• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for संघर्षमय जीवन पर कविता

संघर्षमय जीवन पर कविता

इक प्रयास।

Kmsraj51 की कलम से…..

Ek Prayaas | इक प्रयास

इक प्रयास। / पार्ट – 4

इक प्रयास (एक प्रयास)।

बड़े – बूढ़े कह गये, रख लो इसका ध्यान,
सूरज में दम नहीं, अँधियारा है अति बलवान।

खून – पसीना इक करता, फिर भी रहा गरीब,
दो वक्त की रोटी मिले, जगे घर का नसीब।

आकर हमसे पूंछ लो, कैसा है ये संसार,
ग्राहक जैसे दीखते, वैसा ही है बाज़ार।

घर पर वो बोले नहीं, बाहर हैं मौन,
‘परिमल’ बंद किताब है, बाँचे उसको कौन।

मन को उसके मोह लो, बोलो मधुर बोल,
दोगे तो छोड़ पछताओगे, मुक्तक हैं अनमोल।

सुर से सच्ची प्रीति है, वेदना में डूबे बोल,
बसा लो अपनी आवाज में, बैजू के रस घोल।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल‘ जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

यह कविता (इक प्रयास। / पार्ट – 4) “सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल’ जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Ek Prayaas, Hindi Poems, kavi satish shekhar srivastava parimal, poem on struggle of life in hindi, Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', इक प्रयास, इक प्रयास पार्ट – 4 – सतीश शेखर श्रीवास्तव परिमल, संघर्ष हौसला पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, संघर्षमय जीवन पर दो पंक्तियाँ, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल

इक प्रयास।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ इक प्रयास। ♦

इक प्रयास। / पार्ट – 3

इक प्रयास (एक प्रयास)।

कभी नहीं पाला मैनें, ‘परिमल’ ऐसा रोग,
दिल्लगी सबके साथ है, नेकी अपने लोग।

कटोरा जिसके हाथ में, घर-घर माँगे खाय,
जिसके हाथ कट गये, वे कहाँ हाथ फैलाय।

माने तो सब बावले, आशिक मजनूं हीर,
उन्हें पगला न कहिये, जाने उनके हृदय पीर।

आगार अपना तो भर लिया, लंबा मारा हात,
कहता सबसे फिरे, धरम करम की बात।

मैं थककर चूर हुआ, तू भी थककर चूर,
तेरा दर तो आ गया, मेरी मंजिल अभी दूर।

भव की चिंता वो करे, जिसको जग से प्यार,
मैं बेजार हो चुका सबसे, सब मुझसे हैं बेज़ार।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल‘ जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

यह कविता (इक प्रयास। / पार्ट – 3) “सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल’ जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi satish shekhar srivastava parimal, poem on life in hindi, Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', इक प्रयास पार्ट – 3 – सतीश शेखर श्रीवास्तव परिमल, कवि सतीश शेखर श्रीवास्तव – परिमल, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, वर्तमान समाज पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सतीश शेखर श्रीवास्तव – परिमल

इक प्रयास।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ इक प्रयास। ♦

इक प्रयास। / पार्ट – 2

इक प्रयास (एक प्रयास)।

छैल छबीली जिसके बाँहों में, सफेद झूठ उसके बोल,
कुछ क्षण का साथ है, और कुछ क्षण का मेल।

गहराई थी अतल की, वितल था दो मील,
बादल उसे पी गया, देखती रह गई झील।

जन्मों-जन्म प्यासी रही, घट-घट पिलाया नीर,
‘परिमल’ ऐसा दान तो, नदिया दे तो क्षीर।

बंदूकों के नोक पर, मचाये कौन शोर,
गली-गली में पहरेदार हैं, घर को लूटे घर के चोर।

बागों में आई नहीं, बहारों की बयार रास,
उपवन में बस गई, फूल-पंखुड़ियों की बास।

सीमा को छू न पाया, दानवीरों का दान,
भूखों को ले गया घर, इक नंगा-भूखा इंसान।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल‘ जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

यह कविता (इक प्रयास। / पार्ट – 2) “सतीश शेखर श्रीवास्तव ‘परिमल’ जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi satish shekhar srivastava parimal, poem on life in hindi, Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', इक प्रयास पार्ट - 2 - सतीश शेखर श्रीवास्तव परिमल, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, वर्तमान समाज पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल

बिखरे पत्तों सी जिन्दगी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ बिखरे पत्तों सी जिन्दगी। ♦

ये जिंदगी ताश के बिखरे पत्तों जैसी,
खेल की तरह ही जीतती हारती है वैसी।

कभी बादशाह जैसी अपनी हुकूमत दिखाती,
कभी रानी बन सुंदरता का आईना दर्शाती।

कभी जोकर बन सभी को हंसाए, रुलाए,
आंखों में आंसू, होठों पर कभी मुस्कान लाए।

बावन पत्तों सा रिश्तों का बना संसार,
एक भी गुम हो जाए तो जीवन लगे निराधार।

सभी भावनाऐं इस कदर इन पत्तों में समाई,
कभी ईंट, कभी हुकुम का इक्का ले आई।

कभी पान के पत्ते सी, कभी चिड़ी जैसे पंख लगाए,
भावनाएं ले ऐसी, ये जिंदगी सरसाये।

जो रंगीन पत्तों की बात करें, उल्टे या सीधे एक समान,
बावन के ढेर में छुपे जो, रंगीन ताश दिखाए रंगीन जहान।

अलग-अलग करीने से लगाने पर, ये खेल में खूब रंग लगाए,
इसमें ही खोने पर, ताश के पत्तों जैसी जिंदगी बिखर जाए।

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — जिंदगी के उतार-चढ़ाव उस दिमागी खेल की तरह हैं जिसमें कभी हार होती है तो कभी जीत। यदि हम खेल को कुशलतापूर्वक और ध्यान से खेलते हैं तो विजय मिलती है और ध्यान चूकने पर हार का सामना करना पड़ता है। जिंदगी में परेशानियों व विपत्तियों का आगमन व्यक्ति को हताश कर देता है और उसके जीवन में अंधकार भर देता है। लेकिन मानव जीवन का यही वो समय होता है जब उसे पूर्ण धैर्य से कार्य करना चाहिए और शांत मन से उचित निर्णय लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मानव जीवन में परेशानियों व विपत्तियों का आगमन मनुष्य को मानसिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए आते है।

—————

यह कविता (बिखरे पत्तों सी जिन्दगी।) “श्रीमती सुशीला देवी जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari, etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2023-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Poems On Life, poem on life in hindi, short poem in hindi, जिंदगी पर कविताएँ, जीवन पर कविता, बिखरे पत्तों सी जिन्दगी, बिखरे पत्तों सी जिन्दगी - सुशीला देवी, संघर्षमय जीवन पर कविता, सुशीला देवी, सुशीला देवी जी की कविताएं

मन के मीत।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मन के मीत। ♦

वो भी रहम की दवा रखते है,
इस भोले मन ने यह मान लिया।
हवा के झोंके की तरह हम मिले,
पर शिद्दत से पहचान लिया।

दो पल ठहर कर मन-मन से,
गुफ्तगू करने लगा।
मासूमियत देखकर भी,
मन बहम से भरने लगा।

लेता दवा अपने मर्ज की,
बात-बात से तनती गई।
मर्ज और दवा की,
आपस मे ठनती गई।

हम भी नेक इंसान है,
जख्म फिर भी पलते रहे।
खुशियों की इस सौदेबाजी से,
लोग हमसे जलते गए।

आया बनावटी भूचाल,
सब कुछ तहस-नहस कर गया।
ईरादा था सब खण्डहर करने का,
पर मन मे दवा और मर्ज का,
कौना दबकर रह गया।

♦ लाल सिंह वर्मा जी – जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

• Conclusion •

  • “लाल सिंह वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — दो पल ठहर कर मन-मन से अब गुफ्तगू करने लगा। मासूमियत देखकर भी न जाने क्यों मन बहम से भरने लगा। आया बनावटी भूचाल, कुछ ऐसा की सब कुछ तहस-नहस कर गया। ईरादा था सब खण्डहर करने का पर मन मे दवा और मर्ज का कौना कही दबकर रह गया। कर्मों के उपरांत, परोपकारी बनने, दान पुण्य को नियमित करने से ही मानव तन मिलता है। जब परमात्मा ने हमें सर्वश्रेष्ठ जीव बना कर धरा पर भेजा है तो यह हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है कि हमें इंसानियत का भाव रखते हुए सर्व जीव कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।

—————

यह कविता (मन के मीत।) “लाल सिंह वर्मा जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं लाल सिंह वर्मा सुपुत्र श्री भिन्दर सिंह, गांव – खाड़ी, पोस्ट ऑफिस – खड़काहँ, तहसील – शिलाई, जिला – सिरमौर, हिमाचल प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक शिक्षक हूं, शिक्षा विभाग में भाषा अध्यापक के पद पर कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है, हिंदी भाषा से सम्बन्धित साहित्यिक विधाओं में रचनाएं लिखना तथा विशेष रूप से सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व मानवीय मूल्यों से सम्बन्धित रचनाओं का अध्ययन करना पसंद है। इस Platform (KMSRAJ51.COM) के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

शैक्षिक योग्यता – J.B.T, BEd., MA in English and MA in Hindi, हिंदी विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। अध्यापक पात्रता परीक्षा L.T., J.B.T., TGT पास की है। केंद्र विश्वविद्यालय PHD• (पीएचड•) प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, लाल सिंह वर्मा जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: lal singh verma, Man Ke Upar Kavita Hindi Mein, poet lal singh verma poems, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, प्रेरणादायक कविता, प्रेरणादायक कविता - मन के मीत, मन के मीत, मन के मीत - kmsraj51, मन के मीत - लाल सिंह वर्मा, मन पर कविता, मन पर कविता - मन के मीत, मानव जीवन का महत्व, मानव जीवन पर कविता, लाल सिंह वर्मा, लाल सिंह वर्मा की कविताएं, संघर्षमय जीवन पर कविता

जीवन – संग्राम।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीवन – संग्राम। ♦

है जीवन में संग्राम बहुत,
लड़ते इनसे जाओ।
संग्राम बीज आराम भी है,
सोकर नहीं बिताओ।

जीवन के सुख दुख दो पहलू,
इनसे ना घबराओ।
सुख के खातिर बिछावना को,
नित्य बिछाते जाओ।

विजय बिछावना कर्मयोग का,
करतब समझ दिखाओ।
पेट के खातिर लोक समाज में,
कर्मयोग को अपनाओ।

लड़ाईया लड़ने की खातिर तुम,
खुद को तैयार करो।
जीवन एक संग्राम कठिन लेकिन,
पुरुषार्थ अपना दिखलाओ।

कभी पैदल और कभी गाड़ी से,
बाट गुजर जाएंगे।
कभी कंक्रीट, कभी वृक्ष छांव में,
सोकर बीत जाएंगे।

बचपन लड़कपन में बीत गया,
जवानी घर बिताएंगे।
लोरी जिन्हें पहले गाकर सुनाया,
आंख बुढ़ापे में दिखाएंगे।

कब से बच्चे – बच्चे वाले हो गए,
पता नहीं कर पाएंगे।
माता पिता, नाना नानी के अलावा,
दूसरा नहीं दिखाएंगे।

सोच-सोच कर नीद नहीं आएगी,
पूरी रात बिताएंगे।
फिर भी सच का पता नहीं चलेगा,
कर कुछ नहीं पाएंगे।

बड़का छोटका – छोटका बड़का,
कहते ही रह जाएंगे।
रिश्ते सारे सपने जैसे शहरों में गुम,
होकर खोते जाएंगे।

कभी कभी मिलेगी पुआ – मिठाई,
पर अभागे सो जाएंगे।
विविध तरह से यह जीवन चलता,
जिसे देख इठलाएंगे।

यह जीवन सतरंगी विरासत पर,
बेरहम धक्के खाएंगे।
जीवन ऐसो आराम में गुजरे फिर,
पैर पकड़ हिलाएंगे।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — मानव जीवन एक कड़वा संग्राम है यहां आराम भी है, दुःख भी है, सुख भी है, आत्म आनंद भी है। मौसम की तरह सुख दुःख आते जाते रहते है मानव जीवन में। लेकिन मेरा अनुभव कहता है की यह सुख और दुःख का सृजन मनुष्य का मन करता है। जिस मनुष्य का मन व आत्मशक्ति मजबूत हो वह मानव हर परिस्थिति में एक समान रहता है, चाहे दुःख हो या सुख। हमे अपने आप को मानसिक रूप से इतना मजबूत बनाना है की कोई भी परिस्थिति हमे बिचलित ना कर सके। हर एक मनुष्य आत्मा के अंदर अनंत शक्तियां, सुषुप्त अवस्था में निहित है, बस जरूरत है इन शक्तियों को जागृत कर, सही समय पर, सही जगह उपयोग करने की। किसी भी शक्ति के उपयोग में समय और जगह का उच्च स्थान होता है। सही समय व सही जगह पर उपयुक्त शक्ति का उपयोग करने पर हर कार्य सफलता पूर्वक पूर्ण हो। इस संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका समाधान ना हो। बस जरूरत है अपने नज़रिये को बदलने का। आपका सकारात्मक नजरिया आपके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगा।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (जीवन – संग्राम।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, motivational poem in hindi, poem on life struggle in hindi, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, कड़वा जीवन पर कविता, कवि सुखमंगल सिंह, कवि‍ताएँ, चुनौती पर श्लोक, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन कड़वा सच, जीवन के नैतिक मूल्यों पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, जीवन संग्राम पर कविता इन हिंदी, जीवन संघर्षमय है पर कविता, नैतिकता पर श्लोक, मानव जीवन पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं

जीवन और संघर्ष।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीवन और संघर्ष। ♦

जब इंसान पैदा होता है,
जीवन में संघर्ष का पड़ाव शुरू होता है।
अनबोल बच्चा दूध के लिए रोता है,
यही से संघर्ष का दौर शुरू होता है॥

बड़ा होने पर संघर्षों का रुप बदल जाता है,
इंसान चुनौतियों का सामना करता है।
जीवन की नैया पार कर जाता है,
जीत की खुशी में फूला नहीं समाता है॥

संघर्ष के साथ ने व्यक्तित्व का निर्माण होता है,
तब कहीं जाकर समाज में स्थान मिलता है।
मां – बाप का मन हर्षित हो जाता है,
संघर्षों के साथ बेटा – बेटी आफिसर बन जाता है॥

संघर्षों के साथ जो कर्तव्यों का निर्वहन करता है,
जीवन रस के साथ इंसान का जीवन सार्थक हो जाता है।
विजयलक्ष्मी है कहती ए-इंसान संघर्षों से क्यों घबराता है,
अंत में संघर्ष करते हुए ही इंसान भगवान के चरणों में जगह पाता हैं॥

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — जब इंसान जन्म लेता है तब से ही उसके जीवन में संघर्ष शुरू हो जाता है और यह संघर्ष अंतिम श्वास तक चलता है।

—————

यह कविता (जीवन और संघर्ष।) “विजयलक्ष्मी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vijaylaxmi, patience poem in hindi, poems about life and patience, poet vijaylaxmi, vijaylaxmi poems, जीवन एक चुनौती पर कविता, जीवन और व्यवहार पर सुविचार, जीवन की सुंदरता पर कविता, जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली कविता, जीवन यात्रा पर कविता, जीवन संघर्ष पर कविता, जीवन संघर्ष है कविता, जीवन संघर्षमय है पर कविता, प्रेम और व्यवहार, मानव जीवन पर कविता, विजयलक्ष्मी जी की कविताये, विपत्ति में धैर्य पर शायरी, संघर्षमय जीवन पर कविता, सब्र और सहनशीलता पर सुविचार, सब्र पर सुविचार

जिंदगी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जिंदगी। ♦

जिंदगी जीने की कला है।
कर्ज चुकाने की अदा है।

देश को इससे आशा है।
मां की यही अभिलाषा है।

जिंदगी केवल खेल नहीं।
यह देवों की परिभाषा है।

कितना कहूं जीवन को,
मानवता की यह रक्षक है।

सफर जिंदगी का गुजर जाता।
कोई पल – पल याद आता है।

लोग आते-जाते रहते जिंदगी में,
पल-पल बिछड़ता जाता है।

जीवन शैली मानवता की रक्षक,
संतों सा लगत संरक्षक है।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – बहुत सारे उदाहरण के माध्यम से बताया है, ज़िंदगी क्या है, “कितना कहूं जीवन को, मानवता की यह रक्षक है।” मानव जीवन मिला है लोगो का और स्वयं का कल्याण करने के लिए। यूँ ही जीवन को नष्ट ना करें, समय फालतू न गवाए, अपने इस जीवन को अच्छे कार्यों में लगाए।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (जिंदगी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: beautiful poems in hindi on life, hindi poems on life inspiration, hindi poetry on life by sukhmangal singh, motivational poem in hindi, POEMS BY SUKHMANGAL SINGH, Poems In Hindi, poems in hindi on life, poems on life in hindi, poetry by sukhmangal singh, self motivation poem hindi, short motivational poems in hindi, Sukhmangal Singh, कवितायें, जिंदगी पर कविता हिंदी में, जीवन की सच्चाई पर कविता, जीवन की सुंदरता पर कविता, जीवन पथ पर कविता, जीवन मूल्य पर कविता, जीवन यात्रा पर कविता, प्रेरक कविताएं, प्रेरणादायक कविताएं, प्रेरणादायक कहानी और कविता, प्रेरणादायी कविता हिंदी, प्रेरणाप्रद कविता, मानव जीवन पर कविता, संघर्षमय जीवन पर कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.