• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for 2018-Kmsraj51 की कलम से…..

2018-Kmsraj51 की कलम से…..

सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं। ϒ

🙂 दिल की गहराइयों तक जो उतर जाये – वही शब्द असल में ग़ज़ल कहलायें – सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं।

सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं।
शहर में कुछ पीर आजकल भी रहते हैं।

आँख भरके देखते हैं क़द्र न की जिसने-
मचलते हैं क्यों इतना पूँछ के देखते हैं।

चाँद से बढ़ कर रोशन सादगी जिनकी।
हर दिन वो शान से बाहर निकलते हैं।

हुजूम से परे उन पर निगाहें ठहर गई।
तितलियाँ मँडरातीं हैं शायद महकते हैं।

उतरे चेहरे सँवार के भी ख़ामोश बहुत-
जहाँ भर की ख़ुशी आस पास रखते हैं।

तिरे पीछे तिरि परछाँइयों से की बातें।
चश्म हैराँ मिरि अक़्स कमाल करते हैं।

मुंसिफ-ए-बहाराँ तिरि एक नज़र को।
‘राहत’ तेरे कूचे से दिन रात गुजरते हैं।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

हम दिलसे आभारी है – डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के, हिंदी में ग़ज़ल शेयर करने के लिए। KMSRAJ51.COM के Author Team पैनल में तहेदिल से स्वागत है – आपका।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के लिए मेरे विचार:

♣ “डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी” ने “सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं।…“ काे ग़ज़ल के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – इक – इक शब्द दिल की गहराइयों तक उतरते है। आपके लेखन की खासियत है की बिलकुल खुले मन से लिखते है, आपके लेख के हर एक शब्द दिल को छूने वाले होते है। हर एक शब्द अपने आप में एक पूर्ण सुझाव देता है, फिर चाहे वो नज़्म, गज़ल हो या कवितायें हो या अन्य लेख। जो भी इंसान इनके लेख को दिल से समझकर आत्मसात करेगा उसका जीवन धन्य हो जायेगा।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., डॉ. रूपेश जैन 'राहत", हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: Gazal !!, gazal in hindi, roopesh jain, गजल हिन्दी मे, गीत और ग़ज़ल, गीत ग़ज़ल कविता, डॉ. रूपेश जैन, डॉ. रूपेश जैन 'राहत', सुना है ज़माने के साथ लोग बदलते हैं।

युवा समाज बदलते जा रहे हैं।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ युवा समाज बदलते जा रहे हैं। ϒ

kavita hindi mein

दिन हो, रात हो अब युवा हिन्द के करते आराम नहीं।
समाज बदल रहा है युवा, व्याकुलता का अब काम नहीं।

भारत माता की वेदी पर निज प्राणों का उपहार लाये हैं।
शक्ति भुजा में, ज्ञान गौरव जगाने भारत के युवा आये हैं।

नित नए प्रयासों से समाज को आगे ले जा रहे है।
देखो युवा क्या – क्या नये उद्यम ला रहे है।

बिन्नी के साथ ‘फ्लिपकार्ट’ आया – देश में नया रोजगार लाया।
कुणाल और रोहित की ‘स्नैपडील’ – कंस्यूमर को हो रहा गुड फील।
देश की बेटियाँ कहाँ पीछे रहीं – राधिका की ‘शॉप-क्लूज़’ आ गयी॥

हुनर नहीं बर्बाद होता अब तहखानों में –
जीवन रागनियाँ मचल रही नव-गानों में।

समझ चुके हैं बिना प्रयास पुरुषार्थ क्षय है।
आगे बढ़ चले अब, भारत माता की जय है।

तप्त मरु को हरित कर देने की आस लगाये हैं।
युवा सुख-सुविधाओं की नए परम्परा लाये है।

भाविश का ‘ओला’ समय से घर पहुँचता।
शशांक का ‘प्रैक्टो’ डॉक्टर से मिलवाता।

दीपिंदर का ‘जोमाटो’ खाना खिलवाता।
समर का ‘जुगनू’ ऑटोरिक्शा दिलवाता।

विजय का ‘पेटीऍम’ ट्रांजेक्शन की जान।
सौरभ, अलबिंदर का ‘ग्रोफर्स’ खरीदारों की शान।

शिरीष आपटे की जल प्रणाली देश के काम आ रही।
बीएस मुकुंद की ‘रीन्यूइट’ सस्ते कंप्यूटर बना रही।

बिनालक्ष्मी नेप्रम ‘वुमेन गन सर्वाइवर नेटवर्क’ चला रहीं।
सची सिंह रेलवे स्टेशन पर लावारिसों को राह दिखा रहीं।

प्रीति गाँधी की मोबाइल लाइब्रेरी सबको ज्ञान बाँट रही।
डॉ. बोडवाला की ‘वन-चाइल्ड-वन-लाइट’ जीवन में जान डाल रही।

जादव पायेंग “फॉरेस्ट मॅन ऑफ इंडिया” जूझा अकेला।
आज १३६० एकड़ में ‘मोलाई’ का जंगल फैला।

तरक्की की कलम से भाग्य लिखते जा रहे हैं।
नव पथ पर निशाँ बनते जा रहे हैं।

नित नए नाम जुड़ते जा रहे हैं।
युवा समाज बदलते जा रहे हैं।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

हम दिलसे आभारी है – डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के, हिंदी में कविता शेयर करने के लिए। KMSRAJ51.COM के Author Team पैनल में तहेदिल से स्वागत है – आपका।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के लिए मेरे विचार:

♣ “डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी” ने “युवा समाज बदलते जा रहे हैं।…“ काे कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – इक – इक शब्द दिल की गहराइयों तक उतरते है। आपके लेखन की खासियत है की बिलकुल खुले मन से लिखते है, आपके लेख के हर एक शब्द दिल को छूने वाले होते है। हर एक शब्द अपने आप में एक पूर्ण सुझाव देता है, फिर चाहे वो नज़्म, गज़ल हो या कवितायें हो या अन्य लेख। जो भी इंसान इनके लेख को दिल से समझकर आत्मसात करेगा उसका जीवन धन्य हो जायेगा।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., डॉ. रूपेश जैन 'राहत", हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: aaj ka yuva, digital india, hindi poetry, kavita hindi mein, make in india, modern india, poetry in hindi, roopesh jain, yuva indians, डॉ. रूपेश जैन 'राहत', युवा समाज बदलते जा रहे हैं।, हिन्दी कविता बच्चों के लिए, हिन्दी कविता संग्रह, हिन्दी में कविता, हिन्दी में कवितायें

न रख इतना नाजुक दिल।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ न रख इतना नाजुक दिल। ϒ

🙂 दिल की गहराइयों तक जो उतर जाये – वही शब्द असल में नज़्म कहलायें – न रख इतना नाजुक दिल।

इश्क़ किया तो फिर न रख इतना नाज़ुक दिल
माशूक़ से मिलना नहीं आसां ये राहे मुस्तक़िल
तैयार मुसीबत को न कर सकूंगा दिल मुंतकिल
क़ुर्बान इस ग़म को तिरि ख़्वाहिश मिरि मंज़िल

मुक़द्दर यूँ सही महबूब तिरि उल्फ़त में बिस्मिल
तसव्वुर में तिरा छूना हक़ीक़त में हुआ दाख़िल
कोई हद नहीं बेसब्र दिल जो कभी था मुतहम्मिल
गले जो लगे अब हिजाब कैसा हो रहा मैं ग़ाफ़िल

तिरे आने से हैं अरमान जवाँ हसरतें हुई कामिल
हो रहा बेहाल सँभालो मुझे मिरे हमदम फ़ाज़िल
नाशाद न देखूं तुझे कभी तिरे होने से है महफ़िल
कैसे जा सकोगे दूर रखता हूँ यादों को मुत्तसिल

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

हम दिलसे आभारी है – डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के, हिंदी में नज़्म शेयर करने के लिए। KMSRAJ51.COM के Author Team पैनल में तहेदिल से स्वागत है – आपका।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के लिए मेरे विचार:

♣ “डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी” ने “न रख इतना नाजुक दिल।…“ काे नज़्म के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – इक – इक शब्द दिल की गहराइयों तक उतरते है। आपके लेखन की खासियत है की बिलकुल खुले मन से लिखते है, आपके लेख के हर एक शब्द दिल को छूने वाले होते है। हर एक शब्द अपने आप में एक पूर्ण सुझाव देता है, फिर चाहे वो नज़्म, गज़ल हो या कवितायें हो या अन्य लेख। जो भी इंसान इनके लेख को दिल से समझकर आत्मसात करेगा उसका जीवन धन्य हो जायेगा।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., नज़्म हिंदी में Tagged With: baccho ki hindi kavita, Hindi Kavita, hindi poetry, Hindi Shayari, Kmsraj51, Large Collection of Nazms, Nazm, nazm in hindi, roopesh jain, Sher-o-Shayari, कुछ नज्में, डॉ. रूपेश जैन 'राहत', न रख इतना नाजुक दिल।, नज़्म - शायरी हिंदी में, मशहूर नज़्में, शेर-ओ-शायरी, सबसे मशहूर नज़्मों का संकलन

कुछ ख़्वाब बुन लेना जीना आसान हो जायेगा।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ कुछ ख़्वाब बुन लेना जीना आसान हो जायेगा। ϒ

🙂 दिल की गहराइयों तक जो उतर जाये – वही शब्द असल में ग़ज़ल कहलायें।

कुछ ख़्वाब बुन लेना जीना आसान हो जायेगा।
दिल की सुन लेना मिज़ाज शादमान हो जायेगा।

मुद्दत लगती है दिलकश फ़साना बन जाने को।
हिम्मत रख वक़्त पे इश्क़ मेहरबान हो जायेगा।

टूटना और फिर बिखर जाना आदत है शीशे की।
हो मुस्तक़िल अंदाज़ ज़माना क़द्रदान हो जायेगा।

लर्ज़िश-ए-ख़याल में ज़र्द किस काम का है बशर।
जानें तो हुनर तिरा मुल्क़ निगहबान हो जायेगा।

मंज़िल-ए-इश्क़ में बाकीं हैं इम्तिहान और अभी-
ब-नामें मुहब्बत ‘राहत’ बेख़ौफ़ क़ुर्बान हो जायेगा।

 डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

हम दिलसे आभारी है – डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के, हिंदी में ग़ज़ल शेयर करने के लिए। KMSRAJ51.COM के Author Team पैनल में तहेदिल से स्वागत है – आपका।

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी के लिए मेरे विचार:

♣ “डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जी” ने “ख़्वाब, इश्क़ व मोहब्बत…“ काे गज़ल के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – इक – इक शब्द दिल की गहराइयों तक उतरते है। आपके लेखन की खासियत है की बिलकुल खुले मन से लिखते है, आपके लेख के हर एक शब्द दिल को छूने वाले होते है। हर एक शब्द अपने आप में एक पूर्ण सुझाव देता है, फिर चाहे वो गज़ल हो या कवितायें हो या अन्य लेख। जो भी इंसान इनके लेख को दिल से समझकर आत्मसात करेगा उसका जीवन धन्य हो जायेगा।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी कविता, हिंदी में गज़ल।, हिन्दी साहित्य Tagged With: ghazal in hindi, heart touching ghazal in hindi, old hindi ghazals, roopesh jain, कवितायें और गज़लें, गज़ल शायरी, गज़ल हिंदी में, गीत-गज़ल-कविता, गीत-गज़ल-कविता हिंदी में, डॉ. रूपेश जैन 'राहत', हिंदी में गज़ल

सर झुकाना आ जाये…।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सर झुकाना आ जाये…। ϒ

🙂 हिंदी गज़ल – सर झुकाना आ जाये …

नज़ाकत-ए-जानाँ1 देखकर सुकून-ए-बे-कराँ2 आ जाये।
चाहता हूँ बेबाक इश्क़ मिरे बे-सोज़3 ज़माना आ जाये।

मुज़्मर4 तेरी अच्छाई हम-नफ़्स मुझमे, क़िस्मत मिरी।
लिखे जब तारीख़े-मुहब्बत5 तो हमारा फ़साना आ जाये।

माना हरहाल मुस्कुराते रहना है रिवायत-ए-जवानी6,
जुस्तजू इतनी दौर-ए-ग़म7 में रिश्ते निभाना आ जाये।

बे-लिहाज़8 बस्ती में हो चला मतलब-आश्ना9 हर कोई।
भरोसा रखने से बेहतर दर्द-ए-बेकसी10 भुलाना आ जाये।

इबादत-गुज़ार11 हूँ मिरे मालिक़ इनायत बख्शते रहना।
दुआ ‘राहत’ नाम तिरा आये तो सर झुकाना आ जाये।

◊—◊

शब्दार्थ:

१ नज़ाकत-ए-जानाँ -: प्रिय की सादगी

२ सुकून-ए-बे-कराँ -:  अशांत की शांति/ असीम शांति

३ बे-सोज़ -: जिसमें जलन न हो

४ मुज़्मर -: छुपी हुई

५ तारीख़े-मुहब्बत -: प्रेम का इतिहास

६ रिवायत-ए-जवानी -: युवा होने के नाते, युवाओं की परंपरा

७ दौर-ए-ग़म -: पीड़ा का समय

८ बे-लिहाज़ -:बेशर्म

९ मतलब-आश्ना -: मतलब से प्यार करने वाला

१० दर्द-ए-बेकसी – असहाय होनें की पीड़ा

११ इबादत-गुज़ार – भक्त, प्रार्थना करने वाला

© डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

हम दिल से आभारी हैं डॉ. रूपेश जैन -राहत- जी के प्रेरणादायक हिन्दी ग़जल “सर झुकाना आ जाये…।” साझा करने के लिए।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य Tagged With: gazal in hindi, hindi gazal, poetry in hindi, roopesh jain, रूपेश जैन, सर झुकाना आ जाये

चौबीसी स्त्रोत।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ चौबीसी स्त्रोत…। ϒ

चौबीसी स्त्रोत

घनघोर तिमिर चहुँ ओर या हो फिर मचा हाहाकार
कर्मो का फल दुखदायी या फिर ग्रहों का अत्याचार
प्रतिकूल हो जाता अनुकूल लेकर बस आपका नाम
आदि पुरुष, आदीश जिन आपको बारम्बार प्रणाम॥१॥

आता जाता रहता सुख का पल और दुःख का कोड़ा
दीन-दुखी मन से, कर्मो ने जिसको कही का न छोड़ा
हर पतित को करते पावन, मन हो जाता जैसे चन्दन
जग में पूजित ‘श्री अजित’ आपको कोटि-कोटि वंदन॥२॥

सूर्य रश्मियाँ भी कर न सकें जिस तिमिर में उजियारा
ज्वालामुखी का लावा तुच्छ ऐसा जलने वाला दुखियारा
शरण में आकर आपकी हर पीड़ा से मुक्त हो तर जाता
पूजूँ ‘श्री संभव’ चरण कमल फिर क्या असंभव रह जाता॥३॥

सौ सौ पुत्र जननेवाली माता जहां कर्मवश दुखी रहा करती
माया की नगरी में जहां प्रजा हमेशा प्रपंचो में फसी रहती
ऐसे पंकोदधि में दुखिजनो को तेरे पद पंकज का ही सहारा
‘श्री अभिनन्दन’ करो कृपा, हम अकिंचन दे दो हमें किनारा॥४॥

न कर सके जिसको शीतल चन्द्रमा भी सारी शक्ति लगा के
भस्म हो रहा जो क्रोधासाक्त, अग्नि बुझा न सके सिन्धु भी
ऐसा कोई मूढ़ कुमति भी हो जाता पूज्य, लेकर आपका नाम
हे मुक्ति के प्रदाता ‘श्री सुमतिनाथ’ प्रभु करो जग का कल्याण॥५॥

कर्मों का लेखा-जोखा इस भवसागर में किसको नहीं सताता
जानकर भी पंक है जग, इस दलदल में हर कोई फस जाता
फिर भी शक्तिहीन लेकर आपका नाम भवसागर से तर जाता
चरण सरोज ‘श्री पदमप्रभु’ के ध्याकर पतित भी मोक्ष पा जाता॥६॥

चंचल चित्त अशांत भटक रहा बेपथ जिसको नहीं श्रद्धान
शूलो से भेदित हृदय रहा तड़प अब करूँ प्रभु का गुणगान
विषयों में व्याकुल भव भव में भटका सहकर घोर उपसर्ग
निज में होकर लीन जपूँ ‘श्री सुपार्श्व’ सो पाऊं मुक्तिपथ॥७॥

रवि रश्मियाँ आभा में सुशोभित चरण जजूँ हे दीनदयाल
चन्द्र चांदनी चरणों में विलोकित प्रणमुं महासेन के लाल
ऐसे मन मोहने ‘चन्द्र प्रभु’ दुःख-तिमिर का नाश करते हैं
सेवक तीर्थंकर वंदन कर आत्मउद्धार के मार्ग पर बढ़ते हैं॥८॥

सिर सुरक्षित रहता है क्रोधासक्त गज के पग में आने पर
तन-मन स्थिर रहता है प्राणघातक तूफान में फस जाने पर
कुसुम सा प्रफुल्लित हो जाता है मन आपका दर्शन पाने पर
‘श्री पुष्पदंत’ प्रभु जी की कृपा हो जाती है हृदय से ध्याने पर॥९॥

विकल को सरल और विकट को आसान करने वाले प्रभु प्यारे
व्याकुल को शांत और गरल को अमृत करने वाले नाथ निराले
पूजा करू मन वच काय और यश गाऊं कोटि कोटि शीश नवायें
‘श्री शीतलनाथ’ प्रभु शीतल करें, भव ताप हरें जग सुख प्रदाय॥१०॥

कलंकित तन उज्जवल हो जाता, श्रापित मरुस्थल देवस्थल
आपकी स्तुति से हो रही दस दिशाए गुंजायमान दयानिधान
सर्वज्ञ-सर्वदर्शी माघ कृष्णा अमावस्या को प्रकटा केवलज्ञान
अर्हत् प्रभु, जग कर रहा नमन ‘श्री श्रेयांसनाथ’ महिमानिधान॥११॥

पुण्य-क्षीण होते लगता है अग्नि दहक रही हो भस्म करने को
इन्द्रिय-विषयों की पीड़ा जैसे मृत्यु समीप हो आलिंगन करने को
मोक्षमार्ग के व्रती कर निजध्यान निर्वाण को तत्पर हो जाते हैं
‘श्री वासुपूज्य’ प्रभु की कृपा से सेवक सिद्धपद पा जाते हैं॥१२॥

चित्त राग-द्वेष में उलझा व्याकुल हृदय में घोर घमासान हो
हेय तत्वों का होता श्रद्धान ऐसा जब लगे कोई न समाधान हो
कर्म कंटकों में उदविग्न भटक रही आत्मा कितने ही युगों से
पूजूं ‘श्री विमल’ चरण, अब निवास शाश्वत सिद्धों का धाम हो॥१३॥

इन्द्रियों से प्रेरित होकर क्षणभंगुर सुख के जाले में फस जाता है
हेय, ज्ञेय और उपादेय भूलकर जग बंधन में प्राणी धस जाता है
कर्म ताप के नाश हेतु मैं, ‘अनंतनाथ’ प्रभु को श्रद्धा सहित ध्याऊं
नाथ आपके चरणों की वंदनाकर सिद्धों के आठ महागुण पा जाऊं॥१४॥

इस जीवन में उपादेय रमण कर, स्वयं अपना कल्याण करूँ
धर्म साधना में तन्मय हो, प्रभु की सदा जय-जयकार करूँ
हो निष्काम भावना सुन्दर, लेश न पग कुमार्ग पर जाने पाऊँ
मैं भी होऊं प्राप्त निर्वाण को ‘धर्मनाथ’ प्रभु को ह्रदय में बसाऊँ॥१५॥

तप धारण कर निज की सिद्धि हेतु तुम्हारे गुण गाता हूँ
निजातम सुख पाने को विशुद्ध भावों की बगिया सजाता हूँ
कर्मों से क्षुब्द्ध कलंकित दिशाहीन नमूँ धर मुक्ति की आस
‘श्री शांतिप्रभु’ काटो कर्म पदकमल में विनती कर रहा दास॥१६॥

आत्म शत्रु स्वयं मैं पर्याय की माया में अब तक लीन रहा
निज में आत्मावलोकन करने अब शरण तुम्हरी आया हूँ
चैतन्य करो केवल्य वाटिका मेरी देकर अक्षयपद का दान
नतमस्तक करूँ बार बार वंदना, नमन ‘कुंथुनाथ’ भगवान्॥१७॥

‘अरहनाथ’ निर्मल करन, दोष मिट जायें जिनवर सुखकारी
मन वच तन शुद्धिकरण, विघ्न सब हट जायें उत्सव भारी
जग बैरी भयो जो, बैर भाव भुला नरनार ज्ञानामृत को पायें
पूजूँ प्रभु भाव सो, मंगलकारी अविनासी पद प्राप्त हो जायें॥१८॥

दूषित मन को पावन करते, मन-वच-काया की चंचलता हरते
रोष मिटा जन जन को हर्षित करते, कषायों की छलना हरते
तीनलोक पुलकित हो जाते करके प्रभुकी महिमा का यशोगान
हे ‘मल्लिनाथ’ भगवान आपके चरणाम्बुज में बारम्बार प्रणाम॥१९॥

रागद्वेष में रमे हम अज्ञानी फिर भी न जाने क्यों अभिमानी
मोहजाल में फसे तुच्छ जीव, है यही सबकी दुख भरी कहानी
दो सद्बुद्धि हमें, लेते हृदय से आपका नाम जिननाथ महान
‘मुनि सुब्रतनाथ’ प्रभु विनती आपसे दीजे सिद्ध पद का दान॥२०॥

क्षणभंगुर विषयों के व्यापार से कर्म आस्रव दुखकारी हो जाते
भूला क्यों है कोई न बचता कर्मोदय भवसागर में खूब सताते
निज में सुख पाने को प्रेम भाव से अरिहंत आपको ध्याता हूँ
छवि उर में आपकी बसाकर ‘नमिनाथ’ प्रभु धन्य मैं हो जाता हूँ॥२१॥

सिद्ध होकर गिरनार से तीर्थ मुक्ति का भक्तों को देने वाले
परम पुनीत तप परमाणुओं से जग को प्रकाशित करने वाले
अहो भाग्य हमारा आया जो आप के चरणों में शीश झुकायें
दो शक्ति हमें ‘नेमि’ प्रभु हम भी तीर्थपथ पर आगे बढ जायेँ॥२२॥

नाम आपका लेने पर हर मुश्किल से छुटकारा हो जाता
जो भक्ति में लीन रहे सो, स्वयं ही भाग्यविधाता हो जाता
छोटे पड़े सुख सब संसार के, नाम प्रभु का ही सबसे प्यारा
जय श्री चिंतामणि ‘पारसनाथ’, कर देते जीवन में उजयारा॥२३॥

भेद न किया प्राणिमात्र में जियो और जीने दो का उपदेश दिया
वीतरागी भगवान जिन्होंने ने आत्मबल से कर्मों को जीत लिया
मार्ग दिखाकर हम सब को मुक्ति का स्वयं भवसागर तीर्थ किया
बन्दों ‘वर्धमान’ अतिवीर, जो ध्याये सो उसका कल्याण किया॥२४॥

पूजूँ सच्चे भाव से चौबीसी स्त्रोत सुखदाय
करो कल्याण प्रभु ‘राहत’ आराधना में चित लगाये
• डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’

● Kmsraj51

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से…..

“मातृ दिवस” – ममता की माँ सूरत…।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ ममता की माँ सूरत…। ϒ

⇒ Mother Nature of Mamta.

🙂 “मातृ दिवस” – ममता की माँ सूरत…।

माँ! माँ है माँ होती।
ममता की माँ सूरत।
धरा पर माँ एक सूरज।
खुद ही है माँ पलती।
बच्चा भी है पालती॥

बच्चे को वह सुधारती।
गर्भ में धारण करती।
बच्चा संवार कर रखती।
निज रक्त मज्जा -पालती।
स्तन के दूध पिलाती॥

हल्राती -दुलराती,
है प्यार उसे दिखाती।
वह साथ में सुलाती।
रात भर जाग बिताती,
विस्तार गीले रह जाती॥

खुद भूखे रहकर भी –
बच्चे को दूध पिलाती।
सूखे बिस्तर – लिटाती।
माँ – माँ ही कहलाती
मजदूरी भले कर लाती॥

नन्हकी – नन्हका खिलाती।
देती मति – मतिमान।
मगण – मगज पिरोती।
मगन मन ही मन होती।
मखतूली – पहनाती॥

‘मंगल’ भावना भारती।
बच्चे को भाति दुलराती।
माँ! माँ है माँ होती।
ममता की माँ सूरत।
धरा पर माँ एक सूरज॥

शब्दार्थ:- मति-बुद्धि | मतिमान- बुद्धिमान | मगण – चालाकी | मगज- दिमाग | मखतूली-काले रेशम का धागा |

शुभकामनाओं के साथ।

∇ सुखमंगल सिंह – ♥
——♦——
सुखमंगल सिंह जी।
हम दिल से आभारी हैं सुखमंगल सिंह जी के प्रेरणादायक कविता (“मातृ दिवस” – ममता की माँ सूरत…।) हिन्दी में Share करने के लिए।

सुखमंगल सिंह जी के लिए मेरे विचार:

♣ “सुखमंगल सिंह जी” ने कविता के माध्यम से मां के गुणाें, त्याग और पालना का खुले मन से वर्णन किया हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविता छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविता काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

  • हिंदी कहानी – निरंतर प्रयास जरूर पढ़े।
_____

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., सुखमंगल सिंह जी कि कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: famous hindi poems, hindi love poetry, Hindi Poems, Hindi poetry on life, hindi romantic poems, poem in hindi, Poem On Time in Hindi, poetry for kids, poetry in hindi, Short hindi poems, Sukhmangal Singh, पोएम इन हिंदी, प्रसिद्ध हिंदी कविताएँ, बतिया -रतियाँ, समय की कीमत समझाते, समय पर कविता, सुखमंगल सिंह, हिंदी में कविता, हिन्दी कविता बच्चों के लिए

आधुनिक समाज में महिलाएं…।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ आधुनिक समाज में महिलाएं…। ϒ

⇒ Women in modern society

🙂 आधुनिक समाज में महिलाएं …

आधुनिक समाज में पुरुष आज भी सर्वोपरि है परन्तु हम यह नहीं भूल सकते कि एक महिला का जीवन पुरुष के जीवन से कहीं अधिक जटिल है। एक महिला को अपनी व्यक्तिगत जिंदगी का ख्याल रखना पड़ता है और यदि वह एक मां है तो उसे अपने बच्चों के पालन पोषण का ख्याल भी रखना पड़ता है। विवाहित स्त्रियाँ अगर नौकरीपेशा हों तो उनके जीवन में अतिरिक्त तनाव हो सकता है, फिर भी वे अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में किसी भी मामले में कमतर नहीं हैं।

वस्तुतः आज भी ऐसे विवाद होतें हैं कि महिलाएं पुरुषों के जितनी मजबूत नहीं हैं और इसलिए हर कार्य उनसे नहीं कराया जा सकता पर क्या हमने कभी सोचा है कि ऐसे बहुत सारे कार्य हैं जो सिर्फ महिलाएं ही कर सकती हैं, पुरुष नहीं। यह सत्य है कि प्रकृति ने स्त्री और पुरुष को अलग-अलग बनाया है, उनकी शारीरिक क्षमतायें भी भिन्न है लेकिन इस आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है। स्त्री और पुरुष की भूमिकाएं समाज द्वारा बनाये गए मानदंडों या मानकों पर आधारित तो होती हैं परन्तु ये स्थाई नहीं हो सकती हैं। परिस्थितियों के हिसाब से इनमे समय-समय पर बदलाव होना आवश्यक है। आप ही सोचिये ‘लकीर के फ़कीर’ बने रहने में क्या कोई लाभ है।

शहरी क्षेत्रों में धीरे-धीरे नई विचारधारा के प्रति लोगो में जागरूकता आ रही है लेकिन विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के हालात ख़राब हैं जिसके कारण गरीबी, अनियोजित परिवार, स्वास्थ्य एवं पिछड़ापन आदि समस्याऐं जस की तस हैं। हमारे ग्रामीण समाज में महिलाओं को बाल श्रमिकों के रूप में अधिक देखा जाता है तथा शिक्षा, बाल विकास, समानता इत्यादि मौलिक अधिकारों से उन्हें वंचित रखा जाता है।

किसी भी देश के स्थायी विकास के लिए महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि अवसर किसी के लिंग के आधार पर नहीं वरन उसकी योग्यता के आधार पर मिलने चाहिए। आप महसूस कर सकते हैं कि हमारी पुरातन मान्यतायें भी प्राकृतिक लिंग मतभेदों पर आधारित नहीं हैं बल्कि रूढ़िवादिता के जहर ने समाज में भेद उत्पन्न कर दिया है।

आज जब हम पश्चिमी देशों की जीवन शैली के प्रति आकर्षित हो रहे हैं तो हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि पश्चिमी देशों ने जीवन के सभी क्षेत्रों में किस तरह विकास किया है। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य प्रणाली, सूचना प्रौद्योगिकी इत्यादि श्रेष्ठम हैं। पश्चिमी देशों में पुरुष और महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं और अपने देश के बुनयादी विकास से आधुनिक प्रगति के बीच समान रूप से योगदान दे रहे हैं। पश्चिमी समाज में स्त्री-पुरुष भेद के बिना सभी को शिक्षा एवं अवसर सामान रूप से दिए जाते हैं।

नित्य बदलती दुनियाँ, राजनीतिक संक्रमण और संकटो के वैश्विक प्रभाव में आज हमें बेहतर प्रतिनिधित्व की आवश्कयता है इसलिए आज समाज के सभी पहलुओं में महिलाओं के विचार और उनकी भागीदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। महिलाओं की संवैधानिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार, सार्वजनिक जीवन में स्थान, भेदभाव को खत्म करने और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक उपायों को अपनाने जरुरत है। आर्थिक संकट का असर विशेष रूप से महिलाओं के लिए कठोर होता है, इसलिए सामाजिक सुरक्षा, अनिश्चित रोजगार एवं अन्य परेशानियों से बचने के लिए उनको शिक्षित करने की आवश्यकता है। समय आ गया है जब हमें उन भेदभावपूर्ण प्रथाओं को खत्म करना चाहिए जिनके कारण न सिर्फ महिलाओं पर बल्कि पूरे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

© डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ – हैदराबाद, तेलंगाना ®

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., आधुनिक समाज में महिलाएं, आधुनिक समाज में महिलाएं, हिन्दी साहित्य Tagged With: Aaj ki nari, NARI JIVAN, Saral Nari Jivan, Women in modern society, आधुनिक समाज में महिलाएं

भेदभाव…।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ भेदभाव…। ϒ

⇒ Discrimination

🙂 भेदभाव …

जब जन्म दिया मुझको माँ ने,
लोगो की खुशी अवशान हुई।
पुत्री का जन्म हुआ घर में,
यह खुशी नही अपमान हुई॥

कुछ समय कटा तन्हाई में,
फिर पुत्र प्राप्ति संयोग बना।
लोगों की खुशी चरम पर थी,
जैसे ईश्वर का योग बना॥

फिर बड़ा हुए हम दोनो ही,
नित भेदभाव ही होता था।
भाई को मिलता था सबकुछ,
पुत्री के लिये जग सोता था॥

वह जिद करती गर लोगो से,
तो नित ही पीटी जाती थी।
पर पुत्र अगर जिद करता था,
वह चीज तुरत ही आती थी॥

जब और बड़े हो गये दोनों,
स्कूल मे नाम लिखाया था।
बच्ची का नाम सरकारी मे,
पर पुत्र को टॉप बनाया था॥

पुत्र को पुरा समय दिया,
पुत्री पर भार ओढाया था।
जैसे वो काम के लिये बनी,
इतना उसको उलझाया था॥

इसके भी बाद पुत्री ने –
अपने स्टेट को टॉप किया।
पर पुत्र फैल हुआ एकदम,
सब पैसा सुविधा नास किया॥

अब भी वो जिल्लत ना छूटी,
पुत्री की सादी होती है।
पुत्री अपने घर जाती है,
अपने किस्मत पर रोती है॥

कुछ समय बिता घर वाले,
एक बहू को घर मे लाये थे।
अब पुत्र बहू को परिवार,
अपने सिने से लगाये थे॥

पर समय बितते देर नही,
जब पुत्र बहू रंग दिखलाये।
बूढ़े माँ बाप को वो दोनो,
अपने जीवन से ठुकराए॥

यह घटना इतनी निर्मम थी,
जो पुत्र ने यु ही कर डाला।
जिस पुत्र को अपना मानते थे,
उसने ही बेघर कर डाला॥

जब पता चला यह पुत्री को,
आंसू की नदी प्रवाह हुई।
चल दी माँ बाप को लेने को,
लेकर घर को प्रस्थान हुई॥

यह प्रेम देखकर पुत्री का,
मां बाप ने गले लगाया था।
अपनी गलती पर रोये थे,
जो पुत्री को तडपाया था॥

क्यों भेद भाव हम करते है,
पुत्री का कोई मोल नही।
वह रत्न ही ऐसी अवनी पर,
जो होती है अनमोल सही॥

©- अशोक सिह, – आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। ∇

ashok-singh-kmsraj51

हम दिल से आभारी हैं अशोक सिह जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता “भेदभाव।” साझा करने के लिए।

About Ashok Singh – अशोक जी के शब्दाें में – अभी मैं IAS की तैयारी कर रहा हूँ। दिल मे समाज सेवा की लौ जलाये हुए कुछ बेहतर करने को प्रयासरत हूँ और अपना सत प्रतिशत देने को तत्पर। मेरा HOBBY कविताएं लिखना, दक्षिण भारत की फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना, समाज से जुङे रहना, संगीत सुनना(खासकर पुराने) शामिल है।

अशोक सिह जी के लिए मेरे विचार: 

♣ “अशोक सिह जी” ने कविता के माध्यम से लड़कियों के प्रति आज के मानव के मन में उठने वाले विचार और साेच का बखूबी अतिसुन्दर वर्णन किया हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविताऐं छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविताओं काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

♥••—••♥

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., अशोक सिह।, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: “अलक” सृष्टि उत्थान है माँ, famous hindi poems, heart touching poems, hindi poems on happiness, hindi romantic poems, hindi short love poems, Short hindi poems, Swati ki un bundo par, अशोक सिंह, अशोक सिह जी की हिन्दी कवितायें।, कविताएँ हिंदी में, कवितायें, गीत-गज़ल-कविता, गीत-गज़ल-कविता हिंदी में, स्वाति की उन बून्दों पर

लहरें गायेंगी…।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ लहरें गायेंगी…। ϒ

⇒ Waves Gayengi ?

🙂 “लहरें गायेंगी”…।

लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे।
देखो दुनिया वालों मिलकर तारे रहते ‘
रहते हैं आकाश में पर सारे रहते॥

मिल जुलकर अपनों में खुशी मनाते,
देखा रहा मानव फिर भी भरम खाते।
लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे॥

जानवर भी मिलकर एक किनारे रहते,
पर इंसान झगड़ते लड़ते मरते रहते।
इंसानों को डर है लुट जाने का लेकिन,
लेकिन वे सब मस्त पड़े पहलवानों जैसे॥

यहाँ सभी धरती के अपराधी पर मानव,
दूर कहीं पर रोता मजहब बनकर दानव।
लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे॥

हवा भी दूषित और प्रदूषित हो गयी,
एक कलंकित नागिन कल ही सबको छू गयी।
जब आज की नारी पर हमला होता है,
दूर कोई मजहब कोना पकडे रोता है॥

भाई – भाई को जाने क्या हो गया है,
सारा पुराना नाता जाने क्यों खो गया है।
लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे॥

अपने देश को बोलो क्या हो गया है,
अपने-अपने मजहब मेंही सबकुछ खो गया है।
इसे भी कोई परिंदा नहीं बताने वाला है,
भाइयों में जंग नया होने वाला है॥

रोज सबेरे निकल रहा जनाजा प्यार का,
क्या होगा अब अपने इस संसार का।
लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे॥

इंसानों ने कितनों का सम्मान छीना है,
हैवानों सा बहनों पर कहर दीना है।
वह भी एक समय था भाई-भाई प्यार,
रोता है आज देखकर समय सारा संसार॥

उन इंसानों ने अपनी जान गंवाई,
लेकिन बहनों की लड़कर जान बचाई।
लहरें गीत गायेंगी सबको सुनाएंगी,
‘मंगल’ मीत गायेंगे सभी हँसी उड़ायेंगे॥

शुभकामनाओं के साथ।

∇ सुखमंगल सिंह – ♥
——♦——
सुखमंगल सिंह जी।
हम दिल से आभारी हैं सुखमंगल सिंह जी के प्रेरणादायक कविता (लहरें गायेंगी।) हिन्दी में Share करने के लिए।

सुखमंगल सिंह जी के लिए मेरे विचार:

♣ “सुखमंगल सिंह जी” ने कविता के माध्यम से वर्तमान समय में मनुष्यों के मन में हाेने वाले नाेक-झाेक का खुले मन से वर्णन किया हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविता छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविता काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

  • हिंदी कहानी – निरंतर प्रयास जरूर पढ़े।
_____

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

SUBSCRIBE TO KMSRAJ51 VIA EMAIL
सब्सक्राइब करें और पाएं अपडेट सीधे अपने इनबॉक्स में।

Please Share your comments.

कृपया Comments के माध्यम से अपने विचार जरूर बताये।

आप सभी का प्रिय दोस्त

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiya ensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2018-Kmsraj51 की कलम से….., सुखमंगल सिंह जी कि कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: famous hindi poems, hindi love poetry, Hindi Poems, Hindi poetry on life, hindi romantic poems, poem in hindi, Poem On Time in Hindi, poetry for kids, poetry in hindi, Short hindi poems, Sukhmangal Singh, पोएम इन हिंदी, प्रसिद्ध हिंदी कविताएँ, बतिया -रतियाँ, समय की कीमत समझाते, समय पर कविता, सुखमंगल सिंह, हिंदी में कविता, हिन्दी कविता बच्चों के लिए

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।
  • दो वक्त की रोटी।
  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।

दो वक्त की रोटी।

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.