• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for kms

kms

Purity is the foundation of true peace and happiness !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms


Purity is the foundation of true peace & happiness,
It is your most valuable Property in your life,
Preserve it at any cast. !!

पवित्रता सच शांति और खुशी का आधार है.

यह आपके जीवन में सबसे मूल्यवान संपत्ति है.

यह किसी भी कलाकार की रक्षा करता है!!

http://kmsraj51.wordpress.com/

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ….. http://kmsraj51.wordpress.com/ )))))


n-8

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, 21st Century Yogiraj kmsraj51, Always cool mind, Always listen our inner voice, Always Remove our Inner Weakness, Always Research Minded, Always Think Different, Always think positive, Anmol Vachan in Hindi, great kms, king kmsraj51, king-kms, kms, kms me, kms pasand, kmsme, kmsraj 51 king, Kmsraj51, KMSRAJ51 GREAT THOUGHTS, kmsraj51 ki pen se, kmsraj51 king, kmsraj51 kms-me, KMSRAJ51 OCEAN OF PREM, Manmani Babu kmsraj51, me-kms, mekmsraj51, Motivational Quotes in Hindi !!, Motivational Thoughts, MRS SON KMSRAJ51, OCEAN OF PREM-KMSRAJ51, Positive Thoughts in Hindi, Prem ke Sagar kmsraj51, Purity, Purity in Hindi, Purity Thoughts, sap-kms, Sapna-kms, singh-is-king-kms, Tags: Hindi Quotes Hindi Quotes and Thoughts Quotes in Hindi Best Hindi Quotes Motivational Quotes in Hindi Inspirational Quotes in Hindi Hindi quotes on life Success Quotes in Hindi, YOGIRAJ KMS, YOGIRAJ KMSRAJ51, yugpurush kmsraj51

Is a symbol of humanity, the spirit of cooperation !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** मानवता का प्रतीक है, सहयोग की भावना **

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जिसकी उन्नति सहयोग की बुनियाद पर निर्भर है। जिस प्रकार ईंट से ईंट जोङकर विशाल भवन बनता है, पानी की एक-एक बूंद से सागर बनता है। उसी प्रकार अनेक व्यक्तियों के परस्पर सहयोग से ही मनुष्य का विकास संभव है। समाज और राष्ट्र की समृद्धि परस्पर सहयोग पर ही निर्भर है।

पूर्ण विकास सहयोग से ही होता है। कोई भी व्यक्ति सर्वज्ञ नही होता। कलाकार के सामने डॉक्टर अयोग्य है, तो डॉक्टर के सामने इंजीनियर, तो कहीं साहित्यकार के सामने व्यपारी। कहने का आशय ये है कि, सभी अपनी-अपनी विधाओं में पूर्ण हैं किन्तु संतुलित विकास के लिए एक दुसरे का सहयोग अति आवश्यक है। सहयोग की आदतें मनुष्य में मैत्री भावना का विकास करती हैं। गौतम, महावीर, ईसा हों या कृष्ण, कबीर, राम, रहीम सभी महापुरुषों में मैत्री की भावना समान है।

धरती पर जैविक संरचना कुछ इस प्रकार है कि समाज से परे अकेले व्यक्ति का विकास संभव नही है। प्राणी में शरीर के सभी अंग मिलकर कर कार्य करते हैं तभी व्यक्ति अनेक कार्य करने में सक्षम होता है। इतिहास गवाह है कि रावण, कंस, दुर्योधन हो या हिटलर, मुसोलिन, चँगेज खाँ तथा नादिरशाह जैसे शक्तिसंपन्न कुशल नितिज्ञ थे किन्तु सभी ने सामाजिक भावना का निरादर किया जिसका परिणाम है उनका अस्तित्व ही समाप्त हो गया।

सृजन का आइना है परस्पर सहयोग। जिस तरह आम के वृक्ष का विशाल अस्तित्व, मधुर फल, शीतल छाया दूसरें लोगों के सहयोग का ही परिणाम है। उसी प्रकार व्यक्ति का संपूर्ण व्यक्तित्व समाज के प्रयत्नों का ही फल है।
मदर टेरेसा का कहना था कि, “आप सौ लोगों की सहायता नही कर सकते तो सिर्फ एक की ही सहायता कर दें।“

सच ही तो है मित्रों, एक और एक ग्यारह होता है, बूंद-बूंद से ही घङा भरता है। व्यक्ति और समाज का कल्याण इसी पर निर्भर है कि लोग व्यक्तिवाद की मानसिकता को छोङकर सहयोग के महत्व को समझते हुए उसे जीवन का अहम हिस्सा बना ले। सहयोग की भावना की एक शुरुवात से ही “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना सजीव होती है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, 21st Century Yogiraj kmsraj51, great kms, Help, king kmsraj51, king-kms, kms, kms me, kms pasand, kmsme, kmsraj 51 king, Kmsraj51, KMSRAJ51 GREAT THOUGHTS, kmsraj51 ki pen se, kmsraj51 king, KMSRAJ51 OCEAN OF PREM, Manmani Babu kmsraj51, me-kms, mekms, mekmsraj51

Chankya Anmol Voice !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** सभी शब्द के दो अर्थ होते है!! **

Chankya - KMS

Note::-

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, 21st Century Yogiraj kmsraj51, Aacharya Chankya, Chankya, Chankya Niti, great kms, Guru Chankya, k, king kmsraj51, king-kms, kms, kms me, kms pasand, kmsme, kmsraj 51 king, Kmsraj51, KMSRAJ51 GREAT THOUGHTS, SAP, sap-kms, Sapna, sapna meri jaan, SAPNA MY HEART, Sapna-kms

Chankya Niti – मूल चाणक्य नीति!!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** मूल चाणक्य नीति/चाणक्य सूत्र **


आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता और क्षमताओं के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्यात हुए।

इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत और नीतियाँ प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्ययन, चिंतन और जीवानानुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के उद्देश्य से अभिव्यक्त किया।

वर्तमान दौर की सामाजिक संरचना, भूमंडलीकृत अर्थव्यवस्था और शासन-प्रशासन को सुचारू ढंग से बताई गई नीतियाँ और सूत्र अत्यधिक कारगर सिद्ध हो सकते हैं। चाणक्य नीति के द्वितीय अध्याय से यहाँ प्रस्तुत हैं कुछ अंश –


1. जिस प्रकार सभी पर्वतों पर मणि नहीं मिलती, सभी हाथियों के मस्तक में मोती उत्पन्न नहीं होता, सभी वनों में चंदन का वृक्ष नहीं होता, उसी प्रकार सज्जन पुरुष सभी जगहों पर नहीं मिलते हैं।

2. झूठ बोलना, उतावलापन दिखाना, दुस्साहस करना, छल-कपट करना, मूर्खतापूर्ण कार्य करना, लोभ करना, अपवित्रता और निर्दयता – ये सभी स्त्रियों के स्वाभाविक दोष हैं। चाणक्य उपर्युक्त दोषों को स्त्रियों का स्वाभाविक गुण मानते हैं। हालाँकि वर्तमान दौर की शिक्षित स्त्रियों में इन दोषों का होना सही नहीं कहा जा सकता है।

3. भोजन के लिए अच्छे पदार्थों का उपलब्ध होना, उन्हें पचाने की शक्ति का होना, सुंदर स्त्री के साथ संसर्ग के लिए कामशक्ति का होना, प्रचुर धन के साथ-साथ धन देने की इच्छा होना। ये सभी सुख मनुष्य को बहुत कठिनता से प्राप्त होते हैं।

4. चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति का पुत्र उसके नियंत्रण में रहता है, जिसकी पत्नी आज्ञा के अनुसार आचरण करती है और जो व्यक्ति अपने कमाए धन से पूरी तरह संतुष्ट रहता है। ऐसे मनुष्य के लिए यह संसार ही स्वर्ग के समान है।

5. चाणक्य का मानना है कि वही गृहस्थी सुखी है, जिसकी संतान उनकी आज्ञा का पालन करती है। पिता का भी कर्तव्य है कि वह पुत्रों का पालन-पोषण अच्छी तरह से करे। इसी प्रकार ऐसे व्यक्ति को मित्र नहीं कहा जा सकता है, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सके और ऐसी पत्नी व्यर्थ है जिससे किसी प्रकार का सुख प्राप्त न हो।

6. जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। चाणक्य कहते हैं कि वह उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है।

7. जिस प्रकार पत्नी के वियोग का दुख, अपने भाई-बंधुओं से प्राप्त अपमान का दुख असहनीय होता है, उसी प्रकार कर्ज से दबा व्यक्ति भी हर समय दुखी रहता है। दुष्ट राजा की सेवा में रहने वाला नौकर भी दुखी रहता है। निर्धनता का अभिशाप भी मनुष्य कभी नहीं भुला पाता। इनसे व्यक्ति की आत्मा अंदर ही अंदर जलती रहती है।

8. ब्राह्मणों का बल विद्या है, राजाओं का बल उनकी सेना है, वैश्यों का बल उनका धन है और शूद्रों का बल दूसरों की सेवा करना है। ब्राह्मणों का कर्तव्य है कि वे विद्या ग्रहण करें। राजा का कर्तव्य है कि वे सैनिकों द्वारा अपने बल को बढ़ाते रहें। वैश्यों का कर्तव्य है कि वे व्यापार द्वारा धन बढ़ाएँ, शूद्रों का कर्तव्य श्रेष्ठ लोगों की सेवा करना है।

9. चाणक्य का कहना है कि मूर्खता के समान यौवन भी दुखदायी होता है क्योंकि जवानी में व्यक्ति कामवासना के आवेग में कोई भी मूर्खतापूर्ण कार्य कर सकता है। परंतु इनसे भी अधिक कष्टदायक है दूसरों पर आश्रित रहना।

10. चाणक्य कहते हैं कि बचपन में संतान को जैसी शिक्षा दी जाती है, उनका विकास उसी प्रकार होता है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे उन्हें ऐसे मार्ग पर चलाएँ, जिससे उनमें उत्तम चरित्र का विकास हो क्योंकि गुणी व्यक्तियों से ही कुल की शोभा बढ़ती है।

11. वे माता-पिता अपने बच्चों के लिए शत्रु के समान हैं, जिन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी। क्योंकि अनपढ़ बालक का विद्वानों के समूह में उसी प्रकार अपमान होता है जैसे हंसों के झुंड में बगुले की स्थिति होती है। शिक्षा विहीन मनुष्य बिना पूँछ के जानवर जैसा होता है, इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जिससे वे समाज को सुशोभित करें।

12. चाणक्य कहते हैं कि अधिक लाड़ प्यार करने से बच्चों में अनेक दोष उत्पन्न हो जाते हैं। इसलिए यदि वे कोई गलत काम करते हैं तो उसे नजरअंदाज करके लाड़-प्यार करना उचित नहीं है। बच्चे को डाँटना भी आवश्यक है।

13. शिक्षा और अध्ययन की महत्ता बताते हुए चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का जन्म बहुत सौभाग्य से मिलता है, इसलिए हमें अपने अधिकाधिक समय का वेदादि शास्त्रों के अध्ययन में तथा दान जैसे अच्छे कार्यों में ही सदुपयोग करना चाहिए।

14. चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छा मित्र नहीं है उस पर तो विश्वास नहीं करना चाहिए, परंतु इसके साथ ही अच्छे मित्र के संबंद में भी पूरा विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि यदि वह नाराज हो गया तो आपके सारे भेद खोल सकता है। अत: सावधानी अत्यंत आवश्यक है।

चाणक्य का मानना है कि व्यक्ति को कभी अपने मन का भेद नहीं खोलना चाहिए। उसे जो भी कार्य करना है, उसे अपने मन में रखे और पूरी तन्मयता के साथ समय आने पर उसे पूरा करना चाहिए।

15. चाणक्य के अनुसार नदी के किनारे स्थित वृक्षों का जीवन अनिश्चित होता है, क्योंकि नदियाँ बाढ़ के समय अपने किनारे के पेड़ों को उजाड़ देती हैं। इसी प्रकार दूसरे के घरों में रहने वाली स्त्री भी किसी समय पतन के मार्ग पर जा सकती है। इसी तरह जिस राजा के पास अच्छी सलाह देने वाले मंत्री नहीं होते, वह भी बहुत समय तक सुरक्षित नहीं रह सकता। इसमें जरा भी संदेह नहीं करना चाहिए।

17. चाणक्य कहते हैं कि जिस तरह वेश्या धन के समाप्त होने पर पुरुष से मुँह मोड़ लेती है। उसी तरह जब राजा शक्तिहीन हो जाता है तो प्रजा उसका साथ छोड़ देती है। इसी प्रकार वृक्षों पर रहने वाले पक्षी भी तभी तक किसी वृक्ष पर बसेरा रखते हैं, जब तक वहाँ से उन्हें फल प्राप्त होते रहते हैं। अतिथि का जब पूरा स्वागत-सत्कार कर दिया जाता है तो वह भी उस घर को छोड़ देता है।

18. बुरे चरित्र वाले, अकारण दूसरों को हानि पहुँचाने वाले तथा अशुद्ध स्थान पर रहने वाले व्यक्ति के साथ जो पुरुष मित्रता करता है, वह शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। आचार्य चाणक्य का कहना है मनुष्य को कुसंगति से बचना चाहिए। वे कहते हैं कि मनुष्य की भलाई इसी में है कि वह जितनी जल्दी हो सके, दुष्ट व्यक्ति का साथ छोड़ दे।

19. चाणक्य कहते हैं कि मित्रता, बराबरी वाले व्यक्तियों में ही करना ठीक रहता है। सरकारी नौकरी सर्वोत्तम होती है और अच्छे व्यापार के लिए व्यवहारकुशल होना आवश्यक है। इसी तरह सुंदर व सुशील स्त्री घर में ही शोभा देती है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((kmsraj51 की कलम से …..)))))

Aapka kmsraj51 …..

DSCN1006

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, 21st Century Yogiraj kmsraj51, Always think positive, Chankya, Chankya Niti, great kms, Guru Chankya, king kmsraj51, king-kms, kms, kms me, kms pasand, kmsraj 51 king, Kmsraj51, positive brain, Positive Soul, Positive Thoughts, Positive Thoughts in Hindi, SAP, sap-kms, Sapna, sapna meri jaan, SAPNA MY HEART, Sapna-kms, चाणक्य सूत्र और अर्थशास्त्र सारांश सहित, मूल चाणक्य नीति

Important Thoughts For Happiness !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51)…..

kmsraj51 की कलम से …..

kms-8
kms-8

खुशी के लिए जरूरी संकल्प …..


हेलो दोस्तो! नए वर्ष का स्वागत आप इतने उत्साह और शोर-शराबे के साथ हर बार इसलिए करते हैं कि आपके दिल में कुछ पाने की उम्मीद रहती है। वे खुशियां जिनकी अपने कामना और कोशिश की पर वे न मिलीं। नया साल शुरू होते ही वे सभी अधूरे ख्वाब पूरा करने की तमन्ना प्रबल हो जाती है। ऐसा लगता है मानो जीवन ने आपको एक और मौका दिया है खुशियों को अपने पक्ष में करने का।

आप इस नए वर्ष के पहले दिन पीछे मुड़कर देखना चाहते हैं कि आखिर आपसे किस-किस क्षेत्र में चूक हुई है जिसके कारण आप मंजिल से दूर रह गए। अपने स्मृति पटल पर जोर देने पर आपको अहसास होता है कि निहायत मामूली सी कमियों व कोताहियों के कारण आप वह हासिल नहीं कर सके जिसकी आपको चाह थी।

जब आप अपनी डायरी उठाकर देखते हैं तो पाते हैं कि ज्यादातर दुखों व कष्टों का जिम्मेदार कोई और नहीं, आप खुद ही थे। शक व संशय से किसी को तकलीफ या मजा चखाने जैसे विचार और प्रवृत्ति के कारण ही आपका मन ज्यादा विचलित व बेचैन हुआ था। अपनों पर भरोसा न कर किसी दुष्ट के बहकावे में आकर अपना सुख-चैन गंवाने का नतीजा हमेशा बुरा ही निकला। इस कारण न तो आपको शांति मिली और न ही स्वास्थ्य लाभ। आपकी मूल चाहत थी खुशी।

इन सारे विश्लेषणों के बाद आपके संकल्प की सूई अब कहां जाकर रुकनी चाहिए? जी हां, खुशी के लिए संकल्प का पहला सबक यही बनता है कि अपनों पर भरोसा किया जाए। अपने बच्चे, माता-पिता, साथी, दोस्त, रिश्ते, नातेदार पर भरोसा करना सीखें, न कि उन गैर चुगलखोरों की सुनें जो आपका सुकून चुराने में माहिर हैं। किसी अपने से कोई भूल हो गई है तो उसे जीवन भर का सच न मान लें। दोस्तनुमा दुश्मन के बहकावे में आकर अपनों पर निरंतर शक करने से आप उन्हें फिर गलत करने के लिए उकसाते हैं।

कुछ कारगर संकल्प इस प्रकार करें:

– बीते समय की चीर-फाड़ कर समय बर्बाद करने के बजाय भविष्य को सुधारने के बारे में आप विचार करेंगे।

– हर किसी को माफ कर देंगे ।

– बदला लेने के लिए कोई कितना भी उकसाए, ऐसा नहीं करेंगे।

– ज्यादा भावुक हुए बिना ही जिनसे प्यार है उनका साथ देंगे।

– यथार्थ व तर्क को अहमियत देते हुए भी दिल की भी सुनेंगे।

– कोशिश करें कि छोटे-मोटे अरमान पूरे करते चलें ताकि जीने का मजा मिलता रहे।

– ज्योतिष विद्या से मिली सूचनाओं पर केवल अच्छे पहलुओं पर यकीन करें और चिंता वाली बातों को झूठा मानें ताकि गंडे-तावीज के चक्कर में आपकी जेब खाली न हो।

– इंटरनेट, फेसबुक व फोन पर पूरी तरह निर्भर नहीं होकर रूबरू होकर संवाद का मजा लें।

– अपने चाहनेवालों के सीधे संपर्क में रहें ताकि हौसला बना रहे।

– नैतिकता का वही पैमाना अपने लिए भी तय करें जो दूसरों के लिए रखें।

– अपने जलनशील स्वभाव के कारण दूसरों का सुख चैन न लूटें।

– अपने को खाने-पीने से वंचित कर त्याग व बलिदान करने जैसी कसम या संकल्प न लें, यह मूलतः अपनों को प्यार नहीं सजा देने के लिए होता है।

– किसी भी प्रकार की अति से बचने की कोशिश करें।

– बार-बार अपना मन न बदलें, एक विचार पर टिककर रहें ताकि स्थिरता रहे।

मजे की बात यह है कि ज्यादातर संकल्प आप हर बार करते हैं और वे पहले ही दिन से टूटने लगते हैं। नहीं पीने या संतुलित खाने के संकल्प, आप यह कहकर तोड़ देते हैं कि अब आज तो नया वर्ष शुरू हुआ है, आज तो जश्न का दिन है, क्या सोचना। कल से देखा जाएगा और वह कल कभी नहीं आता। इसलिए कोई सख्त इरादा करना फायदेमंद नहीं होता है। केवल मोटी-मोटी बातों की गांठ अपने जीवन में बांध लेने भर से ही जीवन की नैय्या पार लग सकती है। खुद को खुश रखना। खुशी के लिए जरूरी है कि अपनी सेहत पर ध्यान दें। दूसरों का बुरा चाहने वालों की सेहत अमूमन थोड़ी नाजुक रहती है।

किसी भी घटना या बात को बहुत ज्यादा तूल न दें। खुशी हो या गम, संयम रखें और अति उत्तेजित न हों। सामाजिक मामला हो या पारीवारिक बहुत अधिक भावना में बहकर माहौल को खराब न करें। किसी पर हाथ उठाना या अपशब्द बोलना आपको अपरिपक्व साबित करता है। अपनी मस्ती, अपनी खुशी, अपनी सफलता का पैमाना खुद तय करें। जीवन के हर क्षेत्र में आपका लक्ष्य आपका अपना होना चाहिए न कि दूसरे क्या चाहते हैं। लालच से थोड़ा बचकर चलना ही सुकून देता है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, 21st Century Yogiraj kmsraj51, great kms, happiness, happy, Happyness, Khusi, king kmsraj51, king-kms, kms, kms me, kms pasand, kmsme, KMSRAJ51 GREAT THOUGHTS, kmsraj51 ki pen se, kmsraj51 king, kmsraj51 kms-me, KMSRAJ51 OCEAN OF PREM, Manmani Babu kmsraj51, sap-kms, Sapna, sapna meri jaan, SAPNA MY HEART, Sapna-kms

शुभ दिपावली-Happy Deepawali !!

::-Krishna Mohan Singh(kmsraj51)…..

kmsraj51 की कलम से…..
pen-kms

dd3

अमावस की अँधियारी रात में, रौशनी का आगाज हो।

माटी के इस दिपक में, ज्ञान की बाती और बुद्धि का प्रकाश हो।

सुख-समृद्धि की रंगोली से, हर आँगन मंगलमय हो।

स्वास्तिक की शुभता में, सबके सपने साकार हो।

भाई-चारे की मिठास में, चहुँ ओर दियों की मंगल कामना हो।

हार्दिक बधाई के साथ दिपों के प्रकाश में, दिपावली शुभ हो।

dd2

kmsraj51 (5)

kmsraj51 (9)

Filed Under: MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, Ddwali aai hai, Deepawali Aai Re, Depavali, Dipavali, Ganpati, Happy Deepawali, Happy Dipavali, king kmsraj51, km, kms, kmsme, kmsraj 51 king, Kmsraj51, Laxmi Mata, mekms, mekmsraj51, Pyari Deepawali Aai, Subh Deepawali- Deepavali

कथा एक राजकुमार की।

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT04

ϒ कथा एक राजकुमार की। ϒ

एक था राजकुमार मितभाषी, सुन्दर, सुकुमार।
महलों में पला बढ़ा लोगों की नज़र में अत्यंत ईमानदार॥

तैंतालीस बसंत देख चुका। यह युवराज, राजगद्दी खाली, पर नहीं पहनता ताज। खुद को अभी नहीं समझता था उपुक्त। राज काज के झंझटों से था वह मुक्त। सारा राज-पाट बूढ़े मंत्री के कन्धों पर था। मंत्री था बड़ा वफ़ादार, था वो मंत्रियों का सरदार। एक दिन आखेट पर चला गया दूर तक साथ में मंत्री, सेवादार रथ, पालकी गाजे, बाजे बहुत-बहुत पहरेदार।  पहुँच गया सुदूर एक गांव मच गया हाहाकार राजकुमार आया, राजकुमार आया मच गया शोर हलचल चहु ओर, आनन् फानन में सभा बुलाई ढोल तमाशा, नाच-गाना, बढ़िया लज़ीज़ खाना।

राजकुमार मुखातिब हुए प्रजा से – बोलो भाई हमारे राज्य में कोई कष्ट हो तो बताओ खुल कर सुनाओ।

समवेत स्वरों में आवाज़ आई सरकार, हमलोगन गरीबी ते बहुतै दिक्क हन कौनो उपाय बतावा जाई।

युवराज को कुछ नहीं सूझा आँखों ही आँखों में सेवादार से पूछा और फुसफुसाहट भरी आवाज़ में बूझा फिर बाँहे समेट कर खड़े हुए और ज्ञान बघारा।

भई गरीबी तो केवल दिमाग की सोच है तुम लोग नाहक ही परेशान हो, मन में सोच लो तो सुखी इंसान हो।

यह सुनते ही पूरी सभा में सन्नाटा छा गया लोग तालियाँ बजाना भूल गए। कंठ रुंध गए चक्षुओ से अश्रुधार बह निकली।

सदिओं से जिस गरीबी को लेकर हमारे बाप-दादा, खून पसीना बहाते रहे, रहे पीढ़ियो तक परेशान। उसका समाधान कितना आसान।

मौक़ा देख सेवादारों ने आवाज़ लगाईं।

राजकुमार की जय हो !! युवराज की जय हो !!

भीड़ से आवाज़ आई युवराज की जय हो !! राजकुमार की जय हो !!

राज्य में सब सुखी थे लोगों के दिमाग से गरीबी ख़त्म हो गयी थी। तो क्या हुआ यदि लोग भूखों मर रहे थे। जवान बूढ़े लग रहे थे बूढ़े केवल ज़िंदा लाश थे। पर वो गरीब कतई नहीं थे।

तभी अचानक एक दिन कुछ सिर फिरों ने कहना शुरू किया। गरीबी के बारे में अनाप-शनाप बकना शुरू किया, कि हम गरीब इसलिए हैं क्योंकि ऊपर से भेजा हुआ पैसा, डाकू हड़प जाते है पूरा वैसे का वैसा।

लोगों ने कहा राजकुमार ने तो कुछ और ही बताया था। क्या राजकुमार को पता नहीं था?

सिरफिरों ने कहा उनको जरूर पता होगा। उनके परमपूज्य पिता श्री महाराजाधिराज ने एक बार गलती से बता दिया था।
कि सोलह आने में केवल दो आने ही जनता तक पहुँचते है बाकी सब डाकू लूट लेते हैं।

ये अलग बात है कि उन्होंने डाकुओं को कुछ नहीं कहा। उनकी इस साफगोई पर ही जनता गद्गद थी।

सिरफिरे ये भी कहने लगे कि काफी डाकू तो, मंत्रियो और दरबारिओं के कपड़े पहन कर अपनी बंदूके छुपा कर दरबारे ख़ास में हैं।

जनता को धीरे-धीरे विश्वास होने लगा। सिरफिरों को भी आभास होने लगा। लोग नंगे पैर, भूखे पेट चिथड़ो में लिपटे हुए।

राजधानी के चौक पर जमा हो गए, लम्बी-लम्बी तकरीरें बहुत सारे सुझाव।

सभी मंत्रियों दरबारियों की कपड़े उतरवाकर जांच हो। डाकुओं को पहचान कर बाहर निकाला जाए कुछ का कहना था। सारे मंत्रियों, दरबारियों को बर्खास्त किया जायें जितने मुह उतनी बातें।

लोगों का गुस्सा सरे आम हो गया, दरबारे ख़ास में कोहराम हो गया। सबने सिर से सिर मिलाकर मंत्रणा की चतुर मंत्रियों का गैंग बना।
सरकारी भोंपू से समझाया गया जनता को भरमाया गया।

ये सिरफिरे झूठ बोल रहे हैं इसमें विदेशी ताकतों का हाथ है। हम तो आपके साथ हैं। लोगों ने बूढ़े मंत्री की बात का भरोसा किया भीड़ छटने लगी। इस दौरान राजमाता विदेशी दौरे पर थीं युवराज कहीं दूर आखेट पर।

उनके लौटने तक सब शांत हो गया था डाकू खुश थे। चतुर मंत्रियों का गैंग मुस्कुरा रहा था, एक दुसरे की पीठ थप-थपा रहा था।

तभी अचानक राज्य के सबसे बुज़ुर्ग न्यायाधीश ने आदेश पारित कर दिया, कि जो भी डाकू रंगे हाथ डाका डालते हुए पकड़ा जाएगा, वो दरबारे ख़ास में नहीं बैठ पायेगा।

दरबारियों और मंत्रियों में गुस्सा था कुछ दरबारी भी दरबारे ख़ास को डाकुओं से मुक्त कराना चाहते थे और बहुत खुश थे बाकी सब नाखुश थे।

नाराज़ मंत्रियों, दरबारियों की संख्या बहुत ज्यादा थी। बूढ़े मंत्री की बात भी कोई सुन नहीं रहा था। राजकुमार सो रहा था। राजमाता का पता नहीं।

सब ने मिलकर हल निकाला। नया क़ानून बनायेंगे अपने डाकू भाइयों को बचायेंगे।

फिर क्या आनन्-फानन में अध्यादेश बनाया गया खूबसूरत शब्दों से सजाया गया। युवराज का अब भी पता नहीं शायद आखेट से लौट कर गहरी नींद में थे।

तभी राजकुमार ने सपने में देखा भारी भीड़ नंगे आदमी। चीथड़ो में लिपटी हुई औरतें बड़े पेट और पतली टांगों वाले बच्चे, आँखों में अंगारे, हाथो में बरछी, भाले, आरे।

राजकुमार की घिघ्घी बांध गयी बिस्तर छोड़ कर महल से नींद में ही भागे। रथ, सारथी, पहरेदार, सेवादार सब पीछे वो आगे।

बाहर पूरे राज्य में सारे मंत्री, दरबारी। जनता को डाकुओं के बारे में समझा रहे थे। डाकू समाज के लिए कितने जरूरी हैं ये बुझा रहे थे।
चोर उचक्के, छोटे मोटे मवाली आपको तंग नहीं कर सकते। अगर कोई सरकारी डाकू आपके संपर्क में है।

जनता फुसफुसाई लेकिन दरबारे ख़ास में। डाकुओं की नुमाइंदगी तो बहुत ज्यादा है मंत्री गुर्राए। उनका काम भी तो ज्यादा है हमारे लिए वो इतना करते हैं। क्या हम उनको इज्जत से दरबारे ख़ास में बैठा भी नहीं सकते।

जनता में सुगबुगाहट थी वो मंत्रियों की बात नहीं सुन रहे थे। सिरफिरे जनता को भड़का रहे थे डाकू हड़का रहे थे।

ऐसी सी ही एक सभा में युवराज हाँफते हांफते पहुचे। जनता, मंत्री, दरबारी सब खड़े हो गए युवराज अभी नींद में थे।
माथे पर पसीना लडखडाती आवाज़ उनको लग रहा था। चारों तरफ गरीबों की भीड़ है हथियारों से लैस।
युवराज का मुह सूख रहा था, मंत्री के हाथ से छीन कर अध्यादेश फाड़ दिया। जनता, मंत्री, दरबारी सब सन्न काटो तो खून नहीं थोड़ी देर तक छाया रहा सन्नाटा।

तभी चतुर मंत्रियों को कुछ याद आया सभी एक साथ चिल्लाये।

राजकुमार की जय !! युवराज की जय !!

पर इस बार भीड़ से एक भी आवाज़ नहीं आई। जनता चुप थी राजकुमार का सपना टूट चुका था, वो धीरे-धीरे थके हुए कदमों से अपने रथ की तरफ बढ़ रहा था, और भारत एक नया इतिहास गढ़ रहा था।

kmsraj51-rahul-jaiswal

We are grateful to my dear friend Mr. Rahul Jaiswal, for sharing this Inspirational Story in Hindi.

 

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2013-KMSRAJ51, MANMANI BABU ~ KMSRAJ51, कहानियों का विशाल संग्रह।, शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, हिन्दी साहित्य Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, EK KAHANI HINDI MEI, hindi, Hindi Kahani-हिंदी कहानी, HINDI MEI KAHANI, Hindi Story, Hindi Story. कथा सागर हिन्दी साहित्य, https://kmsraj51.com/, Inspirational Hindi Stories, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, short story for kids, stories for children, stories for kids, stories in hindi, Story of Prince, कथा एक राजकुमार की, कहानी-किस्से, छोटी बाल कहानी, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, पढ़े - शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, पढ़ें – शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, प्रेरणात्मक हिंदी कहानी, बच्चों की छोटी कहानियाँ, बच्चों के लिए कहानियाँ, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए हिन्दी कहानी, शिक्षाप्रद बाल कहानी, शैक्षिक हिंदी कहानी, हिंदी कहानी, हिन्दी कहानी संग्रह

Understanding The True Self And The False Self

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ Understanding The True Self And The False Self  ϒ

Meditation is an attempt to find the true self. It is this self which holds the identity of what I am, an identity which, when realized, gives fulfillment and direction to our life. This is what we call the consciousness of I am, which emerges in meditation when there is concentration on the present and we focus on the now of I am, rather than the past, or the future (I was, or I will be).

To remind us of this state, we use the word ‘Om’, which means I am a soul, the spiritual identity that acts as a key to human consciousness. As we find and realize the true self through meditation, we become aware of the false self and how deeply embedded it is in our lives, both in our way of thinking and being.

When we understand this illusory (false) self then we can begin the process of dissolving its negative effects on the original or true self.

In tomorrow’s message, we shall examine the various forms of the illusory or false self and its negative effects on us.

Message

The method to bring about a permanent change is to bring about newness in thinking.

Projection: To bring about a permanent change for the better means getting the mind trained to new ways of looking at the same situation. Only with this new understanding will there be a new response. Trying to bring about change in a superficial way will not bring about a long-lasting change.


Solution:
When I train my mind to think creatively I’m able to keep my mind busy. In this way I’m able to free it from thinking negative and waste. Also I find myself enjoying every scene that comes in front of me and I also find myself constantly progressing.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

 

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2013-KMSRAJ51, MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, Article of Brahmakumaris, Brahma Kumaris, Brahma Kumaris Quotes, http://brahmakumaris.com/, http://pmtv.in/, http://www.brahmakumaris.org/, https://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Motivational Quotes, Positive Quotes, Positive Thinking Quotes

लोग मन्जिल को … हम मुश्किल को मन्जिल समझते है।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ लोग मन्जिल को … हम मुश्किल को मन्जिल समझते है। ϒ

लोग मन्जिल को मुश्किल समझते है।
हम मुश्किल को मन्जिल समझते है।

बडा फर्क है लोगो मे ओर हम मै।
लोग जिन्दगी को दोस्त और हम दोस्त को जिन्दगी-
समझते है।

आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से।
कम दोस्त रखते हे मगर लाजवाब रखते है।

क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है।
पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते है।

© अमिताभ बच्चन जी। ®

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2013-KMSRAJ51, MANMANI BABU ~ KMSRAJ51, हिंदी कविता Tagged With: 21 Century Yugpurush kmsraj51, Amitabh Bachchan, Amitabh Bachchan Poetry, Hindi Poems, hindi poetry, https://kmsraj51.com/, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Poetry, गजल संग्रह, गीत और गजल हिंदी में।, गीत-गजल, प्रेरणादायक हिंदी कविताओं का संग्रह, लोग मन्जिल को मुश्किल समझते है, हिंदी कविता का संग्रह, हिंदी कविता का सबसे बड़ा संग्रह, हिंदी कविताओं का संग्रह।, हिंदी कवितायें, हिंदी में कविताएं, हिन्दी कविता बच्चों के लिए, हिन्दी कविता संग्रह

Where Do Our Thoughts Arise From?

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ Where Do Our Thoughts Arise From? ϒ

A large percentage of your thoughts are determined by what you perceive through your senses. Everything you see, listen to, smell or feel causes some reaction or other in your mind. See how your senses are connected to your mind. Any negative thing that they pick up or produce will disturb the mechanisms of your mind. If you want to have spiritual peace, then use your eyes, ears and mouth with caution. Other thoughts arise from the impressions that have been recorded in your subconscious (identity, personality and/or character), and they may be positive or negative. The negative ones are often due to deep marks and/or habits caused by past events or experiences, and also everything that is deeply established and settled in your inner self (belief system).

The sight and hearing senses are those used most in human beings, with as much as 80 per cent of the information we receive being processed through these two senses. We should always be on the alert to ensure that nothing negative enters these two doors that might contaminate our mind. We need a guardian to ensure that does not happen. This guardian is our intellect, the part of our conscience that contains the wisdom (knowledge) and capacity to discriminate between right and wrong, beneficial and harmful, truth and falsehood. Observing the mind, we can be aware of the thought patterns that originate in our subconscious. It is important to understand that you are separate from your thoughts. You are not your thoughts, but your thoughts are created by you. With regular practice of meditation you will be able to choose at any time which thoughts you are going to focus your attention on and which ones you wish to disregard.

ϒ Message ϒ

The method to finish waste thoughts is to deal with the mind with love.

Projection: When there are waste thoughts in the mind which one tries to stop, it becomes difficult to do that. There is discomfort and difficulty experienced. On the other hand, when the mind is taught to take the right direction with love, there is a quick and dramatic change.

Solution: When I learn the art of speaking to my mind with love, I am able to free myself from waste thoughts without any feelings of suppression. Concentration too becomes easy and all thoughts are directed towards the right direction.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

Watch Peace of Mind TV on following DTH
TATA Sky # 1065 | Airtel Digital TV # 678 | Videocon d2h # 497 | Reliance BigTV # 171 | ABS Free # 69 | Online :   www.pmtv.in

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

____Copyright © 2013 – 2017 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2013-KMSRAJ51, MANMANI BABU ~ KMSRAJ51 Tagged With: Article of Brahmakumaris, best quotes of brahma kumaris, Brahma Kumaris Quotes, brahma kumaris shivani quotes, happy life quotes of brahma kumaris, http://brahmakumaris.com/, http://pmtv.in/, http://www.brahmakumaris.org/, https://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Positive Thinking - By Brahmakumaris, quotes for life by brahmakumaris, Quotes of Brahma Kumaris, Where Do Our Thoughts Arise From?

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।
  • दो वक्त की रोटी।
  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।

दो वक्त की रोटी।

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.