• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for desh bhakti poem in hindi

desh bhakti poem in hindi

देश की मिट्टी।

Kmsraj51 की कलम से…..

Desh ki Mitti – देश की मिट्टी।

मेरे देश मिट्टी में जन्में अनेक वीर जवान है।
कृष्ण, राम, तुलसी जैसे महापुरुषों की तपोभूमि है।

देश की मिट्टी में अनेक ऋषि, मुनियों ने जन्म लिया है।
सारी दुनियाँ में मेरा देश महान है।

सीता, सती, सावित्री ने इस धरा पर जन्म लिया।
देश की मिट्टी का तिलक लगाकर वीरों ने बलिदान दिया।

देश की मिट्टी की ख़ातिर सरहद पर बैठे सीना ताने है।
सीने पर गोली खाये दुश्मन के आगे सर न झुकाते है।

बैठे देश के रक्षक बनकर ऐसे वीरों को सलाम है।
देश की मिट्टी को महान वीर भगतसिंह।

सुभाष जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा है।
कल-कल करता नदियों का पानी इस मिट्टी की शान है।

वेद-पुराण, उपनिषद, गीता, रामायण,
और गुरुग्रथ साहिब मेरे देश का अभिमान है।

मेरे देश की मिट्टी पवित्र पावनी और महिमा अपरम्पार है।
देश की मिट्टी में मिला जन्म ये हमारा सौभाग्य है।

देश की मिट्टी गुण अनंत और अपार है।
देश की मिट्टी का हम करते वंदन बारम्बार है।

♦ पूनम गुप्ता जी – भोपाल, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “पूनम गुप्ता जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — मेरे देश मिट्टी में जन्में अनेक वीर जवान है। यह देवो की भूमि है, यह कृष्ण, राम, तुलसी जैसे महापुरुषों की तपोभूमि है। देश की मिट्टी में अनेक ऋषि, मुनियों ने जन्म लिया है, सारी दुनियाँ में मेरा देश महान है। माता सीता, सती, सावित्री ने इस धरा पर जन्म लिया। देश की मिट्टी का तिलक लगाकर सदैव वीरों ने बलिदान दिया है। वेद-पुराण, उपनिषद, गीता, रामायण, और गुरुग्रथ साहिब मेरे देश का अभिमान है। मेरे देश की मिट्टी पवित्र पावनी और इसकी महिमा अपरम्पार है, देश की मिट्टी में मिला जन्म ये हमारा सौभाग्य है। अपने देश की मिट्टी का हम तहे दिल से करते वंदन बारम्बार है।

—————

यह कविता (देश की मिट्टी।) “पूनम गुप्ता जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari Etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: desh bhakti poem in hindi, poonam gupta, poonam gupta poems, कवयित्री पूनम गुप्ता, देश की मिट्टी, देश की मिट्टी - पूनम गुप्ता, देश भक्ति गीत, देश-प्रेम - देश-भक्ति कविताएँ, देश-भक्ति हिंदी कविता, देशभक्ति कविताएं - देश की मिट्टी, पूनम गुप्ता, पूनम गुप्ता जी की कविताएं

भारत के लाल।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ भारत के लाल। ♦

मेरी नौका है पुरानी,
ये नदी भी है अन्जानी।
डरने वाले कभी दरिया पार नहीं करते,
कायरों की दुनिया ख्वाबों में होती हैं।

कायर वो गद्दार कभी तिरंगे से प्यार नहीं करते,
दुश्मन को भारतीयों की एकता व हौसला बहुत अखरता है।
वो वाकिफ नहीं, हर भारतीय के रगों में,
सुभाष एंव खुदीराम बोस का लहू दौड़ता हैं।

उसे क्या मालूम, हर घर में महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज,
राजेन्द्र, जय प्रकाश, वीर कुंवर ही पलता हैं।
हमें सिखाया पुर्वजों ने, जब तक सफल न हो,
संघर्ष का मैदान छोड़कर, कायरों की तरह मत भागो।

लाल बहादुर शास्त्री जैसे कर्मठ की कभी हार नहीं होती,
कुछ किए बिना कभी जय जयकार नहीं होती।
तुम भारत मां के लाल हो, इस गुलशन के गुलाब हो,
दुश्मन का सपना कभी सच न हो,
तुम्ही कल के आफताब हो।

न गुलाब चाहिए, न माहताब चाहिए,
भारत के सपूतों की ऑंखों में, भारत मां के लिए प्यार चाहिए।
दुश्मन का प्यार तो है बस दिखाने के लिए,
ढूढ़ते हैं वो बहाने हर वक्त जुल्म ढ़ाने के लिए।

अपने आप कश्ती किनारे तक नहीं जाती कभी,
हौसला, हिम्मत चाहिए किनारा पाने के लिए।
तिरंगा देखकर, दुश्मन हुए भयभीत,
भगदड़ मच गई है, तुम्हारी होगी जीत।

भारत के लाल तेरी जीत बनेगी मिसाल,
शेर सा दहार सुनकर, दुश्मन होगा बेहाल।
लगा दो आग, जहां बारूद रखता हैं,
बना दो कब्र उनकी जो टेढ़ी नजर से देखता हैं।

♦ भोला शरण प्रसाद जी – सेक्टर – 150/नोएडा – उत्तर प्रदेश ♦

—————

  • “भोला शरण प्रसाद जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — यह भारत भूमि वीरों की भूमि है, उसे क्या मालूम, हर घर में महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज, राजेन्द्र, जय प्रकाश, वीर कुंवर ही पलता हैं। हमें सिखाया पुर्वजों ने, जब तक सफल न हो, तब तक संघर्ष का मैदान छोड़कर, कायरों की तरह मत भागो। हम भारत वासी दिल से प्रेम करने वाले को प्रेम करते है और जो हमें आँख दिखाते है उनका आँख भी निकाल लेते है। हम कभी किसी पर पहले वार नही करते है लेकिन अगर दुश्मन हम पर वार करे तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे भी नहीं रहते है। हमें गर्व है अपने वीर सेनानी लाल बहादुर शास्त्री जी पर, उन्होंने दुश्मन को दिखाया हिन्दुस्तानी चाटा। एक बात याद रखे नफरतों की फिजाओं में कभी भी प्यास मुहब्बतों की नहीं बुझती। चाहे कोई भी पड़ोसी देश हो हमारा हमसे प्यार करेगा, हम भी उन पर प्यार बरसायेंगे, लेकिन अगर हमसे गद्दारी करेंगे तो उसका जवाब उसी की भाषा में हमें देना आता हैं, जय हिन्द – जय हिन्द की सेना।

—————

यह कविता (भारत के लाल।) “भोला शरण प्रसाद जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं भोला शरण प्रसाद बी. एस. सी. (बायो), एम. ए. अंग्रेजी, एम. एड. हूं। पहले केन्द्रीय विघालय में कार्यरत था। मेरी कई रचनाऍं विघालय पत्रिका एंव बाहर की भी पत्रिका में छप चूकी है। मैं अंग्रेजी एंव हिन्दी दोनों में अपनी रचनाऍं एंव कविताऍं लिखना पसन्द करता हूं। देश भक्ति की कविताऍं अधिक लिखता हूं। मैं कोलकाता संतजेवियर कालेज से बी. एड. किया एंव महर्षि दयानन्द विश्वविघालय रोहतक से एम. एड. किया। मैं उर्दू भी जानता हूं। मैं मैट्रीकुलेशन मुजफ्फरपुर से, आई. एस. सी. एंव बी. एस. सी. हाजीपुर (बिहार विश्वविघालय) बी. ए. (अंग्रेजी), एम. ए. (अंग्रेजी) बिहार विश्वविघालय मुजफ्फरपुर से किया। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, भोला शरण प्रसाद जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: desh bhakti poem in hindi, कवि भोला शरण प्रसाद की कविताएं, छोटी देशभक्ति कविता, जोश भर देने वाली देशभक्ति कविता, देशभक्ति के बाल गीत, देशभक्ति जोशीला कविता, भारत के लाल, भारत के लाल - भोला शरण प्रसाद, भोला शरण प्रसाद, भोला शरण प्रसाद की कविताएं, मारवाड़ी देशभक्ति कविता, वीरता पर आधारित कविता, सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता

वंदे मातरम।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ वंदे मातरम। ♦

झूम – झूम कर वीर जवानों,
जनगणमन के गीत गाना।
शांति – भक्ति साथ तुम्हारे,
वंदे मातरम मीत सुनाना॥

शांति – क्रांति की लहर उठी,
तिरंगा ऊंचा लहराना।
माता बहनें बच्चे रहे सुरक्षित,
सबको लोकतंत्र में सिखाना॥

गुप्त मंत्र, नाम के सौदागर,
संग गाऊं को घटा बताना।
छीटे, कीचड़ हैं पड़ोस के,
तड़क – भड़क से बचे रहेंगे।
भावी भेंट चढ़े ना ‘मंगल ‘
वर्तमान बढ़ – चढ़ चलना॥

फूक – फूक पग नाप चलें,
वीर जवानों साथ चलें।
फ़ौलादी बंजारे – हरकारे
रस्ते अंधियारे स्याह करें।
बादल ऊपर घर आतंकी,
ओलों की बौछार करें॥

दुश्मन ओढ़े खाल अड़ियल,
उनको सबक सिखाना।
कंचन ओढ़े धन – वैभव,
सीमा पर उन्हें बुलाना।
यतन योग जागृति लव ले,
चारों दिशाओं में फैलाना॥

संदेहों के हैं बाजीगर सारे,
चहल – पहल दिखाना।
मन – मंथन पाछे कर लेंगे,
आगे बढ़कर चलते जाना॥

बदली – बदली चाले चलती,
शौर्य गाथा औ अभिलाषा,
झंझावाती बातूनी हरियाली,
भूले बिसरे पथ हो खुशहाली।
संघर्षों का वह ध्यान सुनाना,
आगे बढ़ – चढ़ चलते जाना॥

लाल गुलामी वा हो काली,
इतिहास का पाठ पढ़ाना।
राष्ट्र सुरक्षा में मां के वीर,
बढ़ – चढ़ कदम बढ़ाना॥

प्राचीन इतिहास से सीखते,
नवीन संकल्प दोहराना।
शंकाओं के आनन फानन में,
शंख ध्वनि, गांडीव उठाओ॥

झूम – झूम कर वीर जवानों,
वंदे मातरम मीत सुनाना।
शांति का क्रांतिकारी कदम बढ़ा,
आगे बढ़ते और चलते जाना॥

सदैव ही भारत माता की सेवा में तत्पर रहो मेरे देश के वीर सपूतो, तुम रूकना नहीं, थकना नहीं चाहे दिन हो या रात। भारत माता की सेवा में अपना सर्व ऊर्जा लगाकर, आतंकी का खात्मा कर, शांति का क्रांतिकारी कदम बढ़ा, आगे बढ़ते और चलते जाना।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — झूम – झूम कर वीर जवानों, जनगणमन के गीत गाना। शांति – भक्ति साथ तुम्हारे, वंदे मातरम मीत सुनाना। वीर रस से भरपूर उत्साह बढ़ाने वाला संचार भर कर तन मन में, सदैव ही भारत माता की सेवा में तत्पर रहो मेरे देश के वीर सपूतो, तुम रूकना नहीं, थकना नहीं चाहे दिन हो या रात। भारत माता की सेवा में अपना सर्व ऊर्जा लगाकर, आतंकी का खात्मा कर, शांति का क्रांतिकारी कदम बढ़ा, आगे बढ़ते और चलते जाना। झूम -झूम कर वीर जवानों, वंदे मातरम मीत सुनाना। बहुत ही खूबसूरत वर्णन किया है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (वंदे मातरम।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Akhand Bharat Par Kavita, author sukhmangal singh, desh bhakti poem in hindi, Poem On Bharat Mata In Hindi, poet sukhmangal singh, Short Poem On Bharat Mata In Hindi, sukhmangal singh poems, Vande Matram, अखंड भारत के गुणगान, अखंड भारत पर कविता, त्याग पर कविता, देशभक्ति कविता, भारत माता की गौरव गाथा, भारत माता पर कविता, भारत वंदना कविता के आधार पर भारत माता का वर्णन कीजिए, माँ पर साहित्यिक कविता, मातृत्व कविता, वंदे मातरम, वीरता पर आधारित कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सैनिक के सम्मान में कविता, सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता

शक्ति विहीन पंख।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ शक्ति विहीन पंख। ♦

शक्तिहीन पंख लगा न बढ़ाइए।
उड़ने की कोशिश न बनाइए।
विपरीत पवन के न जाइए।
ध्यान – ज्ञान अपना बढ़ाइए।

बेवजह बात कही में नहीं आइए।
घमंड की दुनिया कॉल लगाइए।
स्वार्थ से सनी सबंध पहचानिए।
अपने मान और सम्मान बढ़ाइए।

कौन क्या कर रहा इस पर न जाइए।
विज्ञापन की दुनिया मन निकालिए।
भविष्य के चिंतन में खुद को लगाइए।
सत्य की खोज में अपने को लगाइए।

समदर्शी बनने की सोच बढ़ाइए।
संतोष करके नित मंगल पाइए।
क्षमा जाप समाज पूजा बढ़ाइए।
परोपकार उपकार ध्यान लगाइए।

राष्ट्र भक्ति में डूब कर दिखाइए।
भक्ति रस में खुद को भी डुबाइए।
दरिद्र कलह लोभ मोह दूर भगाए।
बेवजह पंख शक्ति हीन न खिलाइए।

शुभ धरातल का रौनक बढ़ाइए।
प्रकृति के करीब धीरे-धीरे आइए।
देश भक्ति का मधुर गीत सुनाइए।
खुशहाल चिंतन में रमते जाइए।

आंगन में अपने ही रौनक लाइए।
हंसी ठिठोली से दिल न भार्माइए।
सीख एक धरा से अपनी बढ़ाइए।
जीवन में सहनशील बन जाइए।

गरीबी का दुखड़ा दूसरे से न सुनाइए।
हृदय को आकाश अंबर सा बढ़ाइए।
बादल की छांव में बैठकर न बताइए।
मंगल मनोहर एक कहानी सुनाइए।

काव्य साहित्य संकलन में लग जाइए।
दुनिया में हिंदुस्तान का नाम बढ़ाइए।
संयम साहस शील हृदय में लाइए।
बेवजह में पंख को ना फडफड़ाइए।

ईमानदारी से काम करते जाइए।
विरोधी बातों में अपनी न लाइए।
राष्ट्र की रक्षा में खुद भी लग जाइए।
सत्य अहिंसा के बूते आशा जगाइए।

यश कीर्ति जगत में अपनी फैलाइए।
मोहब्बत की दुनिया में नाम कमाइए।
हिंदी हिन्दू हिंदुस्तान करते जाइए।
सुर सुंदर अपना जीवन में लगाइए।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – बेवजह यूँ ही किसी बात में ना आइए, समय बर्बाद ना करें। स्वार्थ से सनी सबंध को पहचान कर घमंड को त्यागकर सत्य की खोज में अपने को लगाइए। बेवजह में पंख को ना फडफड़ाइए। भविष्य के चिंतन में खुद को लगाइए, भक्ति रस में खुद को डुबोकर काव्य साहित्य संकलन में लग जाइए, संयम, साहस व शील हृदय में लाइए, और दुनिया में हिंदुस्तान का नाम बढ़ाइए।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (शक्ति विहीन पंख।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best poetry in hindi, best short kavita in hindi, desh bhakti poem in hindi, hindi poem on veerta, hindi poems on life inspiration, hindi poems on life values, love poetry in hindi, poem by sukhmangal singh, poem on courage in hindi, poetry in hindi, poetry in hindi on life, poetry on life in hindi, Powerless wings poetry in hindi, shakti viheen pankh poetry, short poem on bravery in hindi, sukhmangal singh poetry, वीरता का संदेश देने वाली कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता

हे अमर देश के ज्योति पुंज।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ हे अमर देश के ज्योति पुंज। ϒ

Hey Amar Desh ke Jyoti Punj

“हे अमर देश के ज्योति पुंज”

हे अमर देश के ज्योतिपुंज।
हे बलिदानी करुणावतार।
हे राष्ट्रविंब भारत दर्पण।
हे भगत बन्धु तुमको प्रणाम॥

ये देश की अपनी गरिमा है।
जो कण-कण में फैला प्रकाश।
कुछ राष्ट्र प्रेम में त्याग कियें।
फ़ासी तक को हो गये तैयार॥

वो माता थी एक पूज्य बिम्ब।
जिसने इस वीर को जन्म दिया।
भारत माता के खातिर जो…
हर पल हर क्षण सत्कर्म किया॥

⇒ स्वाति की उन बून्दों पर….. जरूर पढ़े।

आर्यावर्त में थी विपदा।
अंग्रेजों ने अधिकार किया।
कुछ ही विरोध कर पाये थे।
बाकी ने गुलामी मान लिया॥

इन चन्द धरा के सपूतों में-
भगत, बोश आजाद हुए।
सुखदेव गुरू भी अड़े रहें।
भारत माँ को फरियाद हुएं॥

इन वीर पुरुष के वीर कर्म।
“अलक” दिल में रोज सजातें हैं।
जो देश हेतु बलिदान हुएं।
उनको हम शीश नवातें हैं॥

©- अशोक सिह, – आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। ∇

ashok-singh-kmsraj51

हम दिल से आभारी हैं अशोक सिह जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता “हे अमर देश के ज्योति पुंज।” साझा करने के लिए।

About Ashok Singh – अशोक जी के शब्दाें में – अभी मैं IAS की तैयारी कर रहा हूँ। दिल मे समाज सेवा की लौ जलाये हुए कुछ बेहतर करने को प्रयासरत हूँ और अपना सत प्रतिशत देने को तत्पर। मेरा HOBBY कविताएं लिखना, दक्षिण भारत की फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना, समाज से जुङे रहना, संगीत सुनना(खासकर पुराने) शामिल है।

अशोक सिह जी के लिए मेरे विचार: 

♣ “अशोक सिह जी” ने देश की आज़ादी के आधार स्तम्भ – राजगुरु, भगत सिंह और सुखदेव के देश प्रेम व बलिदान का अतुलनीय वर्णन किया हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविताऐं छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविताओं काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., अशोक सिह।, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: desh bhakti par geet, desh bhakti par kavita, desh bhakti poem in hindi, छोटी देशभक्ति कविताएँ, देश भक्ति कविता, देश भक्ति गीत, देश भक्ति पोएम, देशभक्ति कविता बच्चों के लिए, हे अमर देश के ज्योति पुंज

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.