• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for मानव जीवन पर कविता

मानव जीवन पर कविता

मन के मीत।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मन के मीत। ♦

वो भी रहम की दवा रखते है,
इस भोले मन ने यह मान लिया।
हवा के झोंके की तरह हम मिले,
पर शिद्दत से पहचान लिया।

दो पल ठहर कर मन-मन से,
गुफ्तगू करने लगा।
मासूमियत देखकर भी,
मन बहम से भरने लगा।

लेता दवा अपने मर्ज की,
बात-बात से तनती गई।
मर्ज और दवा की,
आपस मे ठनती गई।

हम भी नेक इंसान है,
जख्म फिर भी पलते रहे।
खुशियों की इस सौदेबाजी से,
लोग हमसे जलते गए।

आया बनावटी भूचाल,
सब कुछ तहस-नहस कर गया।
ईरादा था सब खण्डहर करने का,
पर मन मे दवा और मर्ज का,
कौना दबकर रह गया।

♦ लाल सिंह वर्मा जी – जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

• Conclusion •

  • “लाल सिंह वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — दो पल ठहर कर मन-मन से अब गुफ्तगू करने लगा। मासूमियत देखकर भी न जाने क्यों मन बहम से भरने लगा। आया बनावटी भूचाल, कुछ ऐसा की सब कुछ तहस-नहस कर गया। ईरादा था सब खण्डहर करने का पर मन मे दवा और मर्ज का कौना कही दबकर रह गया। कर्मों के उपरांत, परोपकारी बनने, दान पुण्य को नियमित करने से ही मानव तन मिलता है। जब परमात्मा ने हमें सर्वश्रेष्ठ जीव बना कर धरा पर भेजा है तो यह हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है कि हमें इंसानियत का भाव रखते हुए सर्व जीव कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।

—————

यह कविता (मन के मीत।) “लाल सिंह वर्मा जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं लाल सिंह वर्मा सुपुत्र श्री भिन्दर सिंह, गांव – खाड़ी, पोस्ट ऑफिस – खड़काहँ, तहसील – शिलाई, जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक शिक्षक हूं, शिक्षा विभाग में भाषा अध्यापक के पद पर कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है, हिंदी भाषा से सम्बन्धित साहित्यिक विधाओं में रचनाएं लिखना तथा विशेष रूप से सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व मानवीय मूल्यों से सम्बन्धित रचनाओं का अध्ययन करना पसंद है। इस Platform (KMSRAJ51.COM) के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

शैक्षिक योग्यता – J.B.T, BEd., MA in English and MA in Hindi, हिंदी विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। अध्यापक पात्रता परीक्षा L.T., J.B.T., TGT पास की है। केंद्र विश्वविद्यालय PHD• (पीएचड•) प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, लाल सिंह वर्मा जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: lal singh verma, Man Ke Upar Kavita Hindi Mein, poet lal singh verma poems, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, प्रेरणादायक कविता, प्रेरणादायक कविता - मन के मीत, मन के मीत, मन के मीत - kmsraj51, मन के मीत - लाल सिंह वर्मा, मन पर कविता, मन पर कविता - मन के मीत, मानव जीवन का महत्व, मानव जीवन पर कविता, लाल सिंह वर्मा, लाल सिंह वर्मा की कविताएं, संघर्षमय जीवन पर कविता

जीवन भी एक उड़ती पतंग।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीवन भी एक उड़ती पतंग। ♦

जीवन भी एक उड़ती पतंग तरह है,
कभी इधर लहराती कभी उधर लहराती है।
कभी नीचे जाती कभी ऊपर आती है,
हवा के रुकने से वो उड़ नहीं पाती है।

जब ऐसे में दो पतंग आपस में उलझे,
एक पतंग का कटना और गिरना निश्चित समझे।
जिस उमंग से पतंग उड़ती वही हवा का झुकाव रखती है,
पेंच का ही खेल सही रहता जो सब विधा में माहिर है।

पतंग का धागा अगर मजबूत हो तो गिरना नामुकिन है,
कोई गाँठ कमजोर न हो ये देखना होता है।
वैसे ही जीवन में अगर रिश्ते मजबूत है,
खुशहाल जीवन भी उसी का होता है।

पतंग भी एक अजीब खेल खेलती है,
कभी अपने ही धागे में उलझ कर कट जाती है।
वैसे ही रिश्ते भी कभी कभी इतने उलझ जाते है,
लाख कोशिश करने बाद सुलझ नहीं पाते है।

♦ पूनम गुप्ता जी – भोपाल, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “पूनम गुप्ता जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — इंसान का जीवन भी एक उड़ती पतंग की तरह है, कभी इधर लहराती है तो कभी उधर लहराती है, कभी नीचे जाती तो कभी ऊपर आती है। हवा के रुकने से वो उड़ नहीं पाती है। हम सभी जानते है की पतंग का धागा अगर मजबूत हो तो गिरना नामुकिन होता है, कोई गाँठ कमजोर न हो ये देखना होता है। वैसे ही जीवन में भी अगर रिश्ते मजबूत हो तो, खुशहाल जीवन होता है। जैसे पतंग कभी-कभी अपने ही धागे में उलझ कर कट जाती है, वैसे ही रिश्ते भी कभी-कभी इतने उलझ जाते है, लाख कोशिश करने के बाद भी सुलझ नहीं पाते है।

—————

यह कविता (जीवन भी एक उड़ती पतंग।) “पूनम गुप्ता जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, पूनम गुप्ता जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Life is also a flying kite, poem on life in hindi, poems of poonam gupta, poonam gupta poems, short poem in hindi, कठिन जीवन पर कविता, जीवन पर कविता इन हिंदी, जीवन भी एक उड़ती पतंग, पूनम गुप्ता, पूनम गुप्ता की कविताएं, मानव जीवन पर कविता, समय परिवर्तन पर कविता, सुंदर कविता हिंदी में, सुंदर कविता हिंदी में बच्चों के लिए

जीवन – संग्राम।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीवन – संग्राम। ♦

है जीवन में संग्राम बहुत,
लड़ते इनसे जाओ।
संग्राम बीज आराम भी है,
सोकर नहीं बिताओ।

जीवन के सुख दुख दो पहलू,
इनसे ना घबराओ।
सुख के खातिर बिछावना को,
नित्य बिछाते जाओ।

विजय बिछावना कर्मयोग का,
करतब समझ दिखाओ।
पेट के खातिर लोक समाज में,
कर्मयोग को अपनाओ।

लड़ाईया लड़ने की खातिर तुम,
खुद को तैयार करो।
जीवन एक संग्राम कठिन लेकिन,
पुरुषार्थ अपना दिखलाओ।

कभी पैदल और कभी गाड़ी से,
बाट गुजर जाएंगे।
कभी कंक्रीट, कभी वृक्ष छांव में,
सोकर बीत जाएंगे।

बचपन लड़कपन में बीत गया,
जवानी घर बिताएंगे।
लोरी जिन्हें पहले गाकर सुनाया,
आंख बुढ़ापे में दिखाएंगे।

कब से बच्चे – बच्चे वाले हो गए,
पता नहीं कर पाएंगे।
माता पिता, नाना नानी के अलावा,
दूसरा नहीं दिखाएंगे।

सोच-सोच कर नीद नहीं आएगी,
पूरी रात बिताएंगे।
फिर भी सच का पता नहीं चलेगा,
कर कुछ नहीं पाएंगे।

बड़का छोटका – छोटका बड़का,
कहते ही रह जाएंगे।
रिश्ते सारे सपने जैसे शहरों में गुम,
होकर खोते जाएंगे।

कभी कभी मिलेगी पुआ – मिठाई,
पर अभागे सो जाएंगे।
विविध तरह से यह जीवन चलता,
जिसे देख इठलाएंगे।

यह जीवन सतरंगी विरासत पर,
बेरहम धक्के खाएंगे।
जीवन ऐसो आराम में गुजरे फिर,
पैर पकड़ हिलाएंगे।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — मानव जीवन एक कड़वा संग्राम है यहां आराम भी है, दुःख भी है, सुख भी है, आत्म आनंद भी है। मौसम की तरह सुख दुःख आते जाते रहते है मानव जीवन में। लेकिन मेरा अनुभव कहता है की यह सुख और दुःख का सृजन मनुष्य का मन करता है। जिस मनुष्य का मन व आत्मशक्ति मजबूत हो वह मानव हर परिस्थिति में एक समान रहता है, चाहे दुःख हो या सुख। हमे अपने आप को मानसिक रूप से इतना मजबूत बनाना है की कोई भी परिस्थिति हमे बिचलित ना कर सके। हर एक मनुष्य आत्मा के अंदर अनंत शक्तियां, सुषुप्त अवस्था में निहित है, बस जरूरत है इन शक्तियों को जागृत कर, सही समय पर, सही जगह उपयोग करने की। किसी भी शक्ति के उपयोग में समय और जगह का उच्च स्थान होता है। सही समय व सही जगह पर उपयुक्त शक्ति का उपयोग करने पर हर कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण हो। इस संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका समाधान ना हो। बस जरूरत है अपने नज़रिये को बदलने का। आपका सकारात्मक नजरिया आपके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगा।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (जीवन – संग्राम।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, motivational poem in hindi, poem on life struggle in hindi, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, कड़वा जीवन पर कविता, कवि सुखमंगल सिंह, कवि‍ताएँ, चुनौती पर श्लोक, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन कड़वा सच, जीवन के नैतिक मूल्यों पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, जीवन संग्राम पर कविता इन हिंदी, जीवन संघर्षमय है पर कविता, नैतिकता पर श्लोक, मानव जीवन पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं

युवा और नशा।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ युवा और नशा। ♦

तना सीना, तनी ग्रीवा, लगे अच्छी युवाओं की।
शिथिल कंधे, मुँदी आँखें, नहीं भातीं युवाओं की।

घुसे हैं देश में दुश्मन, तुम्हारा मार्ग भटकाने,
समय से पूर्व ही तुमको, नशे की नींद सुलवाने।
मिले जो मुफ़्त में भी तो, सदा कहना नशे को ना,
बड़ा अनमोल है जीवन, नशे में न खो देना।

क़तारें ख़ूब लंबी हैं, नशे के सरगनाओं की।
सफल साज़िश न हो पाये, भयंकर योजनाओं की।
तना सीना, तनी ग्रीवा, लगे अच्छी युवाओं की।
शिथिल कंधे, मुँदी आँखें, नहीं भातीं युवाओं की।

तुम्हीं तो देश का कल हो, तुम्हीं हो देश की गरिमा,
रचो इतिहास ऐसा तुम, बढ़े जो देश की महिमा।
तुम्हीं को नींव रखनी है, नशे से मुक्त भारत की,
करे जो बात गाँजे की, सजा दो इस जहालत की।

जगाओ चेतना अपनी, दिशा बदलो हवाओं की।
नशे के घोल में डूबी, नशीली इन फ़िज़ाओं की।
तना सीना, तनी ग्रीवा, लगे अच्छी युवाओं की।
शिथिल कंधे, मुँदी आँखें, नहीं भातीं युवाओं की।

नशे के रास्तों से तुम, न नाता जोड़ कर आना,
पिता ने लाड़ से पाला, न रोता छोड़ कर जाना।
शपथ लो आज ही तुम सब, अलख घर – घर जलानी है,
पुनः शेखर भगत सिंह सी, तुम्हें लिखनी कहानी है।

तुम्हीं तो प्राण हो माँ के, कली हो भावनाओं की।
पिता का मान, मन्नत हो, रखो लज्जा दुआओं की।
तना सीना, तनी ग्रीवा, लगे अच्छी युवाओं की।
शिथिल कंधे, मुँदी आँखें, नहीं भातीं युवाओं की।

♦ वेदस्मृति ‘कृती’ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती’ जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाने की कोशिश की हैं — आज की युवा पीढ़ी किस तरह नशा के गर्त में धसती जा रही है, नशे में धुत युवक किसी को भी अच्छे नहीं लगते। नशे के आदी युवक का कोई भविष्य नहीं होता। तना सीना, तनी ग्रीवा, लगे अच्छी युवाओं की। शिथिल कंधे, मुँदी आँखें, नहीं भातीं युवाओं की। इसलिए नशा छोड़े और एक सुन्दर भविष्य के निर्माण में सहयोगी बने। आप युवाओं पर ही भारत का भविष्य निर्भर है, यूँ ही नशे की दीवानी – उड़े जवानी वाले युवक न बनो।

—————

यह कविता (युवा और नशा।) ” वेदस्मृति ‘कृती’ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई आई टी . शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक. समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, युवा और नशा।, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author Vedsmriti ‘Kritee’, Drugs Poems Hindi, effects of drugs on youth, effects of hard drugs on youths, health-related problems using drugs, Nasha Mukti Slogans In Hindi, Nashe Par Kavita, poems of Vedsmriti ‘Kritee’, poet vedsmriti kritee poems, vedsmriti kritee articles, vedsmriti kritee poems, youth and drug, youth and drug spoil life, youth and drug spoil life of human nature, yuva aur nasha, छात्र जीवन पर कविता, जीवन पर आधारित कविता, नशा छोड़ो पर कविता, नशा पर दोहे, नशा मुक्ति पर कविताएं, नशा मुक्ति पर दोहे व नारे, नशा मुक्ति पर शायरी, नशा मुक्ति पर स्टेटस, नशे का कुंआ, नशे की दीवानी - उड़े जवानी, नशे पर कविता, मानव जीवन पर कविता, युवा और नशा, युवा और नशा पर कविता, युवा शक्ति और नशा, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये

जीवन और संघर्ष।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीवन और संघर्ष। ♦

जब इंसान पैदा होता है,
जीवन में संघर्ष का पड़ाव शुरू होता है।
अनबोल बच्चा दूध के लिए रोता है,
यही से संघर्ष का दौर शुरू होता है॥

बड़ा होने पर संघर्षों का रुप बदल जाता है,
इंसान चुनौतियों का सामना करता है।
जीवन की नैया पार कर जाता है,
जीत की खुशी में फूला नहीं समाता है॥

संघर्ष के साथ ने व्यक्तित्व का निर्माण होता है,
तब कहीं जाकर समाज में स्थान मिलता है।
मां – बाप का मन हर्षित हो जाता है,
संघर्षों के साथ बेटा – बेटी आफिसर बन जाता है॥

संघर्षों के साथ जो कर्तव्यों का निर्वहन करता है,
जीवन रस के साथ इंसान का जीवन सार्थक हो जाता है।
विजयलक्ष्मी है कहती ए-इंसान संघर्षों से क्यों घबराता है,
अंत में संघर्ष करते हुए ही इंसान भगवान के चरणों में जगह पाता हैं॥

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — जब इंसान जन्म लेता है तब से ही उसके जीवन में संघर्ष शुरू हो जाता है और यह संघर्ष अंतिम श्वास तक चलता है।

—————

यह कविता (जीवन और संघर्ष।) “विजयलक्ष्मी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vijaylaxmi, patience poem in hindi, poems about life and patience, poet vijaylaxmi, vijaylaxmi poems, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन और व्यवहार पर सुविचार, जीवन की सुंदरता पर कविता, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, जीवन यात्रा पर कविता, जीवन संघर्ष पर कविता, जीवन संघर्ष है कविता, जीवन संघर्षमय है पर कविता, प्रेम और व्यवहार, मानव जीवन पर कविता, विजयलक्ष्मी जी की कविताये, विपत्ति में धैर्य पर शायरी, संघर्षमय जीवन पर कविता, सब्र और सहनशीलता पर सुविचार, सब्र पर सुविचार

जिंदगी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जिंदगी। ♦

जिंदगी जीने की कला है।
कर्ज चुकाने की अदा है।

देश को इससे आशा है।
मां की यही अभिलाषा है।

जिंदगी केवल खेल नहीं।
यह देवों की परिभाषा है।

कितना कहूं जीवन को,
मानवता की यह रक्षक है।

सफर जिंदगी का गुजर जाता।
कोई पल – पल याद आता है।

लोग आते-जाते रहते जिंदगी में,
पल-पल बिछड़ता जाता है।

जीवन शैली मानवता की रक्षक,
संतों सा लगत संरक्षक है।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – बहुत सारे उदाहरण के माध्यम से बताया है, ज़िंदगी क्या है, “कितना कहूं जीवन को, मानवता की यह रक्षक है।” मानव जीवन मिला है लोगो का और स्वयं का कल्याण करने के लिए। यूँ ही जीवन को नष्ट ना करें, समय फालतू न गवाए, अपने इस जीवन को अच्छे कार्यों में लगाए।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (जिंदगी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: beautiful poems in hindi on life, hindi poems on life inspiration, hindi poetry on life by sukhmangal singh, motivational poem in hindi, POEMS BY SUKHMANGAL SINGH, Poems In Hindi, poems in hindi on life, poems on life in hindi, poetry by sukhmangal singh, self motivation poem hindi, short motivational poems in hindi, Sukhmangal Singh, कवितायें, जिंदगी पर कविता हिंदी में, जीवन की सच्चाई पर कविता, जीवन की सुंदरता पर कविता, जीवन पथ पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, जीवन यात्रा पर कविता, प्रेरक कविताएं, प्रेरणादायक कविताएं, प्रेरणादायक कहानी और कविता, प्रेरणादायी कविता हिंदी, प्रेरणाप्रद कविता, मानव जीवन पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

खाने में शामिल न करें।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ खाने में शामिल न करें। ♦

आम खाने में लगता मजेदार।
स्वास्थ्य वर्धक और लाजवाब।
आम में अच्छे तत्व पाए जाते।
इसी लिए तरह तरह से खाते।

सबके मन भाते तथा लुभाते।
शरीर को पुष्ट निरोग बनाते।
साल भर में पेड़ पर लटकते।
चाव से इसको लोग मिल खाते।

एक बात याद आई उस कराते,
आम खाने के बाद में करेला,
को कभी भी नहीं लोग खाते।
खाने से हानि शरीर में आते।

रायता और छाछ भी बराते।
यह काया में जहर पिला देते।
भिन्डी की सब्जी लगे लाजवाब।
पौष्टिक आहारों का यह संसार।

विविध रूपों में इसका प्रयोग।
खाने में बहुत लगती है मजेदार।
भोजन में सलाद का हो साथ।
कहते होता इससे बहुत लाभ।

पर कुछ वस्तु में होता बरताव।
साथ मिलकर लेने से करें इंकार।
वरना हो जाएंगे तंग और लाचार।
शरीर को कर देगा वह बेकार।

लीबर भी हो जाएगा कमजोर।
पर नहीं चलेगा किसी का जोर।
शरीर आप में करती रहेगी शोर।
भूल नहीं पाएंगे कभी यह रोग।

करेला खाने से हो होते निरोग।
भिंडी साथ खाएंगे होगा रोग।
दोनों को अलग-अलग खाइए।
सुखमय जीवन अपना बनाइए।

बड़े कष्ट से शरीर को बताइए।
करेला भिंडी को न मिलाइए।
यद्यपि शुगर में इसे खूब खाइए।
दोनों एक साथ नहीं लीजिए।

आजकल लोग खिचड़ी पकाते,
एक में सब कुछ मिला कर लेते?
वैज्ञानिक प्रभाव नहीं समझते।
मनमर्जी पे सब कुछ वे खाते।

निरोगी काया होती रोग बुलाते।
राष्ट्र विरोधी, मिल जस गाते।
वे कभी कभी स्टोरी सुनाते।
भ्रम में डालकर गरम हो जाते।

ठंडी-ठंडी मूली खाना में खाते।
अकड़ मूवी मसाला लगाये लाते।
मूली के बहुत फायदे हम बतला दे।
जड़ पत्ता पीने से अनेक फायदे।

मूली को खाने से गैस भाग जाते।
सलाद में मूली जो लोग मिला दे।
औषधीय गुण इसमें पाए जाते।
वैद्य ही लोग इसका गुण बताते।

भिंडी के साथ करेला नहीं खाते।
इसके खाने से पेट में रोग बढ़ाते।
सोच समझकर जो भोजन खाते।
निरोगी काया वे अपना बनाते।

स्वस्थ समाज वही लोग बनाते।
जो लोग निरोगी काया हैं पाते।
जो कुछ भी हम सब कभी खाते।
सोच समझकर उसे अपना बनाते।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – बहुत सारे उदाहरण के माध्यम से बताया है, किसके साथ क्या खाये और किसके साथ क्या न खाये। किसके साथ क्या-क्या खाने से लाभ होता है, और क्या-क्या खाने से नुकसान भी होता है शरीर को। इसलिए जो भी खाये बहुत सोच समझकर ही खाये, किसी भी खाने के साथ कुछ भी न खाये । जिसके साथ जो उपयुक्त हो, जिसके खाने से शरीर को नुकसान न हो वही साथ-साथ खाये केवल।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (खाने में शामिल न करें।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: poem about food and nutrition, poem on being healthy and fit, poetry by sukhmangal singh, poetry on health, short poem about being healthy, short poem about health habits, short poem about healthy lifestyle, short poem on health and fitness, short poem on healthy food, short poem on healthy food in hindi, Sukhmangal Singh, कवितायें, पौष्टिकता पर कविता, भोजन का महत्व पर कविता, मानव जीवन पर कविता, संतुलित आहार पर कविता, सुखमंगल सिंह, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सेहत पर कविता, स्वस्थ जीवन पर कविता

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.