• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for हिंदी कविता

हिंदी कविता

मेरे जज्बात।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मेरे जज्बात। ♦

जो किसी की उन्नति में रुकावट लाये।
उस राह पर न कभी चले॥

वो लफ्ज़ न निकले जुबां से।
जो किसी को भी खले॥

ए दिल!
ले चल उस जगह मुझें तू।
जहाँ बस खुशियाँ ही पलें॥

जहाँ मेरी मेहनत के आगे।
मेरा हर गम स्वतः ही पिघले॥

मेरे हुनर उस ऊँचाई पर ले चल।
रहना नही मायूसियों के अम्बर तले॥

दिल को न रख कभी मासूम इतना।
कि हर कोई इसको ही छलें॥

ए दिल!
उस जहां में आ चलते हैं।
तेरी मुस्कान ही फूले-फले॥

तेरी मेहनत के आगे बस।
रोशनी के दीये ही जले॥

तेरे बेख़ौफ हौसलों के सामने।
हर चिंता स्वयं ही टले॥

जज्बा रख अपने कर्म का इतना।
चंचल मन व्यथित करे भले॥

तेरे सपनों की उड़ान दूर तलक जाए।
सफलता के गगन तले॥

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — हर इंसान के कर्म ऐसे होने चाहिए की उसके कर्म की वजह से कभी भी किसी को कोई परेशानी न हो, किसी को कोई दुख ना पहुंचे। जहां तक हो सके तो हर किसी का भला ही करे, अगर किसी का भला ना कर सके तो बुरा बिलकुल भी ना करे। एक बात याद रखे — “Karma Always Return”, जैसा करेंगे वैसा ही आपको वापस मिलेगा। इसलिए सदैव ही अच्छा कर्म करे, सबका भला करते चले।

—————

यह कविता (मेरे जज्बात।) “श्रीमती सुशीला देवी जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी IDहै:kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: famous poems about feelings, poem on feelings, sushila devi poems, कवयित्री सुशीला देवी, कवयित्री सुशीला देवी की कविताएं, जज्बात दो लाइन शायरी, जज्बात पर कविता, जज्बात शायरी, जज्बात शायरी इन हिंदी, सुशीला देवी, सुशीला देवी की कविताएं

रूसी महाबली।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ रूसी महाबली। ♦

समय बहुत रूस दिया यूक्रेन को,
अमेरिका नाटो के चढ़ाने में चढ़ा।
ब्रिटेन नाटो के हथियारों से लड़ा,
हॉस्पिटल स्कूल में सेना उतार दिया॥

ग्रामीण शहरी नागरिकों को दिया हथियार,
ड्रोन और मिसाइल से लगातार किया प्रहार।
फिर भी यूक्रेन के सैनिक कर रहे सरेंडर बार-बार,
रूसी सेना जगह बदल कर कर रही है पलटवार॥

रूस ने यस – 500 महा युद्ध में दिया उतार,
अमेरिका यूरोप नाटो में मचा भारी हाहाकार।
पुतिन ने महायुद्ध में अपना पराक्रम दिखाया,
विनाशक हथियार से दुश्मन को पहले कंपाया॥

S – 500 का किसी भी देश में तोड़ नहीं,
उसके सामने दुश्मन का कोई वेपन दिखेगा नहीं।
दुश्मन को खोज खोज एस – 500 मार गिराएगा,
दूर दूर तक कहीं भी दुश्मन नहीं दिखलाएगा॥

लेजर गाइडेड बम से भी रूस करेगा प्रहार,
दुश्मन के रडार सिस्टम को जो करेगा बर्बाद।
मिसाइल और विमान पर करेगा भारी वार,
दुश्मन के खेमे में मच जाएगा भारी हाहाकार॥

अमेरिका का मिनट मैन हो जाएगा बेकार,
अमेरिका – यूरोपीय देश का रूस लाया काल।
10 बैलिस्टिक मिसाइल पर एक साथ प्रहार,
अमेरिका का बाम्बा भी दिखने लगेगा निस्सहाय॥

सरमट मिसाइल से अमेरिका यूक्रेन पर प्रहार,
जो बाइडन की कोशिश की चौधराहट पर वार।
यूक्रेन रूस महायुद्ध पर मंगल कर रहा विचार,
दुनिया में दुनिया देख रही भीषण युद्ध हाहाकार॥

रूस के पुतिन, यूरोप पर करेंगे वार,
क्रीमिया जामिया फिनलैंड को बेकार।
टर्की, नार्थ कोरिया, चीन, रूस तैयार,
यूरोप अमेरिका हो जाएगा लाचार॥

रूस और टर्की करेगा चारों तरफ वार,
फिनलैंड का मंसूबा हो जाएगा बेकार।
चीन करेगा ताइवान पर भीषण प्रहार,
अमेरिका पर सभी घेरकर करेंगे वार॥

चक्रव्यूह चारों तरफ से पूरा पूरा तैयार,
चार यार मिल कर अमेरिका पर वार।
चारों यार नाटो खात्मे की कसम खाई,
नाटो के अस्तित्व खत्म करेंगे भाई॥

फिनलैंड – यूक्रेन साथ की कसम खाई,
नाटो से मिलने के लिए आवेदन लगाई।
दक्षिणकोरिया यूक्रेन ताइवान घबराए,
चारों यार मिलकर एक बिगुल बजाया॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — समय बहुत रूस दिया यूक्रेन को, अमेरिका नाटो के चढ़ाने में चढ़ा। ब्रिटेन नाटो के हथियारों से लड़ा, हॉस्पिटल स्कूल में सेना उतार दिया। अब तो रूस ने यस – 500 महायुद्ध में दिया उतार है अमेरिका यूरोप नाटो में मचा है भारी हाहाकार। पुतिन ने महायुद्ध में अपना पराक्रम दिखाया, विनाशक हथियार से दुश्मन को पहले कंपाया। S – 500 का किसी भी देश में अब तक तोड़ नहीं, उसके सामने दुश्मन का कोई भी वेपन दिखेगा नहीं। अब तो दुश्मन को खोज-खोज कर एस – 500 मार गिराएगा, दूर दूर तक कहीं भी दुश्मन नहीं दिखलाएगा।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (रूसी महाबली।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi sukhmangal singh poems, Russia Ukraine War Hindi, russian ukraine war in hindi, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, रूस-यूक्रेन विवाद, रूसी महाबली, सुख मंगल सिंह, सुखमंगल सिंह की कविताएं

दुनियादारी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ दुनियादारी। ♦

बेरुख हो चुकी हैं हवाएं, अब मौसम भी शुष्क हुआ है।
महफूज रहे जमाने में सब, बस रब से इतनी सी दुआ है।

लोग लगे हैं स्वार्थ साधने, मतलब की ही दुनियादारी है।
मुंह में राम – राम बगल में छुरी, इस दौर में भी जारी है।

रिश्तों की साख है दाव पे, आज कौन किसका पराया है?
दमड़ी का खेला है, वरना सगे को कहे कहां से आया है?

मरणासनी बाप की है कहां? चिन्ता में पिता की माया है।
सेवा की पड़ी ही है किसको? हाथ तिज़ोरी धन न आया है।

है फुरसत कहां बतियाने की आज? अपनापन ही खोया है।
कांधा देते पुत्र अर्थी को पिता की, पूछो कितना कर रोया है?

बहिर्मुखी जमाने में अब तो, संस्कारों की बात बेईमानी है।
हर रिश्तेे – नाते में रहा भरोसा कहां? मन में भरी शैतानी है।

सनातन से रहा सरोकार कहां? आधुनिकता की खुमारी है।
अपनी सभ्यता से रहा प्यार कहां? पश्चिम की हुई पुजारी है।

नई नसलों को नसीहत दो वरना, खतरे में ये दुनियादारी है।
कैंसर है महज जिस्म लीलता, रूह घाती स्वार्थ की बीमारी है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — आजकल स्वार्थ से भरी हुई दुनियादारी हो गई है, इंसानियत के नाते कोई किसी का कार्य नही कर रहा हैं, हर कार्य में उसका स्वार्थ निहित हैं। स्वार्थ पूरा ना होने पर आग बबूला हो जाता, भयानक बावरा रूप धारण कर अपना और दूसरों का भी नुकसान करता है। पश्चिमी संस्कृति का आज की पीढ़ी पर कुछ ऐसा असर हुआ की वह अपने भारत देश के महान प्राचीन सनातन संस्कृति का मजाक बनाता है, और काम, क्रोध, लोभ, मोह व अहंकार, से भरा हुआ जीवन व्यतीत कर रहा हैं। उसे ना ही अपना फिक्र है और ना ही अपने परिवार का फिक्र है। व्यभिचार में डूबा हुआ, अच्छा व बुरा के भेद को भी नहीं समझ पा रहा हैं। अपने कर्मों से अपना ही विनाश कर रहा हैं आज का मानव। हे मेरे देश के युवा अब भी समय हैं संभल जाओ और अपने प्राचीन महान भारतीय संस्कृति, सभ्यता व संस्कार को धारण कर अपना व अपने परिवार का कल्याण करों। सच्चे मन से देश सेवा का कार्य करों।

—————

यह कविता (दुनियादारी।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं। Tagged With: aajkal ke yuva, Famous Shayari On Duniyadari, hemraj thakur poems, Impact of Western Culture, poem on humanity and kindness, poet hemraj thakur, क्या युवा वर्ग भारतीय संस्कृति से दूर होता जा रहा है?, दुनियादारी पर कविता, पाश्चात्य संस्कृति और भारतीय युवा पीढ़ी, पाश्चात्य संस्कृति ने छीनी बच्चों से सहनशीलता, भारतीय जीवन पर पश्चिम का प्रभाव, भारतीय समाज पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पर निबंध, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

बुद्ध के संदेश।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ बुद्ध के संदेश। ♦

भगवान विष्णु के नवें अवतार सिद्धार्थ गौतम का हुआ,
आज के दिन हुआ उनका अवतार और ज्ञान प्राप्त हुआ।
गौतम बुद्ध के संदेश देते जीवन को सार्थक कैसे बनाये,
हजार लड़ाई जीतने से अच्छा अपने आप को जीता जा सकता है।

सुर्य, चन्द्र, सत्य को छिपाया नहीं जा सकता है,
घृणा को प्रेम से ही मिटाया जा सकता है।
सत्य के मार्ग पर चलकर ही सब कुछ पाया जा सकता है,
अतीत को भुलाकर वर्तमान को देखो खुश रह जीवन में।

खुशी बाटने से बढ़ती एक दीपक से हजारों दीपक होते जैसे रोशन,
चाहें ज्ञान की कितनी पुस्तक पढ़ ले जब तक अमल न करो जीवन में,
सार्थक लाभ न होय जीवन में।
क्रोध जो करता वह तपता उस आग में,
बुरे शब्द बोलने से बेहतर मौन रहे उस परिस्थिति में।

गौतम बुद्ध अहिंसा पथ पर चलने की प्रेरणा देता है,
हर तरफ फैलाये कल्याण का संदेश देता है।
लोक कल्याण के लिए हर युग मे अवतरित होते रहें,
अपनाकर उनके संदेशों को जीवन को सार्थक बनाएं।

♦ पूनम गुप्ता जी – भोपाल, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “पूनम गुप्ता जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — बुद्ध अर्थात प्रेम, करुणा, शील, त्याग की ज्योति, जिन्होंने हर इंसान को आत्मा के सत्य गुणों व शक्तियों से अवगत कराया सरल शब्दों में। सच्चे सुख का अनुभव करवाया सभी को। धन व संपत्ति में सच्चा सुख नही है, सच्चा सुख क्या है इससे भी अवगत कराया सभी को। इस संसार के सुख से भी ऊपर भी ऊपर सच्चा आनंद क्या है इसकी भी अनुभूति गहराई से करवाया। बुद्ध जैसे अवतार का आगमन इस धरा पर 2000 से 3000 वर्षों एकाध ही होते हैं। आओ हम सभी मिलकर महात्मा बुद्ध द्वारा बताये गए मार्ग पर चलकर अपना व इस संसार का उद्धार करें।

—————

यह कविता (बुद्ध के संदेश।) “पूनम गुप्ता जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, पूनम गुप्ता जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Gautam Buddha Updesh in hindi, poet poonam gupta poems, poonam gupta poems, कवयित्री पूनम गुप्ता, गौतम बुद्ध पर कविता, पूनम गुप्ता, पूनम गुप्ता की कविताएं, बुद्ध एक नाम नहीं भाव है, बुद्ध के उपदेश, बुद्ध के विषय पर बेहतरीन कविता, बुद्ध के संदेश, बुद्ध पर कविता, बुद्ध पूर्णिमा पर कविता, महात्मा बुद्ध के उपदेश

श्रीगन्ध बयार।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ श्रीगन्ध बयार। ♦

देखो आई श्रीगन्ध बयार रे,
किस दूरागत अनजान दिश से,
अलीयों की बहीर रे,
देखो आई श्रीगन्ध बयार रे।

असन्नद्ध आरस स्मित जोबन सिन,
मदिर शैया पर आसक्त बेजान।
कंपित कुसुमरेणु सा अवसन्न,
पसर गई विभावती चिकुरों की,
मंजरी भरी लर रे।

सार बूंदों का कोमल परस ले,
तिमिरारपु दग्ध फुलवा मुकुलों के,
बिखरा सौरभ का आलोक रे,
पल्लवन अबोध खड़ी सपनों की,
अमल वहती के कूल रे।

वनदेवी के नूतन वनांचल के अनुहार,
हिल रहा धरुण धवल शून्य तिमिर।
खुला धाराधर काल मिहिर-मयंक अनुहार,
कांत-निसर्ग प्राण बन कितने लुढ़क रहे।
क्षीर-वीर्य रे, देखो आई श्रीगन्ध बयार रे।

अर्थ: श्रीगन्ध = चंदन, अलीयों = भौंरा, बहीर = भीड़, कुसुमरेणु = केसर,
चिकुर = बाल(केश), वहती = नदी, धरुण = आग,
क्षीर-वीर्य = आत्मबल, परस = स्पर्श, स्मित = अधखिला पुष्प

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल`“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — प्रकृति की सुंदरता देखते ही बनती है हरी-भरी प्रकृति के कारण ही हमारा जीवन इतना अच्छा सरल सुन्दर है। बहती नदी के पानी का कलकल की आवाज मन को सुकून देता है। प्रकति के बीच रहने पर चंदन सा सुगन्धित जीवन व आत्मबल भी तेज होता है। सदैव रंग बदलती यह प्रकृति हर पल मन को भाए, नभ में कभी बादल तो कभी नीला आसमां हो जाए, जो मन को भाये, रूप तेरा (प्रकृति) देख कर हर किसी का मन मोहित हो जाए। प्रकृति हमें सब से प्रेम करना सिखाए। सुन्दर पक्षियों की मधुर आवाज मन को सदैव ही प्रफुल्लित कर जाये।

—————

यह कविता (श्रीगन्ध बयार।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi satish shekhar srivastava parimal, Poems of Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', poet Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', प्रकृति पर कविता, प्रकृति पर कविता शायरी, प्रकृति प्रेम पर शायरी, प्राकृतिक सौंदर्य शायरी, बहारों के दिन आ गये, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल, सतीश शेखर श्रीवास्तव – परिमल

बहारों के दिन आ गये।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ बहारों के दिन आ गये। ♦

देखो रे! बहारों के दिन आ गये,
कलिका बालाओं के रदों पर मधुकर गीत छाये।

अबोध वल्लरियों सार पनघट पर,
ले तरुणाई अंतर्घट हर्षित अंतर।

हँस रही अँखियों में अलसाई मधुल अनुराग भाये,
विपिन अमरी की रोमलताओं सी।

आनंदित हो उठी पर्ववल्ली दल इंदिरा श्री,
मीहिका कनों के धंधला कितने श्रम धूलिका लहराये।

कोरक कुंतल ने विभु लालसा से,
‘परिमल’ प्रसिद्ध प्रीति लज्जा से।

सौंदर्यांचल में मनोहर धुलि से मुक्तामणि बिखराये,
देखो रे! बहारों के दिन आ गये।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल`“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — प्रकृति की सुंदरता देखते ही बनती है हरी-भरी प्रकृति के कारण ही हमारा जीवन इतना अच्छा सरल सुन्दर है। सदैव रंग बदलती यह प्रकृति हर पल मन को भाए, नभ में कभी बादल तो कभी नीला आसमां हो जाए, जो मन को भाये, रूप तेरा (प्रकृति) देख कर हर किसी का मन मोहित हो जाए। प्रकृति हमें सब से प्रेम करना सिखाए। सुन्दर पक्षियों की मधुर आवाज मन को सदैव ही प्रफुल्लित कर जाये।

—————

यह कविता (बहारों के दिन आ गये।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Poems of Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', poet Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', प्रकृति पर कविता, प्रकृति पर कविता शायरी, प्रकृति प्रेम पर शायरी, प्राकृतिक सौंदर्य शायरी, बहारों के दिन आ गये, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल

बुद्ध एक नाम नहीं भाव है।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ बुद्ध एक नाम नहीं भाव है। ♦

बुद्ध एक नाम नहीं भाव है,
जगत के लिए सत्य की राह है।

जिनके जीवन से सीख मिलती अपार है,
जहां धन वैभव का था भंडार।

सुख सुविधा का था बहार,
उस घर में भी लेकर जन्म।

न मिला मन की शांति,
छोड़ दिया घरबार।

ज्ञान की प्राप्ति लिए,
निकल पड़े वन की ओर।

जहां सुखाया तन,
रमाया साधना में मन।

पाया बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान,
बन गए महान।

त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति समान,
सत्य का कराया भान।

आज ही के दिन किया महापरिनिर्वाण,
बुद्ध पूर्णिमा है जिसका नाम।

बुद्ध एक नाम नहीं भाव है,
जिसे अपनाकर मिलता शांति बेहिसाब है।

“बुद्धं शरणं गच्छामि”
“धम्मं शरणं गच्छामि”
“संघं शरणं गच्छामि”

बुद्ध एक नाम नहीं भाव है।
जो जगत को दिखाता मार्ग तमाम है।

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — बुद्ध अर्थात प्रेम, करुणा, शील, त्याग की ज्योति, जिन्होंने हर इंसान को आत्मा के सत्य गुणों व शक्तियों से अवगत कराया सरल शब्दों में। सच्चे सुख का अनुभव करवाया सभी को। धन व संपत्ति में सच्चा सुख नही है, सच्चा सुख क्या है इससे भी अवगत कराया सभी को। इस संसार के सुख से भी ऊपर भी ऊपर सच्चा आनंद क्या है इसकी भी अनुभूति गहराई से करवाया। बुद्ध जैसे अवतार का आगमन इस धरा पर 2000 से 3000 वर्षों एकाध ही होते हैं। आओ हम सभी मिलकर महात्मा बुद्ध द्वारा बताये गए मार्ग पर चलकर अपना व इस संसार का उद्धार करें।

—————

यह कविता (बुद्ध एक नाम नहीं भाव है।) “विवेक कुमार जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, विवेक कुमार जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Gautam Buddha Updesh in hindi, kavi vivek kumar, vivek kumar, vivek kumar poems, गौतम बुद्ध पर कविता, बुद्ध एक नाम नहीं भाव है, बुद्ध के उपदेश, बुद्ध के विषय पर बेहतरीन कविता, बुद्ध पर कविता, बुद्ध पूर्णिमा पर कविता, महात्मा बुद्ध के उपदेश, विवेक कुमार की कविताएं

माँ की जय हो।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ माँ की जय हो। ♦

तूने अपना नूर गवाया,
तब जा के हमें सृजाया।
पीड़ा सह कर हमें उत्पाया,
अपना दर्द सब अंदर छुपाया।
तेरी जय हो मां!

मल – मूत्र से हमें बचाया,
अपने मुंह का हमें खिलाया।
उंगली पकड़ कर चलना सिखाया,
तोतली जुबां को बतियाना बताया,
अपना दर्द सब अंदर छुपाया।
तेरी जय हो मां!

पाला – पोसा बड़ा बनाया,
सर्दी में गर्मी दी, धूप में छाया।
लकड़ी सी सूखा दी अपनी काया,
अरमान कुचल निज हमें पढ़ाया।
हमारी गलती पर भी हमें न सताया,
अपना दर्द सब अंदर छुपाया।
तेरी जय हो मां!

हांफते – कांपते तुझे वृद्धा -आश्रम पहुंचाया,
हमने जोरू संग गुलछर्रे उड़ाया।
बलिदान तेरा कभी याद न आया,
कितना कर खाती वह बूढ़ी काया?
तुझमें तो है करूणा सिंधु समाया,
सब के बाबजूद भी कुछ न बताया,
अपना दर्द सब अंदर छुपाया।
तेरी जय हो मां!

हम ढीठ है, एहसान फरामोश,
हमें रही न बचपन की होश।
तूने कैसे बड़ा किया था, हमें पाल-पोष,
कोई हमें गड़ाता निगाहें था तो,
दिखाती थी तू कैसा जोश?
जोरू की तिरेरी से ही डर गए हम,
है बड़ा ही यह अफसोस।
तू है कि अपने दर्द को,
रही है अंदर ही अंदर मां मसोस।
तेरी जय हो मां!

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — कड़वा है मगर सत्य यही है इस संसार में माँ की जगह कोई और नहीं ले सकता हैं। माँ जब से गर्भवती होती हैं तभी से अपने बच्चे का ख्याल रखती है। जब जन्म होता है तभी से उसके लिए दिन रात एक कर उसका पूरा ख्याल रखती है, उसे पाल-पोष बड़ा करती हैं। कोई भी दुःख आये वह अपने बच्चे तक उस दुःख को पहुंचने भी नहीं देती हैं। माँ तो माँ होती है, एहसान फरामोश आज की पीढ़ी अपने माँ बाप का ख्याल ही नहीं रखती है। आजकल के युवा अपने जोरू का गुलाम इस कदर हो गए है की उसके कहने पर माँ बाप को वृद्धाआश्रम छोड़ आते है, वो ये भूल जाते है की माँ ने ही हमे जन्म दिया है और पाल-पोष कर बड़ा किया हैं। माँ की स्नेह भरी ममता को भूल जाते है।

—————

यह कविता (माँ की जय हो।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं। Tagged With: kavi hemraj thakur poems, motivational poem in hindi, poem on mother in hindi, poet hemraj thakur, प्रेरणादायक हिन्दी कविताएँ, माँ की ममता पर गजल, माँ की ममता पर शायरी, माँ की ममता स्टेटस, माँ की महिमा पर कविता, माँ पर कविता, माँ पर कविता और शायरी, माँ पर कुछ लाइन्स, माँ पर दो लाइन कविता, मोटिवेशनल कविता हिंदी में, हिंदी कविता संग्रह, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

अन्तर ज्वाला धधक रही है।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ अन्तर ज्वाला धधक रही है। ♦

शल्थ हो चुकी है बाहर की लपटें,
फिर भी अन्तर ज्वाला धधक रही है।
हर गांव – गांव और शहर – शहर में,
नफरत की आग आज भभक रही है।

बहता विकार आज दरिया की मानिंद,
प्यार बरसाती नालों सा है सिकुड़ गया।
उड़ा रही है सब ईर्ष्या – द्वेष की आंधी,
रहा शेष कहां अब रहमो कर्म और दया?

भीगे चूनर से लालसा है नाचती,
ममता का घूंघट ही फाड़ दिया।
परहित का वर्चस्व है खत्म किया,
आज झण्डा स्वार्थ का गाड़ दिया।

मानव से छीन ली मानवता है सारी,
है शैतानियत का उसने शृंगार किया।
मदहोशी का है यूं आलम कुछ ऐसा,
मानो सबने है मादक मय पान किया।

कलकल बहती नदियों की भांति,
आज वितृप्त वासनाएं बहती है।
तृप्ति के भाव – प्रेम के सोते सूखे,
पतन की गाथा मानवता कहती है।

विकार की आंधी, वासनाओं की ब्यार से,
हर हृदय में अन्तर ज्वालाएं धधक रही है।
निरन्तर बरसते आधुनिक ज्ञान के मेघ पर,
कामनाओं की आग तब भी भभक रही है।

मालूम नहीं यह युग का प्रभाव है या,
है मानव की अक्ल पर पत्थर पड़े।
महफूज नहीं है आबरू बहु बेटी की,
पग पग पर है बहरूपिये लूटेरे खड़े।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — आज हर तरफ नफरत की आग आज भभक रही है, गांव – गांव और शहर – शहर में। विकार थो आज के समय में इस तरह से बढ़ गया है जैसे समुद्र हो, और सच्चा प्यार बरसाती के नालों सा है सिकुड़ गया। आज सभी एक दूसरे से ईर्ष्या – द्वेष कर रहे है, शील प्रेम और दया थो अब किसी के अंदर बचा ही नहीं। अब तो वह ममता का घूंघट भी नहीं रहा, आज सभी स्वार्थ के वशीभूत हो गए है। अब इंसान के अंदर मानवता बची कहा उसने तो शैतानियत का शृंगार जो कर लिया है। इस मदहोशी का आलम कुछ ऐसा, मानो सबने है नशीली शराब का पान किया हो। अब तो इस भयानक विकार की आंधी व वासनाओं की ब्यार से हर हृदय में अन्तर ज्वालाएं धधक रही है। आधुनिक ज्ञान के नाम पर ये कैसा बनता जा रहा है आज का इंसान, इनके कामनाओं की आग शांत ही नहीं हो रही है। हे मानव अब भी समय है सम्भल जा वर्ना कुछ भी नहीं बचेगा। हे मानव पुनः अपने प्राचीन संस्कृति, संस्कार व सभ्यता के अनुसार जीवन यापन कर।

—————

यह कविता (अन्तर ज्वाला धधक रही है।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं। Tagged With: kavi hemraj thakur poems, motivational poem in hindi, poet hemraj thakur, short motivational poem in hindi, अन्तर ज्वाला धधक रही है, प्रेरणादायक प्रसिद्ध हिंदी कविताएँ, प्रेरणादायक हिन्दी कविताएँ, मार्गदर्शन कविता, मोटिवेशनल कविता हिंदी में, हिंदी कविता संग्रह, हेमराज ठाकुर

माँ मेरी प्यारी माँ।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ माँ मेरी प्यारी माँ। ♦

मेरी प्यारी माँ भगवान की अनमोल कृति है,
मेरी प्यारी माँ प्यार और त्याग की मूर्ति है।

सृष्टि का आधार मेरी प्यारी माँ है।
प्रकृति का अनुपम तोहफा माँ होती है।

माँ की आँचल छाया में हम सकूँन पाते है,
माँ शक्ति का अवतार और रूप है।

ममता और प्यार की अनवरत धारा,
मेरी प्यारी माँ है स्नेह और कोमल स्पर्श से थपकी।

देती मेरी प्यारी माँ है,
माँ ही हमें संघर्षों से लड़ना सिखाती है।

माँ हम आपके ऋणी है आपने हमें जन्म दिया है,
पाल पोसकर पढ़ाया, लिखाया, संस्कार दिए है।

माँ तुम रूप हो भगवान का जिसने ह्दय में स्थान दिया,
मेरी प्यारी माँ मातृत्व की अनमोल धरोहर है।

माँ जैसा अटूट रिश्ता संसार मे कोई नहीं है,
माँ के चरणों मे हम वंदन और अर्चन करते है।

♦ पूनम गुप्ता जी – भोपाल, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “पूनम गुप्ता जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — माता शब्द में ‘मा’ का अर्थ है ममतामयी तथा ‘ता’ का अर्थ है तारक अर्थात तारनेवाली। माँ इस संसार रूपी भंवर से रक्षा करनेवाली होती है। माँ के स्मरण मात्र से ही एक भावभीनी सुगंध से मन का हर कोना-कोना महक उठता है, सुवासित हो उठता है। माँ के समान कोई भी प्रिय नहीं होता। माँ के कई रूप हैं – वह जननी है मातृ शक्ति है, अम्मा, माई भी है तो आई भी हैं। माँ का महत्व जीवन में क्या हैं उनसे पूछो जिनकी माँ नही हैं।

—————

यह कविता (माँ मेरी प्यारी माँ।) “पूनम गुप्ता जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, पूनम गुप्ता जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: poet poonam gupta, poonam gupta poems, पूनम गुप्ता, पूनम गुप्ता की कविताएं, माँ का महत्व, माँ की ममता पर कविता, माँ की ममता पर लेख, माँ के बिना जीवन, माँ पर कुछ लाइन्स, माँ पर दो लाइन

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।
  • दो वक्त की रोटी।
  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।

दो वक्त की रोटी।

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.