• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for हिंदी कविता

हिंदी कविता

हिन्दू नववर्ष – आयो रे नवरात्रि।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ हिन्दू नववर्ष – आयो रे नवरात्रि। ♦

शुभ मंगल गीत गाओ गुञ्जार करो भू-गगन को,
मैया की अगुवानी को आतुर नैना।
पर्ण-पलास पुष्पो से उसको सजाओ,
नववर्ष के नव दिन रहेगी मैया।
झूम-झूमकर गीत गाओ,
शुभ दिन आया है नवरात्रि का,
मंगलचारी गीत गाओ झूमों नाचो गाओ॥

शुभ आगमन है माँ का शुभ आगमन है,
मंजरित है आम की बगिया।
बाग – बहार रंगीली कलियों की निखार बनके,
रंगो – अबीरों से सज के सिंह पे सवार होके,
आई माता रानी, आजा मेरी मैया आजा।
शुभ आगमन है, माँ तेरा शुभ आगमन है,
मंगलचारी गीत गाओ झूमों नाचो गाओ॥

नवरात्री में आई नवदुर्गा नव रूप धरे,
हर रूप की महिमा अपनी।
जो शब्दों से बखान न हो सके,
कलश पर विराजे लक्ष्मी मैया।
संग-संग विराजे गणपति राजे,
पहली शैलपुत्री हिमराज सुता कहलाती।
दूसरी ब्रह्मचारिणी दुखियों की दुखहारिणी हो तुम॥

तीसरा रूप मैया का चंद्रघंटा कहलाये,
खल – अधम प्रकम्पित होते सारे।
चौथा रूप मैया का कुष्मांडा कहलाये,
पुलकित करती हर्ष – उल्लास जगाये।
पांचवी शक्ति स्कन्दन माता कहलाये,
शिव पुत्र कार्तिकेय के संग पूजी जाये।
छठवीं शक्ति मैया कात्यायनी हो तुम॥

ऋषिराज कात्यान की सुता बन आई,
सातंवा रुप है तेरा मैया कालरात्रि का।
दुर्जनों की विनाशक बन आई,
आठवां रूप महागौरी कहलाये।
अमोघ फलदायिनी तमाम कल्मष धोती मैया,
नौवीं मैया सिद्धिदात्री कहलाती।
सुख समृद्धि और मोक्ष की माता बन आई,
आई नवरात्रि हिन्दू नववर्ष ले आई।
मंगलचारी गीत गाओ झूमों नाचो गाओ॥

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल`“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, 2 अप्रैल, शनिवार से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं और इसी के साथ नया हिंदू वर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। हर वर्ष चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष को हिंदू नववर्ष प्रारंभ होता है। चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना होता है। इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। इस बार 02 अप्रैल को हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ होगा। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लो​कप्रिय है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करते हैं और मां दुर्गा का आह्वान करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों का व्रत रखा जाता है। पारण के साथ इसका समापन करते हैं। हालांकि जो लोग पूरे 9 दिन व्रत नहीं रहते हैं, वे प्रथम दिन और दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखते हैं।

—————

यह कविता (हिन्दू नववर्ष – आयो रे नवरात्रि।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, hindu nav varsh 2079, hindu nav varsh 2079 poem in hindi, hindu nav varsh 2079 wishes in hindi, nav samvatsar aaya re, Poems of Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', poet Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', Vikram Samvat 2079, चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर आया री, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल, हिंदू नववर्ष, हिन्दू नव वर्ष 2079 कब है?

नववर्ष मंगलमय हो।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ नववर्ष मंगलमय हो। ♦

आप सभी को नव वर्ष विक्रम संवत 2079 की हार्दिक शुभकामनाएं।

हे! मेरे भगवन,
रिद्धि देना, सिद्धि देना।
हृदय में ज्ञान देना,
चित्त में ध्यान देना।
अभय वरदान देना,
हे! मेरे भगवन…..।

चारों ओर साधना,
अराधना, तप देना।
सच्चाई का पथ देना,
हे! मेरे भगवन…..।

वंश में वृद्धि देना,
हृदय में ज्ञान देना।
दुःख दूर करना,
सुख भरपूर देना,
हे! मेरे भगवन…..।

सज्जन को हित देना,
दुश्मन को प्रीत देना।
जग में जीत देना,
माया, निरोगी काया देना,
हे! मेरे भगवन…..।

मान- सम्मान देना,
शांति का वरदान देना।
भक्ति, शक्ति देना,
हे! मेरे भगवन…..।

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाने की कोशिश की हैं — Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, 2 अप्रैल, शनिवार से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं और इसी के साथ नया हिंदू वर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। हर वर्ष चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष को हिंदू नववर्ष प्रारंभ होता है। चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना होता है। इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। इस बार 02 अप्रैल को हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ होगा। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लो​कप्रिय है।

—————

यह कविता (नववर्ष मंगलमय हो।) “विजयलक्ष्मी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी IDहै:kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Calendar Vikram Samvat 2079, hindu nav varsh 2079, hindu nav varsh 2079 poem in hindi, hindu nav varsh 2079 wishes in hindi, nav samvatsar aaya re, poet vijaylaxmi, vijaylaxmi poems, Vikram Samvat 2079, चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर आया री, विजयलक्ष्मी की कविताएं, हिंदू नववर्ष, हिन्दू नव वर्ष 2079 कब है?

सबको बाँटो नववर्ष की बधाई।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सबको बाँटो नववर्ष की बधाई। ♦

आई जो नूतन वर्ष की ये पावन बेला।
समय बना जाए बस सबका अलबेला।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

आज कितनी शुभघड़ी है ये आई।
सब ओर फैलेगी अब तो बस रोशनाई।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

सतयुग में इसी दिन से सृष्टि का हुआ आगाज।
पावन ग्रंथ खोलते है इसका राज।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

हिन्दू नववर्ष चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा को आये।
सनातन धर्म सदैव अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाये।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

वैष्णों के आगमन पर नवरात्रि की धूम मचेगी।
धरा भी माँ से मिलने दुल्हन सी सजेगी।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

सब नए बही-खातों का आज होगा शुभारम्भ।
विवाह, समारोह के दिनों का भी होगा आरंभ।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

प्रकृति भी कहती रंगीन फूलों से भरकर हाथ अपने।
हे सर्वस्व तू पूरे करना इंसानों के सुंदर सपने।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

हे सर्वशक्तिमान, तू ही सब जगह विध्यमान।
इस धरा को दे जाना खुशियों का वरदान।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

अपनी भारतीय संस्कृति में लीन होकर गुनगुनाये।
नवपीढ़ी को इस नूतन वर्ष का गुण बताये।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

हे मेरे आराध्य!
सुन लेना अबकी बार भी ये करुण पुकार।
बरसा देना बस अपनी ममता का प्यार।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

नववर्ष में बरसे तेरी कृपा का इतना नूर।
अन्न, धन, जल के भंडार करना भरपूर।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

घर मे पाँच घी के दिये जलाकर तेरा स्वागत करेगें हम।
नववर्ष तू खुशियाँ बरसाते आना छम-छम।
सबको बाँटो नववर्ष की बधाई॥

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, 2 अप्रैल, शनिवार से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं और इसी के साथ नया हिंदू वर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। हर वर्ष चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष को हिंदू नववर्ष प्रारंभ होता है। चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना होता है। इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। इस बार 02 अप्रैल को हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ होगा। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लो​कप्रिय है।

—————

यह कविता (सबको बाँटो नववर्ष की बधाई।) “श्रीमती सुशीला देवी जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी IDहै:kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Calendar Vikram Samvat 2079, hindu nav varsh 2079, hindu nav varsh 2079 poem in hindi, hindu nav varsh 2079 wishes in hindi, nav samvatsar aaya re, sushila devi poems, Vikram Samvat 2079, चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर आया री, सुशीला देवी, सुशीला देवी की कविताएं, हिंदू नववर्ष, हिन्दू नव वर्ष 2079 कब है?

नव संवत्सर आया री।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ नव संवत्सर आया री। ♦

नव संवत्सर आया ओ आली! नव संवत्सर है आया री!
बसन्त मनभावन, चित लुभावन, आनंदोत्सव छाया री॥

हरे -भरे हर खेत – खलियान, वन – उपवन में फुलवारी है।
नील शुभ्र नभ सूरज जी उजियाली, मनमोहक मनुहारी है॥

यह भारतवर्ष के नव वर्ष आगमनोत्सव की हरियाली है।
भिनभिनाते भौंवरे, मधुमक्खियां, तितलियां भी मतवाली हैं॥

नव अंकुरित कोमल पात सब, तरुवर के स्वागत करते हैं।
मुक्त हुए सर्दी के कुंठित रक्तकण, बूढ़ों में स्फूर्ति भरते हैं॥

पश्चिम का नहीं भारत का संवत्सर, खुशियां ले के आता है।
देश को ही नहीं पूरी दुनियां को, नव वर्ष का अर्थ बताता है॥

खिलखिलाते बाल – वृद्धों के चेहरे, पर्यावरण भी हर्षाता है।
भारतवर्ष का यह वर्षोत्सव, सच में खुशहाली को लाता है॥

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला – मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, 2 अप्रैल, शनिवार से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं और इसी के साथ नया हिंदू वर्ष नवसंवत्सर 2079 भी आरंभ हो जाएगा। हर वर्ष चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष को हिंदू नववर्ष प्रारंभ होता है। चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना होता है। इसका प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य ने किया था, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। इस बार 02 अप्रैल को हिंदू नववर्ष 2079 या विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ होगा। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत, नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगाड़ी आदि नामों से भी जाना जाता है। विक्रम संवत के प्रथम दिन से ही बसंत नवरात्रि का प्रारंभ होता है, जो चैत्र नवरात्रि के नाम से लो​कप्रिय है।

—————

यह कविता (नव संवत्सर आया री।) “हेमराज ठाकुर जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, नव संवत्सर आया री।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं। Tagged With: hemraj thakur poems, Hindu Calendar Vikram Samvat 2079, hindu nav varsh 2079, hindu nav varsh 2079 poem in hindi, hindu nav varsh 2079 wishes in hindi, nav samvatsar aaya re, poet hemraj thakur, Vikram Samvat 2079, चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर आया री, हिंदू नववर्ष, हिन्दू नव वर्ष 2079 कब है?, हेमराज ठाकुर, हेमराज ठाकुर की कविताएं

युद्ध की तबाही।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ युद्ध की तबाही। ♦

तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर आ खड़ा भव,
इस बारुदी फसलों में अब बम-बारूद उगायेंगे।
खून ही बोयेगें और लाशें ही उगायेंगे,
इस बसी-बसाई दुनिया को वीरान बनायेंगे।

हँसते-मुस्कुराते चमन के गुलाबों को,
बारूदी काले जादू से कलियों को।
अपनी उन्मुक्तता में झूमते बालियों को,
इठलाती बलखाती शोख फूलों के क्यारियों को।

नदियों समन्दरों की लहरों पहरा होगा,
कल-कल करते झरनों के स्वर पर पहरा होगा।
खग-वृंद के नटखट कलरव गुंजन पर,
मोर मैना भौंरो भृंगों के गुंजार पर पहरा होगा।

सब ओर धुंध-धुंआ बारूद बन छा जायेंगें,
कोयल का कुंजन रुदन बन चिल्लायेंगे।
पपीहे की प्रीत भी डर के साये में खो जायेंगें,
लुक-छुप कर गाने वाले मौत की नींद सो जायेंगे।

दामिनियों की कड़-कड़ भी इनके सामने अदने से,
चिंगारियां उठाती भकजोगनियां भी छिप जायेंगी।
झींगुरों-सियारों का रुदन ही हम सुन पायेंगे,
सब ओर सिमटकर खामोशी से तबाही के गीत गायेंगे।

गोलियों की बौछारों से सावन भी शरमायेंगे,
विनाश की अमराई घर गली चौराहों पर आयेंगें।
हर उपवन डाली पर बारूद अंगार बरसायेंगे,
नफरत घृणा लालच आगे-आगे डंका बजायेंगे।

आज तड़प रहा संस्कृति-संस्कारों का देश,
ऋषि-मुनियों और वेद पुराणों पर बना देश।
कहां गये कुरान की वो आयत जिसमें कहा था,
गये कहां यीशू-पैगम्बर शान्ति जो बतलाते थे।

इस युद्ध विभीषिका में नित नये अध्याय जुड़ रहे,
अपनी महत्वाकांक्षा के चलते इक सभ्यता निगल रहा।
हथियारों पर दंभ रखने वालों आगाह है तुमको,
नाको चने चबवाने को अदने भी अड़कर खड़े हैं।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल`“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — युद्ध से कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कहने को तो आज मानव अपने आपको बहुत बड़ा ज्ञानी कहता है, लेकिन उसके सोच व कर्म विकर्मी होते जा रहे हैं। पृथ्वी एक बार पुनः विनाश कि तरफ बढ़ रहा है, आज मानव ही मानव के खून का प्यासा हो गया हैं। कोई भी किसी कि कुछ भी सुनने को तैयार ही नहीं है, सभी अपनी-अपनी ही जोत रहे हैं, सभी एक दूसरे को मारने के लिए तैयार हैं। जरा सोचे क्या इसी दिन के लिए मानव सभ्यता का इतना विकास हुआ? क्या विकास का यह परिणाम होता हैं? अगर ऐसे ही मानव विकास होता है तो, इससे अच्छा तो प्राचीन सभ्यता ही अच्छा है आज से ५५०० वर्ष पूर्व का। अभी भी समय है समझदारी सभी अपना दिखाए और सभी मिलजुलकर रहे, नहीं तो मानव सभ्यता पूर्ण रूप से नष्ट हो जाएगा।

—————

यह कविता (युद्ध की तबाही।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Hindi Poems, poem on war, Poems of Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', the devastation of war, War Poem in Hindi, Yudh Shayari in Hindi, युद्ध - तबाही, युद्ध की तबाही, युद्ध पर कथन, युद्ध पर कविता, युद्ध शायरी, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल

ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या। ♦

ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या,
तू भी एक दिन जल जाएगा।
माटी की काया है तेरी जग में,
एक दिन तु यहां मिल जाएगा।

ना कर ऐसे ईर्ष्या तू लोगों से,
तू भी इसका शिकार बन जाएगा।
प्रेम भाव को जीवन में अपना ले,
जीवन रंगीन फिर तेरा बन जाएगा।

ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या……

जो है जितना ख़ुश रह उसमे,
मरने पर तू क्या साथ ले जाएगा।
खाली हाथ लेकर आया था यहां,
क्या साथ लेकर फिर तु जाएगा।

दूसरों की ख़ुशी को जब देखकर,
जब तु जलना शुरू हो जाएगा।
अंत समय में एक दिन खुद भी,
जल कर राख सा हो जाएगा।

♦ अजय नायर जी – कोच्चि, केरल ♦

—————

• Conclusion •

  • “अजय नायर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — आजकल लोगों को एक दूसरे से ईर्ष्या करने से फुर्सत ही नहीं मिलता हैं। लोगों की मानसिकता कितनी ख़राब हो गई है जो किसी की तरक्की देखा नहीं की ईर्ष्या करने से उन्हें कभी फुर्सत ही नहीं मिलता। एक बात मेरी याद रखें, “कभी भी किसी की तरक्की को देखकर उससे ईर्ष्या करने से आपकी आर्थिक, मानसिक, पारिवारिक या सामाजिक स्थिति में सुधार नहीं होगा।” इसलिए आपके अंदर जो ईर्ष्या करने कि आदत वाला वायरस है उसे नष्ट कर दे, तभी आपको सच्ची ख़ुशी व जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

—————

यह कविता (ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या।) “अजय नायर जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम अजय नायर है। मैं एक प्राइवेट मल्टीनेशनल कंपनी में पब्लिक रिलेशन ऑफीसर के पद पर चेन्नई में कार्यरत हूं। मुझे लिखने का शौक बचपन से रहा। १५ (15) वर्ष की आयु में हमने पहली कविता “दोस्त” इस नाम से लिखी जो पहली बार अखबार में प्रकाशित हुई। तब से आज तक करीबन ३५०० (3500) से अधिक कविता / गजल/ बाल कविताएं/ शेरो शायरी लिखी है। जो की भारत के सभी अखबारों में अब तक प्रकाशित हुई है। साहित्य संगम संस्थान के सभी मंचो से हमें श्रेष्ठ रचनाकार, श्रेष्ठ टिप्पणी कार, श्रेष्ठ विषय प्रवर्तक आदि सम्मानों से सम्मानित किया गया है। काव्य गौरव सम्मान, कलम वीर सम्मान, गौरव सम्मान, मदर टेरेसा सम्मान, बेस्ट ऑथर सम्मान, आदि सम्मान अलग अलग साहित्य जगत से प्राप्त हुआ है। हमारी पहली शेरो शायरी की पुस्तक का प्रकाशन संकल्प पब्लिकेशन द्वारा २०२१ (2021) में हुआ है। जो की सरल सुगम हिंदी भाषा में लिखा हुआ है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: ajay nair poems, poem in hindi, अजय नायर, अजय नायर की कविताएं, ना कर बन्दे तू जग में ईर्ष्या, सच्ची ख़ुशी

योगी आदित्यनाथ की सरकार।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ योगी आदित्यनाथ की सरकार। ♦

“योगी आदित्यनाथ जी की 2022 की सरकार”
योगी जी ने अधिकारियों को अपना पैगाम सुनाया।
उत्तर प्रदेश में सुशासन कायम रखने पर ध्यान लगाया।
केंद्र सरकार के प्राप्त पत्र का उत्तर जल्द देना होगा,
अधिकारी को ज्ञापन पर तय सीमा में निर्णय लेना होगा॥

दुबारा संन 2022 में मुखिया प्रदेश का जनता ने बनाया,
15 करोड़ जरुरतमंद ने आगे राशन वितरण में पाया।
गरीब कल्याण अन्न योजना केंद्र ने सितम्बर तक बढ़ाया।
मोदी सरकार 80 करोड़ गरीबों में अन्न दान कराने वाले हैं,
मार्च 2022 के बाद भी इसी योजना को बढ़ाने वाले हैं॥

पिछड़ा प्रदेश सब, उत्तर प्रदेश अब भी नहीं कहा जाएगा,
योगी के शासन काल में भ्रष्टाचारी – गुंडा थर्रा जाएगा।
उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का योगी ने संकल्प लिया,
काशी मथुरा विंध्य और अयोध्या धाम का लोकार्पण किया॥

अयोध्या धाम को योगी ने इंद्रलोक की तरह जगमगाया,
तीर्थराज प्रयाग कुम्भ पर्व दुनियां में महान बनवाया।
आदिशक्ति भगवती दुर्गा के दरबार में शीश झुकाया है,
गोरखपुर के गोरखनाथ पीठ का साधु विंध्य दरबार में आया॥

योगी आदित्यनाथ जी का यह विजय का पथ प्रदर्शित करता,
चित्रकूट के रामपथ का स्वागत आभार प्रकट करने वाला चलता।
सुशासन दुबारा लाने में बुलडोजर के साथ समझाएगा,
उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में मोदी मिशन चलाएगा॥

गांव गांव कोने-कोने में विधायक अब से भेजे जाएंगे,
भ्रष्टाचार पर प्रहार – कानून व्यवस्था में सुधार करेंगे।
केंद्र – प्रदेश की मंगलकारी योजना धरातल पर उतारेंगे,
आगे और सुधार करने की योजना पर विचार विमर्श करेंगे॥

विभाग ने रिक्त पद को भरने का नया एलान किया,
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
किसान को हो रहे नुकसान से बचाने के कदम उठाएंगे,
गन्ना किसानों को 14 दिन में मूल्य का भुगतान कराएंगे॥

किसान मंडी को और सुलभ बनाने का कदम उठाएंगे,
किसान के अन्न का उचित मूल्य मिले योजनाएं लाएंगे।
सुविधा शुल्क लेने वाले लोगों पर अंकुश लगाएंगे?
ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार करने से अंकुश लगाएंगे॥

एम एस ए ई उत्पाद पर और अधिक प्रचार कर आएंगे,
उत्पादन का समुचित मूल्य दिलाने की योजना बनाएंगे।
स्टार्ट टप मैं बैंकों की अड़ंगेबाजी से लोगों को बचाएंगे,
वरुणा और गोमती कारीडोर के ऊपर ध्यान लाएंगे?

प्रोफ़ार्मिंग से ऊपर परिणाम लोकप्रिय और बनाएंगे,
छोटे – छोटे उद्योगों की खड़ी समस्या को सुलझाएंगे।
प्रीपेड बिजली के मीटर पर आगे भी काम चलाएंगे,
बिजली चोरी रोकने के प्रदेश में कठोर कदम उठाएंगे॥

राष्ट्रीय शिक्षा नीति उत्तर प्रदेश में भी अपनाएंगे,
गुरुकुल की पढ़ाई पर जनता का ध्यान आकर्षित करेंगे।
विद्यालयों गीता का पाठ पढ़ाने की व्यवस्था करेंगे?
प्रदेश की जनता में राष्ट्र प्रेम के लिए जागरुक करेंगे॥

अधूरा पड़ा कार्य प्रगति पर लाने का प्रयास करेंगे,
मेडिकल के क्षेत्र पर उत्तर प्रदेश में फोकस करेंगे।
स्वास्थ बीमा के कल्याणकारी मुहिम आगे भी चलेंगे,
जनता जनार्दन को लाभ पहुंचाने के कठिन प्रयास करेंगे॥

उत्तर प्रदेश में स्थिति अवैध अतिक्रमण ढाए जाएंगे,
नाला नाली और तालाब मुक्त करवाए जाएंगे।
सड़कों की किनारे बने अवैध निर्माण गिराए जाएंगे,
नदी और तालाब को साफ-सुथरा बनाये जाएंगे॥

उत्तर प्रदेश में स्थित अवैध अतिक्रमण ढाए जाएंगे,
नाला नाली और तालाब मुक्त करवाए जाएंगे।
सड़कों की किनारे बने अवैध निर्माण गिराए जाएंगे,
नदी और तालाब को साफ-सुथरा बनाये जाएंगे॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — फिर से उत्तर प्रदेश की जनता ने अपने प्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यों और उत्तर प्रदेश के पूर्ण विकास के लिए उनपर अपना भरोसा दिखाया। पूर्ण बहुमत से फिर से एकबार अपना मुख्यमंत्री चुना। प्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जनता के विश्वास को बनाये रखने के लिए दिन रात एक कर उत्तर प्रदेश का सम्पूर्ण विकास करेंगे, सभी को अपने मुख्यमंत्री पर विश्वास हैं। दुष्टों का होगा संहार, युवाओं को मिलेगा रोजगार, चारों तरफ होगा सुरक्षा का माहौल। किसानों को भी उनका पूर्ण हक़ मिलेगा समय से, उनके लिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओ का पूरा लाभ मिलेगा। शिक्षा के लिए काफी कुछ अच्छा किया जायेगा योगी सरकार में। प्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पुनः अपनी प्रिय परिवार उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश पिछड़ा प्रदेश नहीं कहलायेगा।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (योगी आदित्यनाथ की सरकार।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi sukhmangal singh, poet sukhmangal singh, Yogi Adityanath government 2.0, Yogi Cabinet कितना अलग दिखेगी योगी 2.0 सरकार, योगी आदित्यनाथ की सरकार, योगी आदित्यनाथ जी की 2022 की सरकार, सुखमंगल सिंह की कविताएं

वीर देश हमारा हिंदुस्तान।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ वीर देश हमारा हिंदुस्तान। ♦

देश हमारा हिंदुस्तान,
हमें जान से प्यारा है।
तिंरगा हमारी शान है,
ये हिंदुस्तान हमारा है।

कृष्ण राम तुलसी जैसे,
महापुरुषों की तपोभूमि।
धन्य है माटी हिंदुस्तान की,
ये हिंदुस्तान हमारा है।

सुभाष भगत राजगुरु जैसे,
वीर और निडर सपूत दिए।
सीने पर गोली खाकर वीरो ने,
ये आजादी हमे दिलवायी है।

शहीद हुए वीर जहाँ पर,
ये मेरा हिंदुस्तान है।
सरहद पर बैठे सीना ताने,
दुश्मन के आगे सर न झुकाए।

बैठे है देश के रक्षक बनकर,
ऐसे वीरो को सलाम है।
ये मेरा हिंदुस्तान है,
यहां सब रहते मिलजुलकर।

एकता भाई चारे की मिसाल है।
गुरु ग्रंथ साहिब गीता और कुरान है।

सारे विश्व मे मेरा भारत महान है।
सत्य अहिसा प्रेम का ये,
विश्व शांति का दूत है।
सबसे प्यारा सबसे निराला,
ये मेरा हिंदुस्तान है।

♦ पूनम गुप्ता जी – भोपाल, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “पूनम गुप्ता जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से समझाने की कोशिश की है — भारत को महापुरुषों की धरती भी कहा जाता है। यहां पर ऋषि-मुनियों ने जन्म लिया, जिन्होंने वेदों का गान किया तथा उपनिषद् और पुराणों की रचना भी की, यहां श्रीकृष्ण का जन्म हुआ जिन्होंने गीता का ज्ञान देकर विश्व को कर्म का पाठ पढ़ाया। यहीं पर भगवान राम का जन्म हुआ था, जिन्होंने न्यायपूर्ण शासन का आदर्श स्थापित किया। यहीं पर महावीर और बुद्ध ने अवतार लिया जिन्होंने मानव को अहिंसा की शिक्षा दी। यहां पर बड़े-बड़े प्रतापी सम्राट अशोक, चन्द्रगुप्त मौर्य, विक्रमादित्य, महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, वीर शिवाजी महाराज आदि हुए जिनका नाम विश्व भर में व्याप्त है। लहराए तिरंगा प्यारा जिसकी शान में, गर्व से सिर ऊँचा हो जिसके सम्मान में। मैं रहता वीरों के देश हिंदुस्तान में। यही एकता की परिभाषा हिंदुस्तान में।

—————

यह कविता (वीर देश हमारा हिंदुस्तान।) “पूनम गुप्ता जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी लेख/कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, पूनम गुप्ता जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: poem on hindustan in hindi, poet poonam gupta, punam gupta, पूनम गुप्ता, पूनम गुप्ता की कविताएं, भारत महापुरुषों की धरती, वतन पर कविता, वीर देश हमारा हिंदुस्तान, हिंदुस्तान पर कविता

जीतना ही जीवन है।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जीतना ही जीवन है। ♦

हर प्राण का अस्तित्व में आना,
तन के साथ कर्म कर्तव्य का भी जन्म।
संघर्ष दायित्वों का निर्वहन बस,
आधार धरा का धरणी का जन्म।

प्रबल वेग से प्राण का बनना,
प्रचंड प्रकृति के कामों को।
भाव मान प्रतिष्ठा मानक का बनना,
सिद्धी प्रसिद्धि बुद्ध प्रबुद्ध को।

सृष्टि चिर-काल से निर्धारित करती,
मनु के जीवन की लड़ाई।
संघर्ष मन-तन से सदैव करती,
आत्मविश्वास की अडिग लड़ाई।

आक्रान्त हो नहीं जीत सका कोई,
जीवन और व्यक्तित्व के युद्ध को।
शान्त शील दुर्धर समय की कोई,
सीमा परिशिष्ट काल के बुद्ध की।

जीतना है जीवन को तो संघर्ष करो,
आत्मबल सामर्थ्य को कर प्रबल।
बढ़कर सामना करो समय के दुर्दिन का,
विश्वास न घटने दो अंतस्-तल।

एकाग्रचित्त होकर प्रचंड प्रयास करो,
भंग न होने दो अन्तर को।
निभृत तन रखकर केंद्र का विस्तार करो,
दंभ अपने उद्योग के पुर को।

संघर्ष मुझे जीना सिखा दो,
लड़ना और जीतना बता दो।
लड़ूं मैं… अपने वजूद से निरंतर,
संघर्ष तुम मुझे जीतना सिखा दो।

इस मृत्युलोक में आया हूं,
तन मानव का पाकर जीने को।
बुद्धि और विवेक मुझे दे दो,
जीत सकूं इस संघर्ष भरे जीवन को।

♦ सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी — जिला–सिंगरौली, मध्य प्रदेश ♦

—————

  • “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल`“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — मनुष्य जीवन में उतार – चढ़ाव तो आते रहते है, असफलता सदैव ही कुछ सीखा कर जाती है। आजकल के मनुष्य का मानना है की जीवन के किसी भी क्षेत्र में जीतना ही जीवन है। मनुष्य चाहता है की वह जो भी कार्य करें, उसमे उसकी विजय हो, लेकिन हमेशा ऐसा ही हो ये जरूरी तो नहीं। मेरी एक बात सदैव ही याद रखे – की कोई भी बुरा या अच्छा समय लम्बे समय के नहीं आता। बुरा या अच्छा समय निर्भर करता है हमारे अच्छे कर्म, व्यवहार व नज़रिये पर। इसलिए मन से कभी भी हताश निराश होकर जीवन में बैठ न जाये, सदैव ही अच्छे कर्म करते रहे। जब आपके कर्म अच्छे होंगे तो देर से ही सही आपको जीत जरूर मिलेगी।

—————

यह कविता (जीतना ही जीवन है।) “सतीश शेखर श्रीवास्तव `परिमल` जी“ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: jeetna hi jeevan hai, poem in hindi, poem on life in hindi, poem on success life, Poems of Satish Shekhar Srivastava 'Parimal', poet Satish Shekhar Srivastava - Parimal poems, short poem in hindi, जीतना ही जीवन है, सतीश शेखर श्रीवास्तव, सतीश शेखर श्रीवास्तव - परिमल, सतीश शेखर श्रीवास्तव – परिमल

यूक्रेन की तबाही!

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ यूक्रेन की तबाही! ♦

रूसी सेना का सैन्य ऑपरेशन यूक्रेन में है जारी,
शहर शहर पर रूसी सेना कर रही है बमबारी।

क्रोमाटोस्क पर रूस ने मिसाइल गिरा दी भारी,
रूस के टैंक पर बम बरसा रहा यूक्रेन करारे।

यूरोपीय संसद ने रूस पर बैन लगाया करारी,
युद्ध यूक्रेन में जिसे बंद करने के लिए चेताया।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से रूस पहले से ही बाहर,
फिर भी न्यायालय में भारी उस पर लगाया पावर।

संयुक्त राष्ट्र की बड़की अदालत का ऐसा तेवर,
सैन्य अभियान तत्काल रुकने का फैसला सर!

अपना घर हम अपना ही कहते अपना अपनाना है।
रसिया ने भी ठाना है यूक्रेन को संदेश निभाना है।

खेरसन के रेलवे ट्रैक को पार करते दिखा रूसी टैंक,
सेना कर रही है जगह – जगह से भारी भरकम खर्च।

ला त विया में यूक्रेन सेना कर रही है पलटवार,
उधर बुल्गेरिया का रूस राजदूत को संदेश।

24 घंटे में उसके राजदूत छोड़ दें मेरा पूरा देश,
रूस के यूक्रेन की मदद करने वालों को कड़ा संदेश।

पुतिन ने यूक्रेन में जैविक लैब के किया दावा,
यू एन एस सी से चीन ने लैब जांच की मांग की!

आठ देशों का संगठन यूक्रेन के समर्थन में आया,
रूसी अरबपति की संपत्ति जप्त करने का फैसला सुनाया।

पुतिन ने tv पर आकर देश को किया संबोधित,
पश्चिमी देशों के समर्थक गद्दारों को यूक्रेन से निकाले!

सुमी में रूसी सेना ने किया भारी बमबारी,
ना जी को मेरे सामने लाओ पुतिन की है तैयारी।

यूक्रेन हमारा है हम उसमें जनता को बचाएंगे,
जलेस्की अपने हो अपने ही साथ तुम आओ।

आस्ट्रेलिया – स्वीडन की तर्ज पर कर्तव्य निभाओ,
अपनी बुद्धि का प्रयोग करके युक्रेन बचाओ।

उत्तर कोरिया ने शस्त्रागार आधुनिक कर रहा,
दक्षिण कोरिया उसे हवा ने विस्फोटों पर देखा।

उसका प्रक्षेपण नाकाम होने का दावा है ठोंका,
10 माह प्रक्षेपण उतर कोरिया दुनिया के सामने किया।

अमरीकी राष्ट्रपति जाे बाईडेन ने चीन को क्या चेताया,
ताइवान को लेकर चीन ने भी बिगुल बजाया।

ईरान हाल में इराक स्थित अमरीकी दूतावास,
पर सेना ने भारी मिसाइल दना दन गिराया।

कीव एयरपोर्ट पर हुई रूस की ओर से बमबारी,
कहां जाता है वहां अब तक सुरक्षित रहें अधिकारी।

रूस बम बस ऐसे बालक की जय हो खेल जैसी,
कालिया नाग पर जैसे ही देखें कूदे कृष्ण कन्हैया।

ओडिशा में एयरफोर्स विमान की होती थी मरम्मत,
रूसी सेना माइन बम गिराया यूक्रेन में दना दन।

सुखोई लड़ाकू विमान से रूस कर रहा है प्रहार,
यूक्रेनी सेना का शहर – शहर हो रहा है संहार!

यूक्रेनी सेना प्रमुख रूप से जगह जगह पलटवार,
कहीं कहीं रूसी सेना को खदेड़ने के समाचार।

रूसी सेना ने यूक्रेन के ड्रोन सेंटर पर बम बरपाया,
जिस से रूस पे हमले उसे नष्ट कर ने आया।

जेलेस्की ने नाटो में शामिल होने की झुठलाया,
हमारी इच्छा पुरी नहीं हो सकी सबको सुनाया।

यूक्रेन तात्कालिक स्थित देखकर मांग में आया,
अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी स्वीकार की बात दोहराया।

रूस ने कहा यूक्रेन आपने सेना वाला देश बनेगा,
दोनों देशों की प्राइवेट सेना का मदद करेगा।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — अत्यधिक घमंड चाहे व्यक्तिगत हो या राष्ट्रीय सदैव ही सर्वनाश का कारण बनता है। अभी जो माहौल रूस यूक्रेन संघर्ष युद्ध का चल रहा है, यह युद्ध पूरी दुनिया के लिए हानिकारक है। संस्कृत का बहुत प्रसिद्ध लघु सूत्र है “अति सर्वत्र वर्जयेत्” जिसका हिंदी शब्दार्थ है कि “अति करने से हमेशा बचना चाहिए”, अति का परिणाम हमेशा हानिकारक होता है। वास्तव में अति किसी भी चीज की अच्छी नही होती। “लेकिन प्रश्न यहां पर यह है की – मासूम जनता की क्या गलती है?” कुछ भी बनाने में वर्षों का समय लग जाता है, लेकिन बर्बाद यूँ ही मिनटों में हो जाता है। जो कल तक लाखो – करोड़ों, घर दूकान, मकान, कार के मालिक थे, वो आज भिखारी बन गए। उन्हें तो समझ में ही नही आ रहा की आखिर किस गलती का भुगतान हम कर रहे है, गलती कौन करें – भरे कौन ? क्या ज़ेलेंस्की के द्वारा भड़काऊ भाषण यूक्रेन को पूर्ण रूपेण खंडहर में तब्दील करके ही छोड़ेगा?

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (यूक्रेन की तबाही!) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें, व्यंग्य / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____ अपने विचार Comments कर जरूर बताएं! ____

Filed Under: 2022-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavi sukhmangal singh poems, Kyiv par kahar barapa, poems, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, कीव पर कहर बरपा, यूक्रेन की तबाही, सुखमंगल सिंह की कविताएं

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।
  • दो वक्त की रोटी।
  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।

दो वक्त की रोटी।

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.