तित्व का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। अर्थात जीवन के परे विकास का तिहाई विकास बचपन में ही पूर्ण हो जाता है।

—————

यह कविता (बचपन।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Bachpan Par Kavita, Best Poem On Childhood in Hindi, hemraj thakur, hemraj thakur poems, Hindi Poems on Bachpan, बचपन, बचपन - हेमराज ठाकुर, बचपन पर कविता | Childhood Bachpan Poem In Hindi, बचपन पर कविता हिंदी में, बचपन पर लाज़वाब कविताएं, भोला मासूम बचपन, हेमराज ठाकुर

मेरे वतन की।

Kmsraj51 की कलम से…..

Mere Vatan Ki | मेरे वतन की।

मेरे वतन की माटी की खुशबू, सुबह – शाम जिसे जब आती है।
मन हो उठता है बाग – बाग सा, रूह होती तब मदमाती है।

यह भक्ति – मुक्ति की पावन धरा है, राम – कृष्ण को जनाती है।
गंगा – यमुनी तहजीबों को, यह भूमि खुद पर ही तो बहाती है।

धर्म अनेक यहां नाना भाषाएं, कई कुल कुनबे, कई जाति है।
सीधा सादा मानुष यहां का, विश्व पटल पर जिसकी ख्याति है।

दादुर, म्यूर, पपिहरा के शोर और कोयल काली मीठा जब गाती है।
भारत देश की धरती सचमुच, हर्षित हो फूली न तब समाती है।

शीतल पवन जब हवा के झोंको से, धूल धारा से अम्बर में उड़ाती है।
यूं लगता है मानो भारत की भूमि, मस्ती में होली का पर्व मनाती है।

रिमझिम बारिश की शीतल बूंदें, सिंचित करती यहां की जब माटी है।
उग आती है तब नाना फसलें, भारत की जनता उन्हे तब खाती है।

छा जाए कभी संकट के बादल तो, वीर बिरादरी सर अपना जब चढ़ाती है।
बुंदेले हर बोलों की भांति फिर गौरव गाथा, जनता उनकी तब गाती है।

प्रेम करुणा की प्रवाहक यह भूमि, हमेशा विश्व में शान्ति ही चाहती है।
नाहक इसको छेड़े जो कोई, फिर तो दुश्मन की ईंट से ईंट बजाती है।

जय बोलो भाई जय बोलो सब, मां भारती के पावन आंचल की।
जय बोलो भाई जय बोलो सब, उतर, दक्षिण, पश्चिम और पूर्वांचल की।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — धर धरा,धरती, वसुंधरा, भारत भूमि। ऐसी सबकी प्यारी, भारत भूमि। ॠषी मुनियों, संतो तपस्वीयों की तपोभूमि। ऐसी सबकी, प्यारी भारत भूमि। भारत की धरती, खेत, पहाड़, जंगल, झरने आदि तो उसके अंग हैं। हालांकि, वास्तव में भारतमाता तो भारत की सम्पूर्ण जनता ही हैं, जो पूरे देश में बसी हुई हैं। यह मातृभूमि हमारी जन्मभूमि है, अगर यह नहीं तो मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं होता। भारतभूमि की अनोखी सुंदरता को निहारने के लिए पर्यटक दूर देशो से आते है। मातृभूमि के साहित्य और संस्कृति पर ही हमारे संस्कार निर्भर करते हैं। मातृभूमि स्वर्ग के समान है और इसकी तुलना किसी अन्य स्थान से नहीं की जा सकती है। भारत को ‘माता’ कहकर संबोधित करने का श्रेय बंगला लेखक किरण चंद्र बनर्जी को भी जाता है। 1873 में इनके नाटक ‘भारत-माता’ में भारत के लिए ‘माता’ शब्द का प्रयोग किया गया था। आज़ादी से पहले बंगाल में दुर्गा पूजा लोगों को एकजुट करने और स्वराज (आजादी) पर चर्चा करने का एक माध्यम बनी हुई थी। भारत को मातृदेवी के रूप में चित्रित करके भारत माता या ‘भारतम्बा’ कहा जाता है। भारतमाता को प्राय नारंगी रंग की साड़ी पहने, हाथ में तिरंगा ध्वज लिये हुए चित्रित किया जाता है तथा साथ में सिंह होता है। जिन्होंने भी भारत माता के लिए अपनी जान न्योक्षावर की वो मर कर भी अमर हो गए। आजादी के समय भारत माता के लिए अपनी जान कुर्बान करने की लिए वीरों ने एक पल भी नहीं सोचा।

—————

यह कविता (मेरे वतन की।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, kavi hemraj thakur poems, भारत देश पर कविता, भारत पर देश भक्ति की कविता, भारत पुण्यभूमि यह - कविता, भारत भूमि, भारत भूमि पर कविता, भारत माता पर कविता, मेरे वतन की, मेरे वतन की - हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

सैन्य कार्रवाई।

Kmsraj51 की कलम से…..

Military Action | सैन्य कार्रवाई।

उत्तुंग शिखर नीरव हिमालय की वादियां,
भय खाकर कोलाहल से घबराती है।
ये टोली दर टोली भीड़ उमड़ती,
हिमालय में क्या करने आती है?

सरहदी सीमाओं को आज सजाने,
सैन्य टुकड़ियां धड़ाधड़ जाती है।
रोम – रोम में उनके रंगत निखरी,
स्वधर्म – हर्ष गर्व से चौड़ी छाती है।

सैनिक कहता दूसरे से प्रियवर,
चल, मां भारती हमें बुलाती है।
शौर्य सिमटता कदमों में उनके,
चंचल चालें तो है ही मदमती है।

मदहोश है ऐसे देश प्रेम से,
मानों, मित्र विवाह के बराती है।
गूंज उठती है घाटियां तब जब,
आवाजें उनकी झुंझलाती है।

थरराती है रूहें अरी की,
बुद्धि भी विक्षिप्त सी हो जाती है।
सीना ठोक जब वीर जवानों की ,
गर्जना रौरव – रौद्र मचाती है।

लहलाती श्यामल फैसले जैसे ,
मौसम के साथ, खेतों में उग आती है।
है वही नजारा सीमा पे आज तो,
यह भव्य भारत देश की माटी है।

लहू से सींचते वीर शहीद जब,
यह नए वीर तब उगाती है।
हिम्मत की ऊंचाई के आगे उनकी,
आज, बौनी हिमालय की घाटी है।

चट्टानी वक्ष, भुजदण्ड फौलादी,
हर इरादे पक्के और दिमागी है।
एक इंच न देंगे लूटने उनको,
सागर की तलहटी, चाहे गलवान की वादी है।

वे अपने देश में आजाद रहे,
हमें अपने देश की आजादी है।
आंख उठाने की जरूरत मत करना,
फिर तो हृदय विदारक बर्बादी है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — हमारी सेना विशाल और सशक्त है। जब भारतीय सेना वर्दी में हथियारों को लिए कदम से कदम मिलाकर एक साथ सीमा की ओर चलती है तो यह हमारे भारत की ताकत को दर्शाती हैं। भारतीय सेना देश की सीमाओं को सुरक्षित करके देश के भीतर शांति और सुरक्षा बनाये रखती है। भारत सरकार और उसके प्रत्येक भाग की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सेना सदैव तत्पर रहती है। भारत सरकार को ताकत हमारी सेना के कारण ही मिलती है। भारतीय सेना कर्मी सभी प्रकार की साहसिक गतिविधियों में हमेशा आगे रहे हैं। साहसिक कार्य मुख्य रूप से सैन्य प्रशिक्षण का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह इच्छाशक्ति, दृढ़ संकल्प, साहस और देश प्रेम भारत माता के सेवा का जूनून व ज़ज्बा है हर सैनिक के रगो में, जो उन्हें सदैव ही ऊर्जावान बनाये रखता है, चाहे गर्मी हो, बारिश हो या फिर सर्दी हो। भारतीय थल सेना का कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद की एकता सुनिश्चित करना, राष्ट्र को बाहरी आक्रमण और आंतरिक खतरों से बचाना और अपनी सीमाओं पर शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।

—————

यह कविता (सैन्य कार्रवाई।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, पराक्रम पर कविता, भारतीय सेना के कार्य, वीर जवानों पर कविता, सेना के शौर्य पर कविता, सैन्य कार्रवाई, सैन्य कार्रवाई - हेमराज ठाकुर, सैन्य कार्रवाई पर कविता, हमारे सैनिक पर कविता, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

बादल।

Kmsraj51 की कलम से…..

Clouds | बादल।

हृदय क्षितिज में घर्राते बादल,
गर्जना छोड़, बरसात बरसा।
तृषित धारा के रोम-रोम की,
आज प्रिये तू , प्यास बुझा।

सुकून मिले अब विरहिणी को,
और न इसको यूं ही तड़पा।
सोया सपना अलसाई आंखें,
निज नेह से प्रिय तू , अब तो जगा।

है यौवन की पीड़ा, सावन- भादो की क्रीड़ा,
दादुर, मोर और पपीहरा के शोर।
मानस पटल पर आग लगी है,
दिल को लूट ले गया कोई, श्यामरा चोर।

कटे न कटती है रातें काली,
दिन, न सांझ, न कटती है भोर।
प्रेम की लगी है प्यास प्रिये अब,
रूप से रूह का रुख, करो इस और।

चंद लम्हों के मिलन से क्या होगा?
नीर नीरद का बह जाने दे।
मन की बातें मन मांझ रहे न,
रोक न मुझे, सब कह जाने दे।

दिन चार की है ये जिंदगानी सबकी,
कहने को हैं प्रिये, बहुतेरी बातें।
इक बार गुजरे दिन, जिंदगी के तो,
फिर बहुर न लौट के आते।

है जीवन वही जो दिल से जिया,
फिर न पछताना कि, अभी कुछ न किया।
आज माहौल प्रलय की मानिंद बना है,
कुछ हमने करा है, कुछ कुदरत ने किया है।

रह न जाए कुछ अधूरी बातें,
जीवन प्रिये अब थोड़ा है।
घनघोर घटा कुछ यूं न बरसाना,
जिन्होंने, सब्र – बांध ही तोड़ा है।

हो जाने दे रिमझिम बारिश,
बरसात तो प्रिय अब आनी है।
बिरह बदरी बन घुमड़ रहा है,
आत्म निवेदन – नेह का पानी है।

घनश्याम पिया के संदेशे ले – ले,
आती नीरद की जलधारा है।
कब तक, विरहिणी वेदना झेले?
यह जीवन कितना प्यारा है?

भीग जाने दे दिल के दरी खाने,
कलेजा भी ठंडा हो जाए।
मिल जाने दे नदी समंद में,
एक दूजे में प्रिये बस खो जाने दे।

सिर्फ गरजते मत रहना रे ओ बादल,
बरसात तो अब तू आने दे।
सदियों पुराना बिछड़ा यार,
रूह को अब तो तू पाने दे।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — प्यार एक खूबसूरत एहसास है। एक व्यक्ति जिसके पास प्यार भरा दिल है, वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता है। वह हर किसी से प्यार करता है जैसे हम जो देते हैं वह हमें मिलता है। इसलिए, अगर हम प्यार देते हैं तो हमें बदले में प्यार मिलता है और यह हमारे जीवन को सुंदर बनाने की शक्ति रखता है। सच्चा प्यार रूह का रूह से होता है, और सच्चे प्यार में समय का बंधन नहीं होता है। सच्चे प्यार में दो जिस्म एक जान की कहानी होती है।

—————

यह कविता (बादल।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Clouds, hemraj thakur, hemraj thakur poems, kavi hemraj thakur poems, Poem on Varsha Ritu in Hindi, Poems on Rain in Hindi, काले बादल पर कविता, बादल, बादल - हेमराज ठाकुर, बादल और बारिश पर कविता, बारिश पर कविता हिंदी में, वर्षा ऋतु पर कविता, सच्चे प्यार पर कविता, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

योग।

Kmsraj51 की कलम से…..

Yog | योग।

अण्ड – ब्रह्माण्ड की महा विद्या है, योग जिसका नाम है।
यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान है॥
समाधि जिसकी चर्म अवस्था, जिसमें तत्व का ज्ञान है।
योग सिखाए जीव को भक्ति – मुक्ति और ब्रह्म ज्ञान है॥

मिथ्या जगत और ब्रह्म सत्य है, यही तो योग का सार है।
परम ब्रह्म ही शाश्वत है इस जग में, नश्वर यह संसार है॥
पीढ़ी दर पीढ़ी ले आना, इसे, यह गुरुओं का उपकार है।
निरोगी काया प्रभु की छाया सत है, बाकी सब विकार है॥

स्थूल जगत में रमता है भोगी, सूक्ष्म से योगी को प्यार है।
मैं और मेरा प्रभुत्व लालसा, यह तो नीरा ही अहंकार है॥
योगी को प्यार अंतर्जागत है, भोगी को तो बाह्य संसार है।
योग जगत की परा विद्या, इस पर ज्ञानी का अधिकार है॥

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — आओ हम सब मिलकर, योग दिवस मनायें। पद्मासन हो वज्रासन हो, या हो चकरा आसन, ध्यानमग्न हो बैठ जायें, बिना करे प्राशन। आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें। हर रोज़ सुबह के समय योग करने के फायदे अनमोल है – यह हमारी पहली सांस को पुन: चक्रित करता है। योग का अभ्यास करने से शरीर किक-स्टार्ट होता है। ह्रदय रोग से बचाव करता है योग। दिमाग सदैव ही रहता है एक्टिव। बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता। योग के द्वारा सांसों को साध कर परमानन्द की अनुभूति किया जा सकता है। तन और मन को निरोग रखने के लिए प्रतिदिन योग करे।

—————

यह कविता (योग।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, kavi hemraj thakur poems, Yoga Par Best Kavita, योग, योग - हेमराज ठाकुर, योग के विषय पर बेहतरीन दोहा, योग दिवस पर कविता, योग दिवस पर सुंदर कविता, योग पर कविता, योग पर कुछ दोहे, योग पर दोहे व स्लोगन | Yog Par Dohe Aur Slogan, विश्व योग दिवस पर ये हैं चुनिंदा शेर और कविताएं, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं

प्रेम अधूरा ही है।

Kmsraj51 की कलम से…..

Prem Adhoora Hee Hai | प्रेम अधूरा ही है।

प्रेम अन्त अभिलाषा है जीवन की,
पर मिला वह सबको अधूरा ही है।
राम – कृष्ण की कहानी को सुन लो,
उनमें भी कौन सा वह पूरा ही है?

यह रही दास्तां यूं ही है जीवन की,
हर युग में और हर जिंदगानी में।
राधा – कृष्ण का मेल हुआ कहां?
राम – सिया भी बिछुड़े नादानी में।

हुआ मुक्कमल न स्वपन किसी का,
प्रेम की चाहें ही सबकी अधूरी रही।
भले ही प्रेयसी राधा थी या सीता थी,
अधूरेपन की पीड़ा तो है सबने सही।

मूर्तिमान हुआ प्रेम किसका कहां है?
जिसकी अभिलाषा हम सब करते हैं।
अधूरा सा मिला है जो भी हम सबको,
उसे खोने से भी सब कितना डरते हैं?

जी लेते हैं जिंदगी हम पूरी हर रिश्तों में,
पर हर रिश्ते में देखे तो प्रेम अधूरा ही है।
कई – कई विवाहों से भी कहां प्यास बुझी?
अवतारों के जीवन में भी प्रेम कहां पूरा है?

जिन्दगी जद्दोजहद है प्रेम और वासनाओं की,
लोग सकून कहां किसी को यहां लेने देते हैं?
यह संसार तो है बीहड़ घाटी नित कर्मों की,
यहां अवतारों की भी परीक्षा लोग ले लेते हैं।

यह सच है कि प्रेम जरूरत है हर जीवन की,
भाषा प्रेम की पशु – पक्षी को भी समझ आती है।
जिन्दगी के तमाम उम्र के सिलसिले में हर सम्भव,
प्रेम के अधूरेपन का दर्द हमेशा सबको सताता है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — सच्चा प्रेम एक गहरा और निःस्वार्थिक भावना है जो दो व्यक्तियों के बीच संबंध को बांधती है। यह एक आत्मिक और उदार बन्धन है जो अपने आप को समर्पित करता है और एक-दूसरे के हित में संयम बनाए रखता है। सच्चा प्रेम अपने आप को व्यक्त करने और स्वयं को स्वीकार करने की क्षमता वाला होता है। सच्चा प्रेम कठिनाइयों, आपत्तियों और चुनौतियों के बावजूद टिकता है। यह दूसरे व्यक्ति को निर्मल रूप से स्वीकार करता है, उनकी गलतियों और कमियों के बावजूद उन्हें सच्चा प्यार करता है। सच्चा प्रेम समर्पित, आदर्शवादी, और सहानुभूतिपूर्ण होता है। सच्चा प्रेम आपके साथी की सफलता, खुशी और प्रगति के लिए चिंतित रहता है और उनके सपनों और उच्चतम OUTPUT की प्रोत्साहना करता है। यह समर्पण, विश्वास, सम्मान, संयम और सम्पूर्ण समर्पण का एक गहरा बंधन होता है। सच्चा प्रेम आपके और आपके साथी के बीच एक संतुलित और आनंदमय संबंध स्थापित करता है। यह सच है कि प्रेम जरूरत है हर जीवन की, भाषा प्रेम की पशु – पक्षी को भी समझ आती है। जिन्दगी के तमाम उम्र के सिलसिले में हर सम्भव, प्रेम के अधूरेपन का दर्द हमेशा सबको सताता है। जब भी करो प्रेम तो सच्चा प्रेम ही करो, वरना दिखावे के प्रेम करने का कोई फायदा नहीं है।

—————

यह कविता (प्रेम अधूरा ही है।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur ki kavitaye, hemraj thakur poems, Love Poem in Hindi, Love Poem In Hindi Language, प्यार पर हिंदी कविता, प्रेम अधूरा ही है, प्रेम अधूरा ही है - हेमराज ठाकुर, प्रेम ही जीवन की पूर्णता है, प्रेम ही जीवन है, शुद्ध प्रेम क्या है?, सच्चा प्रेम कैसे होता है?, सच्चे प्यार पर कविता - Poetry In Hindi On Love, सच्चे प्रेम पर कविता, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.