• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for 2021-KMSRAJ51 की कलम से

2021-KMSRAJ51 की कलम से

जगमग जगमग दीप जले।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जगमग जगमग दीप जले। ♦

जगमग जगमग दीप जले।
अब न कहीं अंधियार पले।

पुन: अयोध्या आए राम,
बनी अयोध्या तीरथ धाम।
मुदित मगन सब धावत आए,
जिव्हा पे सबकी एक ही नाम।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

आ गए राघव मिली खबरिया,
सज गई सारी अवध नगरिया।
राम दरस पावे की ख़ातिर,
चढ़ गए सारे महल अटरिया।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

गुरु, माता सब नगर के वासी,
केवल दर्शन के अभिलाषी।
सारे दुख सब संताप मिटे,
डालें कृपादृष्टि अविनाशी।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

दिन अमावस प्रकाश सवेरा,
सघन तिमिर दीपों का डेरा।
हर मुँडेर पे दीपमालिका,
हो न पाया तम का बसेरा।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

दिवस आज का बहुत पुनीत,
हुई थी सच की झूँठ पर जीत।
मिला राम को राज अवध का,
नगर सुसज्जित, मंगल गीत।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

दीपोत्सव का पर्व है प्यारा,
पाँच दिवस का उत्सव न्यारा।
हर द्वारे पर नेह प्रेम का,
प्रेषित मंगलदीप हमारा।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

हर घर में आए ख़ुशहाली,
गूँजे बच्चों की किलकारी।
माता लक्ष्मी की मिले कृपा,
सबकी सुन्दर हो दीवाली।

जगमग जगमग दीप जले,
अब न कहीं अंधियार पले।

♦ वेदस्मृति ‘कृती’ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती’ जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — श्री राम जी के अयोध्या लौटकर आने पर पुनः अयोध्या वासियों का खुशी का कोई ठिकाना नहीं। इस मधुर ख़ुशी के उपलक्ष में अयोध्या वासी दीप जलाकर दीपावली प्रकाश पर्व मनाया। पूरी अयोध्या जगमग जगमग दीप से जल उठे, चारो तरफ प्रकाश ही प्रकाश फैल गया। हर घर में आए ख़ुशहाली, गूँजे बच्चों की किलकारी। माता लक्ष्मी जी की मिले कृपा सभी को सबकी सुन्दर हो दीवाली। सभी ख़ुशी में मंगल गीत गाए।

—————

यह कविता (जगमग जगमग दीप जले।) ” वेदस्मृति ‘कृती’ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी मुक्तक/कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई आई टी . शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक. समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, जगमग जगमग दीप जले।, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vedsmriti kreeti, diwali hindi kavita, Diwali Kavita and Poem in Hindi, Diwali Kavita in Hindi, Diwali Kavita or Poem in Hindi, Hindi Kavita, Poem On Diwali In Hindi, poet vedsmriti kriiti, poet vivek kumar poems, vedsmriti kreeti poems, vivek kumar poems, दिवाली पर कविता हिंदी में, दिवाली हिंदी कविता, दीपावली की शायरी, दीपावली पर गजल, दीपावली पर हिंदी में कविता, दीवाली पर हिंदी कविता, वेद स्मृति ‘कृति’ जी की कविताएं, वेदस्मृति ‘कृती’, हिंदी में कविता दीपावली पर

दीपक संग इतिहास।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ दीपक संग इतिहास। ♦

दिवाली का पर्व आया है धूमधाम से मनाना है।
धनतेरस से भैया दूज, इन पांच दिनों का इतिहास पुराना है॥

दिवाली के दिन श्री राम जी अयोध्या लौटकर आए थे।
इस खुशी में सब लोगों ने अपने घरों में घी के दीप जलाए थे॥

इसी दिन मां दुर्गा ने काली का रुप भी धारा था।
कितने पापी असुरों को मौत के घाट उतारा था॥

इसी दिन भगवान महावीर को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।
दिवाली के दिन ही पांडव भी अज्ञातवास काटकर आए थे॥

कार्तिक मास की अमावस्या को क्षीरसागर से हुई लक्ष्मी माँ प्रकट थी।
सुना है लक्ष्मी और विष्णु जी इसी दिन प्रणय सूत्र में बंधे थे॥

जब इन्द्र देव कुपित हुए बारिश करके तबाही मचाई थी।
श्री कृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत उठा इन्द्र के गर्व को तोड़ा था॥

कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की रीत चलाई थी।
सभी गोकुलवासियों ने मिलकर संध्या समय गोवर्धन पर्वत की आरती उतारी थी॥

एकबार कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी को यमराज यमुना के घर पधारे थे।
भाई दूज नाम पड़ा इस दिन का यमुना ने यमराज से हर साल आने का प्रण लिया था॥

कठोपनिषद में कहा है नचिकेता के पिता ने यमराज को दान देने की बात कही थी।
पिता की बात मानी नचिकेता ने, कार्तिक अमावस्या को यमलोक पहुंचा गए थे॥

यह देख यमदेव खुश हुए फिर तीन वर मांगने को कहा था।
नचिकेता ने पिता का स्नेह, अग्नि विद्या और मृत्यु का ज्ञान मांगा था॥

दैत्यों के राजा बलि के राज्य में दया, दान, अहिंसा और सत्य व्याप्त था।
दैत्यों के राजा बलि के यहां विष्णु जी ने द्वारपाल का पद संभाला था॥

धर्मनिष्ठता स्मृति के साथ तीन दिन तक अहोरात्रि महोत्सव किया था।
यही महोत्सव दीपमालिका के नाम से दुनिया में प्रसिद्ध हुआ था॥

विजयलक्ष्मी कलम रोककर है कहती, आओ भेदभाव को दूर कर स्नेह का दीप जलाए।
जो शहीद हुए हैं देश के लिए उनके स्वप्नों को हम साकार कर दिखाएं॥

॥ आप सभी को दीपावली प्रकाश पर्व पर — हार्दिक शुभकामनाएं ॥

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाने की कोशिश की हैं — धनतेरस से भैया दूज तक इन पांच दिनों का इतिहास बहुत ही पुराना है। दीपावली प्रकाश पर्व के इतिहास का विस्तार से वर्णन किया है, जैसे – श्री राम जी का अयोध्या लौटकर आना, मां दुर्गा ने काली का रुप धरकर कितने पापी असुरों को मौत के घाट उतारा। इसी दिन भगवान महावीर जी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। दिवाली के दिन ही पांडव भी अज्ञातवास काटकर वापस आए थे। कार्तिक मास की अमावस्या को क्षीरसागर से हुई लक्ष्मी माँ प्रकट, सुना है लक्ष्मी और विष्णु जी इसी दिन प्रणय सूत्र में बंधे थे, और भी बहुत कुछ हुआ था इस दिन।

—————

यह कविता (दीपक संग इतिहास।) “विजयलक्ष्मी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vijaylaxmi, diwali hindi kavita, Diwali Kavita and Poem in Hindi, Diwali Kavita in Hindi, Diwali Kavita or Poem in Hindi, Hindi Kavita, history of diwali, poet vijaylaxmi, poet vijaylaxmi poems, vijaylaxmi poems, दिवाली का इतिहास, दिवाली पर कविता हिंदी में, दिवाली हिंदी कविता, दीपावली की शायरी, दीपावली पर गजल, दीवाली पर हिंदी कविता, विजयलक्ष्मी जी की कविताएं

मिट्टी का दिया।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मिट्टी का दिया। ♦

अरमानों की साज सजा लो,
हर घर को तुम सजा धजा लो।
अपने मन मंदिर में एक दीप जला लो,
सुकून का एक ज्योत जगा लो।
धैर्य का तुम आस जगा लो,
मिट्टी के तुम दिए जला लो।
मिट्टी के तुम दिए जला लो॥

त्याग का प्रतीक है दीप,
सत्य की मशाल है दीप।
खुद जलकर औरों को करता रौशन,
खुशहाली का राग है दीप।
दिलवालों का प्यार है दीप,
मन मंदिर में इसे बसा लो।
मिट्टी के तुम दिए जला लो॥

ईमानदारी का झंडा दो गाड़,
इसके लिए एक दीप जला लो।
भाईचारे की कर लो बात,
चुपके से एक दीप जला लो।
इंसानियत का जब हो भान,
इसके लिए भी दीप जला लो।
मिट्टी के तुम दिए जला लो॥

मन का तमस आज भगा लो,
भाग दौड़ भरी जिंदगी में,
सुकून के एक दीप जला लो,
संस्कारों को तुम अपना लो।
सुख शांति जीवन में आएं,
सबके लिए एक दीप जला लो।
मिट्टी के तुम दीए जला लो॥

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — संस्कारों का, धैर्य का, इंसानियत, ईमानदारी व भाईचारे के लिए भी एक ज्योत जगा लो। हम सब जानते है की सदैव से ही त्याग का प्रतीक है दीप और सत्य की मशाल है दीप। अपने मन मंदिर में एक दीप जला लो, सुकून का एक ज्योत जगा लो। मिट्टी के तुम दिए जला लो।

—————

यह कविता (मिट्टी का दिया।) “विवेक कुमार जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विवेक कुमार जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: article by author vivek kumar, author vivek kumar, diwali hindi kavita, Diwali Kavita and Poem in Hindi, Diwali Kavita in Hindi, Diwali Kavita or Poem in Hindi, Hindi Kavita, poet vivek kumar, poet vivek kumar poems, vivek kumar poems, दिवाली पर कविता हिंदी में, दिवाली हिंदी कविता, दीपावली की शायरी, दीपावली पर गजल, दीवाली पर हिंदी कविता, विवेक कुमार जी की कविताएं

नरक चतुर्दशी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ नरक चतुर्दशी। ♦

मास कार्तिक कृष्ण पक्ष नरकचतुर्दशी आती है,
घर की सारी विपदाएँ रूप चौदस भगाती है।
मुरली मनोहर ने आज ही नरकासुर को मारा था,
सोलह हज़ार एक सौ बंदी कन्याओं को तारा था।
दुराचारी के अन्त पर घर – घर दीप जलाए गये,
घर के कोने – कोने से सारे तिमिर मिटाये गये॥

छोटी दीवाली पर दीप जले कहती है ये कथा,
इस दिन के व्रत पूजन से मिट जाते संताप व्यथा।
पुण्यवान एक राजा थे रंतिदेव उनका नाम था,
जीवन में कभी उन्होंने किया न पाप का काम था।
अन्त समय यमदूतों को देख रन्तिदेव चकराये,
‘किस अपराध के कारण ये लेने मुझको हैं॥

छोटी दिवाली पर दीप जले कहती है ये कथा,
इस दिन के व्रत पूजन से मिट जाते संताप व्यथा।
पुण्यवान एक राजा थे रंतिदेव उनका नाम था,
जीवन में कभी उन्होंने किया न पाप का काम था।
अन्त समय यमदूतों को देख रन्तिदेव चकराये,
‘किस अपराध के कारण ये लेने मुझको हैं आये॥

‘लौट गया था भूखा ही दर से तुम्हारे एक वामन,
क्षीण हुए हैं पुण्य तुम्हारे इस कारण हे राजन’।
एक वर्ष की अवधि लेकर नृप आये ऋषियों के पास,
पूछा उनसे ‘क्या है उपाय मिट जाये यम का पाश’।
ऋषियों ने राजा को नरक चतुर्दशी दिन बतलाया,
व्रत पूजन करवाकर ब्राह्मण भोज करवाया॥

इस पावन दिन के पूजन से उनको क्षमादान मिला,
पुण्यों के बल पर उनको परलोक में सम्मान मिला।
नरक चतुर्दशी पर दीपदान एक पुनीत कृतित्व है,
इस दिवस का पुराणों में भी बहुत विशेष महत्व है।
मालिश उबटन लगाने का इस दिन वर्णित विधान है,
श्री कृष्ण प्रसन्न मन से करते सौंदर्य प्रदान हैं॥

पूजा यम की करते हैं इस दिन होके श्रद्धा युक्त जो,
कृपा यम की मिलती है उनको होते हैं पापमुक्त वो॥

♦ वेदस्मृति ‘कृती’ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती’ जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — छोटी दीवाली पर दीपक जलाने की परंपरा है, इस दिन के व्रत पूजन से मिट जाते सभी तरह के संताप व्यथा। पुण्यवान एक राजा थे रंतिदेव उनका नाम था, जीवन में कभी उन्होंने किया न कोई पाप कर्म का काम था। अन्त समय यमदूतों को देख रन्तिदेव चकराये, मन में उठा एक संकल्प ‘किस अपराध के कारण ये लेने मुझको हैं आये।

—————

यह कविता (नरक चतुर्दशी।) ” वेदस्मृति ‘कृती’ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी मुक्तक/कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई आई टी . शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक. समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: vedsmriti kreeti poems, नरक चतुर्दशी, नरक चौदस या नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा

भगवान धन्वन्तरि – धनतेरस।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ भगवान धन्वन्तरि – धनतेरस। ♦

आयुर्वेद के हैं प्रणेता,
धनतेरस अवतरण दिवस।
समुद्र मन्थन की समाप्ति पर,
हुए प्रकट ले अमृत – कलश।

देवराज ने की जो विनती,
आग्रह उनका मान लिया।
अमृत कलश से सब देवों ने,
अमृत सुधा का पान किया।

दीर्घतथा माता हैं उनकी,
लिखा है विष्णु पुराण में।
श्यामवर्ण चतुर्भुज हैं निपुण,
वनस्पतियों के ज्ञान में।

विनीत भाव से बोले इन्द्र,
आयुदाता भगवान से।
स्वीकार करो पद देव – वैद्य,
हे… तेजपुंज सम्मान से।

कालक्रम में मानव जगत के,
बहु रोगों से पीड़ित हुए।
कल्याण हेतु सकल जगत के,
वे धरा पर अवतरित हुए।

अवतार लिया काशी नगरी,
कहलाए नृप दिवोदास।
लिखा ग्रन्थ ‘धन्वन्तरि संहिता’,
रोग निवृत्ति का इतिहास।

आदि आचार्य सुश्रुत मुनि ने,
उनसे ज्ञान प्राप्त किया।
धन्वन्तरि से हो कर दीक्षित,
लोगों का कल्याण किया।

धनतेरस की तिथि है पावन,
श्रद्धा से सम्मान करें।
प्रसन्न हों भगवान सभी पर,
तन निरोगी, प्रदान करें।

♦ वेदस्मृति ‘कृती’ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती’ जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि हैं। यूं तो प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में जटिल से जटिल रोगों का इलाज होता आया है। और तो और कोविड काल में हर व्यक्ति आयुर्वेद के महत्व से भी अच्छे परिचित हो गया। आयुर्वेदिक दवा स्वर्णप्राशन को तो स्वयं आयुष मंत्रालय ने रिसर्च के बाद कोविड में बच्चों के इलाज में सर्वाधिक इम्युनिटीवर्धक घोषित भी किया और लोगों को इससे लाभ भी हुआ।

—————

यह कविता (भगवान धन्वन्तरि – धनतेरस।) ” वेदस्मृति ‘कृती’ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी मुक्तक/कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई आई टी . शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक. समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, भगवान धन्वन्तरि - धनतेरस।, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Author Ved Smriti Kritee, Best dhanteras Quotes, Dhanteras Hindi Festival Poems, Dhanteras Parv par kavita, Dhanteras Tyohar, Hindi Kavita, hindi poetry, Hindi Shayari, Lord Dhanvantari - Dhanteras, poem on dhanteras in hindi, poet Ved Smriti 'Kritee' ji, Poetry & Thoughts, Shayari, Status, vedsmriti poems, धनतेरस का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?, धनतेरस पर कविता, वेद स्मृति ‘कृति’ जी की कविताएं, हिन्दी धनतेरस कविता

राष्ट्रीय अखंडता बनाएंगे।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ राष्ट्रीय अखंडता बनाएंगे। ♦

सबके मन में हो एकता है ऐसी भावना,
जो करती रहे पैदा मन में सद्भावना।
देश की प्रखंडता को एकता में,
बांधने का कार्य किया महान।
श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को,
याद रखेगा भारत देश महान॥

परिवेश में एकता के रूप,
में पाया है हमने।
इस जज्बे को हमेशा जगाए,
रखना दिल में अपने।
भारत माता के वीर सपूतों,
देश क्यों करते हो बदनाम॥

एक दूसरे पर वार कर के,
भाईचारे का देते हो नाम।
क्यों देश की अखंडता को तार तार,
करने का करते हो काम।
ऐसा करके देश के महापुरुषों को,
क्यों करते हो बदनाम॥

बहिष्कार किया कई मुद्दों पर,
सांप्रदायिकता का विचार लिए मन में।
सबके मन में प्रेम बांटना ही,
अब होगी हमारी विश्व में पहचान।
एकता की भावना पैदा कर के,
ऊंची आवाज उठाएंगे हम॥

हमारे दिलों से राष्ट्रीय एकता का,
कोई न कर पाएगा दमन।
ईश्वर के बच्चों के मन से जाति पाति,
धर्म, भेदभाव को करना होगा खत्म।
देश की राष्ट्रीय अखंडता को न होने देंगे,
खत्म आओ मिलकर खाते हैं कसम॥

♦ विजयलक्ष्मी जी – झज्जर, हरियाणा ♦

—————

  • “विजयलक्ष्मी जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाने की कोशिश की हैं — राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा देश की एकता के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस हर भारतीय दिल से मनाता है। देश की एकता के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा किए गए कार्य को समझाया है।

—————

यह कविता (राष्ट्रीय अखंडता बनाएंगे।) “विजयलक्ष्मी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है। मैं राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय, छारा – 2, ब्लॉक – बहादुरगढ़, जिला – झज्जर, हरियाणा में मुख्य शिक्षिका पद पर कार्यरत हूँ। मैं पढ़ाने के साथ-साथ समाज सेवा, व समय-समय पर “बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ” और भ्रूण हत्या पर Parents मीटिंग लेकर उनको समझाती हूँ। स्कूल शिक्षा में सुधार करते हुए बच्चों में मानसिक मजबूती को बढ़ावा देना। कोविड – 19 महामारी में भी बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप से पढ़ाना, वीडियो और वर्क शीट बनाकर भेजना, प्रश्नोत्तरी कराना, बच्चों को साप्ताहिक प्रतियोगिता कराकर सर्टिफिकेट देना। Dance Classes प्रतियोगिता का Online आयोजन कराना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत विद्यालय स्तर पर कार्य करना। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा और कई Society द्वारा बार-बार सम्मानित किया गया।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विजयलक्ष्मी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Author Vijay Laxmi, poem on unity day in hindi, poet vijaylaxmi, vijaylaxmi poems, विजयलक्ष्मी जी की कविताएं, सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता

सरदार वल्लभभाई पटेल।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सरदार वल्लभभाई पटेल। ♦

सन 1857 में जन्म लिया,
किसान परिवार के घर का लाल।
चमत्कारी बालक था, भूपटल को किया निहाल,
अपना करतब दिखला राष्ट्र का किया कल्याण।

समाज सुधार का बीड़ा उठाकर,
किया देश का उद्धार।
जिन्हें जग पुकारता लौह पुरुष महान,
जिसकी महानता के हम करते गुणगान।

मिशाल देता जग समान,
राजनीति के प्रबुद्ध महान।
देश कर रहा उनका जयगान,
अग्रणी भूमिका निभा थामा था कमान।

बने देश के अभिमान,
जिसपर जनवासियों को है गुमान।
देशप्रेम की पराकाष्ठा है महान,
उस महात्मन को कोटिबद्ध प्रणाम।

♦ विवेक कुमार जी – जिला – मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा देश की एकता के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस हर भारतीय दिल से मनाता है। देश की एकता के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा किए गए कार्य को समझाया है।

—————

यह कविता (सरदार वल्लभभाई पटेल।) “विवेक कुमार जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विवेक कुमार जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vivek kumar, birth anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel, national unity day, poem on national unity day, poem on Sardar Vallabhbhai Patel, poet vivek kumar, vivek kumar poems, विवेक कुमार जी की कविताएं, सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता

सरदार वल्लभभाई पटेल के 10 अनमोल विचार।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सरदार वल्लभभाई पटेल के 10 अनमोल विचार। ♦

Sardar Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi

Quote 1: “इस मिट्टी में कुछ अनोखा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का वास है।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 2: “हमने ईमानदारी से और निश्चित तरीके से अपनी कमजोरियों को दूर करने की कोशिश की है। सबूत, अगर किसी सबूत की जरूरत है, हिंदू-मुस्लिम एकता है। ”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 3: “धर्म के मार्ग पर चलो – सत्य और न्याय का मार्ग। अपनी वीरता का दुरुपयोग न करें। एकजुट रहें। पूरी विनम्रता के साथ आगे बढ़ें, लेकिन अपने अधिकारों और दृढ़ता की मांग करते हुए, आपके सामने आने वाली स्थिति के लिए पूरी तरह से जाग्रत हों। ”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 4: “जाति और पंथ का कोई भेद हमें बाधित नहीं करना चाहिए। सभी भारत के बेटे-बेटी हैं। हम सभी को अपने देश से प्यार करना चाहिए और आपसी प्यार और मदद पर अपने भाग्य का निर्माण करना चाहिए।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 5: “सत्याग्रह पर आधारित युद्ध हमेशा दो प्रकार का होता है। एक वह युद्ध है जो हम अन्याय के खिलाफ करते हैं और दूसरा हम अपनी कमजोरियों के खिलाफ लड़ते हैं।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 6: “महात्माजी द्वारा शुरू किया गया युद्ध दो चीजों के खिलाफ है – सरकार और दूसरा खुद के खिलाफ। पहले प्रकार का युद्ध बंद हो गया है, लेकिन बाद वाला कभी भी समाप्त नहीं होगा। यह आत्म-शुद्धि के लिए है।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 7: “कुछ की लापरवाही जहाज को आसानी से नीचे तक भेज सकती है, लेकिन अगर उसमें सवार सभी का दिल से सहयोग हो; उसे सुरक्षित रूप से बंदरगाह पर लाया जा सकता है।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 8: “शक्ति के अभाव में विश्वास कोई बुराई नहीं है। किसी भी महान कार्य को पूरा करने के लिए विश्वास और शक्ति दोनों ही आवश्यक हैं।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 9: “हमारा एक अहिंसक युद्ध है, यह धर्मयुद्ध है।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

Quote 10: “क्रांति का रास्ता अपनाया जा सकता है लेकिन क्रांति को समाज को झटका नहीं देना चाहिए। क्रांति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।”

Vallabhbhai Patel वल्लभभाई पटेल

आओ लौह पुरुष को करें दिल से याद और सभी लोगों तक पहुंचाएं एकता दिवस की शुभकामनाएं……।

♦ KMSRAJ51 – संपादकीय  ♦

—————

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, KMS Quotes, सरदार वल्लभभाई पटेल के 10 अनमोल विचार। Tagged With: editorial, kmsraj51 editorial, Sardar Vallabhbhai Patel Quotes in Hindi, भारत में अनेकता में एकता का कारण, राष्ट्रीय एकता की वर्तमान स्थिति, राष्ट्रीय एकता दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस पर कविता, राष्ट्रीय एकता दिवस पर कोट्स इन हिंदी, राष्ट्रीय एकता में शिक्षा की भूमिका, सरदार वल्लभभाई पटेल के 10 अनमोल विचार

राष्ट्रीय एकता दिवस।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ राष्ट्रीय एकता दिवस। ♦

“राष्ट्रहित में आत्मानुभूति”

एकल व्यक्तित्व धारक, कृषक पुत्र,
भाव में अन्नदाता सम जो रहें।
काल आपदा प्लेग को कर पराभूत,
आते पुनः भरत जन – सेवा में, सहज।
भावी वह…… सेवा मंत्र संगी…… ॥

अद्भुत प्रतिमा हैं एकता मूर्ति,
सच्चे सपूत माँ भारती के,
समर्पित आम जन को, सर्वस्व जिनका।
मात्र वह हैं लौह – पुरूष नहीं, स्वर्ण मना,
निर्माता भारत सह – अस्तित्व के…॥

राजनीति की सदा एकत्व की,
एकाकार जो हर स्वदेश जन,
से, हैं संरक्षक संत जो समरस,
भारत के, अरूचि जिन्हें, सदा॥

महत् आकांक्षा से, सरल सहज,
‘रहनि’ जिनकी, सच्चे सरदार।
वह ‘बारदोली सत्याग्रह’ के, कर,
आत्म – दान, दिया हर रंग स्वदेश को।
अंतर्धान हुआ समेकन – कर्ता॥

♦ प्रो• मीरा भारती जी – पुणे, महाराष्ट्र  ♦

—————

  • “प्रो• मीरा भारती जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से बताने की कोशिश की है — राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा देश की एकता के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस हर भारतीय दिल से मनाता है। देश की एकता के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के द्वारा किए गए कार्य को समझाया है।

—————

यह कविता (राष्ट्रीय एकता दिवस।) “प्रो• मीरा भारती जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम मीरा भारती (मीरा मिश्रा/भारती) है। मैंने BRABU Muzaffarpur, Bihar, R.S College में प्राध्यापिका के रूप में 1979 से 2020 तक सक्रिय चिंतन और मनन, अध्यापन कार्य किया, आनलाइन शिक्षण कार्यक्रम से वर्तमान में भी जुड़ी हूं, मेरे द्वारा प्रशिक्षित बच्चे लेखनी का सुंदर उपयोग किया करते हैं। मैंने लगभग 130 कविताएं लिखी है, जिसमें अधिक प्रकाशित हैं, कई आलेख भी, लिखे हैं। दृढ़ संकल्प है, कि लेखन और अध्यापन से, अध्ययन के सामूहिक विस्तारण से समाज कल्याण – कार्य के कर्तृत्व बोध में वृद्धि हो सकती है। अधिक सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, प्रो. मीरा भारती/मिश्रा जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author mira bharti, birth anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel, national unity day, poem on national unity day, poem on Sardar Vallabhbhai Patel, poet mira bharti, प्रो. मीरा भारती जी की कविताएं, प्रो. मीरा भारती-मिश्रा जी की कविताएं

ध्यान – साधना करवा चौथ में।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ ध्यान – साधना करवा चौथ में। ♦

विचार के मुक्ताकाश विचरण में,
मैं और तुम सदा समभाव संगी।
हम एक हृदय, आत्म-भावी पथिक,
हैं ज्ञात तुम्हें है, प्रेयसी तुम्हारी।

क्षीणकाय, जा रही बार्धक्य दिश,
बोले डाक्टर,” गुर्दे तुम्हारे अस्वस्थ।
निर्जल – व्रत है शत्रु वत् उसके हित,”
धर्म की परिभाषा बदल रही सतत।

परंपरा होती परिशोधित पर्यावरण से,
मेरा आज है मानस का ध्यान – व्रत।
प्रार्थना तुम्हारे दीर्घ जीवन की, हर,
क्षण, तुम्हारी आत्मोन्नति ही एक।

नव अनुभूति है, न होना तुम,
म्लान-मुख, सम्यक् ध्यान, प्रार्थना।
की शक्ति उच्चतर है, हूं, अव्रती,
मैं आज, निज स्वास्थ्य हित में।

ध्यान ध्वनि से परम प्रबुद्ध तुम,
शुभकामना करवा चौथ की।

♦ प्रो• मीरा भारती जी – पुणे, महाराष्ट्र  ♦

—————

  • “प्रो• मीरा भारती जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से बताने की कोशिश की है — करवा चौथ व्रत के दौरान अपनी अंतर साधना के लिए उपयुक्त समय होता है। करवा चौथ के व्रत को एक सामान्य व्रत की जगह साधनामय दिन की तरह व्यतीत करें। अपने आंतरिक सुषुप्त आंतरिक शक्तियों का स्मरण कर उन्हें जागृत करें। इन आंतरिक शक्तियों का उपयोग कर जीवन के हर क्षेत्र में विकास करें।

—————

यह कविता (ध्यान – साधना करवा चौथ में।) “प्रो• मीरा भारती जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम मीरा भारती (मीरा मिश्रा/भारती) है। मैंने BRABU Muzaffarpur, Bihar, R.S College में प्राध्यापिका के रूप में 1979 से 2020 तक सक्रिय चिंतन और मनन, अध्यापन कार्य किया, आनलाइन शिक्षण कार्यक्रम से वर्तमान में भी जुड़ी हूं, मेरे द्वारा प्रशिक्षित बच्चे लेखनी का सुंदर उपयोग किया करते हैं। मैंने लगभग 130 कविताएं लिखी है, जिसमें अधिक प्रकाशित हैं, कई आलेख भी, लिखे हैं। दृढ़ संकल्प है, कि लेखन और अध्यापन से, अध्ययन के सामूहिक विस्तारण से समाज कल्याण – कार्य के कर्तृत्व बोध में वृद्धि हो सकती है। अधिक सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, प्रो. मीरा भारती/मिश्रा जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author meera bharti, Karva Chauth Poems In Hindi, karva chauth vrat katha, Karwa Chauth Par Kavita in Hindi, meera bharti poems, mira bharti poems, nari shakti par kavita in hindi, poem in hindi, poet meera bharti, poet mira bharti, करवा चौथ पर कविता, करवा चौथ पर कविताएं, प्रो. मीरा भारती, प्रो. मीरा भारती जी की कविताएं, प्रो. मीरा भारती-मिश्रा जी की कविताएं

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.