• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for 2021-KMSRAJ51 की कलम से / सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

पंजशीर : मानवता शर्मसार हुई।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ पंजशीर : मानवता शर्मसार हुई। ♦

दुनिया के सारे आतंकी इकट्ठा एक जगह आये,
मानवता के विरोध में पाकिस्तान ने साथ दिया।
उसने अफगानी मनुष्यों को निरीह बनाया,
मानवाधिकार का दुनिया ने आवाज नहीं उठाया॥

भोजन पानी आवश्यक वस्तु जनता नहीं पा रही,
दुनिया इस घोर अत्याचार को आंखों से देख रही।
इतिहास लिखने वालों ने कोरी कलम चलाया,
धिक्कार धिक्कार धिक्कार दुनिया को सुनाया॥

पाक प्रायोजित प्रोपोगंडा तालीवान ने फैलाया,
पंजशीर को जीतने का भ्रम दुनिया से चलाया।
मसूद के लड़ाकों ने मंगलवार को हवाई हमला किया,
16 दिन से मसूद, तालीवान – पाकिस्तान से लड़ रहा॥

पाक आई एस प्रमुख हे फैज अफ़ग़ान आया,
अर्ध रात्रि सितंबर 3, 21को पाकिस्तान बम बरपाया।
पाक ने पंजशीर में सेना लेकर उसपर दहाया,
दुनियां से पंजशीर गुहार सहायता की लगाया॥

अहमद मसूद पाक और तालीवान से लड़ रहा,
मसूद ने तालिबान के खिलाफ आने की उम्मीद की।
अफगानी औरतों ने विरोध का बिगुल बजाया,
मसूद के लड़ाकों ने हजारों दुश्मन मार गिराया॥

अपने को भी पंजशीर ने लड़ाई में वीर गवाया,
उधर ईरानी पाकिस्तान को संदेश देकर चेताया।
अपनी हद में रहने की इमरान को इरान सुनाया,
भीषण युद्ध आगे होने वाला है ऐसा संदेश आया॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — वर्तमान समय में तालिबान के लड़ाकों या यूँ कहे इंसानियत के दुश्मन आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान के पंजशीर पर कब्जा और उनकी बर्बरता लूट, बलात्कार, हत्या, और खून खराबा करने की नाकाम कोशिश को दर्शाया है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (पंजशीर : मानवता शर्मसार हुई।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: अफगानी – दुर्दशा।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, Humanity shaming in Panjshir, panjshir latest news, panjshir news pakistan, panjshir valley, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, मानवता शर्मसार हुई

वर्षा ऋतु कृष्ण कोडर।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ वर्षा ऋतु कृष्ण कोडर। ♦

वर्षा ऋतु का जब शुभारंभ होता,
सभी प्राणियों की बढ़ती हो जाती।
आकाश क्षुब्ध – सा दिखने लगता,
नीले – घने बादल घिर जाते हैं॥

बिजली की कौंध डराती धमकाती,
बार – बार गड़गड़ाहट सुनाई पड़ती।
सूर्य चंद्रमा – तारे रह – रह ढ़क जाते,
समय – समय किरण अंध छांटता॥

प्राणी के कल्याण में बादल बरसता,
जनजीवन पाकर मानव खुश होता।
जेठ आषाढ़ गर्मी धरा सूख जाती,
वर्षाऋतु जल सिंचित करने आती॥

तप करते जस शरीर – दुर्बल हो जाता,
जल को पीने से हृष्ट पुष्ट होता दिखता।
वर्षा के सायंकाल घना अंधेरा छा जाता,
घर – बाहर निकला बालक डर जाता॥

नदियां जो सूख रही थी जेठ – आषाढ़,
उमड़ – घुमड़ घर के बाहर बहने लगती।
शरीर का छुपा कौमार्य जागने लगता,
पृथ्वी पर हरियर घास उगने लगती॥

खेतों में हरी – भरी हरियाली छाने लगी,
किसान में आनंद की लहरें उठने लगी।
आनंद के पुष्प कमल खिलने लगते,
बरसाती मेंढक टर टर करते – निकलते॥

वर्षा ऋतु में उपयोगी हवा तेज बहती,
नदियों के किनारे और वह क्षुब्ध रहती।
कामनाओं के उभार से मन भर जाता,
मूसलाधार वर्षा से पहाड़ दरकने लगता॥

इंद्र धनुष की शोभा में सगुण दिखाती,
चंद्रमा की उज्जवल चांदनी दिखती।
तब बादलों से सही समय पता चलता,
मोर – मोरनी का रोम – रोम खिल जाता॥

कुहुक से नृत्य के आनंदोत्सव मनाता,
भगवत भक्त जी आनंद मग्न हो जाता।
सारस – क्षण भर तालाब नहीं छोड़ते,
भील – भीलनियां आनंद मगन होती॥

पर्वतों के झर – झर झरने से जल बहते,
झरते जल की आवाज सुरीली लगती।
कृष्ण किसी कोडर में जाकर छिपते,
कंद मूल ग्वाला खाकर खेलते रहते॥

कभी किसी चट्टान पर जाकर सभी बैठते,
ग्वाल बाल दही भात साग खा जाते।
थोड़ी देर में गाय भर पेट घास चर लेती,
आंख मूंदकर बैठ जुगाली करती रहती॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — वर्षा ऋतु के मनभावन दृश्य, प्रकृति का सुन्दर दृश्य, इंद्र धनुष की शोभा, चंद्रमा की उज्जवल चांदनी, मोर- मोरनी का सुन्दर नृत्य, पर्वतों के झरने से झर-झर कर बहते जल, खेतों में हरी-भरी हरियाली, किसान में आनंद की लहरें, और बारिश के दौरान श्री कृष्ण का ग्वाल बालों के साथ क्रीड़ा का खूबसूरत वर्णन किया है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (वर्षा ऋतु कृष्ण कोडर।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — शिक्षक की महानता।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, poem in hindi, poem on rainy season, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, बरसात पर कविता हिंदी में, बरसात पर प्रेम कविता, बादल और बारिश पर कविता, मौसम पर कविता हिंदी में, वर्षा ऋतु पर कविताओं का संग्रह, वर्षा ऋतु पर छोटी सी कविता, वर्षा की सुबह का भाव पक्ष, वर्षा की सुबह का भावबोध, सावन की बारिश, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिंदी साहित्य में वर्षा ऋतु

शिक्षक दिवस।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ शिक्षक दिवस। ♦

भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के,
जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 6 मई को मनाया जाता है,
5 सितंबर शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है॥

अंग्रेजी माध्यम के बच्चे जिसे टीचर्स डे कहते हैं,
हिंदी माध्यम के बच्चे शिक्षक दिवस उसे कहते हैं।
गुरु के महत्व को शायद ही कोई ना समझे,
शिक्षकों के महत्व को लोगों में समझाया जाता है॥

रचनाकार उनकी रचनाएं ऐसे बताई जाती है,
हिंदी बोलो, चाहे इंग्लिश माथे बिंदी लगाई जाती।
शिक्षा के महत्व को खास बताया जाता है,
सच्चा गुरु जीवन में आमतौर पर प्रकाश लाता है॥

खोलो – खोलो, अपना – अपना दरवाजा खोलो,
पर्दा लगा हटाओ, जल्दी शुद्ध हवा आती है।
खूंटे से जो बधी हवा है, मिलकर छुड़ाओ संगी,
मौसम के वो मेहमान तुम, उड़ चली हवा ताजी बासी॥

चल उड़ चल कहीं और जहां खुश हो मंजिल का ठौर,
हवा बह रही मधुर सुहानी, राष्ट्र प्रेम जगाने आती।
यह देश तुम्हारा तुम्हीं हो नेता, रस्ते कठिन चलो सम्हाल,
तुम अपने हो इसलिए कहता, आता अक्सर ही॥

हम किताब है और वह पढ़ने आता है,
छद्म घाघरा पहने कोई पढ़ने जाता है।
दुर्गति होने पर भी उसे संतोष नहीं होता,
पाप कर्मों से प्रेरित शुभ बुद्धि हरण होती॥

मान – मर्यादा को त्याग कर जी हजूरी करता,
कौवे की भांति दूसरों के घर से टुकड़ा लाता।
कच्चे – पक्के बाल अपना मुखड़ा दिखलाता,
छम – छम अलबेला सर पर ताज बताता॥

सच्चा गुरुजी आता तो अंधियारा मीट जाता है,
लक्ष्य दिखाई देने लगता, पग आगे बढ़ जाता है।
सतगुरु – सत्पुरुषों की मैत्री स्थाई होती है,
आरंभ कम, लेकिन कालांतर में बढ़ती जाती है॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 6 मई को मनाया जाता है, 5 सितंबर शिक्षक दिवस के रुप में अपनाया जाता है। अंग्रेजी माध्यम के बच्चे जिसे टीचर्स डे कहते हैं, हिंदी माध्यम के बच्चे शिक्षक दिवस उसे कहते हैं। गुरु के महत्व को शायद ही कोई ना समझे, इस दिन शिक्षकों के महत्व को लोगों में समझाया जाता है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (शिक्षक दिवस।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — शिक्षक की महानता।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, shikshak divas, sukhmangal singh poems, कविता हिंदी में, भारतीय शिक्षक दिवस, शिक्षक की महानता, शिक्षक दिवस का महत्व, शिक्षक दिवस पर कविता, शिक्षक दिवस पर कविता हिंदी में।, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सुशीला देवी जी की कविताये

दिल खोल।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ दिल खोल। ♦

अपना सपना – हकीकत दिखी दिल खोलकर,
चलना – फिरना लिखना – पढ़ना तोल कर।
सोच – समझ सुरक्षित संबल का शोध कर,
साथ – आए साथ – निभाएं दिल खोलकर॥

अक्षर – अक्षर और निक्षर पढ़ते खोज कर,
अनछुए, पहलू – उजागर करें सोचकर।
चल- चल, पद – छंद सुच्चरित लय जोड़कर,
घातक – प्रतिघात रहित विश्वास – खुलकर॥

ताना – बाना, माना – जाना छोड़ कर,
चलना – संभलना सदा रिश्ता जोड़कर।
बिरहा – कजरी – रसिया रचिये सोचकर,
सोहर – सुहाग – सावन सुनाएं खोजकर॥

बेबसी – बेचैनी में खुलकर चर्चा कर,
स्वछंद खग – सम उन्मुक्त प्रेम रस भर।
गीत – गोविंद की पदावली वा सूर,
भाव – भाषा, कल्पना लिख लें भरपूर॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — जीवन में परिस्थिति अनुकूल हो या विपरीत हो, सदैव ही कोई भी निर्णय दिल से ले, दिल खोल कर चर्चा करें।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (दिल खोल।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: पृथु का प्रादुर्भाव।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, दिल खोल।, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, best short kavita in hindi, poem on voice in hindi, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, कविता हिंदी में लिखी हुई, छोटी कविता हिंदी में, दिल खोल।, मोटिवेशनल कविता हिंदी में, सुखमंगल सिंह की मोटिवेशनल कविता हिंदी में, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता बच्चों के लिए

राम नाम की महिमा अपार।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ राम नाम की महिमा अपार। ♦

राम चेतना – राम प्रेरक,
नाम सर्वव्यापी हैं।
आदर्श भरा – चरित्र खरा,
श्री राम अविनाशी है।

अभिमान मर्दक – दुष्ट नाशक,
राम सुखद राशि वाले है।
साकार धाम – अयोध्या धाम,
अयोध्या अविनाशी है।

निराकार राम – साकार राम,
राम नाम में मुक्ति है।
राम ब्रह्म – परमार्थ रूप,
सृष्टि का पालन करता है।

राम का नाम जो भी जपता है,
भवसागर से पार उतरता है।
राम शक्ति – राम भक्ति योग,
सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

दैहिक – दैविक – भौतिक ताप,
राम नाम से फटक नहीं पाते है।
हनुमान की पूजा जो भी करता,
वह राम नाम का सुख पाता है।

राम नाम मधुर – मनोहर छवि,
तुलसी दोहावली में गाते हैं।

‘रा’ शब्द विश्व व्यापक है,
‘म’ शब्द ईश्वर वाचक है।
यानी लोक मंगल का ईश्वर जो,
वही राम कहलाता है।

रमा के साथ जो रमण करता,
उसी को राम कहा जाता है।
सहस्त्रों नामों से जो फल मिलता,
वह राम के नाम से मिलता है।

भगवान शिव जी पार्वती से बोले,
मैं निरंतर राम में रमण करता हूं।
परम मनोहर श्री राम नाम ही है,
सुमुखी! सहस्त्रनाम के समान है।

श्री राम के ही प्रताप से वाल्मीकि,
एक डाकू से आदि कवि कहलाए।

परमार्थ की – मोक्ष की आशा जो,
कोई भी व्यक्ति मन से करता है।
राम नाम जप के बिना उसे भी,
प्राप्ति असंभव सा ही लगता है।

द्वापर में दान से जो फल मिलता,
कलयुग में राम नाम से मिलता है।
सूर्य, चंद्रमा, अग्नि और वायु सब,
राम नाम की शक्ति से चलते हैं।

भगवान राम अपने भक्तों का,
सभी रोग – शोक दूर करते हैं।

शुभ काम में भक्तों को लगाकर ,
सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाते हैं।
घी, तिल, खीर से जो हवन करता,
मनवांछित कामना – पूर्ति करते हैं।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में बताया है, राम नाम के महत्व व महिमा को और राम का नाम लेने से जीवन में क्या-क्या फायदे होते है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (राम नाम की महिमा अपार।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: पृथु का प्रादुर्भाव।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, poem on ram naam, poet sukhmangal singh, ram naam in hindi, sukhmangal singh poems, अखंड राम नाम जप, कलयुग में राम नाम की महिमा, राम नाम की सिद्धि, राम नाम के चमत्कार, राम नाम महामंत्र, शास्त्रों में राम नाम की महिमा, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी में कविता

प्रगीत और संगीत तत्व।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ प्रगीत और संगीत तत्व। ♦

साहित्य और संगीत का वांछनीय संबंध,
साहित्यकार की पद शैली में सदा रहती।
पद साहित्य – परंपरा पीछे छूटने पर भी,
साहित्यकार – संबंध में संगीत बना रहता॥

मानव भावानुभूति का सहज साधन संगीत,
प्रगीतों में निश्चल विद्यमान रहती अनुभूति।
अपने ही चरम ऐश्वर्य को प्राप्त करता,
जब वह सांगीतिक वैभव से परिपुष्ट होता॥

गायन वादन नृत्य को आदर प्रदान करती,
प्रेमानुभूति अभिव्यक्ति की संचित सुविधा दी।
तत्कालीन कविता में इतिवृत्तात्मकता और,
रचनात्मकता – रस आत्मकता काव्य होता॥

रीति काल की ध्रुपद धमार शैली सशक्त रही,
जो पर्याप्त रूप से पीछे छूटने लगी।
दादरा – ठुमरी – ख्याल इत्यादि में श्रृंगारिक,
शैली से प्रगीतकारों ने नाता तोड़ा॥

प्रगीत काव्य में प्रथम ग्राम – गीत और,
लोकगीत का भावनात्मक प्रमुख स्थान है।
दोनों हमारी संस्कृति और भावनात्मक,
अक्षर भंडार – कलापरक मूल संगीत उत्सव है॥

सोहर, घोड़ी, बन्नी, सुहाग, सावन सुमधुर गीत,
लोकाचार व्यवहार सामाजिक अवदान है।
पुरुषों द्वारा भी ग्राम गीतों की रचना होती,
अधिकांश गीतों की रचना स्त्रियां रचती॥

बिरहा कजरी रसिया आदि गीतों की रचना,
पुरूषों द्वारा रचा और गाया जाता है।
राग – ताल और शास्त्रीय जकड़ बंदी इनमें,
कला परक विशेषता का प्रतिबंध कम होता॥

यह गीत प्रायः कहरवा, दादरा जैसे हल्की,
लोकधुन, चलती हुई घुन पर आधारित होती।
जब कला परक संगीत – श्रृंगार से नियमन होता,
लोकगीत ही नूतन रूप – रंग में मिलता॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में बताया है, साहित्य और संगीत का सम्बन्ध आरंभिक समय से ही है। साहित्य और संगीत एक दूसरे के पूरक है। जब कला परक संगीत – श्रृंगार से नियमन होता, लोकगीत ही नूतन रूप – रंग में मिलता।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (प्रगीत और संगीत तत्व।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: पृथु का प्रादुर्भाव।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, Sukhmangal Singh, संगीत और साहित्य दोनों ही मनुष्य के लिए अनिवार्य, संगीत और साहित्य पर कविता, संगीत और साहित्य पर निबंध, संगीत पर दो लाइन शायरी, संगीत-साहित्य के अंतर्सम्बन्ध, साहित्य और कला का संबंध, साहित्य और संगीत, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

खड़ा हो रहा है अफगानी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ खड़ा हो रहा है अफगानी। ♦

अफगान के पांच जिलों से तालिबानियों को खदेड़ दिया,
काबुल में, अमरीकी इनामी हक्कानी तालिबान से जा मिला।

अहमद मसूद के बुलावे पर, खालिद अमीरी आया,
अफ़गान के पंजशीर घाटी में आकर मसूद से मिला।

पंजशीर से अफगानी राष्ट्रभक्त मिलकर,
अफगान के चार जिले को तालिबान से मुक्त करा लिया।

पंजशीर के शूरवीरो ने ‘अंद्राब’ से देश विरोधियों को पकड़ा,
जिसमें दो तालिबानी सहीत वहां चार पाकिस्तानी मिला।

मोस्ट वांटेड अमेरिका के सैंतीस करोड़ का इनामी,
तालिबान का सुरक्षा इंचार्ज सामने आया – खलील हक्कानी।

‘खिंजन’ जिला को भी पंजशीर के बहादुरों ने आजाद कराया,
उधर तालिबानियों ने बुजुर्ग व्यक्ति के ऊपर कोड़ा बरपाया।

पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी करजई का सगा भाई,
हशमत गनी करजई ने तालिबानी से जा मिला।

बेल्जियम का हवाई जहाज काबुल के एयर वेश से वापस गया,
बेल्जियम के नागरिक हवाई अड्डे के खराब स्थिति से नहीं आये।

पूर्व राष्ट्रपति अफगान से भागकर यू• ए• ई• में शरण ली,
जिसने अफगानी की आवाम को भी धोखा दी।

और एक विमान काबुल से नागरिकों को लेकर भारत आया,
हिंडन एयर बेस गाजियाबाद पर सुरक्षित पहुंचाया।

पंजशीर पर तालिबान ने धावा बोलकर चढ़ाई का असफल प्रयास किया,
जो पंजशीर के आगे घुटने टेक दिए, दर्जनों तालिबानी मारे गये।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — वर्तमान समय में तालिबान के लड़ाकों या यूँ कहे इंसानियत के दुश्मन आतंकवादियों का अफ़गान के पंजशीर घाटी से अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह के नेतृत्व में डटकर तालिबान के लड़ाकों का सामना कर रहे हैं।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (खड़ा हो रहा है अफगानी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: अफगानी – दुर्दशा।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: afghanistan fight against taliban in hindi, Afghanistan News, Amrullah Saleh is an Afghan politician, author sukhmangal singh, kavi sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, situation in Afghanistan, situation in Afghanistan poem, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, Taliban in Afghanistan, Taliban in Afghanistan in hindi, Taliban is destroying the peace of Afghanistan, अफगान में तालिबान, अमरुल्लाह सालेह, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

अफगान में तालीबानी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ अफगान में तालीबानी। ♦

ऑफगान शासन में 1992 से 2001 तालिबान कायम रहा,
पाकिस्तान ने तालिबान का जन्म भी अफ़गान तालिबान से हुआ।
अफगान पर पंजशेर घाटी छोड़ कर – कब्जा लिया,
अफगान और पाकिस्तानी, तालिबान एक सिक्के के दो पहलू॥

कहते तो है कि इसमें शियाओं की फ़ौज अधिक होती,
जिसने गजनी चौक से अपनी बहनों को लुटते हुए देखी थी।
शिया हजारा नेता अब्दुल अली मजारी की प्रतिमा तोड़ा,
वतन के लिए लड़ने वाली महिला गवर्नर सलीमा मजारी को बंधक बना लिया॥

ऐसा मंजर वहां छाने लगा है, लगता देखकर इंसानियत भूल गया है,
जलालाबाद से आम जनता पर गोलियां बरसा कर मारा जा रहा॥

अफगान के गजनी चौक पर कभी हिंदू लड़कियां नीलाम होती,
आम सड़क पर आज मुस्लिम लड़कियों की बोली लगती।
कहते है ईश्वर की जुबान में आवाज नहीं होती है,
कहा ढाने वालों पर दुखी बौछार खड़ी होती है॥

काबुल हवाई अड्डे के बाहर जुटी भीड़ पर आतंकियों ने फायर किया,
जिसमे कई पत्रकार और आम आदमी घायल हुआ।
अफगान में चारों तरफ महिलाओं के पोस्टर पर कालिख लीपी,
अमेरिका का साथ देने वाले लोगों के मुंह पर कालीख पोती॥

तालिबान के खिलाफ पंज शेरघाटी से जनता सड़क पर उतरी,
उधर अमेरिकी हथियारों का जखीरा तालिबान के हाथ पड़ी।
कुंदूर एयरपोर्ट पर अमेरिकी गाड़ियों का जखीरा इकट्ठा किया,
टैंक टॉप ड्रोन विमान आदि सभी को तालिबान हथिया लिया॥

उधर पाकिस्तान – तालिबान आतंकियों को जेल से छोड़ रहा,
पांच बरस से बंद आतंकी महमूद रसूल को छोड़ दिया!
पाकिस्तानी विशेषज्ञों का कहना यह है कि पाकिस्तान में भी,
यही आतंकी गुट लंबे समय से पाक में पाकिस्तान से लग रहा था॥

अफगान के अजेय पंज शेरघाटी से, अमरूल्लाह सालेह ने बिगुल बजाया।
कार्यवाहक राष्ट्रपति गनी के विदेश, भाग जाने के बाद, खुद को बताया॥

अफगानी सुरक्षा एजेंसी के दफ्तर में, तालिबानियों ने तोड़फोड़ मचाया।
हथियारों के बल पर दफ्तर और घरों में लूट पाट मचाया,
बच्चियों के साथ बर्बरता की कोशिश करते सामने आया॥

तालीबानी शासक जब अपना पूरा शासन चलाएंगे,
अफगान में शरिया क़ानून थोपने वाले सख्त कानून लाएंगे।
हत्या के दोषियों को सार्वजनिक रुप से फांसी पर लटकाएंगे,
आरोपियों के अंग – भंग करने का नजारा देखने में आएंगे॥

पुरुषों में दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया जाएगा,
महिलाओं को बुर्के में ढक कर पूरा शरीर रखनी होगी।
10 साल से ऊपर की बच्चियों को स्कूल जाने पर रोक होगा,
मानवाधिकार का सरेआम उल्लंघन होता दिखेगा?

पाकिस्तानी जो आज खुश हो रहे उनको भी दंश सहना होगा,
उनको अपनी देश में भी सरिया का पालन करना होगा।
गरीबों की शोषण के खिलाफ जनता को लड़ना होगा,
अपनी वतन की हिफाजत के लिए सबको मिलकर बढ़ना होगा॥

कौन अच्छे शिया सुन्नी समुदाय इस पर विचार करना होगा,
कठोर रुढ़िवादी रुख को अपनाने वालों को बदलना होगा।
दुनिया में हो शांति कायम, इस पर मिलकर काम करना होगा,
विश्व बंधुत्व हो कायम, के लिए सबको मिल आगे बढ़ना होगा॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — वर्तमान समय में तालिबान के लड़ाकों या यूँ कहे इंसानियत के दुश्मन आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा और उनकी बर्बरता लूट, बलात्कार, हत्या, और खून खराबा को दर्शाया है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (अफगान में तालीबानी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: अफगानी – दुर्दशा।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: afghani durdasha, Afghanistan News, author sukhmangal singh, kavi sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, situation in Afghanistan, situation in Afghanistan poem, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, Taliban in Afghanistan, Taliban in Afghanistan in hindi, Taliban is destroying the peace of Afghanistan, अफगान में तालिबान, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

अफगानी – दुर्दशा।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ अफगानी – दुर्दशा। ♦

दुनिया सारी मौन खड़ी,
तालिबानी – अफ़गान चढे!
माता – बच्चे – बहना सारी,
दहशत के माहौल में है पड़े।

अफरा-तफरी चारों तरफ,
अफगान के नागरिकों काे,
बुरे समय में नामी हस्तियां,
काबुल छोड़कर भाग रही।

महिला मेकर सारा करीमी,
फिल्मी मेकर जान बचाने की,
दुनिया से गुहार लगाने लगी,
कौन करेगा मदद दुखी सभी।

अफगानी है, के साथ वहां,
दुर्व्यवहार किया जा रहा!
मदद करो – मदद करो मेरी,
चारों तरफ हाहाकार मचा।

मानवता सारी नो – नो चुकी,
अफगानी लड़कियां दिखी।
तालिबानी सेना लडाके उनको,
उठा, उठा कर लेकर जा रहे।

मनमानी करते हैं उनके साथ,
बच्चियां बिल्कुल यही कह रहीं।
विरोध गर उनका कोई करता,
उनकी आंखे वह सब नोच रहे।

नन्हें – नन्नी बच्चे भूखे – प्यासे,
दूध पीने के लिए वह नहीं पा रहे।
उनकी जान बचेगी अथवा नहीं,
आगे बढ़कर कोई नहीं आ रहा।

अफ़गानी बैंक में भारी खड़ी,
पैसा आया था अपना पाने को!
हाथ खड़ा कर दिए बैंक सभी,
दिल थाम सारी जनता खड़ी।

भाग रहा था सारा समाज हित,
अपनी अपनी जान बचाने को!
कुछ अमरीकी विमान पर चढ़े,
लापरवाही, से गिर धरा मर गए।

नागरिकों को नहीं बचाने वाला है?
अफगानी सेना नतमस्तक वाली।
पहले ही तालीबानी अवस्था देखी,
उनका अत्याचार जनता थी सहती।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में — वर्तमान समय में तालिबान के लड़ाकों या यूँ कहे इंसानियत के दुश्मन आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा और उनकी बर्बरता लूट, बलात्कार, हत्या, और खून खराबा को दर्शाया है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (अफगानी – दुर्दशा।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: अफगान में तालीबानी।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: afghani durdasha, Afghanistan News, author sukhmangal singh, kavi sukhmangal singh, situation in Afghanistan, situation in Afghanistan poem, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, Taliban is destroying the peace of Afghanistan, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

प्रातः उठ हरि हर को भज।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ प्रातः उठ हरि हर को भज। ♦

प्रातः उठ हरि हर को भज लो,
धरती का अभिनंदन कर लो।
उल्लसत मनसे बंदन कर लो,
मुक्त कंठ में चंदन धर लो॥

निर्मल पानी गुनगुन पी लो,
चाय की चुस्की रुक कर ले लो।
लिखनी ले साहित्य लिख लो,
प्रातः उठ हरि हर भज लो॥

नित्य – क्रिया में निवृत्ति हो,
गंगा जल ले काया धो लो।
धूप – दीप ले प्रभु से बोलो,
प्रातः उठकर आंखें खोलो॥

पेपर आया उसको पढ़ लो,
देश दुनिया की खबर ले लो।
दूरदर्शन से – मेल कर लो,
प्रातः उठ हरि विनती कर लो॥

भूखा – नंगा जो भी भेजा,
झोली सबकी भर के दे दो।
कोई खाली हाथ न जाये,
प्रातः उठकर प्रभु से बोलो॥

कभी न गलती हरि करने दो,
स्वच्छ हृदय मन भरने को।
अपना हमको प्रभु बना लो,
प्रातः उठ हरिहर को जप लो॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में बताया है, सुबह उठकर आपका नित्य क्रिया कर्म, का क्या क्रम होना चाहिए। जिससे आपका हर एक कार्य शांति पूर्वक, सही समय पर पूर्ण हो जाये।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (प्रातः उठ हरि हर को भज।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें: पृथु का प्रादुर्भाव।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Idहै:kmsraj51@hotmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, प्रातः उठ हरि हर को भज।, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सुखमंगल सिंह जी की रचनाएँ, हिंदी कविता, हिन्दी साहित्य, हिन्दी-कविता Tagged With: 4 लाइन की कविता हिंदी में, Best Prernadayak Kavita in Hindi, hindi, Hindi Kavita, Hindi Me Kavita on Life, Hindi Poems, Hindi Poems of famous poets, Inspirational Hindi Poem, kavi sukhmangal singh, kavita in hindi, most haunted places in india, most haunted places in india in hindi, poems, Poetry, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh articles, sukhmangal singh poems, कविता, कविता हिंदी में, कविता हिंदी में बच्चों के लिए, कविता हिंदी में लिखी हुई, कवि‍ताएँ, गजल, गीत क्षणिकाएं व अन्य हिंदी काव्य पढ़ें, छोटी सी कविता हिंदी में, मोटिवेशनल कविता हिंदी में, सुंदर कविता हिंदी में, सुबह उठकर भजन करो, सुबह की प्रार्थना में जागें, हिंदी दोहे

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.