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KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

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sukhmangal singh poems

ज्ञानवापी परिसर।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ ज्ञानवापी परिसर। ♦

ज्ञानवापी परिसर सारे जहां जानता,
शिव जी ने पार्वती को ज्ञान दिया है।
धर्म संस्कृत की अनुपम प्रगति का,
शिव ब्रह्मज्ञान आशीष रूप दिया है।

अदालत के आदेश का पालन हुआ,
अधिवक्ता आयुष मिशन साथ दिया।
चप्पे -२ की वीडियोग्राफी कराई गई,
धार्मिक कलाकृति की फोटो ली गई।

स्थापत्य शैली की आकृतियां मिली,
अंकिता कृतियों की रिकॉर्डिंग हुई।
दस दिन पहले डाली मिट्टी भी मिली,
विद्युत की कमी से ही बैटरी लाई गई।

तह खाने में घोर अंधेरा छाया था,
जांच करता इसीलिए भन्नाया था।
12 मई को फिर सर्वे का आदेश हुआ,
14 और 15 मई को सर्वे किया गया।

6 मई को सर्वे की कारवाई शुरू हुई,
विरोध हंगामे के बीच सर्वे रोका गया।
नारा और फिर भी प्रदर्शन किया गया,
शासन की मुस्तैदी से घटना नहीं हुई।

जांच टीम में दोनों पक्ष के साथ रहे,
14 को 8 से 12:00 बजे तक जांच।
दूसरे दिन 2022 को जांच टीम गई,
दोनों पक्षों से जांच में सहयोग किया।

तह खाना इमेज से चुनी दीवाल थी,
श्रृंगार गौरी की मूर्ति को छुपा दी?
सफेद सिमेंट तहखाने में शामिल है,
यही दुस्साहसिक और मनमानी की?

व्यास जी के बंद कमरे का सर्वे आज,
15 मई 2022 को नहीं हो सका है।
ज्ञानवापी परिसर में एक सुरंग मिली,
गुफ़ा – आखिरी छोर अभी संदेह में है?

खाने में 15th सदी की मूर्ति मिली,
अभी एक तहखाना अंदर राज खुला।
तहखानो में बहुत सारा मलवा मिला,
आकृति के अंश होने का आशंका रहा?

सारा मलवा फर्श पर बिखरा मिला,
महमूद शाह, जहांगीर औरंगजेब का,
ज्ञान वापी तोड़ा हुआ उड़ा दिखा?
सर्वे आफ इंडिया इसकी पहचान करेगा।

मिला हुआ मलवा पूरा छाना जाएगा,
छानने के बाद सत्य सामने आएगा।
सर्वे में कुछ पेपर तथ्य सामने आया,
सर्वे टीम उसे जाँच वास्ते में बंद कर वाया।

तहखाने में पेंटिंग कुछ कराई गई है,
किस सदी का है नहीं बताई गई है।
आगे जांच उस पर कराया जाएगा,
कोर्ट के माध्यम से सामने आएगा।

बरामदे और खंभों के भी फोटो लिया,
क्या उस फर्स में कुछ परिवर्तन हुआ?
प्राचीन मूर्तियों को दबा दिया गया,
कलाकृतियां कुछ लोगों से कह रही?

ज्ञान के परिसर में मिले अवशेषों से,
जांच करने से उसका पता चलेगा।
ग्वालियर की रानी का बनवाया मंडप,
में एक सुरंग का भी पता चलता है।

इस सुरंग का रास्ता कहां जाता है,
सुरंग बनाई रामनगर में क्या मिलती?
राजघाट से पुरातत्व में जा खुलती?
वा सुरंग और कहीं भी यह जाती है।

500 मीटर के दायरे में दुकान बंद,
पैदल चलने वालों पर भी निगाह जी।
सर्वे टीम ने पूरा टाइम काम किया है,
तहखाने दो कमरों के ताला खुला मिला।

तीसरे कमरे के दरवाजे का ताला तोड़ा,
और चौथे कमरे में फाटक नहीं था।
अंदर की चुनी गई दीवार के पीछे क्या,
उसे तोड़ने का न्यायालय आदेश नहीं।

तालाब गुंबद की भी रिकॉर्डिंग हुई,
60 – 65 % सर्वे का काम पूरा हुआ।
अधिवक्ता आयुक्त और टीम साथ थी,
काशी वासियों ने शांति सौहार्द मिली।

फर्श के नीचे गर जांच किया जाता,
बहुत सारा तथ्य निकल सामने आता!
न्यायालय न्याय प्रिय व्यवहार करता है,
सच को सच सदा कहा जाता रहता है।

•—• ♥ •—•

हिंदू पक्ष का दावा मिल रहे साक्ष ज्ञानवापी में,
मुस्लिम पक्ष वहीं कहे नहीं मिले साक्ष वहां पर।
गहमागहमी वही हुई थी जहां जांच चली थी,
जांच टीम वजू स्थल तहखाने का सर्वे कराए॥

जिले जिलों से दौड़ते दौड़ते नमाजी वहां पर आए,
जो कभी नहीं पढ़ता नमाज यहां वह भी यहां आया।
शासन की चाक चौबंद व्यवस्था रहने से,
आतताई भी वहां आकर बस केवल घबराया॥

परिषद के वजू खाने में बाबा का शिवलिंग दिखाया,
शिवलिंग को देखकर अधिवक्ता जैन अदालत पहुंचे।
न्यायाधीश ने उनके निवेदन पर वजू खाने की,
जगह को सील करने का आदेश फिर दिया॥

जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा जी ने,
सुरक्षा हेतु सीआरपीएफ कमांडेंट से बात किया।
मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग मिलने के दावे से इंकार किया,
आपसी सामंजस्य बनाने के लिए सभी से बात किया॥

परिसर में शिवलिंग का होना मंदिर का सबूत मिला,
जांच टीम के सामने परिसर में अन्य अवशेष मिला।
मिला हुआ शिवलिंग 12 फीट लंबा, 8 फीट चौड़ा था,
ज्ञानवापी कूप खुदाई में और नीचे शिवलिंग कहा गया॥

16 मई 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई,
वादी पक्ष ने कहा ज्ञानवापी के अंदर शिवलिंग मिला।
उसके साथ-साथ अनेक मंदिर की चीजें भी सामने आई।
एक घंटे तक न्यायालय में तथ्य पेश किया गया,
अगली सुनवाई 20 मई को निर्धारित की गई॥

मौजा शहर खास परगना देहात अमानत बनारस की,
गाटा संख्या 9130 1 बीघा 9 विश्वा छ: धूर में!
मुस्लिम पक्ष के नमाज पढ़ने का विपक्षी अनुरोध किया,
कोर्ट में दावा साबित नहीं कर पाने पर खारिज हुआ॥

ऑल इंडिया अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के संस्थापक,
कांग्रेस नेता मोहम्मद शोएब ने अपने वक्तव्य में कहा-
ज्ञानवापी परिसर में मूर्तियां हैं तो हिंदू को दे देना होगा,
आक्रांता मुसलमान जिन मंदिरों को तोड़ा हिंदू को देना होगा॥

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग क्षेत्र को,
संरक्षित करने को अपना निर्देश दिया।
जांच की कार्रवाई रोकने की मांग को खारिज किया,
पीठ वजू खाने के इस्तेमाल की इजाजत से भी इनकार किया॥

सुप्रीम न्यायालय ने सिविल जज से जिला जज के पास,
वाराणसी ज्ञानवापी क्षेत्र का पूरा मामला ट्रांसफर किया।
शीर्ष कोर्ट ने यूपी सरकार वा० डीएम पुलिस कमिश्नर,
काशी – विश्वनाथ मंदिर बोर्ड ट्रस्ट आदि को भी नोटिस जारी किया॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती है। लिखित प्रमाण है, नग्गी आँखों से साफ़ साफ़ दीखता है की ज्ञानवापी परिसर, प्राचीन विशाल विश्वेस्वर शिव मंदिर है। जिसमे शिवलिंग के साथ-साथ माता गौरी और गणेश व अन्य देवी देवताओं का मूर्ति स्थापित है। पुरे मंदिर परिसर के सभी दीवारों पर, तहखाने में, पिलरों पर प्रमाण है, जिसके साथ छेड़खानी की गई है, एक दुष्ट कौम द्वारा। हम सनातनी धैर्य के साथ प्रेम पूर्वक मात्र अपने आराध्य महादेव का पूर्ण ज्ञानवापी परिसर वापस चाहते हैं। हमे पूर्ण विश्वास है सम्पूर्ण ज्ञानवापी परिसर हमे जल्द ही मिलेगा। हर हर महादेव!

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sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (ज्ञानवापी परिसर।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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रूसी महाबली।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ रूसी महाबली। ♦

समय बहुत रूस दिया यूक्रेन को,
अमेरिका नाटो के चढ़ाने में चढ़ा।
ब्रिटेन नाटो के हथियारों से लड़ा,
हॉस्पिटल स्कूल में सेना उतार दिया॥

ग्रामीण शहरी नागरिकों को दिया हथियार,
ड्रोन और मिसाइल से लगातार किया प्रहार।
फिर भी यूक्रेन के सैनिक कर रहे सरेंडर बार-बार,
रूसी सेना जगह बदल कर कर रही है पलटवार॥

रूस ने यस – 500 महा युद्ध में दिया उतार,
अमेरिका यूरोप नाटो में मचा भारी हाहाकार।
पुतिन ने महायुद्ध में अपना पराक्रम दिखाया,
विनाशक हथियार से दुश्मन को पहले कंपाया॥

S – 500 का किसी भी देश में तोड़ नहीं,
उसके सामने दुश्मन का कोई वेपन दिखेगा नहीं।
दुश्मन को खोज खोज एस – 500 मार गिराएगा,
दूर दूर तक कहीं भी दुश्मन नहीं दिखलाएगा॥

लेजर गाइडेड बम से भी रूस करेगा प्रहार,
दुश्मन के रडार सिस्टम को जो करेगा बर्बाद।
मिसाइल और विमान पर करेगा भारी वार,
दुश्मन के खेमे में मच जाएगा भारी हाहाकार॥

अमेरिका का मिनट मैन हो जाएगा बेकार,
अमेरिका – यूरोपीय देश का रूस लाया काल।
10 बैलिस्टिक मिसाइल पर एक साथ प्रहार,
अमेरिका का बाम्बा भी दिखने लगेगा निस्सहाय॥

सरमट मिसाइल से अमेरिका यूक्रेन पर प्रहार,
जो बाइडन की कोशिश की चौधराहट पर वार।
यूक्रेन रूस महायुद्ध पर मंगल कर रहा विचार,
दुनिया में दुनिया देख रही भीषण युद्ध हाहाकार॥

रूस के पुतिन, यूरोप पर करेंगे वार,
क्रीमिया जामिया फिनलैंड को बेकार।
टर्की, नार्थ कोरिया, चीन, रूस तैयार,
यूरोप अमेरिका हो जाएगा लाचार॥

रूस और टर्की करेगा चारों तरफ वार,
फिनलैंड का मंसूबा हो जाएगा बेकार।
चीन करेगा ताइवान पर भीषण प्रहार,
अमेरिका पर सभी घेरकर करेंगे वार॥

चक्रव्यूह चारों तरफ से पूरा पूरा तैयार,
चार यार मिल कर अमेरिका पर वार।
चारों यार नाटो खात्मे की कसम खाई,
नाटो के अस्तित्व खत्म करेंगे भाई॥

फिनलैंड – यूक्रेन साथ की कसम खाई,
नाटो से मिलने के लिए आवेदन लगाई।
दक्षिणकोरिया यूक्रेन ताइवान घबराए,
चारों यार मिलकर एक बिगुल बजाया॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — समय बहुत रूस दिया यूक्रेन को, अमेरिका नाटो के चढ़ाने में चढ़ा। ब्रिटेन नाटो के हथियारों से लड़ा, हॉस्पिटल स्कूल में सेना उतार दिया। अब तो रूस ने यस – 500 महायुद्ध में दिया उतार है अमेरिका यूरोप नाटो में मचा है भारी हाहाकार। पुतिन ने महायुद्ध में अपना पराक्रम दिखाया, विनाशक हथियार से दुश्मन को पहले कंपाया। S – 500 का किसी भी देश में अब तक तोड़ नहीं, उसके सामने दुश्मन का कोई भी वेपन दिखेगा नहीं। अब तो दुश्मन को खोज-खोज कर एस – 500 मार गिराएगा, दूर दूर तक कहीं भी दुश्मन नहीं दिखलाएगा।

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यह कविता (रूसी महाबली।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

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काशी में देव विग्रह का वीडियोग्राफी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ काशी में देव विग्रह का वीडियोग्राफी। ♦

न्यायालय के आदेश पर,
ज्ञानवापी परिसर का सर्वे।
सीनियर डिवीजन सिविल,
जज रवि कुमार दिवाकर।

वीडियो ग्राफी के आदेश में,
कमीशन कार्रवाई सीमा तक।
अदालत ने कहा कमीशन,
कार्रवाई आदेश हमने दिया है।

श्रृंगार गौरी और देव विग्रह से,
सबूत सुरक्षित रखा जाएगा।
काशी के ज्ञानवापी मस्जिद में,
देवताओं के साक्ष संकलित होंगे।

अंजुमन इंतजा मियां का कहना,
मस्जिद! गैर मुस्लिम घुसने न देंगे।
अधिवक्ता आयुक्त कमीशन,
10 मई को रिपोर्ट दाखिल करें।

6 मई 2022 को दोनों पक्षों को,
कमीशन कार्रवाई सूचित किया।
अधिवक्ता आयुक्त साक्ष को,
सुरक्षित स्थान पर उसे रखेंगे।

मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में,
फोर्स मौके पर एलर्ट जारी है।
भीड़ – भाड़ रोकने के लिए,
पूरा इंतजाम यहां किया गया।

कानून व्यवस्था को प्रभावित,
करने वालों पर सख्ती होगी।
जनता से शांति बनाने के लिए,
पुलिस अपील कर रही दिखी।

सुप्रीम कोर्ट आदेश पालन में,
माइक रिपोर्ट हाईकोर्ट रद्द किया।
विश्व में बढे प्रदूषण नियंत्रण –
न्यायालय ने निज आदेश दे दिया।

प्राचीन विश्वनाथ के अवशेषों को,
एकत्रित सबकुछ किया जाएगा।
मंदिर के उत्तर पश्चिम दिशा में,
दूर-दूर तक जबकि बने बंकर है।

दक्षिण दिशा में भी मंदिर के,
सड़क पार वर्ग विशेष के बंकर है।
पुलिस आयुक्त के निगाह ने,
जुड़ा नहीं सुरक्षा के अंदर है।

अधिकांश लोगों से बात करने पर,
उनको कोई आपत्ति नहीं बताया।
धर्म के ठेकेदारों ने ही केवल,
इस आदेश का विरोध जताया है।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — 6 मई 2022 को दोनों पक्षों को कमीशन कार्रवाई सूचित किया। अधिवक्ता आयुक्त साक्ष को सुरक्षित स्थान पर उसे रखेंगे। प्रश्न हमारा यह है मुस्लिम संप्रदाय से की अगर काशी के ज्ञानवापी मस्जिद में कुछ भी गलत नहीं है तो फिर ये आपत्ति क्यों? आखिर क्या छिपाने की कोशिश कर रहे है ये? इनको तो खुश होना चाहिए, की सत्य बाहर आ रहा हैं। जो सत्य है उसे तो बाहर आना ही चाहिए। वह डर रहे है की प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती हैं। उनके डर का मुख्य कारण यही हैं। सत्य तो बाहर आएगा ही चाहे ये लाख कोशिश कर ले, विरोध करने की या रोकने की। सभी को शांतिपूर्ण तरीके से कोर्ट की कारवाही को होने देना चाहिए।

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यह कविता (काशी में देव विग्रह का वीडियोग्राफी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

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विकास मार्ग पर चलें!

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ विकास मार्ग पर चलें! ♦

उसने आगे आकर हमें सुनाया,
उत्तर देने के लिए मंगल आया।
हम शांति प्रदर्शक सबको भाया,
सद्भाव की हमने अलख जगाया।

वह कहता है पूराने संबंध छोड़ो,
हम हैं हमसे ही नया नाता जोड़ो।
भारत सदा बैलेंस करके चलता है,
शांतिदूत बन सबकी रक्षा करता।

रक्षा हजारों पर अपनी निर्भरता,
खत्म करने की वह हमसे कहा।
यह पता वह कितना साथ देगा,
वह तो अपनी देखी देखा करता।

तेल और हथियार देने को बोला,
दुनिया पर भरोसा करने से रोका?
खुद उकसा वे पर विश्वास करता,
अपने आप विचार किया करता।

एक अपने मंच से सचिव ने कहा,
ऊर्जा व वस्तुएं हमारे हित ने नहीं।
अपनी आवश्यकता है नहीं छोड़ा,
हमने तो सबसे अच्छा नाता जोड़ा।

मित्र देश के संबंध बिगाड़ने की कहा,
पुराने समझौते को टालने को कहा।
खुद ही महान नई मित्रता बनाता रहा,
आगे आकर चौध राणा चलाता रहा।

भारत संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अपना,
निष्पक्ष बयान दुनिया को दे डाला।
मानव के लिए जांच की कह डाला,
अमन चैन की राह सुझाव दे डाला।

उसके गले नहीं उतरती बात हमारी,
भला सबका, यही हमने बता डाला।
दोनों पक्षों को शांति संदेश सुनाया,
संयम बरतने के लिए हमने बताया।

सुंदर सुगम मार्ग प्रशस्त किया जाता,
उपदेशों की तरफ ध्यान दिया जाता।
दुनिया में प्रदूषण पर रोक लग जाता,
विकास मार्ग का रास्ता खुल जाता।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — दोस्त वही अच्छा जो अच्छे समय के साथ – साथ बुरे समय में भी साथ ना छोड़े। ऐसी दोस्ती का क्या करना? जो मात्र अपना ही फायदा देखे सदैव? ऐसे दोस्त से अच्छा है की, दोस्ती ही ना हो, हमे तो वही दोस्त चाहिए जो सदैव हमारा साथ दे ऐसे दोस्त के साथ ही कंधे से कन्धा मिलाकर चले। ऐसे दोस्त से दुरी ही भली है जो जरूरत पर साथ ही ना दे, उम्मीद पर कभी खरा ही ना उतरे, जो सदैव ही केवल अपने बारे में सोचे। हमारे लिए ऐसा ही दोस्त सही है जो सुख – दुःख में सदैव ही हमारे साथ खड़ा रहे।

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sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (विकास मार्ग पर चलें!) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

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यूक्रेन की तबाही!

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ यूक्रेन की तबाही! ♦

रूसी सेना का सैन्य ऑपरेशन यूक्रेन में है जारी,
शहर शहर पर रूसी सेना कर रही है बमबारी।

क्रोमाटोस्क पर रूस ने मिसाइल गिरा दी भारी,
रूस के टैंक पर बम बरसा रहा यूक्रेन करारे।

यूरोपीय संसद ने रूस पर बैन लगाया करारी,
युद्ध यूक्रेन में जिसे बंद करने के लिए चेताया।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से रूस पहले से ही बाहर,
फिर भी न्यायालय में भारी उस पर लगाया पावर।

संयुक्त राष्ट्र की बड़की अदालत का ऐसा तेवर,
सैन्य अभियान तत्काल रुकने का फैसला सर!

अपना घर हम अपना ही कहते अपना अपनाना है।
रसिया ने भी ठाना है यूक्रेन को संदेश निभाना है।

खेरसन के रेलवे ट्रैक को पार करते दिखा रूसी टैंक,
सेना कर रही है जगह – जगह से भारी भरकम खर्च।

ला त विया में यूक्रेन सेना कर रही है पलटवार,
उधर बुल्गेरिया का रूस राजदूत को संदेश।

24 घंटे में उसके राजदूत छोड़ दें मेरा पूरा देश,
रूस के यूक्रेन की मदद करने वालों को कड़ा संदेश।

पुतिन ने यूक्रेन में जैविक लैब के किया दावा,
यू एन एस सी से चीन ने लैब जांच की मांग की!

आठ देशों का संगठन यूक्रेन के समर्थन में आया,
रूसी अरबपति की संपत्ति जप्त करने का फैसला सुनाया।

पुतिन ने tv पर आकर देश को किया संबोधित,
पश्चिमी देशों के समर्थक गद्दारों को यूक्रेन से निकाले!

सुमी में रूसी सेना ने किया भारी बमबारी,
ना जी को मेरे सामने लाओ पुतिन की है तैयारी।

यूक्रेन हमारा है हम उसमें जनता को बचाएंगे,
जलेस्की अपने हो अपने ही साथ तुम आओ।

आस्ट्रेलिया – स्वीडन की तर्ज पर कर्तव्य निभाओ,
अपनी बुद्धि का प्रयोग करके युक्रेन बचाओ।

उत्तर कोरिया ने शस्त्रागार आधुनिक कर रहा,
दक्षिण कोरिया उसे हवा ने विस्फोटों पर देखा।

उसका प्रक्षेपण नाकाम होने का दावा है ठोंका,
10 माह प्रक्षेपण उतर कोरिया दुनिया के सामने किया।

अमरीकी राष्ट्रपति जाे बाईडेन ने चीन को क्या चेताया,
ताइवान को लेकर चीन ने भी बिगुल बजाया।

ईरान हाल में इराक स्थित अमरीकी दूतावास,
पर सेना ने भारी मिसाइल दना दन गिराया।

कीव एयरपोर्ट पर हुई रूस की ओर से बमबारी,
कहां जाता है वहां अब तक सुरक्षित रहें अधिकारी।

रूस बम बस ऐसे बालक की जय हो खेल जैसी,
कालिया नाग पर जैसे ही देखें कूदे कृष्ण कन्हैया।

ओडिशा में एयरफोर्स विमान की होती थी मरम्मत,
रूसी सेना माइन बम गिराया यूक्रेन में दना दन।

सुखोई लड़ाकू विमान से रूस कर रहा है प्रहार,
यूक्रेनी सेना का शहर – शहर हो रहा है संहार!

यूक्रेनी सेना प्रमुख रूप से जगह जगह पलटवार,
कहीं कहीं रूसी सेना को खदेड़ने के समाचार।

रूसी सेना ने यूक्रेन के ड्रोन सेंटर पर बम बरपाया,
जिस से रूस पे हमले उसे नष्ट कर ने आया।

जेलेस्की ने नाटो में शामिल होने की झुठलाया,
हमारी इच्छा पुरी नहीं हो सकी सबको सुनाया।

यूक्रेन तात्कालिक स्थित देखकर मांग में आया,
अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी स्वीकार की बात दोहराया।

रूस ने कहा यूक्रेन आपने सेना वाला देश बनेगा,
दोनों देशों की प्राइवेट सेना का मदद करेगा।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — अत्यधिक घमंड चाहे व्यक्तिगत हो या राष्ट्रीय सदैव ही सर्वनाश का कारण बनता है। अभी जो माहौल रूस यूक्रेन संघर्ष युद्ध का चल रहा है, यह युद्ध पूरी दुनिया के लिए हानिकारक है। संस्कृत का बहुत प्रसिद्ध लघु सूत्र है “अति सर्वत्र वर्जयेत्” जिसका हिंदी शब्दार्थ है कि “अति करने से हमेशा बचना चाहिए”, अति का परिणाम हमेशा हानिकारक होता है। वास्तव में अति किसी भी चीज की अच्छी नही होती। “लेकिन प्रश्न यहां पर यह है की – मासूम जनता की क्या गलती है?” कुछ भी बनाने में वर्षों का समय लग जाता है, लेकिन बर्बाद यूँ ही मिनटों में हो जाता है। जो कल तक लाखो – करोड़ों, घर दूकान, मकान, कार के मालिक थे, वो आज भिखारी बन गए। उन्हें तो समझ में ही नही आ रहा की आखिर किस गलती का भुगतान हम कर रहे है, गलती कौन करें – भरे कौन ? क्या ज़ेलेंस्की के द्वारा भड़काऊ भाषण यूक्रेन को पूर्ण रूपेण खंडहर में तब्दील करके ही छोड़ेगा?

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यह कविता (यूक्रेन की तबाही!) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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कविता।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ कविता। ♦

सृजन करताओंं में कविता,
मार्गदर्शक बनकर आती।
नवीन द्वार खोल कर वह,
मुखोटा हटाके लहराती।

साहित्य में नव अभिव्यक्ति,
चिंतन शीलता की शक्ति।
गतिशील चलती कविता,
सत्ता से बढ़कर कविता?

कविता भी एक औजार,
समाज पर केन्द्रित विचार!
जीवन में खुशियां निखार,
प्रकृति छवि के बीच विचार।

तानाशाह पर है तलवार,
युग चेतना का संवाहक!
रूढ़ सिद्धांतो पर प्रहार,
करती है सच का प्रचार।

कविता को पोस्टर ना मानो,
जो दीवारों पर टांगे जाए!
खुद के स्वार्थ के वास्ते ही
जहां तहां लिख चिपका दें।

नवीन साहित्य सृजन करती,
अनियंत्रित – नियंत्रण करती।
संस्कृति उत्थान का आधार,
मानवता की रक्षक प्रचार।

सूर्य की किरणों सा अहसास,
रसानुभूती की लिए प्रबलता!
प्रेम की भाषा का शब्द उद्धार,
नवीन मुकाम का करती चुनाव।

इसमें भावना कल्पना के महत्व,
सरलता की होती है प्रधानता।
अनुभूतियां का सृजन मिश्रण,
सच्चाई से स्वागत चिंतन चित्रण।

यथार्थ को प्रकट करती कविता,
चिंता से ऊपर उठकर यह आती।
बौद्धिकता जीवन में सुख भरती,
निरंतर कविता आगे बढ़ती रहती।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — कविता दिल की एक सच्ची अनुभूति है, जो एक कवि के हृदय की गहराई से निकली हुई कृति है। भाव स्वरूप कविता तो होता है जीवन का एक प्रवाह, जो सदैव ही प्रेरित करता है कार्यशील होने के लिए। हृदय की गहराई से निकली हुई कृति में न तो होती उसमें कोई भी बनावट, होती बस दिल के उदगारों की सजावट है। याद रखें – केवल शब्दों को लयबद्ध करना ही नही काफी होता है, सार्थक अर्थ के बिना तो शब्दों के संग नाइंसाफी होता है। गहरे अर्थ लिए हुए शब्दों का इक आईना होती है कविता, जिसमें अति सुंदर भाव के साथ-साथ होता हर शब्द का मायना है। ये कविता प्रेम का गहरा समुद्र है, दरिया इश्क का भी, जिसमें करुणा, जज्बात का अहसास, मरहम होता अश्क का भी। कहते है इंसान जब भी इसमें खो जाए तो हर शह में ही कविता गुनगुनाए, फिर जज्बातों की कलम से सदैव ही ह्रदय पर भाव अंकित करता जाए।

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रंग पंचमी होली समापन।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ रंग पंचमी होली समापन। ♦

रंग पंचमी को होली का होता समापन,
महापर्व देवताओं को होते समर्पित।
नकारात्मक असर को करता नाश
सकारात्मक सोच का होता विकास।

आसमान में जो लोग गुलाल उड़ाते,
मनवांछित फल वही भक्त पाते हैं।
रखने से व्रत सभी दोष मिट जाए,
रंग पंचमी पर्व जो श्रद्धा से मनाते।

सभी अनिष्ट शक्तियां दूर ही रहती,
विघटन कारी शक्ति पास न आती।
रज – तम गुण दासी रूप में रहती,
सत्तवगुण जीवन में सुख शांति देते।

सगुण ऊपर पर्व विजय का प्रतीक,
आध्यात्मिक विकास करे भलीभूत।
पांच तत्वों का महापर्व देता प्रकाश,
किए धूलिवंदन विष्णु जी पालनहार।

त्रेता युग से चला आ रहा त्यौहार,
सांसारिक करते हैं इस पर विचार!
कृष्ण राधा को लगाते अबीर गुलाल,
लक्ष्मी जी की लाल करने से सत्कार।

तेजो मय ही है पूरा ब्रह्मांड हमारा,
विविध रंगों के घटक से भारी तारा।
गुलाल उड़ाकर देवों को हम पुकारें,
कल्याणकारी शक्ति होती हैं सहारा।

पारिवारिक कष्ट खत्म होवे समर्पण से,
ईश्वर की भक्ति होती है जल अर्पण से।
रंगपंचमी महापर्व मनाएं श्रद्धाभक्ति से,
सकारात्मक ऊर्जा आती ईश शक्ति से।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — रंग पंचमी का पर्व होली त्योहार के पांच दिन के बाद मनाया जाता है। होली का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ हो जाता है और पंचमी तिथि तक चलता है। पंचमी के दिन मनाए जाने के कारण ही रंग पंचमी कहा जाता है। रंग पंचमी पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। लक्ष्मी धन, संपत्ति, ऐश्वर्य की देवी हैं। उनकी पूजा के साथ कनकधका स्तोत्र का पाठ करें। मां लक्ष्मी और श्रीहरि को लाल गुलाल अर्पित करें। इससे परिवार के समृद्धि में वृद्धि होगी। रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पूजा करें। उन्हें गुलाल चढ़ाएं। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की परेशानी खत्म होंगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए पति और पत्नी साथ में पूजा करें।

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“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

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चिरायता अमृत आयुर्वेदिक औषधि।

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♦ चिरायता अमृत आयुर्वेदिक औषधि। ♦

दुनिया की सबसे पुरानी औषधि को,
मंगल कामनाओं हेतु बताता हूं!
वैकल्पिकता से सीधे दूर ले जाता हूं,
मुख्य चिकित्सा प्रणाली समझाता हूं।

चिरायता मधुमेह जड़ से खत्म करे,
नीम के काढे से भी कडवा यह लगे।
इसमें कालमेघ का गुण है मिलता,
खून से संबंधित विकार दूर करता।

चिरायता का स्वाद होता है तीखा,
रक्त पित्त विकार के रामबाण सरीखा,
खुजली बवासीर में प्रयोग में लाएं,
कैंसर जैसे रोग में भी इसे अपनाएं।

लीवर में जब कभी सूजन आ जाए,
सोठ और चिरायता के साथ-साथ-
पुनर्नवा काढा बराबर प्रयोग में लाए,
वैद्य ने (से) संपर्क कर मरीज को पिलाएं।

नई कहानी गर जीवन में बनाने हो,
तुम्हें पुराने ज्वर से मुक्ति पानी हो!
शक्ति रूप में फिर शरीर दिखानी हो,
चिरायता के घूट लेकर सयाने हों।

जीभ पर मिलता न कोई स्वाद हो,
अपना मन जब कभी उदास हो!
उसी समय आप कीचन के द्वार हों,
तभी काढे से आपका सरोकार हो।

यदि मुख में बनती नहीं लार हो,
मुख से निकले दुर्गंध की बयार हो!
कुछ भी खाने से मन घबराता हो,
एक कप भर काढ़ा लाभ दिलाता है।

लीवर में जब निगेटिव कीटाणु हों,
काढ़े पीते ही नहीं नामो निशान हों!
मन पर नियंत्रण प्रसन्नता छा जाती,
दो चुटकी चिरायता जवानी लाती।

इसके अलावा अनिद्रा दूर करने वाला,
खुजली होने पर फायदा पहुंचाने वाला!
खांसी और हरात मे लाभदायक होता,
आधा कप काढ़ा सबको फायदा देता।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — मधुमेह रोगी चिरायता के सूखे पत्तों का काढ़ा पीकर डायबिटीज से राहत प्राप्त कर सकते हैं। संक्रमण से लड़ने व बचाव के लिए चिरायता का सेवन काफी पुराने समय से किया जाता रहा है। इसमें मौजूद एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण काफी मजबूत होते हैं, यह सामान्य सर्दी-जुकाम से राहत देने में काफी कारगर साबित होता है। चिरायता एक आयुर्वेदिक औषधि है, चिरायता का उपयोग आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के तौर पर किया जाता है। यह शरीर को खून की कमी से भी बचा सकता है। इसकी पत्तियों में मौजूद विटामिन और खनिज हेमाटिनिक (Haematinic) का प्रभाव होता है। यह प्रभाव शरीर में खून को बनाने में सहायक हो सकता है, इसलिए एनीमिया के घरेलू उपचार में चिरायता का उपयोग प्राचीन काल से ही किया जा रहा है।

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यह कविता (चिरायता अमृत आयुर्वेदिक औषधि।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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होली आगे भी आएगी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ होली आगे भी आएगी। ♦

होली आगे भी आएगी,
गीत नये रचते जाएं।
दुश्मन से नहीं डरना,
जय घोष करते आएं।

अजी गुलामी की जंजीरें,
काटकर बाहर हम आए!
मलेक्षों को पूर्वजों ने सहा,
कैसे – कैसे तुम्हें बताएं।

बदनसीब बस्तियां सारी,
आजादी पर गुलामी भारी।
कच्ची मांस पे मारा मारी,
अस्मत बचाने की दुश्वारी।

जय घोष की करो तैयारी,
होली आई वा की दिवाली।

राह बबूल के कांटो के खारे,
नंगे पांव में गडते सब सारे।
बात-बात पर ठंड गन ठानी,
आशी पर भीस ही थे भारी।

किसका घर अब छूटेगा,
हौसला किसका टूटेगा।
कॉल मुहूर्तं कोसों दूर,
जय घोष पर नहीं छूट।

जय घोष की करो तैयारी,
होली आई वा दीवाली।

हत्या अपहरण और फूट,
भोला झोला पर भी लूट।
दरबार में ही होली मनाते,
खूंटी खुशियां टांगे जाते।

जीवन की बगिया में खड़ी,
च्छोभा अवसादों से भरी।
शासन अंग्रेजों का आया,
कचहरी व सड़क सजाया।

जय घोष की करो तैयारी,
होली आई पड़े ना भारी।

न्याय की उम्मीद जगाया,
मंदिरों पर छापा डलवाया।
राजा ऊपर कस दी नकेल,
चली जनता में फूट के खेल।

हम पर हमी से खेला कीना,
जगिया टैक्स आगे भी लीना।
मलिन घूम के फूट डलवाया,
राजावों के महलों तक आया।

जय घोष की करो तैयारी,
होली में कल्याण की बारी।

जाति पांति का जहर पिलाया,
हीरा मोती अपने घर पहुंचाया।
तब पूर्वजों ने बिगुल बजाया,
आजादी के लिए जान गंवाया।

हम सब सोचे मिली आजादी,
उस पर उसकी पारी – भारी।
वह अपना एजेंट यहां छोड़ा,
लूटा घर और तोड़ा मरोड़ा।

जय घोष की करो तैयारी,
होली आई अब की बारी।

उनके रास्तों को है बदलना,
समझ लो लोग हमें सुधारना।
ये सब हमको हैं भर माते,
शिक्षा के नाम पर लूट मचाते।

यह अपनी झोली भरते जाते,
सब जगह पेट्रोल पंप खुलवाते।
खेत में बबूल की कोशिश करते,
शब्द वाणी में गुलामी समझाते।

जय घोष की करो तैयारी,
होली हो या दिवाली प्यारी।

पिज्जा – बर्गर हमें खिलाते,
बीमारी हमारे घर दे जाते।
कदाचित फैक्ट्री वही चलाते,
मरीज बनाकर लूटते जाते।

फैशन शो के शहर बस आते,
रंग बिरंगी दृश्य दिखाती।
आतंकियों से भी हाथ मिलाते,
अपनी अपनी में हमें लड़वाते।

जय घोष की करो तैयारी,
होली आई सब कोई है भाई।

ऊर्जा अपनी बचा के रखना,
तिलक – आजाद नहीं भूलना।
जय घोष में आगे भी करना,
शरीर निरोगी हमको रखना।

चारु तरफ से सनक सवार,
कोरोना वायरस का प्रचार।
मास्क लगाकर चल ना यार,
दो गज की दूरी में ही प्यार।

जय घोष का भी करूं प्रचार,
होली आई है पावन त्यौहार।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — पहले मलेक्षों को पूर्वजों ने सहा, फिर अंग्रेजो को भी सहा, आज भी कुछ गद्दार है जिन्हें सह रहे है सभी आखिर क्यों ? कब तक समझ आएगा सभी को ? कवि कहते है जय घोष की करो तैयारी, चाहे होली आई या दीवाली। 2000 वर्षों से लुटते आ रहे है सभी। अब भी समय है संभल जाओ नहीं तो ना ही होली/दीवाली मना पाओगे। पिज्जा – बर्गर जैसे गन्दी चीजे हमें खिलाते, बीमारी हमारे घर दे जाते। कदाचित फैक्ट्री वही चलाते फिर मरीज बनाकर हमे लूटते जाते। फैशन शो के शहर बस आते, फैशन के नाम पर भी हमे लूट ले जाते रंग बिरंगी दृश्य दिखाती ये फैशन शो। आतंकियों से भी हाथ मिलाते है ये अपनी अपनी में हमें लड़वाते। अब भी समय है संभल जाओ नहीं तो अपने घर व देश से भगाया जाएगा हमें। जय घोष का भी करूं प्रचार, होली आई है पावन त्यौहार।

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यह कविता (होली आगे भी आएगी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

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होलिका दहन।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ होलिका दहन। ♦

होलिका दहन (छोटी होली)

हवाएं जब भी बहना,
देश की संस्कृत में रहना।
पर्वत आये अथवा घाटी,
गांव शहर वा नव परिपाटी।

वैदिक सिद्धांतों में चलना,
सबका तुम कल्याण करना।
रंगीन रास्ते भी आएंगे,
फुसलाकर वहां ले जाएंगे।

माया को उल्लंघन कर जाते,
संसार सागर से भी तर जाते।
साधक के साधना गर पल्लवित,
पापों से मुक्ति और त्रिगुणातीत।

पक्षपात रहित वह हो जाता,
जब भक्ति मार्ग में रम जाता।
जो घृणा – द्वेष करता रहता,
परमात्मा को प्राप्त नहीं होता।

भक्त प्रहलाद विष्णु में रमता,
असुराधिपति मात्र हाथ मलता।
हिरण्यकश्यप विष्णु से जलता,
भगवान से घोर शत्रुता करता।

प्रह्लाद पिता पर नहीं चलता,
विष्णु भक्ति में तत्पर रहता।
दानव पुत्र मात्र दानव न होता,
धर्मात्मा पुत्र धर्म परायण ही!

विष्णु कृपा से प्रहलाद हुआ महान,
उसकी हत्या का पिता किया प्लान!
दानव निज बहन को दिया यह काम,
शाल होलिका ने मिली एक वरदान।

भक्त प्रहलाद की कयाधु है माता,
विष्णु जी थे उसकी भाग्य विधाता।
जब माता ने मन से प्रभु को पुकारा,
तब प्रहलाद बचे होलिका हुई स्वाहा।

आग से बचाने में साल दिखाती करामात,
जिसे ब्रह्मा ने होलिका को दिया वर के साथ।
छल छद्म में उसने प्रहलाद को लिया गोद में,
भली-भांति बर्बरता के थी वह आगोश में।

लोक दिखाओ कार्य से ईश्वर होता रूस्ट,
ध्रुव प्रहलाद सूर तुलसी मीरा में दी प्रभु भक्ति।
जब विशाल अलाव में होलिका संग प्रहलाद को देखा,
हवा को तत्काल बुलावा विष्णु जी ने भेजा।

हवा के संग – संग शीतलता भी वहां तभी आईं,
देवलोक की अप्सराओं ने भी मधुरिम गीत सुनाई!
होलिका के ऊपर से शाल प्रहलाद के ऊपर ऊढ़ाई,
वही होलिका को जलाकर प्रहलाद की जान बचाई।

हिरण्यकश्यप शिव का करता था बड़ा तप,
भगवान शिव की प्रसन्नता से मिला उसको एक वर।
नाय आकाश नहीं पाताल में मारा जाएगा!
उसे ना ही जानवर ना ही मानव मार पाएगा।

आशूरा अधिपति हिरण्यकश्यप को मारने,
नरसिंह रूप में भगवान विष्णु प्रकट होकर आए।
प्राप्त वर को ध्यान में रखकर संहारक बन ढाये,
नरसिंह रूपी नाखून प्रहार कर नव जीवन में पहुंचाएं।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

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— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — भक्त प्रह्लाद की विष्णु भक्ति व हिरण्यकश्यप के अहंकार को कविता के रूप में बताया हैं। होली रंगों का ही नहीं सामाजिक भेदभाव मिटाने एवं सामूहिकता का पर्व भी है। होली बुराई पर अच्छाई के प्रतीक का पर्व भी है। इस बार हम होलिका दहन के साथ कोरोना वायरस का भी दहन करें तो फिर पहले की तरह सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में एक-दूसरे से गले मिलते हुए होली मना सकेंगे। होली रंगों का त्योहार है और जीवन में रंग तभी तक हैं, जब तक परिवार-समाज सुरक्षित है।

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