• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for 2021-KMSRAJ51 की कलम से / सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

सूरत दिल में जगह बनाई।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ सूरत दिल में जगह बनाई। ♦

तेरी सूरत मेरे दिल में आई।
दिल कहता तू दिल में समाई।
झलक से मेरा दिल बहला ई।
काया उमंगी तो होती दिखाई।

अफसोस उफ करने की तनिक न दी दिखाई।
प्यारी चितवन और नशीली आंखें लेकर आई।
आंखों – आंखों से जब उसने अपने मिलाई।
जीवन जीने का अंदाज, साथ लेकर आई।

बेचैनी में दिन – रात हमने जब तलक बिताई।
खूबसूरत ख्वाब देखने झील में लेकर आई।
तेरी सूरत दिल के मेरे जब से दरवाजा खट-खटाई।
जीवन जीने का मजा होलिया तब से मेरे भाई।

मेरी आंख से आंख तूने अपनी है लड़ाई।
लगी दाग दिल में कभी भी मिट नहीं पाई।
आंखों में आंखें डाल कर जानम क्यों नहीं आई।
उम्मीदों की फायदे जाने क्यों दुख में गंवाईं।

प्यारी चितवन नशीली आंखों में समुद्र दिखाईं।
वादों की सुखद समुंदर में जाकर गोते लगाई।
मेरा दिल कहता है तू दिल में उतर है आई।
तेरी सूरत खूबसूरत मेरे दिल में आकर समाई।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – प्यार के दौरान मन के अंदर चलने वाले उथल – पुथल को “सूरत, चीत्त, दिल, व आँख से आँख मिलाना” का उदाहरण देकर बहुत ही सटीक वर्णन किया हैं।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: heart touching love poem in hindi for girlfriend, love poem in hindi for girlfriend, poetry by sukhmangal singh, poetry on love in hindi, romantic love poems in hindi, short love poems for her in hindi, short poem for girlfriend in hindi, Sukhmangal Singh, प्रेमिका की याद में कविता, प्रेमिका के लिए शायरी, प्रेमिका के लिये कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

पायल।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ पायल। ♦

paayal-kmsraj51-001.png

मैं पायल मेरा बजना काम।
कभी इस पग कभी उस पग।
राम राम धाम बैजनाथ धाम।
चाहे 11 मंजिला हो मकान।
जहां हम मिलें बजना है काम।

चाहे मंदिर हो गुरुद्वारा गुरुद्वारा।
धर्म क्षेत्र वा अधर्म कर्म का झाम।
नन्द बाबा दरबार वा अन्य मुकाम।
सभी सुधी सुनते लगाकर कान।
जहां रहूं मेरा पैर में ही है मुकाम।

श्याम संग राधा बनी रहती।
सीता स्वयंवर में भी संग देती।
मीरा – गीत मीरा का स्वागत।
वीणा वाणी नित नूतन करती।
यात्रा जहां पैरों में ही बजती।

छम छम लहरें उठने वाली।
रुन झुन मधुर मुखर मतवाली।
धुन गुनगुनाएंगे बप्पी लहरी।
मंगल ले आया सुबह भोरहरी।
मै अपनी धुनि सुर में रहती।

इंद्र परी की रचना बन जाती।
उत्पत्ति समय में साथ निभाती।
हरी घर गीत बन सामने आती।
जहां जाते रुन झुन गीत गाते।
समर्पण भाव नारी प्रति लाती।

देवलोक में जब – जब जाती,
परियों की पायल बन जाती।
सभा मध्य में संगीत सुनाती।
देवताओं को खूब रिझाती।
पैरों की पायल बन कर आती।

श्याम सुंदर की मंजूरी पाती।
मंदिर – मंदिर धूम मचा दी।
राधा बनकर, वह रास रचाती।
ऋषियों के मन में बस जाती।
पैरों की पायल बन कर आती।

पायल की धुनि घायल कर देती।
विद्वानों को भी बस में कर लेती।
लोग धर्म में रहती पालन सहती।
लोक लोक सुमधुर भजन सुनाती।
पर पैरों से पायल बन कर गाती।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – पायल व पायल की धुनि के गुणों और खूबियों को बहुत सारे उदहारण देकर समझाया हैं। एक ही कविता में बहुत कुछ समझाया हैं।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: 2 lines payal shayari, a Shayari written on Payal, beautiful payal shayari, hindi shayari on payal, payal love shayari, Payal Shayari 2 Line, Payal Shayari In hindi, poetry by sukhmangal singh, poetry in hindi, poetry in hindi on payal, poetry on word payal, romantic shayari on payal in hindi, Shayari On Payal, shayari payal in hindi, sweet voice shayari of payal, पायल, पायल कंगन, पायल कंगन से मंगवा, पायल की झंकार शायरी, पायल पर गजल, पायल पर रोमांटिक शायरी, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

किसान ब्याज।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ किसान ब्याज। ♦

kisaan-byaaj-kmsraj51.png

आज आ गया जब घर में,
भारी भरकम अनाज।
ताक लगाए बनिया बैठा,
पैसा लगाने को आज।

दे रखा था पहले से ही,
रुपया कुछ पर ब्याज।
अड़ा खड़ा बनिया घर पर,
लेने को सस्ता अनाज।

देख रहा था तिरछी आंखें,
वह किसान का अनाज।
खैनी फांक रहा वह,
किसान के द्वार।

बोला इसी फसल में चुकता।
कर दो मेरा पूरा ब्याज।
अभी मूल की बातें होती।
तुम पर गिरेगी गाज।

घूमर घूमर बादल छाए।
ख्यालों में आकाश दिखाएं।
बेचारा किसान क्या करता ?
आधा अनाज ब्याज का देता ?

गुजरे दिन सदियों किसान के,
कोई सुध नहीं लेता।
बरसों से थोड़ी आशावत,
एमएसपी पर अनाज बिकता।

बिचौलियों ने चक्कर डाला।
आंदोलन का हवाला।
अनाज गोदाम जो जाए।
मुझे भी मिले निवाला।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – किसान, ब्याज और एमएसपी को कविता के माध्यम से।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: 4 line poem on farmer, a poetry about farmer, Essay on agricultural, farmer poem in hindi, poetry by sukhmangal singh, poetry on farmer, poetry on farmer in hindi, poetry on farmers, poetry on farmers protest, poetry on msp, short poetry on farmer, sukhmangal singh poetry, किसान आंदोलन पर निबंध, किसान पर कविता हिंदी, किसान पर शायरी, भारत में कृषि क्रांति पर निबंध, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

होली आई गाया जाए।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ होली आई गाया जाए। ♦

holi-aaee-gaaya-jae-kmsraj51.png

होली पर मधुमास गाया जाए।
सर र र होली में सुनाया जाए।
परदेसी जींस फारवाया जाय।
चैता चनैनी का गीत गाया जाए।

परदेशी कंपनी लगवाई जाय।
उसमें जींस फटी निकाली जाय।
आगे पीछे ढक्कन बनाया जाय।
होली में सर र र गाया जाए।

बाकी दुनिया खुली किताब।
ऐसा वस्त्र उद्योग लगाया जाय।
होली आई भाई गाया जाय।
मघुमास जलवा दिखाया जाय।

मुख पर गमछा अंग अंहिन्या।
जींस ग्लेशियर बनवाया जाए।
खिड़की ऊपर से नीचे उतार।
होली आई सर र र गाया जाए।

जींस पहन कर छोरा-छोरी मस्त।
जंगल बाले कपड़े खोजने में पस्त।
देश को और आगे बढ़ाया जाए।
कपड़ों की शॉपिंग सगाई जाए।

बहकल बाजार बहुत बबुआ।
मौगी – मौगा सभी अड़े – पड़े।
छोरी – छोरा मस्त, चले खड़े।
बुढ़वा मंगल तक दौरौले जाए।

होली आई सर से पांव रंगौले जाए।
खुल्ला जींस पहनकर सुनाउले जाय।
खिड़की ऊपर से कह दे खौले जाय।
रंग भरी होली भर गरियौले जाय।

गुझिया जामुन खाया जाए।
लाल गुलाल लगाया जाए।
केसर मिलाकर लगाया जाए।
होली है कुछ लाया जाए।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – आजकल के होली में क्या-क्या हो रहा है लोग कैसे-कैसे होली खेल रहे हैं, और क्या-क्या पहन रहे है आज समाज में। खानपान व किसका किसके प्रति कैसा व्यवहार हैं।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: holi poem in hindi, poetry on holi in hindi, काव्य संग्रह – सुखमंगल सिंह, जीवन के रंग पर कविता, रंगों पर कविता इन हिंदी, शार्ट पोएट्री इन हिंदी, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सुखमंगल सिंह हिन्दी कविता, सुपाठय काव्य सरिता – सुखमंगल सिंह, स्वरचित कविता इन हिंदी, होली कविता kmsraj51, होली कविता सुखमंगल सिंह, होली की श्रेष्ठ हिंदी कविताएं, होली गांव-गांव घुमावत।, होली पर प्रसिद्ध कविता, होली पर साहित्यिक कविता

होली गांव-गांव घुमावत।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ होली गांव-गांव घुमावत। ♦

holi-gaanv-gaanv-ghumaavat-kmsraj51.png

होली गांव-गांव घुमावत।
मऊगी लॉ ठी लेकर धावत।
होली में क्या-क्या सुनावत।
घर की घर नहीं पता बतावत।

पास पड़ोसी बोलने नहीं आवत।
घर में ही मऊगी आग लगावत।
सुबह सुबह उठ कर नहलावत।
पाउडर इत्र से शरीर महकावत।

काम आदमी ना कर पावत।
कुकुर से काम कर आवत?
माल पुरुष फेंकने जावत।
आदमी औरत रार मचावत।

पाप लगती जो कुकुरु छुहात।
घर अपनी वही कुत्ता पालन।
कुत्ता समाज में एक दिन बोला।
बिस्तर पर रात भर हमने खेला।

रात भर मुझको नींद नहीं आई।
कुत्ते ने समाज में गुहार लगाई।
समाजी बोले सुन कुत्ते मेरे भाई।
तू छोटे धतूरे की ले लो दवाई।

पहली रोटी गाय को खिलाया जाता।
जूठी रोटी कुकुर फिर बाद में पाता।
कुकुर जबकि बिस्तर पर है सोता।
आओ रे आदमी चौकी पर होता।

गलती मंच से कवियों की हो जाए।
तो उन्हें माफ करना बहन और भाई।
कवि मंडली मौसम हिसाब से आई।
बन ठन कर अपनी कविता है लाई।

दूल्हा दुल्हन की हो रही है लड़ाई।
दुल्हन दूल्हा छोड़ स्टेशन से पराई।
पुलिस दुल्हन के गांव में जब धाई।
पड़ोसी निकला फेरारी सुना भाई।

मुल्तानी हीरोइन सुल्तानपुर आई।
भारतीय परिधान में थी वह छाई।
बोला खुशीराम आपने पेट दिखाई।
थाना में फरियाद को लेकर धाईं।

हीरोइन अपने पर उतर आई।
फिल्मों में अर्धांगिनी बनी दिखाइ।
अंग प्रदर्शन की ना पूछो भाई।
माझी शरीर कपड़े से ढकी लाई।

होली गांव गांव घुमावत।
कुछ अपनी बात सुनावत।
औरो की मिलती दावत।
आवत हुड़दंग माचावत।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – आजकल के होली में क्या-क्या हो रहा है लोग कैसे-कैसे होली खेल रहे हैं, और किसकी क्या जगह है आज समाज में। किसका किसके प्रति कैसा व्यवहार हैं।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: holi poem in hindi, poetry on holi in hindi, काव्य संग्रह - सुखमंगल सिंह, जीवन के रंग पर कविता, रंगों पर कविता इन हिंदी, शार्ट पोएट्री इन हिंदी, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सुखमंगल सिंह हिन्दी कविता, सुपाठय काव्य सरिता - सुखमंगल सिंह, स्वरचित कविता इन हिंदी, होली कविता kmsraj51, होली कविता सुखमंगल सिंह, होली की श्रेष्ठ हिंदी कविताएं, होली गांव-गांव घुमावत।, होली पर प्रसिद्ध कविता, होली पर साहित्यिक कविता

रचनाएं भर रात जगाती।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

♦ रचनाएं भर रात जगाती। ♦

rachanaen-bhar-raat-jagaatee-kmsraj51.png

भर रात जगाती रचनाएं,
नींद ना आती।
रात गुनगुना कर कह जाती,
कही कहानी अपनी।

चार दिसंबर दो हजार सत्तरह,
लहुरावीर की बात बताती।
लोगों में भरा कितना कलियुगी,
जीवन इतिहास दोहराती।

इठलाते-बलखाती व्यंग बराबर,
कसते उपहास उड़ाती।
इसे विडम्बना ही मानो ,
सच्चाई सपने में कह जाती।

वह दिन भी सूना ही होगा।
वस्तु लोग खोई लौटाते…
पर देशों की परम्परा को,
राष्ट्र हम नहीं ला पाते।

दक्षिण भारत की सभ्यता को,
भी हम नहीं अपनाते।
भूलें अपनी या प्रवंचना,
औरों को भी बतलाऊं।

उस गाथा को कैसे गाऊं,
अंधियारी की रात सुनाऊं।
नहीं-नहीं खिलखिली धुप में घुप,
हंसता हुआ मित्र एक आता।

अपनी वह पाथेय एक सौ छत्तीस,
साथ लेकर रचना जाता।
सुनकर क्या कर सकते हो ?
मेरी अमृत बीती गाथा।

अभी समय है सोई नहीं मेरे,
परीश्रम की मौन व्यथा।
साइट पर मेरे विद्यमान है,
लेकर एक सुनहरी आभा।

उसने व्यसन में अपने साथियों के,
साथ छका – गांठा।
कुतूहल थी जिन आँखों में,
उस दिन पानी भर आया।

स्वच्छंद सुमन जो खिले थे कल तक,
प्रतिभा छाया गुनगुना उठी।
कहती ! ठहरो कुछ सोचो -विचार करो,
अपने भी घातक होते लहरी।

हो चकित निकल आई सहसा।
कोमल पंखुड़ियां आँखों में गहरी।
‘मंगल’ सौन्दर्य जिसे कहते हैं।
अनंत अभिलाषा के सपने तुझमें।

सुन्दरता मेरी आँखों को रह-रहकर,
समझा जाती है, और बताती।
हलकी सुशान की भाषा में,
मित्रों की दुर्बलता को भी गाती है।

तुम्हें स्मित रेखा खींच कर एक अभी,
संधिपत्र लिखना ही होगा।
उस अंचल मन पर उन्हीं मित्रों से,
कुछ – कुछ सीखना होगा।

नित्य विरुद्ध संघर्ष सदा,
विश्वास, संकल्प अश्रु जल से।
आसमान में पक्षी उड़ती,
समंदर में तुझे उतरना होगा।

‘मंगल’ कह दो अपनी यादों को,
मुझे जलाना छोड़ दे।
उस पर आंसूं बहाना व्यर्थ है।
रक्त बहाना छोड़ दें।

बहुत पहेलियाँ सुलझाया होगा,
अपने इस जीवन पल में।
सद्भाव – प्रेम की पोथी पढाओ।
अपने विछुरे साथियों में।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – रियलिटी को समझो, अपने आप में सुधार करो, मायाजाल में न फसो।

—•—•—•—

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: 5 प्रेरणा देने वाली कविता, Compositions overnight inspire, hindi poems on life inspiration, poem on truth of life in hindi, poetry by famous poets in hindi, poetry in hindi, poetry in hindi on life, self motivation poem hindi, short motivational poems in hindi about success, short poem on safalta in hindi, उत्साह बढ़ाने वाली कविता, कर्म करने की प्रेरणा देने वाली कविता, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, प्रेरणाप्रद कविता, रचनाएं भर रात जगाती, विद्यार्थियों के लिए प्रेरक कविता, शिक्षाप्रद कविता, संघर्ष और सफलता कविता, सफलता पर हिंदी कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

« Previous Page

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.