• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for stories in hindi

stories in hindi

जीवन में जाे हाेता है अच्छे के लिए ही हाेता हैं।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ जीवन में जाे हाेता है अच्छे के लिए ही हाेता हैं। ϒ

मृत्यु के देवता ने अपने एक दूत को भेजा पृथ्वी पर। एक स्त्री मर गयी थी। उसकी आत्मा को लाना था। देवदूत आया, लेकिन चिंता में पड़ गया। क्योंकि तीन छोटी-छोटी लड़कियां जुड़वां – एक अभी भी उस मृत स्त्री के स्तन से लगी है। एक चीख रही है, पुकार रही है। एक रोते-रोते सो गयी है, उसके आंसू उसकी आंखों के पास सूख गए हैं – तीन छोटी जुड़वां बच्चियां और स्त्री मर गयी है, और कोई देखने वाला नहीं है। पति पहले मर चुका है। परिवार में और कोई भी नहीं है। इन तीन छोटी बच्चियों का क्या होगा?

उस देवदूत को यह ख्याल आ गया, तो वह खाली हाथ वापस लौट गया। उसने जा कर अपने प्रधान को कहा कि मैं न ला सका, मुझें क्षमा करें, लेकिन आपको स्थिति का पता ही नहीं है। तीन जुड़वां बच्चियां हैं – छोटी-छोटी, दूध पीती। एक अभी भी मृत स्तन से लगी है, एक रोते-रोते सो गयी है, दूसरी अभी चीख-पुकार रही है। हृदय मेरा ला न सका। क्या यह नहीं हो सकता कि इस स्त्री को कुछ दिन और जीवन के दे दिए जाएं? कम से कम लड़कियां थोड़ी बड़ी हो जाएं, और कोई देखने वाला नहीं है।

मृत्यु के देवता ने कहा, तो तू फिर समझदार हो गया; उससे ज्यादा, जिसकी मर्जी से मौत होती है, जिसकी मर्जी से जीवन होता है। तो तूने पहला पाप कर दिया, और इसकी तुझे सजा मिलेगी, और सजा यह है कि तुझे पृथ्वी पर चले जाना पड़ेगा, और जब तक तू तीन बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर, तब तक वापस न आ सकेगा।

इसे थोड़ा समझना। तीन बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर – क्योंकि दूसरे की मूर्खता पर तो अहंकार हंसता है। जब तुम अपनी मूर्खता पर हंसते हो तब अहंकार टूटता है।

देवदूत को लगा नहीं। वह राजी हो गया दंड भोगने को, लेकिन फिर भी उसे लगा कि सही तो मैं ही हूं, और हंसने का मौका कैसे आएगा?

उसे जमीन पर फेंक दिया गया। एक चमार, सर्दियों के दिन करीब आ रहे थे और बच्चों के लिए कोट और कंबल खरीदने शहर गया था, कुछ रुपए इकट्ठे कर के। जब वह शहर जा रहा था तो उसने राह के किनारे एक नंगे आदमी को पड़े हुए, ठिठुरते हुए देखा। यह नंगा आदमी वही देवदूत है जो पृथ्वी पर फेंक दिया गया था। उस चमार को दया आ गयी। और बजाय अपने बच्चों के लिए कपड़े खरीदने के, उसने इस आदमी के लिए कंबल और कपड़े खरीद लिए। इस आदमी को कुछ खाने-पीने को भी न था, घर भी न था, छप्पर भी न था जहां रुक सके। तो चमार ने कहा कि अब तुम मेरे साथ ही आ जाओ। लेकिन अगर मेरी पत्नी नाराज हो, जो कि वह निश्चित होगी, क्योंकि बच्चों के लिए कपड़े खरीदने आया था, वह पैसे तो खर्च हो गए – वह अगर नाराज हो, चिल्लाए, तो तुम परेशान मत होना। थोड़े दिन में सब ठीक हो जाएगा।

उस देवदूत को ले कर चमार घर लौटा। न तो चमार को पता है कि देवदूत घर में आ रहा है, न पत्नी को पता है। जैसे ही देवदूत को ले कर चमार घर में पहुंचा, पत्नी एकदम पागल हो गयी। बहुत नाराज हुई, बहुत चीखी-चिल्लायी।

और देवदूत पहली दफा हंसा। चमार ने उससे कहा, हंसते हो, बात क्या है? उसने कहा, मैं जब तीन बार हंस लूंगा तब बता दूंगा।

देवदूत हंसा पहली बार, क्योंकि उसने देखा कि इस पत्नी को पता ही नहीं है कि चमार देवदूत को घर में ले आया है, जिसके आते ही घर में हजारों खुशियां आ जाएंगी। लेकिन आदमी देख ही कितनी दूर तक सकता है। पत्नी तो इतना ही देख पा रही है कि एक कंबल और बच्चों के कपड़े नहीं बचे। जो खो गया है वह देख पा रही है, जो मिला है उसका उसे अंदाज ही नहीं है – मुफ्त! घर में देवदूत आ गया है। जिसके आते ही हजारों खुशियों के द्वार खुल जाएंगे। तो देवदूत हंसा। उसे लगा, अपनी मूर्खता – क्योंकि यह पत्नी भी नहीं देख पा रही है कि क्या घट रहा है।

जल्दी ही, क्योंकि वह देवदूत था, सात दिन में ही उसने चमार का सब काम सीख लिया। और उसके जूते इतने प्रसिद्ध हो गए कि चमार महीनों के भीतर धनी होने लगा। आधा साल होते-होते तो उसकी ख्याति सारे लोक में पहुंच गयी कि उस जैसा जूते बनाने वाला कोई भी नहीं, क्योंकि वह जूते देवदूत बनाता था। सम्राटों के जूते वहां बनने लगे। धन अपरंपार बरसने लगा।

एक दिन सम्राट का आदमी आया, और उसने कहा कि यह चमड़ा बहुत कीमती है, आसानी से मिलता नहीं, कोई भूल-चूक नहीं करना। जूते ठीक इस तरह के बनने हैं, और ध्यान रखना जूते बनाने हैं, स्लीपर नहीं। क्योंकि रूस में जब कोई आदमी मर जाता है तब उसको स्लीपर पहना कर मरघट तक ले जाते हैं। चमार ने भी देवदूत को कहा कि स्लीपर मत बना देना। जूते बनाने हैं, स्पष्ट आज्ञा है, और चमड़ा इतना ही है। अगर गड़बड़ हो गयी तो हम मुसीबत में फंसेंगे।

लेकिन फिर भी देवदूत ने स्लीपर ही बनाए। जब चमार ने देखे कि स्लीपर बने हैं तो वह क्रोध से आगबबूला हो गया। वह लकड़ी उठा कर उसको मारने को तैयार हो गया कि तू हमारी फांसी लगवा देगा, और तुझे बार-बार कहा था कि स्लीपर बनाने ही नहीं हैं, फिर स्लीपर किसलिए?

देवदूत फिर खिलखिला कर हंसा। तभी आदमी सम्राट के घर से भागा हुआ आया। उसने कहा, जूते मत बनाना, स्लीपर बनाना। क्योंकि सम्राट की मृत्यु हो गयी है।

भविष्य अज्ञात है। सिवाय उसके और किसी को ज्ञात नहीं, और आदमी तो अतीत के आधार पर निर्णय लेता है। सम्राट जिंदा था तो जूते चाहिए थे, मर गया तो स्लीपर चाहिए। तब वह चमार उसके पैर पकड़ कर माफी मांगने लगा कि मुझे माफ कर दे, मैंने तुझे मारा। पर उसने कहा, कोई हर्ज नहीं। मैं अपना दंड भोग रहा हूं।

लेकिन वह हंसा आज दुबारा। चमार ने फिर पूछा कि हंसी का कारण? उसने कहा कि जब मैं तीन बार हंस लूं…।

दुबारा हंसा इसलिए कि भविष्य हमें ज्ञात नहीं है। इसलिए हम आकांक्षाएं करते हैं जो कि व्यर्थ हैं। हम अभीप्साएं करते हैं जो कि कभी पूरी न होंगी। हम मांगते हैं जो कभी नहीं घटेगा। क्योंकि कुछ और ही घटना तय है। हमसे बिना पूछे हमारी नियति घूम रही है। और हम व्यर्थ ही बीच में शोरगुल मचाते हैं। चाहिए स्लीपर और हम जूते बनवाते हैं। मरने का वक्त करीब आ रहा है और जिंदगी का हम आयोजन करते हैं।

तो देवदूत को लगा कि वे बच्चियां! मुझे क्या पता, भविष्य उनका क्या होने वाला है? मैं नाहक बीच में आया।

और तीसरी घटना घटी कि एक दिन तीन लड़कियां आयीं जवान। उन तीनों की शादी हो रही थी। और उन तीनों ने जूती के आर्डर दिए कि उनके लिए जूती बनाए जाएं। एक बूढ़ी महिला उनके साथ आयी थी जो बड़ी धनी थी। देवदूत पहचान गया, ये वे ही तीन लड़कियां हैं, जिनको वह मृत मां के पास छोड़ गया था और जिनकी वजह से वह दंड भोग रहा है। वे सब स्वस्थ हैं, सुंदर हैं। उसने पूछा कि क्या हुआ?

यह बूढ़ी औरत कौन है? उस बूढ़ी औरत ने कहा कि ये मेरी पड़ोसिन की लड़कियां हैं। गरीब औरत थी, उसके शरीर में दूध भी न था। उसके पास पैसे-लत्ते भी नहीं थे। और तीन बच्चे जुड़वां। वह इन्हीं को दूध पिलाते-पिलाते मर गयी। लेकिन मुझे दया आ गयी, मेरे कोई बच्चे नहीं हैं, और मैंने इन तीनों बच्चियों को पाल लिया।

अगर मां जिंदा रहती तो ये तीनों बच्चियां गरीबी, भूख और दीनता और दरिद्रता में बड़ी होतीं। मां मर गयी, इसलिए ये बच्चियां तीनों बहुत बड़े धन-वैभव में, संपदा में पलीं, और अब उस बूढ़ी की सारी संपदा की ये ही तीन मालिक हैं! और इनका सम्राट के परिवार में विवाह हो रहा है।

देवदूत तीसरी बार हंसा। और चमार को उसने कहा कि ये तीन कारण हैं। भूल मेरी थी। नियति बड़ी है, और हम उतना ही देख पाते हैं, जितना देख पाते हैं। जो नहीं देख पाते, बहुत विस्तार है उसका! और हम जो देख पाते हैं उससे हम कोई अंदाज नहीं लगा सकते, जो होने वाला है, जो होगा। मैं अपनी मूर्खता पर तीन बार हंस लिया हूं। अब मेरा दंड पूरा हो गया और अब मैं जाता हूं।

∇ सार ∇

तुम अगर अपने को बीच में लाना बंद कर दो, तो तुम्हें मार्गों का मार्ग मिल गया। फिर असंख्य मार्गों की चिंता न करनी पड़ेगी। छोड़ दो उस पर। वह जो करवा रहा है, जो उसने अब तक करवाया है, उसके लिए धन्यवाद। जो अभी करवा रहा है, उसके लिए धन्यवाद। जो वह कल करवाएगा, उसके लिए धन्यवाद। तुम बिना लिखा चेक धन्यवाद का उसे दे दो। वह जो भी हो, तुम्हारे धन्यवाद में कोई फर्क न पड़ेगा। अच्छा लगे, बुरा लगे, लोग भला कहें, बुरा कहें, लोगों को दिखायी पड़े दुर्भाग्य या सौभाग्य, यह सब चिंता तुम मत करना।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Author Krishna Mohan Singh-KMS, Hindi Story. कथा सागर हिन्दी साहित्य, http://kmsraj51.com/, Inspirational Stories in Hindi for kids, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Moral Stories in Hindi for kids, Motivational Short Stories in Hindi, Motivational Stories in Hindi, Short Stories in Hindi, stories in hindi, कहानियों का सबसे बड़ा संग्रह हिन्दी में।, कहानी, कहानी-किस्से, जीवन में जाे हाेता है अच्छे के लिए ही हाेता हैं।, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, बच्चों के लिए शैक्षिक हिन्दी कहानियाँ, शैक्षिक कहानियों का संग्रह हिंदी में।, शैक्षिक हिंदी कहानी, शैक्षिक हिन्दी कहानियां बच्चों के लिए।, शैक्षिक हिन्दी कहानियों का संग्रह।, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी में-शैक्षिक कहानियों का संग्रह।, हिन्दी कहानियों का सबसे बड़ा संग्रह।

लघुकथा – खीर।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ लघुकथा – खीर। ϒ

लघुकथा - खीर-KMSRAJ51

बेटा सुबह दस बजे खाना खाकर चला जाता था। बूढ़े पिताजी को आंख से न के बराबर दिखाई देता था। पिताजी दोपहर में खाना खाते थे।
इत्तेफाक से एक दिन जैसे ही बेटा खाने बैठा, पिता जी को आवाज लगा दी …..  “खाना खा लीजिये पिताजी।”

पत्नी ने मना करते हुये कहा : अभी उनका खाना खाने का टाईम नहीं हुआ है।

बेटे की आवाज सुनकर पिताजी बेटे के पास आकर बैठ गये तो बेटे ने अपनी थाली पिताजी की ओर बढ़ा दी।

खाना खाते वक्त पिताजी ने खुशी जाहिर की :

“अरे वाह। आज तो बहु ने खीर बनाया है।
आज भोजन करने में बहुत आनन्द आ रहा है बेटा।
बहुत दिनों से खीर खाने की इच्छा हो रही थी।”

बेटे का दिल धक से रह गया। बहुत मुश्किल से अपनी सिसकियों को रोक पाया।
आखों से लगातार आंसू झरने लगे।
.
.
.
____ ….. क्योंकि खीर तो रोज ही बनती थी।

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Collection of Hindi Stories, Heel short hindi story, Heel short story, Hindi Kahani-हिंदी कहानी, Hindi Kahani-हिंदी कहानी-kmsraj51, Hindi Stories, Hindi's-largest collection of stories., http://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Stories, Read Largest Collection of Hindi Stories, Short Hindi Stories, Short Hindi Stories for Kids, Short Hindi Story, stories in hindi, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, पढ़े - शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, पढ़ें - शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, पढ़े शिक्षाप्रद कहानियाँ हिन्दी में।, पढ़ें सर्वश्रेष्ठ कहानिया हिन्दी में।, पढ़ें-शिक्षाप्रद कहानियाें का विशाल संग्रह।, पढ़ें-शिक्षाप्रद हिन्दी कहानियाें का विशाल संग्रह।, प्रेरणात्मक हिंदी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, स्वामी विवेकानंद के जीवन से - उत्कृष्ट सोच।, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिन्दी कहानी संग्रह

स्वामी विवेकानंद के जीवन से – उत्कृष्ट सोच।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ स्वामी विवेकानंद के जीवन से – उत्कृष्ट सोच। ϒ

Swami-Vivekananda Kmsraj51

एकबार एक विदेशी सुंदर लड़की ने स्वामी विवेकानन्द जी से कहा “मैं आपसे शादी करना चाहती हूँ”. (एक विदेशी महिला ने विवेकानंद से कहा।)

विवेकानंद ने पूछा – “क्यों देवी, पर मैं तो ब्रह्मचारी हूँ?”

महिला ने जवाब दिया – “क्योंकि मुझें आपके जैसा ही एक पुत्र चाहिए, जो पूरी दुनिया में मेरा नाम रौशन करे और वो केवल आपसे शादी करके ही मिल सकता है मुझें।”

“इसका और एक उपाय है”- विवेकानंद जी कहते हैं …..

विदेशी महिला पूछती है – “क्या?”

विवेकानंद जी ने मुस्कुराते हुए कहा -“आप मुझे ही अपना पुत्र मान लीजिये और आप मेरी माँ बन जाइए ऐसे में आपको मेरे जैसा
पुत्र भी मिल जाएगा और मुझे अपना ब्रह्मचर्य भी नही तोड़ना पड़ेगा।”

महिला हत-प्रभ होकर विवेकानंद जी को ताकने लगी और रोने लग गयी।

ये होती है महान आत्माओ की विचार धारा।

“पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।”

दोस्तो – इसी तरह “दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।”

Swami Vivekananda-kmsraj51

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

 

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Collection of Hindi Stories, Hindi Kahani-हिंदी कहानी, Hindi Kahani-हिंदी कहानी-kmsraj51, Hindi Stories, Hindi's-largest collection of stories., http://kmsraj51.com/, kms, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Stories, Read Largest Collection of Hindi Stories, Short Hindi Stories, Short Hindi Stories for Kids, Short Hindi Story, stories in hindi, कहानी-किस्से, नैतिक कहानी हिंदी में।, नैतिक हिन्दी कहानी संग्रह, पढ़ें - शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, पढ़े - शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह।, पढ़े शिक्षाप्रद कहानियाँ हिन्दी में।, पढ़ें सर्वश्रेष्ठ कहानिया हिन्दी में।, पढ़ें-शिक्षाप्रद कहानियाें का विशाल संग्रह।, पढ़ें-शिक्षाप्रद हिन्दी कहानियाें का विशाल संग्रह।, प्रेरणात्मक हिंदी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, स्वामी विवेकानंद के जीवन से - उत्कृष्ट सोच।, हिंदी कहानी, हिंदी कहानी : Hindi Stories, हिंदी कहानी।, हिन्दी कहानी संग्रह

धर्म भ्रष्ट या अहंकार।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ धर्म भ्रष्ट या अहंकार। ϒ

एक दिन पंडित को प्यास लगी, संयोगवश घर में पानी नही था। इसलिए उनकी पत्नी पडोस से पानी ले आई। पानी पीकर पंडित ने पूछा…..

पंडित – कहाँ से लायी हो बहुत ठंडा पानी है।

पत्नी – पडोस के कुम्हार के घर से। (पंडित ने यह सुनकर लोटा फैंक दिया और उसके तेवर चढ़ गए वह जोर-जोर से चीखने लगा).

पंडित – अरी तूने तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया, कुंभार (शुद्र) के घर का पानी पिला दिया। पत्नी भय से थर-थर कांपने लगी, उसने पण्डित से माफ़ी मांग ली।

पत्नी – अब ऐसी भूल नही होगी। शाम को पण्डित जब खाना खाने बैठा तो घर में खाने के लिए कुछ नहीं था।

पंडित – रोटी नहीं बनाई, भाजी नहीं बनाई।

पत्नी – बनायी तो थी लेकिन अनाज पैदा करनेवाला कुणबी(शुद्र) था, और जिस कढ़ाई में बनाया था वो लोहार (शुद्र) के घर से आई थी। सब फेक दिया।

पंडित – तू पगली है क्या कही अनाज और कढ़ाई में भी छुत होती है? यह कह कर पण्डित बोला की पानी तो ले आओ।

पत्नी – पानी तो नही है जी।

पंडित – घड़े कहाँ गए?

पत्नी – वो तो मेने फैंक दिए क्योंकि कुम्हार के हाथ से बने थे।

पंडित – बोला दूध ही ले आओ वही पीलूँगा।
पत्नी – दूध भी फैंक दिया जी क्योंकि गाय को जिस नौकर ने दुहा था वो तो नीची (शुद्र) जाति से था न।

पंडित – हद कर दी तूने तो यह भी नही जानती की दूध में छूत नही लगती है।

पत्नी – यह कैसी छूत है जी जो पानी में तो लगती है, परन्तु दूध में नही लगती। पंडित के मन में आया कि दीवार से सर फोड़ ले। गुर्रा कर बोला – तूने मुझे चौपट कर दिया है जा अब आंगन में खाट डाल दे मुझे अब नींद आ रही है।

पत्नी – खाट! उसे तो मैने तोड़ कर फैंक दिया है क्योंकि उसे शुद्र (सुतार) जात वाले ने बनाया था।

पंडित चीखा – ओ फुलो का हार लाओ भगवन को चढ़ाऊंगा ताकि तेरी अक्ल ठिकाने आये।

पत्नी – फेक दिया उसे माली (शुद्र) जाती ने बनाया था।

पंडित चीखा – सब में आग लगा दो, घर में कुछ बचा भी हैं या नहीं।

पत्नी – हाँ यह घर बचा है, इसे अभी तोडना बाकी है क्योंकि इसे भी तो पिछड़ी जाति के मजदूरों ने बनाया है। पंडित के पास कोई जबाब नही था। उसकी अक्ल तो ठिकाने आ गई। पंडित काे अपने अहंकार व अज्ञान का बाेध हाे गया था।

दोस्तों, कहने काे ताे २१ वीं सदी में इंसान ने बहुत तरक़्क़ी की है, लेकिन अभी भी छूत व अछूत के राेग में जक़ड़ा हुआँ हैं। आखिर कब तक इंसान इस छूत व अछूत के राेग से मुक्त हाे पायेगा।

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

∗ निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

* KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Apostate or ego Hindi Story, Hindi Kahani, Hindi Stories, Hindi's-largest collection of stories., http://kmsraj51.com/, Inspirational Hindi Stories, kms, kmsra, KMSRAJ, Kmsraj51, Largest Collection of Hindi Stories, Moral Hindi Stories, Moral Hindi Stories for Kids, Motivational Hindi Stories, stories in hindi, धर्म भ्रष्ट या अहंकार।, पढ़े शिक्षाप्रद कहानियाँ हिन्दी में।, शिक्षाप्रद कहानियाँ, शिक्षाप्रद कहानियाँ हिन्दी में।, हिंदी कहानी, हिन्दी में शिक्षाप्रद कहानियाँ।

प्रभु ने मेरी लाज रख ली।

Kmsraj51 की कलम से…..

God Saved My Honour | प्रभु ने मेरी लाज रख ली।

It was not time for the mantra to end when the lifeless child's body came to life and he started moving his arms and legs.‘संत कंवर राम’ की प्रभु भक्ति….. सिंध प्रांत में ‘कंवर राम’ नामक एक प्रसिद्ध संत हो गए हैं। वे गांव-गांव जाकर भगवद्भजन के माध्यम से भक्ति का प्रचार करते और लोगों को अध्यात्म, नैतिक गुणों तथा सांप्रदायिक सद्भाव की सीख देते। एक बार उनका मुकाम डहरकी नामक एक गांव में था।

एक दिन एक गरीब विधवा का एकमात्र शिशु ईश्वर को प्यारा हो गया और वह उसके वियोग में जोर-जोर से विलाप करने लगी। उसका शोक एक वृद्ध पुरुष से देखा न गया और उसने महिला से कहा : “बेटी, वृथा शोक न कर यहां संत कंवर राम नामक एक महात्मा पधारे हैं। उनका आज रात्रि में मंदिर में भजन-कीर्तन है, तू संत से उसके चिरायु होने का आशीर्वाद मांगना। उनकी कृपा से तुम्हारा शिशु जीवित हो सकता है, मगर इसके मृतक होने की बात उनसे छिपाए रखना।”

महिला ने सुना, तो उसके मन में आशा जागी और अपने मृत बालक को चादर में लपेटकर वह रात्रि को मंदिर पहुंच गई और शिशु को कंवर राम जी के चरणों पर रखकर कहा : “भगत साहिब मैं अपने इस नन्हे शिशु के चिरजीवन की कामना लिए आपके पास आई हूं। कृपया इसे भागवत्राम का मंत्र देकर मुझ अबला को कृतार्थ करें।”

महिला की बातों पर विश्वास करके संत जी ने शिशु को भागवत्राम का श्रवण कराया। मंत्र के समाप्त होने की देर थी कि बेजान शिशु के शरीर में जान आ गई और वह हाथ-पैर हिलाने लगा। यह चमत्कार देखते ही महिला संत जी के चरणों पर गिर पड़ी और उसने सारी बात बताकर असत्य बोलने के लिए क्षमा मांगी।

किंतु कंवर रामजी को बड़ा दुख हुआ उन्होंने महिला से कहा : “आपको ऐसा नहीं करना था, हमें प्रभु की करनी को’ होनी मानकर स्वीकार कर लेना चाहिए, इसी में हमारी भलाई है। यह तो अच्छा ही हुआ कि प्रभु ने मेरी लाज रख ली और मुझे दुविधा से बचा लिया।”

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Kahaniya, moral stories in hindi, stories in hindi, ‎कहानियां, छोटी कहानी इन हिंदी, जीवनी कहानियां, पंचतंत्र कहानियाँ, प्रभु ने मेरी लाज रख ली, प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में, बच्चों की कहानियाँ

तांबे का सिक्का।

Kmsraj51 की कलम से…..

Copper Coin | तांबे का सिक्का।

The king felt that the beggar was very poor, so he gave a silver coin to the beggar.एक राजा का जन्मदिन था। सुबह जब वह घूमने निकला, तो उसने तय किया कि वह रास्ते मे मिलने वाले पहले व्यक्ति को पूरी तरह खुश व संतुष्ट करेगा। उसे एक भिखारी मिला। भिखारी ने राजा से भीख मांगी, तो राजा ने भिखारी की तरफ एक तांबे का सिक्का उछाल दिया।

सिक्का भिखारी के हाथ से छूट कर नाली में जा गिरा। भिखारी नाली में हाथ डाल तांबे का सिक्का ढूंढ़ने लगा। राजा ने उसे बुला कर दूसरा तांबे का सिक्का दिया। भिखारी ने खुश होकर वह सिक्का अपनी जेब में रख लिया और वापस जाकर नाली में गिरा सिक्का ढूंढ़ने लगा।

राजा को लगा की भिखारी बहुत गरीब है, उसने भिखारी को चांदी का एक सिक्का दिया। भिखारी राजा की जय जयकार करता फिर नाली में सिक्का ढूंढ़ने लगा। राजा ने अब भिखारी को एक सोने का सिक्का दिया।

भिखारी खुशी से झूम उठा और वापस भाग कर अपना हाथ नाली की तरफ बढ़ाने लगा। राजा को बहुत खराब लगा। उसे खुद से तय की गयी बात याद आ गयी कि पहले मिलने वाले व्यक्ति को आज खुश एवं संतुष्ट करना है।

उसने भिखारी को बुलाया और कहा कि मैं तुम्हें अपना आधा राज-पाट देता हूं, अब तो खुश व संतुष्ट हो? भिखारी बोला, मैं खुश और संतुष्ट तभी हो सकूंगा जब नाली में गिरा तांबे का सिक्का मुझे मिल जायेगा।

हमारा हाल भी उस भिखारी जैसा ही है।

हमें भगवान(GOD) ने आध्यात्मिकता रूपी अनमोल खजाना दिया है और हम उसे भूलकर संसार रूपी नाली में तांबे के सिक्के निकालने के लिए जीवन गंवाते जा रहे है। परमात्मा को याद कियें बिन कैसे हो, बेड़ा तेरा पार जी। शवास हाथ से जा रहे हैं, कीमत बेशुमार जी।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., Hindi Motivational Story !!, हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: copper coin hindi story, Hindi Kahaniya, moral stories in hindi, stories in hindi, ‎कहानियां, छोटी कहानी इन हिंदी, जीवनी कहानियां, तांबे का सिक्का, पंचतंत्र कहानियाँ, प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में, बच्चों की कहानियाँ

जीतने की प्रबल इच्छा।

Kmsraj51 की कलम से…..

Strong Desire to Win | जीतने की प्रबल इच्छा।

In any case, we all will have to win from the enemies, because there are no boats and ships to go back.यह बात बहुत समय पहले कि है, एक महान शुरवीर योद्धा अपने दुश्मन राज्य से जब युद्ध करने जा रहा था, ताे उसने देखा की उसके सैनिकों में दुश्मनाें से युद्ध करने काे लेकर भय हैं। भय का मुख्य कारण था, दुश्मन राज्य के सैनिकों की संख्या बहुत अधिक थी।

युद्ध करने के लिए सागर के पार जाना था। वह महान शुरवीर योद्धा अपने सभी सैनिकों के साथ बड़े समुद्री जहाजाें व बड़े नावाें से सागर के किनारे पहुँचने पर सारे जहाजाें और नावाें काे जला दिया।

फिर उस महान शुरवीर योद्धा ने अपने सैनिकों का उत्साह बढ़ाते हुए बाेला अगर आप सभी काे वापस घर जाना है, ताे हर हाल में हम सभी काे दुश्मनाें से जीतना ही हाेगा, क्योंकी वापस जाने के लिए नाव व जहाज अब नहीं रहे। अगर हम सभी दुश्मनाें से युद्ध ना जीत पाए ताे यही मारे जायेगे। इसलिए हर हाल में हम सभी काे दुश्मनाें से युद्ध जीतना ही हैं।

साेचियें मित्रों क्या हुआँ हाेगा।

वह महान शुरवीर योद्धा, युद्ध जीत गया था। सभी सैनिकों काे आंतरिक प्रबल इच्छा शक्ति का एहसास हाे गया था।

सीख: अगर किसी भी कार्य काे करने की प्रबल आंतरिक दृढ़ इच्छा हाे, ताे सफलता जरूर मिलेगीं।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Kahaniya, moral stories in hindi, stories in hindi, ‎कहानियां, छोटी कहानी इन हिंदी, जीतने की प्रबल इच्छा, जीवनी कहानियां, पंचतंत्र कहानियाँ, प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में, बच्चों की कहानियाँ

अधूरी भक्ति।

Kmsraj51 की कलम से…..

Incomplete Bhakti | अधूरी भक्ति।

You are such that even after years of penance, you could not understand that there is only one soul element present in everyone.मृत्यु के उपरांत एक साधु तथा डाकू साथ-साथ यमराज की सभा में पहुँचे। यमराज ने अपने बही-खातों की जाँच-पड़ताल करके उनसे कहा-यदि तुम दोनों को अपने लिए कुछ कहना हो तो कह सकते हो।

“डाकू विनम्र स्वर में बोला-महाराज मैंने जीवन में बहुत पाप किए हैं। जो भी दंड विधान आपके यहाँ मेरे लिए हो वह करें। मैं प्रस्तुत हूँ।” फिर साधु बोले-आप तो जानते ही हैं, मैंने जीवनभर भक्ति की है। कृपया मेरे सुख साधनों का प्रबंध शीघ्र करवाएँ।

“यमराज ने दोनों की इच्छा सुनकर डाकू से कहा-तुम्हें यह दंड दिया जाता है कि तुम आज से इस साधु की सेवा किया करो।” डाकू ने सिर झुकाकर आज्ञा शिरोधार्य की, परंतु साधु ने आपत्ति की-महाराज इस दुष्ट के स्पर्श से मैं भ्रष्ट हो जाऊँगा। मेरी भक्ति तथा तपस्या खंडित हो जाएगी।

अब यमराज के आदेश के स्वर में आक्रोश बोले — निरपराध भोले व्यक्तियों का वध करने वाला तो इतना विनम्र हो गया कि तुम्हारी सेवा करने को तत्पर है और तुम हो कि वर्षों की तपस्या के पश्चात् भी यह न जान सके कि सबमें एक ही आत्म-तत्त्व समाया हुआ है। जाओ तुम्हारी भक्ति अभी अधूरी है, अतः आज से तुम इसकी सेवा किया करो।’

सीख: अहंकार काे त्याग कर, विनम्रता के गुण काे धारण करना ही सच्ची भक्ति हैं।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Kahaniya, Incomplete Bhakti, moral stories in hindi, stories in hindi, अधूरी भक्ति, ‎कहानियां, छोटी कहानी इन हिंदी, जीवनी कहानियां, पंचतंत्र कहानियाँ, प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में, बच्चों की कहानियाँ

मस्तिष्क में रिक्त जगह।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ मस्तिष्क में रिक्त जगह।~सुमित वत्स। ϒ

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं …..

उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी बरनी ( जार ) टेबल पर रखा और उसमें, टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद समाने की जगह नहीं बची।

उन्होंने छात्रों से पूछा – क्या बरनी पूरी भर गई ? हाँ …
आवाज आई …
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने छोटे – छोटे कंकर उसमें भरने शुरु किये धीरे – धीरे बरनी को हिलाया तो काफ़ी सारे कंकर उसमें जहाँ जगह खाली थी, समा गये।

फ़िर से प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा, क्या अब बरनी भर गई है, छात्रों ने एक बार फ़िर हाँ … कहा
अब प्रोफ़ेसर साहब ने रेत की थैली से हौले – हौले उस बरनी में रेत डालना शुरु किया, वह रेत भी उस जार में जहाँ संभव था बैठ गई, अब छात्र अपनी नादानी पर हँसे।
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा, क्यों अब तो यह बरनी पूरी भर गई ना ? हाँ
….. अब तो पूरी भर गई है ….. सभी ने एक स्वर में कहा …..

सर ने टेबल के नीचे से …..
चाय के दो कप निकालकर उसमें की चाय जार में डाली, चाय भी रेत के बीच स्थित…
थोडी सी जगह में सोख ली गई …..

प्रोफ़ेसर साहब ने गंभीर आवाज में समझाना शुरु किया।

इस काँच की बरनी को तुम लोग अपना जीवन समझो ….

टेबल टेनिस की गेंदें सबसे महत्वपूर्ण भाग अर्थात भगवान, परिवार, बच्चे, मित्र, स्वास्थ्य और शौक हैं।

छोटे कंकर मतलब तुम्हारी नौकरी, कार, बडा़ मकान आदि हैं, और …..

रेत का मतलब और भी छोटी – छोटी बेकार सी बातें, मनमुटाव, झगडे़ है …..

अब यदि तुमने काँच की बरनी में सबसे पहले रेत भरी होती तो टेबल टेनिस की गेंदों और कंकरों के लिये जगह ही नहीं बचती, या
कंकर भर दिये होते तो गेंदें नहीं भर पाते, रेत जरूर आ सकती थी।
ठीक यही बात जीवन पर लागू होती है …..

यदि तुम छोटी – छोटी बातों के पीछे पडे़ रहोगे।
और अपनी ऊर्जा उसमें नष्ट करोगे तो तुम्हारे पास मुख्य बातों के लिये अधिक समय
नहीं रहेगा …..

मन के सुख के लिये क्या जरूरी है ये तुम्हें तय करना है। अपने …..
बच्चों के साथ खेलो, बगीचे में पानी डालो, सुबह पत्नी के साथ घूमने निकल जाओ।
घर के बेकार सामान को बाहर निकाल फ़ेंको, मेडिकल चेक – अप करवाओ …..
टेबल टेनिस गेंदों की फ़िक्र पहले करो, वही महत्वपूर्ण है ….. पहले तय करो कि क्या जरूरी है।
….. बाकी सब तो रेत है …..
छात्र बडे़ ध्यान से सुन रहे थे।

अचानक एक ने पूछा, सर लेकिन आपने यह नहीं बताया
कि ” चाय के दो कप ” क्या हैं ?

प्रोफ़ेसर मुस्कुराये, बोले ….. मैं सोच ही रहा था कि अभी तक ये सवाल किसी ने क्यों नहीं किया …..
इसका उत्तर यह है कि, जीवन हमें कितना ही परिपूर्ण और संतुष्ट लगे, लेकिन…..
अपने खास मित्र के साथ दो कप चाय पीने की जगह हमेशा होनी चाहिये।

© सुमित वत्स।

Sumit Vats-kmsraj51
सुमित वत्स।

हम दिल से आभारी हैं सुमित वत्स जी के प्रेरणादायक हिन्दी कहानी साझा करने के लिए।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

 

 

 

 

 

 

_______Copyright © 2015 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी, हिंदी कहानी, हिन्दी साहित्य Tagged With: Hindi Kahani-हिंदी कहानी, Hindi literature, Hindi Stories, Hindi Story, Hindi website, http://kmsraj51.com/, Huge collection of inspirational stories for children in Hindi., Kids Inspirational Hindi Story, Kmsraj51, Moral Hindi Stories, Read instructive huge collection of stories in Hindi., stories in hindi, Sumit vats, पढ़ें शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह हिंदी में।, प्रेरणात्मक हिंदी कहानी, प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, बच्चों के लिए प्रेरणात्मक हिंदी कहानी का संग्रह, शैक्षिक हिंदी कहानी, सुमित वत्स, सुमित वत्स जी के प्रेरणादायक हिन्दी कहानी।, सुमित वत्स जी द्वारा हिंदी कहानी।, हिंदी कहानी : Hindi Stories

इंसानियत।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ इंसानियत। ϒ

हमारे देश में बहुत से धर्म और जातियाें के लाेग रहते है। हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई, सब की अलग-अलग भाषा औरअलग-अलग लिबास है। सब के भगवान अलग-अलग है। सब अपने-अपने भगवान की पूजा करते है। कुछ लाेग इस बात काे नज़र मे रखते हुये देश मे दंगा फ़साद करवाने की काेशिश करते है। यह बात बिलकुल गलत है। वाे यह बात भूल जाते है कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है। वाे यह बात भी भूल जाते है कि सब धर्माे के ग्रन्थाें में कितनी अच्छी-अच्छी बातें लिखी हुयी है। जैसे गीता, क़ुरान, बाइबल और गुरु ग्रंथ साहिब। किसी में भी लड़ाई-झगड़े के बारे में नही लिखा हुया है। सब ग्रंथाें में आपस में मिल जुल कर रहने की ही बातें लिखी हुयी है, और सब में एक-दूसरे के साथ इंसानियत निभाने के बारे मे ही लिखा है। सब से प्यार कराे एक-दूसरे का दुँख:-सुख: बाँटाे, किसी काे अगर मदद की ज़रूरत है ताे उसकी मदद कराे। मददगार बनाे दुश्मनी मत निभायाे। काेई भी मामला हाे उसे शान्ति से मिल-जुल कर बैठकर हल कराे। हर समस्या का हल झगड़ा ही नही है। लेकिन जाे लाेग आपस में झगड़ा करवाने की काेशिश करते है, उन्हे इस बात से कुछ लेना-देना नही है,उन्हे ताे बस आपस में झगड़ा करवा कर और उसे बढ़ावा देने में ही आनन्द आता है। ऐसे लाेगाे काे भी इस बात काे समझना चाहिये, कि जिंदगी कितनी छाेटी सी है, एक दिन सबकाे रब काे अपना मुँह दिखाना है। इसलिये इस दंगा फ़साद की जगह समाज में मेल-मिलाप प्यार-शान्ति काे बढ़ावा दे। आख़िर यहाँ बेशक बहुत से धर्म और जातियाँ है। लेकिन ऊपर बैठा भगवान ताे एक ही है। आप काेई भी रास्ते से जायाे लेकिन, मंज़िल ताे एक ही है। ऊपर जाने के रास्ते बेशक अलग-अलग है, सबका मालिक एक है। सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है। जाे सब धर्माे से ऊपर है। जिसने इंसानियत का धर्म अपना लिया समझाे उसने भगवान काे पा लिया। हमारे समाज मे बहुत से ऐसे लाेग भी है जिन्हें, एक समय का खाना भी नसीब नही हाेता जिनके पास रहने के लिये घर भी नही है। बेचारे भीख, मांग कर अपना गुज़ारा करते है। “इसलिये जिन लाेगाे काे भगवान ने सब कुछ दिया है उन्हे, इन सबकी मदद करनी चाहिये। सबसे प्यार करना चाहिये,चाहे काेई अमीर हाे या ग़रीब, सबसे इंसानियत निभानी चाहिये। लड़ाई-झगड़े से दूर रहना चाहिये, इंसानियत से बड़ा कुछ नही, इंसानियत ही सब से बड़ा धर्म है।”

∅- विमल गांधी ∇
Vimal Gandhi-kmsraj51
विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी विचारों काे साझा करने के लिए।

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

 

 

 

_______Copyright © 2013-2015 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

Filed Under: 2015-Kmsraj51 की कलम से….., विमल गांधी जी।, हिंदी, हिन्दी साहित्य Tagged With: AUTHOR KRISHNA MOHAN SINGH, best hindi website, CYMT-Change Your Mind Thoughts, Hindi Article, Hindi Quotes, Hindi Quotes-Thoughts, Hindi Stories, HINDI THOUGHTS, http://kmsraj51.com/, Humane-Hindi Thoughts, Humanity - Thoughts in Hindi, INSPIRATIONAL HINDI THOUGHTS, Kmsraj51, KMSRAJ51-CYMT, Moral Hindi Thoughts, motivational thoughts in hindi, Personal Development Thoughts in Hindi, Positive Hindi Thoughts, Quotes, stories in hindi, Thoughts of Vimal Gandhi, Top Indian Hindi Website, इंसानियत-विमल गांधी जी।, इंसानियत।, पढ़े विशाल सकारात्मक हिन्दी विचारों का संग्रह।, पढ़े सकारात्मक हिन्दी विचारों का संग्रह।, पढ़े हिन्दी विचारों का संग्रह।, पढ़े-विमल गांधी जी के सकारात्मक हिन्दी विचारों का विशाल संग्रह।, हिन्दी साहित्य।

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.