• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for हिंदी कविता

हिंदी कविता

हे आदिशक्ति।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ हे आदिशक्ति। ♦

अब तो आजा!
हे करुणावतार!
कुमकुम लगें पैरों से अब आजा।
इस दुनिया को चैन,
अमन का रास्ता दिखा जा॥

तेरी राहें बुहारें हैं, कब से हम।
आ मिटा दे ये चारों ओर फैला तम।
भीगी पलकों से तड़पते ह्रदय ने …
तुम्हें ही पुकारा है।
हम तेरे दीवानों को न कोई और सहारा है॥

तुझें बरसाना ही होगा,
अपनी करुणा का जल।
दहकती ज्वाला को शांत,
तुझें ही करना होगा।
चाहे तू आज करें या कल॥

हमने तो भिखारी बन,
दामन यहां ही पसारा है।
हे आदिशक्ति, झोली भर,
एक तूही तो जीवन का उजियारा है॥

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता के माध्यम से — आदिशक्ति माँ का आह्वान किया है। इस कविता में भक्त के मन में चलने वाले भावों को बखूबी व्यक्त किया है। हे आदिशक्ति माँ हम पर बरसा अपनी करुणा का जल, हमने तो दामन यहां ही पसारा है। हे आदिशक्ति, झोली भर, एक तूही तो जीवन का उजियारा है।

—————

यह कविता (हे आदिशक्ति।) “श्रीमती सुशीला देवी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sushila devi, hindi poetry, poem in hindi, poet sushila devi, sushila devi poems, चंद्रघंटा : मां दुर्गा की तीसरी शक्ति, दुर्गा पूजा शायरी, देवी पर कविता, नवरात्रि नवदेवी गीत, नवरात्रि पर कविता, नवरात्रि पर दुर्गा भक्ति कविताएँ, नवरात्रि पर दोहे, नवरात्रि पर्व, नवरात्रि स्टेटस इन हिंदी, माँ चंद्रघंटा पर हिंदी कविता, माँ चंद्रघंटा मंत्र, माँ दुर्गा के नवरात्रि पर्व, माँ दुर्गा पर कविता, माँ दुर्गा पर शायरी, माँ दुर्गा शायरी इन हिंदी, माँ दुर्गा स्टेटस इन हिंदी, सुखमंगल सिंह की कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं, सुशीला देवी जी की कविताएं, हे आदिशक्ति

माँ चंद्रघंटा।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ माँ चंद्रघंटा। ♦

माता चंद्रघंटा जी के घंटे के कंपन से,
मन की नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक हो जाती है।
ऊर्जा का यह बदलाव मानव हृदय के,
भाग्य को बदलकर समृद्ध बना देती है॥

मनुष्य के जीवन में सुख शांति तथा खुशहाली आती है।
श्रद्धालुओं की साधना एवं मनोकामना पूरी हो जाती है।
मानव का शरीर और हृदय आनंद से भर जाता है।
उसके स्वर में दिव्य कांति और मधुरता का समावेश हो जाता है॥

माता का भजन स्व लिखित एक और प्रस्तुत कर रहा हूं …

शांति स्वरूपा चद्रघंटा,
दुनिया में तोहार मान हौ।
कल्याणकारी मैया,
जगत तूही से प्रकाशमान हौ॥

शरण में तेरे शीश झुकाया,
तेरा भक्त दर पर आया।
तुम्हारी शरण जो भी आता,
खाली हाथ नहीं जाता॥

तेरी शरण में तेरा भक्त,
भक्त के भक्ति को विचार दो।
बदली हुई मेरी भावना,
माता जी सद विचार दो॥

सुनो ! भक्त को माता लोक –
परलोक में सद्गति देती हो।
दर पर तेरी मेरी चेतना में,
दैवीय – निखार दो॥

तू जीवन परिवर्तन करके,
भाग्य समृद्धि करती हो।
साधक के सिर की बाधा,
क्षण में दूर हटा देती हो॥

भक्तों के कष्टों का निवारण,
शीघ्र ही कर देती हो।
सकारात्मक ऊर्जा भर कर,
भक्त का दिल खुश करती हो॥

शरणागत की रक्षा तुम,
प्रतिपल करती रहती हो।
अपनी भक्तों को मां,
पराक्रमी बनाए रखती हो॥

उसके मुख मंडल पर,
कांति धैर्य की वृद्धि करती हो।
उसकी मन वचन काया को,
परिपूर्ण – पवित्र करती हो॥

स्वर सार्थक में विनम्रता,
माधुर्य – समावेश लाती।
धीरता वीरता निर्भीकता,
सर्वदा बनाए रखती हो॥

भक्त के मन में नकारात्मक,
ऊर्जा फटक नहीं पाती।
जिसके ऊपर माता कृपा,
दिल से तेरी हो जाती॥
” ॐ देवी घंटा दी “

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — माता रानी के चंद्रघंटा स्वरूप के गुणों और शक्तियों का बखूबी वर्णन किया है। शेर पर सवार माँ का शांत रौद्र मुद्रा वाला रूप सर्व व्यापकता, सर्व सुख देने वाली। पाप नाशक, ध्यान पूर्वक जो भी पूजन करता माँ चंद्रघंटा देवी का जीवन उसका सुखदायी हो जाता। माँ चंद्रघंटा देवी है बहुत ही दयालु अपने भक्तों पर सदैव ही माँ है बलिहारी। सच्चे मन से जो भी इंसान माँ के इस रूप का पूजन व भजन करता उसे जल्द ही सुख, समृद्धि ज्ञान – शक्ति भरपूर मिलता। आओ हम सब सच्चे मन से माँ चंद्रघंटा देवी का पूजन व भजन करे।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (माँ चंद्रघंटा।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, माँ चंद्रघंटा।, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिंदी काव्य, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, Hindi Poem on Navratri, Maa Chandraghanta, maa durga ki kavita, Navratri Par Kavita In Hindi, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, चंद्रघंटा : मां दुर्गा की तीसरी शक्ति, दुर्गा पूजा शायरी, देवी पर कविता, नवरात्रि नवदेवी गीत, नवरात्रि पर कविता, नवरात्रि पर दुर्गा भक्ति कविताएँ, नवरात्रि पर दोहे, नवरात्रि पर्व, नवरात्रि स्टेटस इन हिंदी, माँ चंद्रघंटा, माँ चंद्रघंटा पर हिंदी कविता, माँ चंद्रघंटा मंत्र, माँ दुर्गा के नवरात्रि पर्व, माँ दुर्गा पर कविता, माँ दुर्गा पर शायरी, माँ दुर्गा शायरी इन हिंदी, माँ दुर्गा स्टेटस इन हिंदी, सुखमंगल सिंह की कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं

शारदा प्राकट्य – बसंत पंचमी।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ शारदा प्राकट्य – बसंत पंचमी। ♦

हाथ में वीणा और पुस्तक,
माँ के दर सिर झुकाया जाए।
बागेश्वरी की जयंती तिथि,
शारदा माँ को मनाया जाए॥

पांच तत्व व बसंत पंचमी,
जभी एक जगह मिल आते ही।
ज्ञान तत्व और अमृत तत्व,
अमृत – ज्ञान बरसातें हैं॥

विद्या तत्व औ बुद्धि तत्व मिल,
सारे जहां सद्भाव लाते हैं।
प्रकृति तत्व भी जब मिलता,
आदिशक्ति सामने आती है॥

उनके हाथों में जप माला,
कमल – पुस्तक धारण करती।
तरुण चंद से शोभित मोती,
अभीष्ठ इच्छा प्रदान करती॥

कुंद – पुष्प सी कांति चमकती,
प्रकाशित शारदा प्रकट होती।
शारदा कुंडलिनी कहलाती,
सदा ज्ञान की ज्योति जगाती॥

माता के हाथ की वह पुस्तक,
सूक्ष्म ज्ञान की सूचक है।
एकाग्रता, मातृ शक्ति सूचक,
हाथों में माँ की माला है॥

कमलासन है सृष्टि प्रतीक,
ज्ञान मुद्रा सर्व व्यापकता है।
माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी,
बसंत पंचमी कहलाती है॥

पाप मोचनी तिथि पञ्चमी,
बागेश्वरी जयंती तिथि तय!
ध्यान पूर्वक जो पूजन करता,
जीवन उसका सुखदायी है॥

विशुद्ध वस्त्र धारण करती,
चंद्रप्रभा उनसे तुच्छ जैसे।
सदा सुंदरी हंसती रहती,
देवताओं से सुशोभित हैं॥

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — माँ शारदा देवी के प्राकट्य से लेकर उनके रूप गुणों और शक्तियों का बखूबी वर्णन किया है। कमलासन पर विराजित माँ का ज्ञान मुद्रा वाला रूप सर्व व्यापकता, सर्व सुख देने वाली। पाप मोचनी तिथि पञ्चमी को बागेश्वरी जयंती तिथि तय! ध्यान पूर्वक जो भी पूजन करता माँ शारदा देवी का जीवन उसका सुखदायी हो जाता। माँ शारदा देवी है बहुत ही दयालु अपने भक्तों पर सदैव ही माँ बलिहारी। सच्चे मन से जो भी इंसान माँ के इस रूप का पूजन व भजन करता उसे जल्द ही ज्ञान-शक्ति भरपूर मिलता। आओ हम सब सच्चे मन से माँ शारदा देवी का पूजन व भजन करे।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (शारदा प्राकट्य – बसंत पंचमी।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है:kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, basant panchami, basant panchami kavita in hindi, Basant Panchami poem in hindi, best poems, Namaste Sharade Devi, poet sukhmangal singh, Sharda Maa Poem, sukhmangal singh poems, कविता, जय माँ शारदा कविता, नमस्ते शारदे देवी, मां शारदा देवी पर कविताएं, शारदा देवी कविताएं, शारदा देवी पर कविता, शारदा प्राकट्य - बसंत पंचमी, शारदा माँ पर कविता, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं

बेटी पर है नाज।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ बेटी पर है नाज। ♦

बेटी पर है नाज, बेटी ही विश्वास,
बेटी घर की साज, करती सब काज।
दो कूलों को संवारती है बेटी,
पापा की पाग सजाती है बेटी।

उनके है रूप अनेक, हर रूपों में रम वो जाती,
जीवन में मिले हर रोल, बड़ी संजीदगी से निभाती।
हर दुःख दर्द सह जाती, उफ तक न करती,
बेटी बन… पापा का नूर बन जाती।

मां बन घर को है स्वर्ग बनाती,
बहन बन भाई का रक्षा कवच बन जाती।
पत्नी के रूपों में सफल संगनी का हर फर्ज निभाती,
जिंदगी जिससे शुरू होकर जिस पर हो जाती खत्म।

उस बेटी का करें सम्मान, है वो बेटा के ही समान।
बेटा – बेटी में न कर फर्क, बेटी ही मान, बेटी ही सम्मान।
जगत में जिसका बढ़ रहा शान, हर क्षेत्र में कर रही देश का नाम।
फिर क्यूं होता उनका अपमान, गर्भ में जिनका रूढ़िवादी सोच से,
कर दिया जाता बिन दुनिया देखे, भ्रूण का ही नाश।

ऐसी हैवानियत की इन्तहा से, हो रहा मानवता का है ह्रास।
विवेक कर रहा जनमानस से, एक ही गुहार,
बेटी ही मान, बेटी ही हमारा अभिमान,
फिर क्यूं हो रहा उनका अपमान, छू रही चोटी, उड़ रही आसमान।

बेटा संग बेटी कंधे से कंधा मिलाकर कर रही हर काम,
सृष्टि की रचनाकार, प्यार से परिवार को रखती बांध।
ऐसी बेटी का करें मान – सम्मान,
करें उनकी महिमा का बखान, उनका करें सदा गुणगान।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संदेश का कर उदबोधन,
होगा जगत का उद्धार, बेटी ही मान बेटी ही सम्मान।
बेटी पर है नाज, बेटी ही विश्वास।

♦ विवेक कुमार जी – जिला मुजफ्फरपुर, बिहार ♦

—————

• Conclusion •

  • “विवेक कुमार जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — बेटियां शक्ति, प्रेम, करुणा, ममता की वह चुलबुली चिड़िया सी चहकती, फूल सी महकती मुस्कुराती, राजकुमारी सबकी प्यारी लाड़ली – दुलारी, सबका सदैव ही ध्यान रखने वाली। ईश्वर द्वारा मानव जाती के लिए प्रदान की गई अनमोल शक्तिपुंज हैं। जो हर रूप में प्रिय और पालनहार है। बेटा संग बेटी कंधे से कंधा मिलाकर कर रही हर काम, सृष्टि की रचनाकार, प्यार से परिवार को रखती बांध। ऐसी बेटी का करें मान – सम्मान, करें उनकी महिमा का बखान, उनका करें सदा गुणगान।

—————

यह कविता (बेटी पर है नाज।) “विवेक कुमार जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मैं एक शिक्षक हूं। मुजफ्फरपुर जिला, बिहार राज्य का निवासी हूं। शिक्षा से शुरू से लगाव रहा है। लेखन मेरी Hobby है। इस Platform के माध्यम से सुधारात्मक संदेश दे पाऊं, यही अभिलाषा है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, विवेक कुमार जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author vivek kumar, betiyaan, daughters day poem in hindi, hemraj thakur poems, poem in hindi, poet hemraj thakur, poet vivek kumar, कवि‍ताएँ, बेटियां, बेटियां - हेमराज ठाकुर, बेटी की मुस्कान कविता, बेटी की मुस्कान पर शायरी, बेटी के जन्म पर शायरी, बेटी के लिए स्टेटस, बेटी के लिए स्टेटस इन हिंदी, बेटी पर कुछ सुंदर कविता, बेटी पर कुछ सुंदर लाइनों, बेटी पर कुछ सुंदर शायरी, बेटी पर मोटिवेशनल शायरी, विवेक कुमार की कविताएं, हेमराज ठाकुर जी की कविताये

गलियां गांव की।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ गलियां गांव की। ♦

आज न सखी महफूज रही,
अब देख ये गलियां गांव की।
अब मत करना आश कहीं तू,
घनी धूप में इनसे छांव की।

ये उगल रही है दारुण दंश निशी – दिन अब,
किसी का किसी पे रहा न आज भरोसा।
रही न नज़रें अब मां – बेटी को देखने वाली,
हर आंखों में आज बस गोश्त ही परोसा।

आज न जाने कब किस गली से?
निकल आए कोई हवस का प्यासा।
अपनी हिफाजत अब आप करो तुम,
मत बन जाना टी वी चैनल में तमाशा।

आज न है सिर्फ निशाचर से ही खतरे,
दिनचर ही झाड़ रहे हैं धूली निज पांव की।
साफगोई से झाड़ते हैं पल्ला फिर अपना,
महफूज कहां है अब गालियां गांव की?

घटना घट जाने के बाद है करते,
हंगामा फिर कानून के रखवाले।
रसूखदारों के चमकीले चांदी के जूते,
जड़ देते हैं इनके मुंह पर फिर ताले।

अब कहां बहती है वे पावन पवने?
गांव के छबीले सुंदर गलियारों में।
यहां महफूज नहीं बहू – बेटियां रही,
दिन के उजाले में न रात के अंधियारे में।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

• Conclusion •

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — अब क्या गांव ? क्या शहर ? कही भी बहू – बेटियां महफूज नहीं। कब किधर से निकल आए कोई हवस का प्यासा, कुछ नहीं खा जा सकता। इंसान के रूप में शैतान है अब यहां। जिस भी बहू – बेटी के साथ गलत होता है उनके दिलों – दिमाग पर नकारात्मक यादों के रूप में मन पटल पर लम्बे समय तक साया बनी रहती है। जो उनके दुखी करती रहती है। अब कहां बहती है वे पावन पवने? गांव के छबीले सुंदर गलियारों में।

—————

यह कविता (गलियां गांव की।) “हेमराज ठाकुर जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताये। Tagged With: author hemraj thakur, hemraj thakur poems, poem on village, poet hemraj thakur, streets of the village, गलियां गांव की, गांव की गलियां, गांव की सुंदरता पर कविता, गांव की सुंदरता पर शायरी, गाँव पर कविता कोश, हेमराज ठाकुर जी की कविताएं

गुरु हमारे।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ गुरु हमारे। ♦

शिक्षक के पर्याय गुरु पर, आज इस कलम को लिखना है।
पर सच मानों, एक आदर्श शिक्षक की से भी, हमें सीखना है॥

इस शब्द की महानता तो, आज तक तो कोई सुना न पाया।
बस इनके गुणों के आगे, सबने शीश झुकाया॥

जितने गुणों को समाहित किया, वो सब इन्होंने दिया जिंदगी में।
बहुत कुछ नायाब मिला, सिर्फ इनकी बन्दगी में॥

जब ये पत्थर को भी तराशने पर आये, तो हीरा बन जाये कोहिनूर।
इनके जब आदर्शों पर चल पाए, तो जिंदगी में आये एक सरूर॥

ये तो वटवृक्ष है, जो जीवन में आदर्शों की छाया दे जाए।
ये वो अथाह सागर है, जहाँ बस प्रीत के मोती पाए॥

ये तो सितारा उस बुलंदी का, जिस पर आसमाँ भी हर्षाये।
ये तो जीवन की हरियाली है, जिस पर ये धरा भी इतराये॥

ये वो जौहरी है, जो परख – परख कर, खोटे को भी खरा बना जाए।
ये है वो कलाकार जो, पत्थर को भी तराश भगवान ले आये॥

कितनी ही उपाधियों से नवाजू इनको, ये भी नतमस्तक होती है इनके आगें।
जो एक सच्चे शिक्षक की उँगली भी थामे, उसके तो भाग्य जागें॥

मैं कौन हूँ, क्या हस्ती मेरी, सिर्फ इनके सजदे में ही शीश झुकाना।
इनके गुणों की रोशनी में, रहकर बस इस जिंदगी को जगमगाना है॥

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — कहते है की एक सच्चा शिक्षक जब अपने छात्र को तराशने पर आये तो पत्थर से हीरा बन जाये कोहिनूर। इस शब्द की महानता इतनी है की आज तक तो कोई सुना न पाया। बस इनके गुणों के आगे, सबने शीश झुकाया। ये तो वह वटवृक्ष है, जो जीवन में आदर्शों की छाया दे जाए। ये वो अथाह सागर है, जहाँ बस प्रीत ही प्रीत के मोती पाए सभी ने सदैव।

—————

यह कविता (गुरु हमारे।) “श्रीमती सुशीला देवी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sushila devi, hindi poem, poem in hindi, Poem on Teacher in Hindi, poem on World Teacher's Day, Poems on Teachers in Hindi, poet sushila devi, short kavita in hindi, sushila devi poems, Teachers Day Poem in Hindi, World Teacher's Day, world teachers day poem in hindi, विश्व शिक्षक दिवस पर कविता हिंदी मे, शिक्षक दिवस पर कविता, शिक्षक दिवस पर कविताएँ, शिक्षक पर कविता, सुशीला देवी जी की कविताएं

मनुष्य की चाह।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मनुष्य की चाह। ♦

कार्य कितना भी कठिन हो,
मनुष्य जो चाह दे।
पथ पर पड़े कांटे जटिल,
क्षण भर में ढाह दे।

दुनिया दागी – गमगीन,
जिंदा दिलवर ला दे।
है कौन इन्सा जहां में,
मोहब्बत की गीत सुना दे।

दिल पर पत्थर रख बैठा जहां,
माहौल खुशनुमा बना दे।
शहर आईना निहार बैठा,
कोई तो चिराग जला दे।

शांति वीरान हुए जुल्म बहुत,
यारी पक्की करा दे।
सूख गई स्याह गुलशन की,
महफिल का रंग जमा दे।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — कोई भी कार्य कितना भी कठिन क्यों न हो, जब इंसान सच्चे मन से उस कार्य को करना चाहे तो, वह कार्य आसान हो जाता है। बस जरूरत है सच्चे मन से दृढ़ता के साथ उस कार्य की शुरुआत कर पूर्ण करने की।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (मनुष्य की चाह।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है:kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, kavita in hindi, Motivational Poems in Hindi, poem in hindi, poem in hindi on life, poem on desire, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, अच्छी कविताएं हिंदी में, कविताएँ हिंदी में, छोटी सी कविता हिंदी में, मनुष्य की चाह, वर्तमान हिंदी कवि, सुखमंगल सिंह की कविताएं, सुखमंगल सिंह जी की कविताएं, हिंदी की श्रेष्ठ कविताएं

हो गए जुदा हम मिलने से पहले।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ हो गए जुदा हम मिलने से पहले। ♦

ढह गये उम्मीदों के स्तंभ,
छत बनने से पहले,
हो गये जुदा हम मिलने से पहले।

रह गई तड़पती, ए रूह जिंदगानी,
हुईं ना मुक्कमल जुबां की रुहानी।
बूझ गये दीये तमाम, जलने से पहले,
हो गये जुदा हम, मिलने से पहले।

ख़्वाहिश थी दिल की दीदार-ए-स़नम की,
रह गई अधूरी मेरे बात मन की।
मुरझा गये फूल, खिलने से पहले,
हो गये जुदा हम, मिलने से पहले।

एक रोज आंधी चली इस क़दर की,
बिखरे ये अरमां हुए दर बदर की।
सात टूटे वचन साथ चलने से पहले,
हो गये जुदा हम, मिलने से पहले।

ना उससे शिकायत ना मुझमे कमी थी,
दोनों के आंखों में ऐसी नमी थी।
बने थे एक दूजे के एक होने से पहले,
पर हो गये जुदा हम, मिलने से पहले।

♦ अमित प्रेमशंकर जी — एदला-सिमरिया, जिला–चतरा, झारखण्ड ♦

—————

Conclusion

  • “अमित प्रेमशंकर“ जी ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से समझाने की कोशिश की है — जब भी इंसान किसी से बेहद प्यार करते, जो दिल के बहुत करीब होते है और वो अपना बनने वाला होता है, लेकिन अपना बनने से पहले ही हमसे दूर चला जाता है उस समय मन की क्या परिस्थिति, मन में क्या उथल – पुथल चलता है, इसका बहुत सटीक वर्णन किया है।

—————

यह कविता (हो गए जुदा हम मिलने से पहले।) “अमित प्रेमशंकर जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। आपकी ज्यादातर कविताएं युवा पीढ़ी को जागृत करने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

नाम: अमित प्रेमशंकर
पता: एदला – सिमरिया
जिला: चतरा (झारखण्ड)
सम्प्रति: कवि, गीतकार व ढोलक वादक।

प्रकाशित पुस्तकें: आत्म सृजन, काव्य श्री, एक नई मधुशाला १, एक नई मधुशाला २, भावों के मोती, व अक्षर पुरूष।
प्रकाशित रचनाएं: देश के अलग-अलग पत्र पत्रिकाओं मे लगभग दो सौ रचनाएं प्रकाशित व समय समय पर सामाचार पत्रों के माध्यम से पत्राचार।
विशेष: “सीता माता सी कोई नहीं” तथा “आज राम जी आएंगे” महाराष्ट्र के वरिष्ठ साहित्यकार श्री ओ. सी. पटले द्वारा पोवारी भाषा में अनुवाद।

प्राप्त सम्मान: काव्य श्री साहित्य सम्मान, आत्म सृजन साहित्य सम्मान, सरदार भगतसिंह साहित्य सम्मान, सुमित्रानंदन पंत कृति सम्मान, साहित्य कर्नल सम्मान, रैदास साहित्य सम्मान, द फेस ऑफ इंडिया सम्मान, दिल्ली युथ डेवलपमेंट से सम्मानित।
प्रकाशनार्थ: मन की धारा

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, अमित प्रेमशंकर जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: 4 line heart touching shayari in hindi, amit premshanker poems, author amit premshanker, heart touching lines for love in hindi, heart touching shayari hindi, love poem in hindi for girlfriend, poem on breakup in hindi, poem on true love in hindi, poet amit premshanker, prem par kavita in hindi, sad love poetry in hindi, sad shayari in hindi, short poem for girlfriend in hindi, very heart touching sad shayari in hindi, अमित प्रेमशंकर जी की कविताएं, प्रेम का अहसास कविता, प्रेम मिलन कविता

शांति संदेश देता।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ शांति संदेश देता। ♦

संस्कृति – संस्कारों में समाज पलता,
विश्व बंधुत्व भावना लिए चल दिया।
प्रेम और सद्भाव परोसते चल दिया,
शांति का संदेश देते हुए चल दिया।

हो न दुख ना हो कहीं चिंता जिससे,
भय से दूर निश्चिंत होकर चल दिया।
सुख – शांति की धारा लिए हुए चलें,
अर्थ गर्वित शब्द और समभाव पाले।

ना कहीं हो युद्ध, ना हो कोलाहल यहां,
मनसरोवर के गीत गाता चल दिया।
धर्म के मंथन में मिलती रहती शांति,
कारवां खोजता फिरता और स्थान।

नष्ट करता चल दिया मन का कलुष्य,
वाणी में मधु पुष्प खिलाते चल दिया।
आंसुओं में, मुस्कराहट देते निकला,
भावना के प्रकाश फैलाते चल दिया।

लोगों में आपसी लड़ाई न चले मंगल,
त्याग की तलवार से काट कर दिया।
श्रेष्ठ नागरिकता की भावना थी प्रबल,
व्यापक लोकहित सोचते चल दिया।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

— Conclusion —

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से इस कविता में समझाने की कोशिश की है — भारत देश सदैव से ही सभी के लिए अपने दिल में विश्व बंधुत्व की भावना, प्रेम और सद्भाव के साथ शांति का संदेश देता आया है। युद्ध की भावना कभी भी नही होती हमारे दिलों में सदैव ही मात्र प्रेम और सद्भाव बाटा है क्योकि पुरे विश्व को हम अपना परिवार मानते है। कोई भी आपस में ना लड़े यही सन्देश हम देते है पूरी दुनिया को। त्याग, प्रेम और करुणा से सभी के दिलों में हम अपनी जगह बनाते है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (शांति संदेश देता।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें / लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

ज़रूर पढ़ें — प्रातः उठ हरि हर को भज।

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ®———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है:kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, शांति संदेश देता।, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author sukhmangal singh, kavita in hindi, poem in hindi, poem on peace in hindi, poem on shanti in hindi, poet sukhmangal singh, sukhmangal singh poems, मन की शांति कोट्स इन हिंदी, मन की शांति शायरी, विश्व बंधुत्व की भावना पर कविता, शांति कोट्स इन हिंदी, शांति पर अनमोल विचार, शांति पर सुविचार, शांति संदेश देता, शांति संदेश पर कविता, शांति स्टेटस हिंदी, सद्भावना कोट्स

स्त्री प्रकृति है।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ स्त्री प्रकृति है। ♦

स्त्री प्रकृति है,
प्रकृति कभी किसी की,
गुलाम नहीं होती।
हां वह अवश्य ढोती है,
जरूरत से ज्यादा बोझ।

क्योंकि प्रकृति सृजनकर्ता है।
ऊर्जा का नया संचार,
वह स्वर्ण से आच्छादित है।
ठीक इसी तरह…
स्त्री को भी कभी गुलाम नहीं,
बनाया जा सकता है।

हां कुछ समय के लिए,
वह सहन करती है।
हर उस उभरते विचार को,
जो उसके खिलाफ है।
दफन कर लेती है,
सीने में उस आग को।

जो उसके अस्तित्व में,
लगाई जा रही है।
लेकिन
आवश्यकता से अधिक,
दोहन भर देता है उसमें आक्रोश।

उठता है ज्वालामुखी और
आता है प्रलय।
प्रकृति कुछ इस तरह,
प्रतिशोध लेती है अपने दोहन का।

♦ कविता पाल जी – नई दिल्ली ♦

—————

  • “कविता पाल जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों का प्रयोग करते हुए उदाहरण के माध्यम से समझाने की कोशिश की हैं — स्त्री (नारी) और प्रकृति अनंत ऊर्जा से संपन्न है। स्त्री की गोद में उत्थान और पालन होता है नई पीढ़ी का। माना की वह बहुत सहनशील है, लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल भी नही है की वो कमजोर है। वो जननी है, पालनहार है, उसकी सहनशीलता की परीक्षा ना ले। वह सहन करती है, हर उस उभरते विचार को जो उसके खिलाफ है। दफन कर लेती है, सीने में उस आग को, जो उसके अस्तित्व में लगाई जा रही है। लेकिन आवश्यकता से अधिक दोहन भर देता है उसमें आक्रोश।

—————

यह कविता (स्त्री प्रकृति है।) ” कविता पाल जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/गीत/दोहे/लेख सरल शब्दों में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी दोहे/कविताओं और लेख से आने वाली नई पीढ़ी और जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए, माता रानी की कृपा से।

नाम : कविता पाल
शिक्षा : पुस्तकालय विज्ञान में D.LIS, B.LIS, और M.LIS
PG Diploma in YOGA.

शौक : अध्यापन, लेखन, समाज सेवा द्वारा महिलाओं की स्थिति में जागरूकता लाना।

— अपने बारे में कुछ शब्द साहित्यिक गतिविधियां काव्य लेखन, गद्य लेखन एवं फेसबुक के विभिन्न साहित्यिक समूहों में सक्रिय सहभागिता रहती है अतः सक्रिय लेखक सम्मान एवं पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
— मेरे द्वारा फेसबुक पर अनमोल अल्फाज नामक पेज का संचालन भी किया जाता है। जिसका एकमात्र उद्देश्य समाज में मेरी कविताओं द्वारा महिलाओं एवं अन्य क्षेत्र में जागरूकता का कार्य करना है।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ Share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ID है: kmsraj51@hotmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, कविता पाल जी की कविताएं।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: author kavita pal, Hindi poem on shiksha ka adhikar, kavita pal poems, Poem On Education In Hindi, poet kavita pal, Read Hindi poem, आधुनिक युग की नारी पर कविता, कविता पाल जी की कविताएं, कवि‍ताएँ, नारी और प्रकृति पर कविता हिंदी में, नारी के सम्मान में कविता, नारी के सम्मान में दोहे, नारी के सम्मान में शायरी, नारी पर कविता हिंदी में, नारी सम्मान पर कविता, महिलाओं के सम्मान में कविता, महिलाओं के सम्मान में शायरी, मैं नारी हूँ कविता

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।
  • आखिर क्यों।
  • समय।
  • काले बादल।
  • सुबह का संदेश।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

मोह।

अपना धर्म सबसे उत्तम।

ठंडी व्यार।

रिश्तों को निभाना सीखो।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.