• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for हिन्दी-कविता

हिन्दी-कविता

खुशी नहीं मिलती।

Kmsraj51 की कलम से…..

Khushi Nahin Milati | खुशी नहीं मिलती।

He who has learnt to be happy, spends his time in joy. Some think of making one into hundred, hundred into thousand. While some yearn for every penny.

खुश रहना जिसने है सीखा।
समय उसका आंनद में है बीता॥

एक से सौ, सौ से हज़ार बनाने की है कोई सोचता।
तो कोई पाई-पाई के लिए है तरसता॥

सुंदर व सबसे न्यारा महल है कोई बनाता।
तो किसी को छत भी नसीब नहीं होता॥

नाना प्रकार के व्यंजन है कोई खाता।
कोई भूखे पेट ही सो जाता॥

शौक से कोई अर्धनग्न है घूमता।
तो कोई बदन ढकने को है तरसता॥

रोटी पचाने को किसी को घूमना है पड़ता।
तो कोई रोटी के लिए दर दर है भटकता॥

कोई माँ बाप का श्रवण कुमार है बनता।
तो कोई इन्हें घर से बाहर है निकालता॥

किसी के पास हजारों का पलंग पर नींद कहाँ।
जिसको नींद वो सो जाता है चाहे हो फुटपाथ या हो खुला आसमां॥

♦ विनोद वर्मा जी / (मझियाठ बलदवाड़ा) जिला – मंडी – हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “विनोद वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस लेख के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — कवि इस कविता के माध्यम से जीवन में खुश रहने के महत्व को बताते हैं। वे कहते हैं कि जिसने खुश रहना सीख लिया, उसका जीवन आनंद से भर जाता है।दुनिया में लोगों की आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियाँ अलग-अलग होती हैं—
    • कोई व्यक्ति धन कमाने और संपत्ति बढ़ाने में लगा रहता है, जबकि कोई बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करता है।
    • कोई आलीशान महल बनाता है, जबकि किसी को छत तक नसीब नहीं होती।
    • कोई तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन खाता है, जबकि कोई भूखा सोने को मजबूर होता है।
  • इसी तरह, कोई शौक से आधुनिक वस्त्र पहनता है, जबकि किसी के पास तन ढकने के लिए कपड़े तक नहीं होते। कोई भोजन पचाने के लिए घूमता है, जबकि कोई रोटी के लिए दर-दर भटकता है।परिवार में भी भिन्न परिस्थितियाँ देखने को मिलती हैं—
    • कोई संतान अपने माता-पिता की सेवा करता है, तो कोई उन्हें घर से निकाल देता है।
    • किसी के पास महंगे बिस्तर होते हुए भी नींद नहीं आती, जबकि जिसे सुकून प्राप्त होता है, वह कहीं भी चैन की नींद सो सकता है।

    अंततः, कवि हमें संतोष और खुशी का महत्व समझाने की कोशिश करते हैं, यह दर्शाते हुए कि संपत्ति या संसाधन ही सुख का कारण नहीं होते, बल्कि मन की शांति और संतोष ही सच्चा आनंद देते हैं।

—————

यह कविता (खुशी नहीं मिलती।) “विनोद वर्मा जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विनोद कुमार है, रचनाकार के रुप में विनोद वर्मा। माता का नाम श्री मती सत्या देवी और पिता का नाम श्री माघु राम है। पत्नी श्री मती प्रवीना कुमारी, बेटे सुशांत वर्मा, आयुष वर्मा। शिक्षा – बी. एस. सी., बी.एड., एम.काम., व्यवसाय – प्राध्यापक वाणिज्य, लेखन भाषाएँ – हिंदी, पहाड़ी तथा अंग्रेजी। लिखित रचनाएँ – कविता 20, लेख 08, पदभार – सहायक सचिव हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ मंडी हिमाचल प्रदेश।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari Etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2025 - KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Poems, Khushi Nahin Milati, Vinod Verma, vinod verma poems, खुशी नहीं मिलती, विनोद वर्मा, विनोद वर्मा - खुशी नहीं मिलती

मैं हूँ जीभ।

Kmsraj51 की कलम से…..

Main Hoon Jeebh | मैं हूँ जीभ।

I am very soft, I always stay in the mouth, I come out sometimes. I am expert in tasting the taste, I make it clear in a moment.

हूँ बड़ी कोमल मुंह में रहती सदा,
बाहर भी निकलती हूँ यदा कदा।
स्वाद चखने में हूँ माहिर,
पल में कर देती हूँ जाहिर।

शब्दों को हूँ मैं सजाती,
दूसरों तक हूँ पहुंचाती।
कभी जोर से हूँ बोलती,
तो कभी मुंह में ही शब्द हूँ घोलती।

बचपन हो या हो बुढ़ापा,
मुझमें जोर होता है ज्यादा।
शरीर के रोगों को भी हूँ जताती,
दवा भी मुझे छू कर ही जाती।

कष्ट बहुत हूँ देती,
उलजलूल शब्द जब हूँ कहती।
बड़ाई भी होती है तब,
अच्छी बात करती हूँ जब।
नहीं है सम्भालना मुझे आसान,
जिसने सम्भाला बन गया वो महान।

♦ विनोद वर्मा जी / (मझियाठ बलदवाड़ा) जिला – मंडी – हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “विनोद वर्मा जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस लेख के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — यह कविता “जीभ” के गुणों और प्रभावों को दर्शाती है। जीभ एक कोमल अंग है, जो स्वाद चखने में माहिर होती है और शब्दों को सजाकर दूसरों तक पहुंचाती है। यह कभी जोर से बोलती है, तो कभी चुप भी रह जाती है। जीभ का प्रभाव बचपन से बुढ़ापे तक बना रहता है। यह न केवल भोजन का स्वाद पहचानती है, बल्कि शरीर में किसी रोग के संकेत भी देती है। दवाएं भी जीभ के संपर्क में आने के बाद ही शरीर में असर करती हैं। यहअच्छे और बुरे दोनों तरह के शब्दों का माध्यम बन सकती है। जब यह गलत शब्द कहती है, तो कष्ट देती है, लेकिन जब यह अच्छी बातें बोलती है, तो प्रशंसा भी पाती है। कवि अंत में कहते हैं कि जीभ को नियंत्रित रखना आसान नहीं होता, और जो व्यक्ति इसे संभालना सीख लेता है, वही सच्चे अर्थों में महान बनता है।

—————

यह कविता (मैं हूँ जीभ।) “विनोद वर्मा जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विनोद कुमार है, रचनाकार के रुप में विनोद वर्मा। माता का नाम श्री मती सत्या देवी और पिता का नाम श्री माघु राम है। पत्नी श्री मती प्रवीना कुमारी, बेटे सुशांत वर्मा, आयुष वर्मा। शिक्षा – बी. एस. सी., बी.एड., एम.काम., व्यवसाय – प्राध्यापक वाणिज्य, लेखन भाषाएँ – हिंदी, पहाड़ी तथा अंग्रेजी। लिखित रचनाएँ – कविता 20, लेख 08, पदभार – सहायक सचिव हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ मंडी हिमाचल प्रदेश।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari Etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2025 - KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Poems, poem on tongue, vinod kumar, vinod kumar poems, जीभ पर कविता हिंदी में, जुबान पर कविता, मैं हूँ जीभ, मैं हूँ जीभ - विनोद वर्मा, विनोद वर्मा, हिंदी कविताएँ

मुहब्बत के नशे की लत।

Kmsraj51 की कलम से…..

Muhabbat Ke Nashe Kee Lat | मुहब्बत के नशे की लत।

If love and affection prevail everywhere in the world, then perhaps hatred and conflicts would cease to exist.

तमन्ना के तराजू में, रिश्तों का राशन कभी तोला नहीं करते।
गैरों की महफिल में, अपनों के राज कभी खोला नहीं करते।
क्योंकि यहां हर दीवार के पीछे छुपा है कोई कान लगाकर,
“दीवारों के भी कान होते हैं” कहते हैं, सच बोला नहीं करते।

यहां होती हैं बहुत सी बातें, इशारों ही इशारों में बहुत बार,
लोग झेंपते हैं यह सब पर, फिर भी कुछ बोला नहीं करते।
मुहब्बत के बाजार में, हो जाता है नीलाम पर्दे में सब कुछ,
लोग जानते हैं सब कुछ, पर पर्दे को कभी खोला नहीं करते।

बद ज़ुबानी तो बर्दाश्त नहीं है, मुहब्बत के रिश्ते में किसी को,
पर प्रेम की फटकार से तो यहां, कभी रिश्ते टूटा नहीं करते।
ये प्यार के पेड़ हमेशा, विश्वास की जमीन पर उगते हैं साहेब,
शक, नफ़रत, चालाकियों की, माटी पत्थर में उगा नहीं करते।

बड़ी लज़ीज़ फितरत होती है, ये मुलायम मुहब्बत भी साहेब,
होती सबके दिलो दिमाग में है, पर इजहार किया नहीं करते।
दिल ही दिल में लेते हैं मौज सब, इस नायाब रसीले रस का,
पर दुनियां के बाज़ार में, कोई इसका जाम पीया नहीं करते।

काश! डूब जाता दुनियां का हर सरोकार, मुहब्बत के जाम में,
तो शायद ये नफ़रत के झगड़े, दुनियां में हुआ ही नहीं करते।
काश ! एक बार लग जाती मुहब्बत के नशे की लत सबको,
फिर तो शायद हम इस नशे की गिरफ्त से छूटा नहीं करते।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — कवि हमें सिखाते हैं कि रिश्तों को स्वार्थ और अपेक्षाओं के तराजू में नहीं तोलना चाहिए, और अपनों की बातें गैरों के बीच उजागर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हर जगह छुपे हुए कान होते हैं। दुनिया में बहुत कुछ इशारों में कहा-सुना जाता है, लेकिन लोग दिखावे के डर से खुलकर बोल नहीं पाते। प्रेम और भावनाओं का बाज़ार भी अजीब होता है—सब कुछ बिकता है, फिर भी लोग इसे ज़ाहिर करने से हिचकिचाते हैं। प्यार और विश्वास की बुनियाद पर रिश्ते टिकते हैं, लेकिन शक और चालाकी से ये रिश्ते टूट जाते हैं। सच्चा प्रेम दिलों में होता है, पर बहुत से लोग इसे खुलकर स्वीकार नहीं करते। अगर दुनिया में प्रेम और अपनापन हर जगह व्याप्त हो जाए, तो शायद नफरत और झगड़ों का कोई अस्तित्व ही न रहे। कवि यह कामना करते हैं कि हर कोई प्रेम के नशे में डूब जाए, जिससे यह दुनिया और भी सुंदर बन सके।

—————

यह कविता (मुहब्बत के नशे की लत।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2025 - KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: hemraj thakur, hemraj thakur poems, poem on love and trust, प्यार और विश्वास पर कविता, मुहब्बत के नशे की लत, मुहब्बत के नशे की लत - हेमराज ठाकुर, हिंदी कविता, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं

ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

Kmsraj51 की कलम से…..

Gyan Ki Jyot Jaga De Maa | ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

Mother Hansvahini is requested to fill his empty dictionary and remove the darkness of ignorance.

हे मां शारदे,
वीणावादिनी मां,
ज्ञान की देवी,
ज्ञान की ज्योत जगा दे मां,
मैं हूं तुच्छ अज्ञानी,
मुझे ज्ञान का मार्ग दिखा दे मां।

हे मां हंसवाहिनी,
अंधकार निवारणी,
मेरा शब्दकोश है खाली,
भर दे तू इसे बजाकर ताली,
मुझ तुच्छ अज्ञानी को,
ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

हे मां बागेश्वरी,
तू बजाती सुरों की बांसुरी,
मेरे कलम की लेखनी को दे धार,
लेखनी आपसे, आप सबके द्वार,
मुझ तुच्छ अज्ञानी को,
ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

हे मां भारती,
ज्ञान सबमें तू ही भरती,
तमस दूर हो हृदय हमारे,
आशा और विश्वास तुम्हारे,
मुझ तुच्छ अज्ञानी को,
ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

हे मां ज्ञानदा,
आंखों पर पड़े न मेरे परदा,
मां मेरी कविता में तू,
भर दे वीणा की झंकार,
मुझ तुच्छ अज्ञानी को,
ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।

हे मां वाग्देवी,
मुझे दे सद्बुद्धि,
भेंट करूं तुझे कलम पुष्प से,
गूंथे हुए सब हार,
मुझ तुच्छ अज्ञानी को,
मां ज्ञान की ज्योत जगा देना।

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — यह कविता मां सरस्वती की वंदना करते हुए ज्ञान और बुद्धि की प्रार्थना करती है। कवि मां शारदा से निवेदन करता है कि वह अपनी वीणा के मधुर स्वर से उसे ज्ञान का प्रकाश प्रदान करें, क्योंकि वह अज्ञानी और तुच्छ है। मां हंसवाहिनी से आग्रह किया गया है कि वह उसके खाली शब्दकोश को भर दें और अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करें। मां बागेश्वरी से कवि अपनी लेखनी को धार देने की प्रार्थना करता है ताकि वह सभी तक ज्ञान का प्रकाश पहुंचा सके। मां भारती से अनुरोध किया गया है कि वह सभी के हृदय से अज्ञान का तमस (अंधकार) दूर करें और आशा तथा विश्वास का संचार करें। मां ज्ञानदा से कवि यह विनती करता है कि उसकी आंखों पर अज्ञान का कोई पर्दा न पड़े और उसकी कविता में वीणा की झंकार भर जाए। अंत में, मां वाग्देवी से वह सद्बुद्धि की कामना करता है और अपनी कविता को एक पुष्पहार के रूप में अर्पित करने की इच्छा व्यक्त करता है। संपूर्ण कविता ज्ञान प्राप्ति की प्रार्थना और मां सरस्वती की स्तुति में समर्पित है।

—————

यह कविता (ज्ञान की ज्योत जगा दे मां।) “विवेक कुमार जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। भोला सिंह हाई स्कूल पुरुषोत्तम, कुरहानी में अभी एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2025 - KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: gyan ki jyot jaga de maa poem, Hindi Poems, vivek kumar, vivek kumar poems, ज्ञान की ज्योत जगा दे मां, ज्ञान की ज्योत जगा दे मां - विवेक कुमार, विवेक कुमार, विवेक कुमार जी की कविताएं

मधुमास सा।

Kmsraj51 की कलम से…..

Madhumas Sa | मधुमास सा।

Having created Radha in the heart, Krishna yearns in the firm universe. The burning night and the longing for the day, speaking while uttering Radhey-Radhey. kmsraj51

प्रेम अमृत रस पान करके,
इश्क चले अब धारण करने।
शीर्षक याद लिख कर गीत,
व्रत एकाकी का पारण करने।

अलंकार से सुसज्जित कर,
स्वयं को स्वयं में लज्जित कर।
इच्छाओं की गांठ बाँधकर चले,
भाव करुण का कारण धरने।

सुनकर धड़कनों की आवाज,
तुम्हारे प्रेम का सुनाती आगाज।
तुम कहीं वही तो नहीं हो प्रेमी,
जो आये हो मुझे तारण करने।

राधा बनाकर ह्दय-पटल में,
कृष्ण तड़पे ब्रह्मांड अटल में।
निशा की दहक दिवस की तरस,
बोलते राधे-राधे उच्चारण करने।

मन करता है श्वास को लिख दूँ,
उभरते हर भाव-प्यास लिख दूँ।
आह निकली नयनों से जब-तब,
आते गम, तन्हाई, मारण करने।

प्रार्थना करती प्राणेश्वर हरीश,
जन्मों का साथी मिला मरीच।
मधुमास सा सौन्दर्य खिला ये,
प्रतिभा का दुख जारण करने।

♦ प्रतिभा पाण्डेय ‘प्रति‘ जी – चेन्नई ♦

—————

  • “प्रतिभा पाण्डेय ‘प्रति‘ जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — इस कविता का सारांश: कविता प्रेम, भक्ति और आत्मसमर्पण के भावों से ओत-प्रोत है। इसमें प्रेम को अमृत के समान दिव्य और शुद्ध बताया गया है, जो आत्मा को जागृत करता है। कवयित्री ने प्रेम को राधा-कृष्ण के अद्वितीय प्रेम से जोड़ा है, जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड में व्याप्त है। कविता में इच्छाओं पर नियंत्रण और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश है। यह दर्शाती है कि प्रेम में समर्पण और त्याग से आध्यात्मिक शांति मिलती है। कवयित्री अपने प्रेम की गहराई और उसके प्रभाव को व्यक्त करते हुए यह कहती है कि प्रेमी की उपस्थिति उसकी पीड़ा और तन्हाई को हर लेगी। अंततः कविता में ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि जीवन में सच्चे साथी का साथ मिले, जो सुख-दुख में साथ खड़ा रहे और हर कठिनाई को पार करने में सहायक हो।

—————

Pratibha Pandey - A Author of kmsraj51.comयह कविता (मधुमास सा।) ” प्रतिभा पाण्डेय ‘प्रति‘ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी मुक्तक/घनाक्षरी /कवितायें/गीत/दोहे/लेख/आलेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Quotes, Poetry, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Poems, Poems of Pratibha Pandey - Prati, प्रतिभा पाण्डेय - मधुमास सा, प्रतिभा पाण्डेय "प्रति" जी की कविताएं, मधुमास सा

बज गया जीत का डंका।

Kmsraj51 की कलम से…..

Baj Gaya Jeet Ka Danka | बज गया जीत का डंका।

In that period a savior emerged from Madwan, the drowning man found a straw and the boat crossed the sea. The trumpet of victory was sounded.

बज गया, आज जीत का डंका,
जलने वाली है, भ्रष्टाचार की लंका।
फिर हुआ कलयुग में कृष्णावतार,
बंशी की धुन से तिरहुत का हुआ नैया पार।
शिक्षकों की बात अब सड़क से सदन तक,
पहुंचाने आए सूबे के कर्णधार रखकर सबकुछ ताक।

जीत नहीं स्वाभिमान की जंग छिड़ी है,
जुल्म ढाने वालों की होनी किरकिरी है।
कहा जाता शिक्षक समाज का दर्पण होता,
मगर यहां उसे ही है सताया जाता।
याद कीजिए वो दिन जब हम शिक्षामित्र हुआ करते थे,
वेतन के लिए मुखिया जी की जी हुजूरी किया करते थे।

उस दौर में उदय हुआ मड़वन से एक तारणहार,
डूबते को मिला तिनके का साथ हुआ बेड़ा पार।
शिक्षामित्र से नियोजित बने लिए हाथ में हाथ,
संघर्ष का कारवां आगे बढ़ा।
जुझारू अग्रदर्शी बंशी की बजी धुन,
मिला चाइनीज वेतनमान ताना बाना बुन।

जिसके बारे में सोचा न था उसे दिलाया,
शिक्षकों को वेतनमान का स्वाद चखाया।
पूर्ण वेतनमान की चली लंबी लड़ाई के थे सूत्रधार,
मोगैंबो के खौफ से सब थे सन्न लगाई दहाड़ पाया पार।
विखंडित शिक्षक समाज को लाया एक मंच,
शिक्षकों की एकता पर जिसने कसा तंज,
बंशीधर का पड़ा उसपर तगड़ा पंच।

ये मात्र जीत नहीं आगाज है,
अभी तो शुरुआत है अंजाम का इंतजार है।
ये जीत नहीं मिशाल है आलाधिकारियों के लिए काल है,
बज गया आज जीत का डंका,
जलने वाली है भ्रष्टाचार की लंका।

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है —कविता में शिक्षक समाज के संघर्ष और उनकी जीत का वर्णन किया गया है। भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ाई को रावण की लंका के जलने से तुलना की गई है। शिक्षक समुदाय को जागरूक और संगठित करने में एक नेता, जिसे “मड़वन से तारणहार” कहा गया है, की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई है। इस संघर्ष में शिक्षकों को उनकी मेहनत का उचित वेतनमान और सम्मान दिलाने की दिशा में कई सफलताएं हासिल की गईं। कविता शिक्षक समुदाय की एकता, उनकी संघर्षशीलता और उनके अधिकारों की प्राप्ति की कहानी बयां करती है। यह जीत सिर्फ एक शुरुआत है, और इसे अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बताया गया है। कविता अंततः यह संदेश देती है कि शिक्षक समाज जब संगठित होकर प्रयास करता है, तो वह बदलाव और जीत का परचम लहरा सकता है।

—————

यह कविता (बज गया जीत का डंका।) “विवेक कुमार जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। भोला सिंह हाई स्कूल पुरुषोत्तम, कुरहानी में अभी एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: In that period a savior, kavi vivek kumar poems, poem on bihar in hindi, poem on bihar khan sir, vivek kumar poems, कविता हिंदी में, बज गया जीत का डंका, बज गया जीत का डंका - विवेक कुमार, विवेक कुमार, विवेक कुमार जी की कविताएं, हिंदी पोयम्स

हां मैं शिक्षक हूं।

Kmsraj51 की कलम से…..

Haan Main Shikshak Hoon | हां मैं शिक्षक हूं।

A teacher is a guiding force who inspires curiosity, ignites minds, and shapes the future of their students by facilitating learning and discovery.

बुझ चुके चिरागों को फिर से,
जलाने की मुझमें ही तो क्षमता है।
मैं एक शिक्षक हूं, मुझमें पिता का प्यार,
और ममत्व भरी मां की ममता है।

इन्हें कहने दो मुझे जो कहना है,
शिक्षा का सूरज मुझसे ही चमका है।
वह झुग्गियों का चिराग भी आज,
मेरी निरन्तर सिखों से ही तो दमका है।

मैने ही तो पढ़ाया है दुनियां में,
प्यून से पी एम तक के लोगों को।
वे सब भोगते हैं अपनी क्षमतानुसार,
इस संसार के सभी भौतिक भोगों को।

मुझे मेरे ही पढ़ाए लोग ही न जाने,
कब – कब क्या – क्या कह देते हैं?
कुछ लोग तो मुझसे ही सीख कर,
मुझको ही वापिस सीख देते हैं।

मैने कक्षा, कक्ष में ही तो किया है,
संसार के सारे के सारे निर्माणों को।
विश्वाश नहीं होता है अगर किसी को,
तो पढ़ लो ऐतिहासिक के प्रमाणों को।

तकलीफ नही होती है मुझे तब भी,
जब मुझे कोई चेला ही टोकता है।
मैं इस तरह तर्क पैदा करता हूं चेले में,
जिसे आगे बढ़ने से जमाना रोकता है।

चेला मुझसे शिकायत करता है,
मैं ही तो उसको अच्छे से सुनता हूं।
मेरे ही मार्गदर्शन से ही वह आगे चल कर,
अपने भविष्य का जीवन पथ चुनता है।

मैं उसे कभी स्वाभाविक डांटता हूं,
शायद वह मुझसे तब कुछ रूठता है।
पर यह मेरे व्यक्तित्व की कला है शायद,
कि वह दूसरे दिन फिर से मुझे ही पूछता है।

हां मैं शिक्षक था, हूं और रहूंगा,
मुझे खुद के होने पर गर्व होता है।
जब चेला सफल होता है जीवन पथ पर,
तब मेरे लिए वह एक विशेष पर्व होता है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — कविता में शिक्षक की महिमा और उसकी भूमिका को दर्शाया गया है। एक शिक्षक वह है जो बुझ चुके चिरागों को फिर से जलाने की क्षमता रखता है और अपने छात्रों को सही मार्ग दिखाकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक के अंदर पिता का स्नेह और मां की ममता का संगम होता है। शिक्षक समाज के हर तबके, चाहे वह झुग्गियों का बच्चा हो या कोई उच्च पद पर आसीन व्यक्ति, को ज्ञान प्रदान करता है। उसका योगदान इतना महान है कि उसने दुनियाभर के बड़े निर्माण और सफल व्यक्तित्वों को गढ़ा है।शिक्षक अपने छात्रों को स्वाभाविक रूप से डांटता भी है और उनके सवालों का समाधान भी करता है। वह उनके भीतर तर्क और आत्मविश्वास पैदा करता है, ताकि वे अपने भविष्य की राह चुन सकें। शिक्षक की सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका छात्र जीवन में सफल होता है। कवि ने गर्वपूर्वक यह कहा है कि शिक्षक होना एक गौरव का विषय है और यह एक विशेष उत्सव की तरह है जब उसके द्वारा सिखाया गया छात्र अपने जीवन में सफल होता है।

—————

यह कविता (हां मैं शिक्षक हूं।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best hindi poems, hemraj thakur, hemraj thakur poems, Hindi Poems, kavi hemraj thakur poems, poem on best teacher in hindi, टीचर्स डे पर कविता छोटी सी, शिक्षक दिवस पर कविता, शिक्षक पर कविता हिंदी में, शिक्षक पर दो लाइन, हां मैं शिक्षक हूं, हां मैं शिक्षक हूं - हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं

तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

Kmsraj51 की कलम से…..

Tamas Mitaye Chalo Deep Jalaye | तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

spread fragrance all around, gather courage and fight back, sharpen all skills, drive away fear from the mind, remove darkness, let's light a lamp.

आओ चलो चले दीप जलाएं,
काले अंधियारे को दूर भगाएं,
संग चले और घुलमिल जाएं,
मन के मैल को आज मिटाएं,
नकारात्मकता को परे हटाएं ,
तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

अज्ञानता से ज्ञान की ओर,
खुशबू फैलाएं चहुंओर,
कर साहस और प्रतिकार,
तेज करे सब कौशल धार,
डर को मन से दूर भगाएं,
तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

बुराई से लड़े अच्छाई पर चले,
असत्य से हटे सत्य संग पले,
ईर्ष्या द्वेष घृणा सब भुलाए,
भाईचारा का पाठ पढ़ाएं,
हर तरफ खुशियां महकाएं,
तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

भक्त प्रहलाद की पावन पुकार,
सुनकर आएं विष्णु नरसिंह अवतार,
होलिका, हिरण्यकश्यप का हुआ सर्वनाश,
पाप का हुआ नाश पुण्य बना खास,
जीवन में इस सबक को अपनाएं,
तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

हर घर सब मिलकर दीप जलाएं,
दरिद्रता भगाएं लक्ष्मी जी बुलाएं,
अज्ञानता जाए सरस्वती जी आएं,
मन में अपने लिए एक दीप जलाएं,
बच्चे बड़े इको फ्रेंडली दिवाली मनाएं,
तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — कविता में दीप जलाने के माध्यम से जीवन में सकारात्मकता, प्रेम, ज्ञान और अच्छाई का संदेश दिया गया है। यह अंधकार (अज्ञानता, बुराई, नकारात्मकता) को दूर करने और ज्ञान, साहस, सत्य, और भाईचारे की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है। कविता में पौराणिक कथाओं का भी संदर्भ है, जैसे प्रहलाद और नरसिंह अवतार की कथा, जो अच्छाई की जीत और बुराई के नाश का प्रतीक है। यह सबक देती है कि हर किसी को अपने जीवन में अच्छाई को अपनाना चाहिए और मन में सकारात्मक दीप जलाना चाहिए। अंत में, पर्यावरण का ध्यान रखते हुए, इको-फ्रेंडली दिवाली मनाने का संदेश भी दिया गया है।

—————

यह कविता (तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं।) “विवेक कुमार जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। भोला सिंह हाई स्कूल पुरुषोत्तम, कुरहानी में अभी एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Diwali Poem In Hindi, tamas mitaye chalo deep jalaye, तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं, तमस मिटाएं चलो दीप जलाएं - विवेक कुमार, दिवाली पर कविता, दिवाली पर छोटी सी कविता, दीपावली पर कविता, विवेक कुमार, विवेक कुमार जी की कविताएं

दीपावली।

Kmsraj51 की कलम से…..

Deepavali | दीपावली। (घनाक्षरी)

Joyful Deepavali 2024 greetings featuring colorful images and heartfelt quotes to celebrate the festival of lights.

मावस का तम घना
दिया आज शशि बना
तुलसी में दीप जला
रंगोली सजाइए

लाओ देशी फुलझड़ी
छोड़ परदेशी लड़ी
बना के दीपों की कड़ी
पर्व को मनाइए

गणपति बुद्धि दाता
लक्ष्मी हैं भाग विधाता
जिनसे वैभव आता
दीपक जलाइए

घर के हों पकवान
श्री जी हों विराजमान
भोजन और मिष्ठान
सब को खिलाइए

♦ वेदस्मृति ‘कृती‘ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती‘ जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस घनाक्षरी में समझाने की कोशिश की है — इस घनाक्षरी का सारांश है कि दिवाली के इस पर्व को अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनाना चाहिए। मावस की रात में दीपक जलाकर, तुलसी को सजाकर, और रंगोली बनाकर घर को रोशन करना चाहिए। विदेश से लाई गई लड़ियों के बजाय देशी फुलझड़ियों का उपयोग करना चाहिए और दीपों की कड़ी बनाकर पर्व का आनंद लेना चाहिए। कवयित्री जी गणपति और लक्ष्मी को सब समर्पित कर उनके आशीर्वाद से वैभव और बुद्धि की प्राप्ति की प्रार्थना करने को कह रही है। घर पर बने पकवान और मिष्ठान्न को सबको बांटकर, प्रेम और प्रसन्नता से इस महापर्व को मनाने का संदेश दिया गया है।

—————

यह घनाक्षरी (दीपावली।) ” वेदस्मृति ‘कृती‘ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी मुक्तक/घनाक्षरी /कवितायें/गीत/दोहे/लेख/आलेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई• आई• टी• शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Quotes, Poetry, Shayari etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Deepavali in Hindi, Deepavali Status, diwali in one line, diwali quotes in hindi, diwali shayari in hindi, happy diwali captions, short diwali captions for instagram, Subh Deepawali- Deepavali, Vedasmriti Kriti, Vedasmriti Kriti poems, दीपावली, वेदस्मृति ‘कृती’, वेदस्मृति कृती - दीपावली

चलो दिवाली मनाएं।

Kmsraj51 की कलम से…..

Poem on Diwali | चलो दिवाली मनाएं।

The divine light of Diwali guide you on your path to success and happiness.

चलो घी के दीपक जलाएं,
जलाएं नए ऊर्जा उत्साह से,
चलो दिवाली मनाएं ऐसे,
मनाएं एक नए अंदाज़ में।

जगमग जगमग रौशन हो,
ऐसे दीपक जलाएं हम,
चलो दिवाली मनाएं ऐसे,
मनाएं एक नए अंदाज़ में।

क्यूं न अज्ञानता को मिटाएं,
ज्ञान के नए दीप जलाएं,
चलो दिवाली मनाएं ऐसे,
मनाएं एक नए अंदाज़ में।

पटाखे फुलझड़ियों का प्रदूषण रोकें,
तेल घी के दीपक जलाएं,
घरों को रंगो की रोशनी से सजाएं,
दीवाली मनाएं नए अंदाज में।

♦ लेफ्टिनेंट (डॉ•) जयचंद महलवाल जी  – बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “श्री लेफ्टिनेंट (डॉ•) जयचंद महलवाल जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — दिवाली को एक नए अंदाज़ में मनाने का आह्वान किया गया है। इसमें घी के दीपक जलाकर सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार करने का संदेश दिया गया है। कवि यह कहता है कि ज्ञान का प्रकाश फैलाकर अज्ञानता को मिटाना चाहिए और पर्यावरण को बचाने के लिए पटाखों और फुलझड़ियों का त्याग कर दीप जलाने चाहिए। इसके साथ ही घरों को रंगों और रौशनी से सजाकर दिवाली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए।

—————

यह कविता (चलो दिवाली मनाएं।) “श्री लेफ्टिनेंट (डॉ•) जयचंद महलवाल जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, लघु कथा, सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम लेफ्टिनेंट (डॉ•) जयचंद महलवाल है। साहित्यिक नाम — डॉ• जय अनजान है। माता का नाम — श्रीमती कमला देवी महलवाल और पिता का नाम — श्री सुंदर राम महलवाल है। शिक्षा — पी• एच• डी•(गणित), एम• फिल•, बी• एड•। व्यवसाय — सहायक प्रोफेसर। धर्म पत्नी — श्रीमती संतोष महलवाल और संतान – शानवी एवम् रिशित।

  • रुचियां — लेखक, समीक्षक, आलोचक, लघुकथा, फीचर डेस्क, भ्रमण, कथाकार, व्यंग्यात्मक लेख।
  • लेखन भाषाएं — हिंदी, पहाड़ी (कहलूरी, कांगड़ी, मंडयाली) अंग्रेजी।
  • लिखित रचनाएं — हिंदी(50), पहाड़ी(50), अंग्रेजी(10)।
  • प्रेरणा स्त्रोत — माता एवम हालात।
  • पदभार निर्वहन — कार्यकारिणी सदस्य कल्याण कला मंच बिलासपुर, लेखक संघ बिलासपुर, सह सचिव राष्ट्रीय कवि संगम बिलासपुर इकाई, ज्वाइंट फाइनेंस सेक्रेटरी हिमाचल मलखंभ एसोसिएशन, सदस्य मंजूषा सहायता केंद्र।
  • सम्मान प्राप्त — श्रेष्ठ रचनाकार(देवभूमि हिम साहित्य मंच) — 2022
  • कल्याण शरद शिरोमणि सम्मान(कल्याण कला मंच) — 2022
  • काले बाबा उत्कृष्ट लेखक सम्मान — 2022
  • व्यास गौरव सम्मान — 2022
  • रक्त सेवा सम्मान (नेहा मानव सोसायटी)।
  • शारदा साहित्य संगम सम्मान — 2022
  • विशेष — 17 बार रक्तदान।
  • देश, प्रदेश के अग्रणी समाचार पत्रों एवम पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry, Quotes, Shayari, etc. या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2024-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: diwali in one line, diwali quotes in hindi, diwali shayari in hindi, happy diwali captions, kaiptan do. jay mahalavaal - anajaan, Poem On Diwali, Poem On Diwali In Hindi, short diwali captions for instagram, कैप्टन डॉ. जय महलवाल - अनजान, जय महलवाल, दिया पर कविता, दिवाली पर कविता, दिवाली पर कविता इन हिंदी, दीपावली के विषय पर बेहतरीन कविता

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.