• Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • HOME
  • ABOUT
    • Authors Intro
  • QUOTES
  • POETRY
    • ग़ज़ल व शायरी
  • STORIES
  • निबंध व जीवनी
  • Health Tips
  • CAREER DEVELOPMENT
  • EXAM TIPS
  • योग व ध्यान
  • Privacy Policy
  • CONTACT US
  • Disclaimer

KMSRAJ51-Always Positive Thinker

“तू ना हो निराश कभी मन से” – (KMSRAJ51, KMSRAJ, KMS)

Check out Namecheap’s best Promotions!

You are here: Home / Archives for हिंदी कविता

हिंदी कविता

सरहदी बाशिंदे।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सरहदी बाशिंदे। ♦

मांएं रोती खून के आंसू,
बाप बेचारे बिलखाते हैं।
जब नन्हे – नन्हे बच्चे उनके,
मस्तक पर गोली खाते हैं।

घरों के उड़ते तब परखच्चे से उनके,
जब पाकिस्तानी बेवजह गोली चलाते हैं।
त्राहि-त्राहि कर छोड़ते आंगन द्वार सब,
यहां कई सैनिक भी शहीद हो जाते हैं।

सरहदी बाशिंदों की देखी वो पीड़ा मैंने,
टी वी चैनल हमें जो भी जैसा दिखाते हैं।
मौत तो आएगी जब आएगी तब ओ प्रभु!
वे इस पीड़ा में क्षण – क्षण मरते जाते हैं।

दो मुल्कों की आपसी तनातनी में,
ये दिन – रात अपना सुख चैन गवाते हैं।
कभी तवे की रहती तवे पर धरी की धरी,
चूल्हे में डाली चूल्हे में ही छोड़ जाते हैं।

बस सीज फायर का उल्लंघन करते ही उनके,
ये दौड़ – भाग कर मुश्किल से जान बचाते हैं।
इनकी तमाम उम्र का सिलसिला बस यही है,
ये दहशत में जीते हैं और दहशत में मर जाते हैं।

दोनों मुल्कों में हालात बराबर यही है,
क्योंकि हम भी जबावी गोली चलाते हैं।
गोली तो गोली ही होती है बेरहम, निर्दय,
लग जाती है, जो उसके सामने आते हैं।

वह देखो बरसी फिर से है गोली,
मोर्टार, गजब जोर के धमाके हैं।
वे सरहदी बाशिंदे दौडे – भागे,
वे जवान ही शहीद हो जाते हैं।

तिरंगे की लेकर ओट ये बांकुरे,
देश पर कुर्बानी अपनी चढ़ाते हैं।
दे कर आंसू तब हमारी आंखों में,
वे हममें राष्ट्रप्रेम पुनः जगाते हैं।

भूली तब उन्होंने जावानी भी अपनी,
सब भूला दिये रिश्ते और नाते हैं।
सरहदी सीमाओं की रक्षा करते करते,
उनको बस अपने फर्ज ही याद आते हैं।

धन्य – धन्य ओ जननी! कोख है तेरी,
जिसने ऐसे अद्भुत अदम्य वीर जनाए हैं।
उन्होंने दागी गोली कि आतंक फैलाएं,
इन्होंने छाती पर ही वार सब खाए हैं।

बच्चों को छोड़ते रोते बिलखते,
देशभक्ति की कसम जो खाई है।
मां – बाप रुलाए खून के आंसू,
सधवाएं विधवाएं क्षण में बनाई हैं।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – सरहद पर बसने वाले “सरहदी बाशिंदे” पर जब-जब सीज फायर का उल्लंघन करते ही उनके, ये (देश के वीर जवान) दौड़ – भागकर मुश्किल से जान बचाते हैं। दो मुल्कों की आपसी तनातनी में ये दिन-रात अपना सुख चैन गवाते हैं। वह देखो बरसी फिर से है गोली, मोर्टार, गजब जोर के धमाके हैं। वे सरहदी बाशिंदे दौडे – भागे, वे जवान ही शहीद हो जाते हैं। तिरंगे की लेकर ओट ये बांकुरे, देश पर कुर्बानी अपनी चढ़ाते हैं। देकर आंसू तब हमारी आंखों में, वे हममें राष्ट्रप्रेम पुनः जगाते हैं।

—————

यह कविता (सरहदी बाशिंदे। ) “हेमराज ठाकुर जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताये। Tagged With: hemraj thakur, indian army poem in hindi, poem on soldiers sacrifice in hindi, poet hemraj thakur, soldier poem in hindi, फौजी पर कविता, भारतीय सेना पर कविता, भारतीय सैनिक पर कविता, भारतीय सैनिकों की बहादुरी पर कविता, वीर जवानों पर कविता, शहीद सैनिक पर कविता, सरहदी बाशिंदे।, सैनिक पर कविता इन हिंदी, हेमराज ठाकुर जी की कविताये

जगत जननी का परित्याग।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जगत जननी का परित्याग। ♦

पता क्या जगत जननी सीता को,
फिर जंगल में जाना होगा।
घनी पश्चिम की पहाड़ी के जंगल में,
जीवन उन्हें बिताना होगा।

श्रीराम के निर्मल देह पर,
मृग – चर्म जूट जटाएं फाहरेंगी।
हवन चंदन गंध व दहकते,
गुगल से ऋचाएं होंगी।

रथ साथ सारथी पुत्रवत लखन,
घने जंगल में छोड़ेंगे।
जिसने अपने जीवन में,
सीता के मुख नहीं देखे होंगे।

पर विधाता का लिखा लिखनी,
कौन मिटा सकता है यहां।
वहीं विश्व विख्यात विधाता,
सीता को जंगल पहुंचा सकता जहां।

धैर्य – धर्म की मूर्ति मई कल्याणी तुम,
खंडित व्यक्तित्व लिए विलख रही।
सच कहूं प्रिय! मेरी सीते!
मैं राम तत्वों का आदर्श लिए थक रहा।

विवश हूं प्रजा की बात पर,
धर्म की मर्यादा और राज पाठ पर।
स्वयं दंड दूंगा मैं अपने आप को,
धर्म की धात्री तुम अयोध्या राज की।

लोका पवाद में घिरा अवध की,
शाम मंत्रणा राज लखन से बोले राम।
राजा का राज्य पर निष्ठा निर्विवाद,
विधि के विधान पर किसका अधिकार।

संकल्पों का विकल्प नहीं होता,
वैराग्य धर्म बन वासी मेरी नियति।
विकल्प केवल सीता का परित्याग,
प्रिये मेरी अभिन्न अंग हो, ना होना खिन्न।

मेरी निर्णय को कहना ना तू कठोर,
सीता कल निर्वासन का है भोर।
अभिषेक करेगी तेरी वन्य भोर,
संदेशवाहक दिल से निकलेगा चोर।

रथारूढ़ जाना गंगा तट पर लेकिन,
उद्घाटित अभी करना ना भेद गूढ़।
लक्ष्मण राम के मंत्रणा परिपूर्ण,
आरण्य निकट सीते को छोड़ना तुम।

देना धो आंचल का उभरा कालुष्य,
रूधने लगा कहते कंठ राम।
बिकट लगा उस संध्या का गुंजा शूल,
कर प्रणाम अस्ताचल ढल गया सूर्य।

छलक उठे लक्ष्मण के भरे नैन,
थरथर कांप उठा धरती का स्वर्ग मौन।
देख रहा मौन रहकर राजमहल,
धार सरयू की हुई स्तब्ध अंतर्मन।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – जगत जननी माता सीता जी का परित्याग, करते समय श्री राम जी के मनःस्थिति का खूबसूरत वर्णन किया है। माता सीता जी से श्री राम जी कहते है “धैर्य – धर्म की मूर्ति मई कल्याणी तुम खंडित व्यक्तित्व लिए विलख रही। सच कहूं प्रिय! मेरी सीते! मैं राम तत्वों का आदर्श लिए थक रहा। विवश हूं प्रजा की बात पर धर्म की मर्यादा और राज पाठ पर। स्वयं दंड दूंगा मैं अपने आप को धर्म की धात्री तुम अयोध्या राज की।”

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (जगत जननी का परित्याग।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: ayodhya par kavita, baccho ki hindi kavita, best short kavita in hindi, Hindi Kavita, hindi poem, hindi poetry, Hindi Shayari, Kavita -sati Seeta ki vyatha, lord hanuman, poem on lord hanuman in hindi, poem on ram in hindi, Poem on Sita Mata in Hindi, Seeta, Sita, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poetry, कविता -सती सीता की व्यथा, जगत जननी का परित्याग, जगत जननी माता सीता, जगत जननी माता सीता के परित्याग पर कविता, माता सीता के परित्याग पर कविता, माता सीता पर कविता, सीता माता, सीता-वनवास, सीता-वनवास - सुख मंगल सिंह, सुख मंगल सिंह की कविताये, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिंदी काव्य

अनमोल बूँद।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ अनमोल बूँद। ♦

समुन्द्र की एक सीप से पूछों,
एक बूँद, कितनी अनमोल।
जो स्वाति नक्षत्र में गिरें तो,
बने सच्चा मोती, बिन मोल।

एक बूँद की कीमत चातक जानें,
स्वाति नक्षत्र की बूंद से प्यास बुझाए।
गर न मिलें, उचित समय तो,
पूरा वर्ष प्यासा रह जायें।

जब बरसे मेघा,
मयूर नृत्य करें, संग संग रोयें।
उसकी नेत्र-जल की बूंदों को पी,
मयूरी अपने विरह को धोयें।

जल जीवनदायीं,
क्यूँ व्यर्थ इसे बहायें।
बूँद बून्द सहेज लें, नीर की,
जो जीवन – अमृत कहलायें।

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – सीप में स्वाति नक्षत्र में गिरें बूँद तो, बने सच्चा मोती, जो होता है अनमोल। इस एक बूँद की कीमत चातक जानें, स्वाति नक्षत्र की बूंद से प्यास बुझाए। गर न मिलें, उचित समय तो, पूरा वर्ष प्यासा रह जायें। प्रकृति का मनोरम दृश्य मयूर का यु मनमोहक नृत्य।

—————

यह कविता (अनमोल बूँद।) “श्रीमती सुशीला देवी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: kavita in hindi, Poems In Hindi, poetry in hindi, precious drop, short kavita in hindi, short poetry in hindi, अनमोल बूँद, सुशीला देवी जी की कविताये

त्रिभाग पर भरोसा करूं।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ त्रिभाग पर भरोसा करूं। ♦

बंट चुका त्रिभाग में
किससे कहूं।
हो गया अवसाद माना
कैसे लिखूं।

हृदय शरीर दिमाग जाना
क्या कहूं।
पहले शरीर से अलग
किससे कहूं।

शरीर से अलग है हृदय
अलग दिखा दिमाग,
कहां पलूं।
देती शरीर जवाब
कैसे चलूं।

खुश रहता हूं फिर भी,
ब्रह्मा विष्णु महेश में,
यादों से कहता।

जैसे चलाएं।
चलता चलूं।
मचलता चलूं।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – कौन हूँ मैं, शरीर, हृदय, या दिमाग। कौन शरीर से अलग है, भगवान चलाते जैसे चलाएं, चलता चलूं, मचलता चलूं। आत्मा, शरीर, हृदय, व दिमाग के बीच तालमेल।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (त्रिभाग पर भरोसा करूं।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best hindi poetry lines, best short kavita in hindi, hindi poems by sukhmangal singh, hindi poems on life values, hindi poems on social media, kavi sukhmangal singh, kavita, kavita in hindi, Motivational Poems in Hindi, Poems In Hindi, poems on social media, poetry by sukhmangal singh, poetry in hindi, self motivation poem hindi, short poetry in hindi, soshal meediya - bhaarat, soul body mind, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, sukhmangal singh poetry, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

सोशल मीडिया – भारत।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सोशल मीडिया – भारत। ♦

भारत पहले सबको मिलकर समझाता है।
सभ्यता और संस्कृत का उसको ज्ञान कराता है।
भारत की संस्कृति में यही कहा जाता है,
सबको यह पहले बहुत खूब समझाता है।

मनमानी करने वालों को ज्ञान पहले बताता है।
नियम और कानून का ध्यान उसको कराता है।
त्याग और तपस्या का भी पाठ उसे पढ़ाता है।
अहिंसा और शांति का संदेश उसको सिखाता है।

पुरुषोत्तम का देश है भारत उनका मान दिखाता है।
सूर्पनखा रावण की बहना उसको भी समझाता है।
श्रीराम द्वारा लक्ष्मण की तरफ ध्यान दिया जाता है।
इधर उधर जाकर भी जब नहीं मानती शूर्पणखा है।

अंत कोप भाजन से नाक अपनी कटवा दी है।
जबकि श्रीराम द्वारा उसको समझाया जाता है।
एक कथा और सुनाने का मन कर जाता है।
बालकृष्ण के पास कंस की बहन को भेजा जाता है।

उसका भी अंत श्री कृष्ण द्वारा किया जाता है।
कहने का तात्पर्य ही है जो भारत में आया है,
भारत के बने कानून का पालन उसको करना है।
मनमानी इस देश में कहीं नहीं चलने वाला है।
एक समय तक ही उसको छूट दिया जाता है।

इसलिए नियम कानून के अंदर काम करने हैं।
शांति और विश्व बंधुत्व से यहां पर आने हैं।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – यह आर्यावर्त – हमारा भारत देश है, हम सभी का दिल से सम्मान करते है यहाँ। लेकिन यहाँ पर रहना है तो – भारत के बने कानून का पालन उसको करना है। मनमानी इस देश में कहीं नहीं चलने वाला है, एक समय तक ही उसको छूट दिया जाता है। इसलिए नियम कानून के अंदर काम करने हैं। शांति और विश्व बंधुत्व से यहां पर आने हैं।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (सोशल मीडिया – भारत।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best hindi poetry lines, best short kavita in hindi, hindi poems by sukhmangal singh, hindi poems on life values, hindi poems on social media, kavi sukhmangal singh, kavita, kavita in hindi, Motivational Poems in Hindi, Poems In Hindi, poems on social media, poetry by sukhmangal singh, poetry in hindi, self motivation poem hindi, short poetry in hindi, soshal meediya - bhaarat, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, sukhmangal singh poetry, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, सोशल मीडिया - भारत, सोशल मीडिया और बदलता हुआ भारतीय परिवेश, सोशल मीडिया का किशोरावस्था पर प्रभाव, सोशल मीडिया का बच्चों पर प्रभाव, सोशल मीडिया का युवा पर प्रभाव, सोशल मीडिया का विद्यार्थियों पर प्रभाव, सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव, सोशल मीडिया में हिंदी का प्रभाव

मैं धीर भरी सुख की बदली।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ मैं धीर भरी सुख की बदली। ♦

मैं धीर भरी सुख की बदली।
बदली दुनिया मैं भी बदली।

हो पीर भले चाहे जितनी।
जीना अब मैंने सीख लिया।
जो शूल बिछे पथ में मेरे,
वो शूल हटाना सीख लिया।

कंटक पथ पर, उर साहस भर।
मासूम कली मैं चल निकली।
मैं धीर भरी सुख ………
बदली दुनिया मैं ………

नैनों से चाहे नीर बहे।
हिय से अनुराग बहाती हूँ।
यूँ ही नहीं मैं इस सृष्टि की,
अनुपम रचना कहलाती हूँ।

असुरों का वध करने को अब,
खुद आयुध लेकर चल निकली।
मैं धीर भरी सुख ……..
बदली दुनिया मैं ……..

नीरव नीरस गृह को मैं ही,
मधुर सुरों से भर देती हूँ।
निर्जीव खड़ी दीवारों की,
जड़ता सारी हर लेती हूँ।

कण – कण घर का महके ऐसे,
मानो सुवासित बयार चली।
मैं धीर भरी सुख ……..
बदली दुनिया मैं ………

केवल भीतों के आयत से,
होता है निर्मित सदन नहीं।
गृहलक्ष्मी बन कर आ जाऊँ।
बस जाता है फिर भवन वहीं।

मंगल गायन उत्सव पूजा,
लगती हैं सको बहुत भली।
मैं धीर भरी सुख की ……..
बदली दुनिया मैं ………..

हो जाऊँ मैं पल भर ओझल।
अनुपस्थिति मेरी बहुत खले।
दृष्टि पड़े जब भी मुझ पर तो,
मुख पर सबके मुस्कान खिले।

केवल मेरे होने से ही।
सूरत सबकी है खिली – खिली।
मैं धीर भरी सुख की बदली।
दुनिया बदली मैं भी बदली।

औरों की गलती पर मैंने,
अब नीर बहाना छोड़ दिया।
नभ तक परचम फहराया है।
धारा का रुख़ ही मोड़ दिया।

निज सक्षमता के बल पर ही,
लाचारी पीछे छोड़ चली।
मैं धीर भरी सुख की बदली।
दुनिया बदली मैं भी बदली।

♦ वेदस्मृति ‘कृती’ जी – पुणे, महाराष्ट्र ♦

—————

  • “वेदस्मृति ‘कृती’ जी“ ने, बिलकुल ही सरल शब्दों में समझाने की कोशिश की हैं – “नारी तू नारायणी” एक नारी से ही घर का रौनक है, वही है जो हरेक हालात, में घर को व घर के सभी सदस्यों का देखभाल करती हैं। “नीरव नीरस गृह को मैं ही मधुर सुरों से भर देती हूँ, निर्जीव खड़ी दीवारों की जड़ता सारी हर लेती हूँ। हो जाऊँ मैं पल भर ओझल, अनुपस्थिति मेरी बहुत खले, दृष्टि पड़े जब भी मुझ पर तो, मुख पर सबके मुस्कान खिले।”

—————

यह कविता (मैं धीर भरी सुख की बदली।) ” वेदस्मृति ‘कृती’ जी “ की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूँ ही चलती रहे जनमानस के कल्याण के लिए।

साहित्यिक नाम : वेदस्मृति ‘कृती’
शिक्षा : एम. ए. ( अँग्रेजी साहित्य )
बी.एड. ( फ़िज़िकल )
आई आई टी . शिक्षिका ( प्राइवेट कोचिंग क्लासेज़)
लेखिका, कहानीकार, कवियित्री, समीक्षक, ( सभी विधाओं में लेखन ) अनुवादक. समाज सेविका।

अध्यक्ष : “सिद्धि एक उम्मीद महिला साहित्यिक समूह”
प्रदेश अध्यक्ष : अखिल भारतीय साहित्य सदन ( महाराष्ट्र इकाई )
राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान बिहार प्रान्त की महिला प्रकोष्ठ,
श्री संस्था चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रदेश प्रतिनिधि ( महाराष्ट्र )
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद में – सह संगठन मंत्री, मुंबई ज़िला, महाराष्ट्र
हिन्दी और अँग्रेजी दोनों विधाओं में स्वतंत्र लेखन।

अनेक प्रतिष्ठित हिन्दी/अँग्रेजी पत्र – पत्रिकाओं में नियमित रचनाएँ प्रकाशित।

—————

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: Best Hindi Blog for Motivational Articles, best poem in hindi, best short kavita in hindi, Hindi Kavita, hindi poetry, Hindi Shayari, inspirational stories, Inspiring Poems, poems on nari in hindi, poetry by VedSmriti 'Kriti', small poem about dreams, Vedsmriti - Kritee, आज की नारी पर कविता, आज की नारी पर निबंध, वेदस्मृति ‘कृती’ जी की कविताये, सशक्त महिला पर कविता, स्त्री जीवनावर कविता, स्त्री पर कविता

माँ।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ माँ। ♦

माँ अपने बच्चों को अपने,
आँचल में छिपा ले इस कदर।

काला टीका भी लगाती है,
कहीं लग न जाये नज़र।

माँ का जब बालक रोता है,
तब माँ का दिल भी रोता है।

इतना विशाल ह्रदय दिया है,
मालिक ने माँ को।

खुद अपने मुख से जो चाहे कह दे,
पर कुछ न कहने दे जहाँ को।

कुछ भरे ऐसे प्यार भरे मोती,
खुदा ने इसकी सीरत में।

जिनका स्वाद होता ऐसा,
जैसा अमृत में।

माँ जैसा इस जहां में कोई,
नही मिलेगा कभी तुम्हें।

देव भी इच्छा रखते है,
माँ के आँचल की पनाह पाने की।

मत भूलों माँ के वंदन को,
शक्ति रखती है, ये इतनी,
हर भूल माफ़ कर दे ज़माने की।

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – माँ के गुणों को, प्यार को, निस्वार्थ स्नेह को, कैसी भी विपरीत हालात हो, माँ ने तुम्हारा ख्याल रखा है। माँ का प्यार ऐसा है की माँ की आँचल के लिए देवी – देवता भी तरसते हैं। इसलिए सदैव ही माँ के सेवा व आदर सम्मान और वंदन करो। माँ का प्यार उनसे पूछो जिनके माँ नही है।

—————

यह कविता (माँ।) “श्रीमती सुशीला देवी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: कविता माँ की ममता पर शायरी, माँ की गोद शायरी, माँ की तारीफ में शायरी, माँ की ममता पर लेख, माँ पर कविता और शायरी, माँ पर कविता हिंदी में, माँ पर कुछ लाइन्स, माँ पर शायरी हिंदी में, सुशीला देवी जी की कविताये

श्री कृष्ण द्वारा वसुदेव को ब्रह्म ज्ञान।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ श्री कृष्ण द्वारा वसुदेव को ब्रह्म ज्ञान। ♦

श्री कृष्ण बलराम जी वसुदेव जी को,
प्रातः दोनों आकर किया प्रणाम।
दोनों भाइयों का उन्होंने किया अभिनंदन,
ऋषियों के श्री मुख से सुना था जैसा वंदन।

हृदय से वसुदेव जी करने लगे दोनों से आलिंगन,
सच्चिदानंद स्वरूप का होने लगा उन्हें दर्शन।
वसुदेव बोले सच्चिदानंद स्वरूप श्री कृष्ण,
और मेरे महायोगेश्वर संकर्षण।

तुम दोनों ही जगत के हो प्रधान,
पुरुष के भी नियामक परमेश्वर।
तुम ही इस मायावी जगत के आधार हो,
तुम ही निर्माता और निर्माण सामग्री हो।

तुम दोनों जगत के स्वामी हो।
सब कुछ धारक तुम ही हो।
तुम भोग्य और भोक्ता से परे।
साक्षात भगवान तुम ही हो।

जगत की वस्तुओं के सृष्टिकर्ता,
पालन पोषण करता तुम ही हो।
विनाश वान सभी पदार्थों में तुम,
कारण रूप अविनाशी तत्व हो।

हो रहस्य ज्ञान योग माया का,
तुम्हारी कीर्ति गान लोग करते हैं।
भजन सुनकर श्री वासुदेव जी के,
भक्तवत्सल कृष्ण मुस्कुराने लगे।

विनय पूर्वक झुककर पिताजी को,
सु-मधुर वाणी में सुनाने लगे।

हम तो आपके पुत्र ही हैं पिता जी।
हमें लक्ष्य कर आपने ब्रह्म ज्ञान का,
उपदेश आप ही हमें सुनाने लगे।
मैं हूं! वही! सब आप ही बताने लगे।

जैसे छिति जल पावक गगन समीरा,
एक होते हुए अलग-अलग कहलाने लगे।
पंचमहाभूत अप्रकट – प्रकट होकर,
बड़े छोटे अधिक थोड़े दिखने लगे।

वैसे ही मैं! और बलराम जी भी,
भेद से ही दो पहचाने जाने लगे।

धरा पर जन्म – मृत्यु चक्कर रूप,
भटकते हुए जीव निमित्त आने लगे।
हम दोनों अन्याय के खिलाफ अपना,
आकर यहां शस्त्र उठाने लगे।

शरणागत उनके संसार भय को मिटाने लगे,
इस धरा को भार से मुक्ति दिलाने लगे।
मंगल प्रभु के श्री – चरण में जाने लगा,
अमृत तत्व सुख सागर सबको सुनाने लगा।

♦ सुखमंगल सिंह जी – अवध निवासी ♦

—————

  • “सुखमंगल सिंह जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – श्री कृष्ण और वासुदेव जी के मिलन और संवाद का सुर मधुर वर्णन किया है। जहाँ एक तरफ पिता – पुत्र पर प्रेम वात्सल्य बर्षा रहा है तो, वहीं दूसरी तरफ श्री कृष्ण जी, वासुदेव जी को ब्रह्म ज्ञान दे रहे है। इस मधुर मिलन के साक्षी बलराम जी है।

—————

sukhmangal-singh-ji-kmsraj51.png

यह कविता (श्री कृष्ण द्वारा वसुदेव को ब्रह्म ज्ञान।) “सुखमंगल सिंह जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी कविताओं और लेख से आने वाली पीढ़ी के दिलो दिमाग में हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम बना रहेगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे, बाबा विश्वनाथ की कृपा से।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best hindi poetry lines, best short kavita in hindi, hindi poems by sukhmangal singh, hindi poems on life values, kavi sukhmangal singh, kavita, kavita in hindi, Motivational Poems in Hindi, Poems In Hindi, poetry by sukhmangal singh, poetry in hindi, self motivation poem hindi, short poetry in hindi, Sukhmangal Singh, sukhmangal singh poems, sukhmangal singh poetry, श्री कृष्ण और वासुदेव संवाद, सुखमंगल सिंह जी की कविताये।

सोच रे मानव।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ सोच रे मानव। ♦

हे मूर्ख इंसान, तू सत्य की खोज कर।
जग में असत्य बढ़ाने पर मत शोर कर।

कौन है तू,क्या हस्ती तेरी, क्या वजूद तेरा।
जब विचारों का इंकलाब आएगा,
कहाँ होगा, अस्तित्व महफूज तेरा।

क्यों डूबा है, खुद को भगवान बनाने में।
इस शक्ति को एक क्षण भी,
नही लगेगा तुझें मिटाने में।

तुझें मालिक ने बार-बार इशारा देकर,
कोई कसर न छोड़ी, तुझें चेताने में।
कोई कमी बाकी न रही तुझें समझाने में।

जिस कर्म से जग में हताशा और निराशा हो।
उस कर्म को तज दे मनुष्य,
जिससे कलयुगी इंसान की परिभाषा हो।

युगों से देखी नही क्या तुमनें,
इस रब की लाठी तो, बेआवाज होती है।

तू देखता रह जायेगा, ये इंसाफ कर देगी,
क्योंकि इसकी हर बात राज होती हैं।

♦ सुशीला देवी जी – करनाल, हरियाणा ♦

—————

  • “श्रीमती सुशीला देवी जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से, कविता के माध्यम से बखूबी समझाने की कोशिश की है – किस तरह से आज का इंसान सत्य से दूर, नाना प्रकार के विकर्म कर रहा है। अहंकार-वश स्वयं को भगवान् बनाने में लगा है। वह भूल गया है जब इस रब की लाठी पड़ती है, तो उसमे आवाज़ नही होती। अभी भी समय है तू सुधर जा इंसान, वर्ना तेरे पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

—————

यह कविता (सोच रे मानव।) “श्रीमती सुशीला देवी जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा। आपकी लेखन क्रिया यूं ही चलती रहे।

आपका परिचय आप ही के शब्दों में:—

मेरा नाम श्रीमती सुशीला देवी है। मैं राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ब्लॉक – घरौंडा, जिला – करनाल, में J.B.T.tr. के पद पर कार्यरत हूँ। मैं “विश्व कविता पाठ“ के पटल की सदस्य हूँ। मेरी कुछ रचनाओं ने टीम मंथन गुजरात के पटल पर भी स्थान पाया है। मेरी रचनाओं में प्रकृति, माँ अम्बे, दिल की पुकार, हिंदी दिवस, वो पुराने दिन, डिजिटल जमाना, नारी, वक्त, नया जमाना, मित्रता दिवस, सोच रे मानव, इन सभी की झलक है।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

homepage-kmsraj51.png

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, सुशीला देवी जी की कविताये।, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता Tagged With: best short kavita in hindi, hindi poems on life inspiration, hindi poems on life values, poem in hindi, poem on life in hindi, poems on humanity in hindi, poetry by Sushila Devi, poetry in hindi on life, self motivation poem hindi, short motivational poems in hindi, short poem in hindi, Smt. Sushila Devi poems, sudhar ja manav, मोटिवेशनल कविता हिंदी में, सुशीला देवी जी की कविताये, हिंदी कविता संग्रह

जनता सकपकाई है।

Kmsraj51 की कलम से…..

♦ जनता सकपकाई है। ♦

बक्सर के गंगा घाट में बहती, लाशें देती गवाही है।
भारत में कोरोना द्वितीय ने, घनी मचाई तबाही है।

यह दुष्ट बीमारी दुनियां में, जाने कहां से आई है?
बेगुनाहों की जिन्दगियां, इसके आगोश में समाई है।

शमशानों में जगह नहीं, बिन जले ही लाशें बहाई है।
पानी में बहती लाशों को देख, जनता सकपकाई है।

गांव – गांव में है घुमा कोरोना, नंगा नाच नचाया है।
चुन चुन बदला ले रहा है, हमने इसका क्या खाया है?

जाति धर्म का भेद नहीं, ऊंच नीच का न कोई ख्याल।
बिन एस ओ पी के इससे बचे, किसकी ऐसी मजाल ?

सत्ता पक्ष के नथुने है फूले, विपक्ष ने मचाई धमाल है।
पक्ष – विपक्ष के इस झगड़े में, बेचारी जनता बेहाल है।

हस्पतालों में बिस्तर न, ऑक्सीजन की किल्लत भारी है।
हल्के में न लो इसको कोई भईया, यह खूनी महामारी है।

सौ सालों के अंतरालों में, सुना ऐसा कुछ न कुछ होता है।
काटता इन्सान फसले वही है, जैसा वह खेतों में बोता है।

भ्रष्टाचार और फरेबी, मकारी, जब नस नस में समाई है।
कुदरती तिलसम वाजिव है, बबुल में आमें तो न आई है।

खुद को खुदा की पदवियां, नेता – धर्मनेता जब जब देते हैं।
इतिहास गवाह है कुदरत के मालिक, सजा तब तब देते हैं।

आदमी ने खोई अदमियत सारी, इंसानियत का गला है रेता।
शैतानी फितरत में जी रहा है, यूं ही खुदा यह सिला न देता।

यूं ही न बहती लाशें गंगा घाट में, इंसानों की बेबस ढोरों सी।
काले जो लगे हैं करने अब करतूतें, आज फिरंगी गोरों सी।

अपनों का बैरी अपना बने, दुश्मनों की दुश्मनी तब बौनी है।
दौर -ए -नाजुक में हालात को समझो, राजनीति घिनौनी है।

उससे पहले कि कातिल हो जाए पवने, सावधानी जरूरी है।
इस गर्दिशे माहौल में, सेनेटाइजर, मास्क, दूरियां मजबूरी है।

♦ हेमराज ठाकुर जी – जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ♦

—————

  • “हेमराज ठाकुर जी“ ने, बहुत ही सरल शब्दों में सुंदर तरीके से बखूबी समझाने की कोशिश की है – कोरोना काल में आम जनता किस तरह से मर रही है, चारो तरफ सभी परेशान है इस कोरोना से, न जाने अभी क्या – क्या गुल खिलायेगा ये कोरोना। वर्तमान सरकार अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रही है कोरोना को काबू करने के लिए। लेकिन सभी विरोधी पार्टी गन्दी राजनीती कर रही है, कोरोना पर और वैक्सीन पर। इनके गन्दी राजनीती से आम जनता मर रही है।

—————

यह लेख (भारतीय संस्कृति और पाश्चात्य संस्कृति का तुलनात्मक अध्ययन।) “हेमराज ठाकुर जी” की रचना है। KMSRAJ51.COM — के पाठकों के लिए। आपकी कवितायें/लेख सरल शब्दो में दिल की गहराइयों तक उतर कर जीवन बदलने वाली होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है आपकी कविताओं और लेख से जनमानस का कल्याण होगा।

अपने विचार Comments कर जरूर बताये, और हमेशा नए Post को अपने ईमेल पर पाने के लिए – ईमेल सब्सक्राइब करें – It’s Free !!

Please share your comments.

आप सभी का प्रिय दोस्त

©KMSRAJ51

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।-KMSRAj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational Story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAj51

 

____Copyright ©Kmsraj51.com  All Rights Reserved.____

Filed Under: 2021-KMSRAJ51 की कलम से, हिंदी कविता, हिन्दी-कविता, हेमराज ठाकुर जी की कविताये।, हेमराज ठाकुर जी की रचनाएँ Tagged With: Corona Par Kavita, corona par kavita - hemraj thakur, hemraj thakur, hemraj thakur ki kavitaye, Hindi Poems, Hindi Shayari, Poem On Corona, Poem On Coronavirus in Hindi, poems on covid 19 in hindi, poems on covid in hindi, urdu poetry, कातिल कोरोना पर लिखी कविता, कोरोना काल की कविताएं, कोरोना पर कविता, कोरोना पर नई कविता, कोरोना पर लिखी कविताएं, कोरोना वायरस पर कविता

« Previous Page
Next Page »

Primary Sidebar

Recent Posts

  • शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।
  • दो वक्त की रोटी।
  • उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।
  • योग दिवस – 2026
  • निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।
  • बात वक्त की।
  • तिरंगा का करें सम्मान।
  • एक सफर।
  • बाल विवाह – एक अभिशाप।
  • क्या बदलाव लायेगा नया साल।
  • है तो नववर्ष।
  • मोह।
  • अपना धर्म सबसे उत्तम।
  • ठंडी व्यार।
  • रिश्तों को निभाना सीखो।
  • तंत्र, मंत्र और तत्व ज्ञान में अंतर।
  • मित्र।

KMSRAJ51: Motivational Speaker

https://www.youtube.com/watch?v=0XYeLGPGmII

BEST OF KMSRAJ51.COM

शिक्षा में क्रांति अभी बाकी है।

दो वक्त की रोटी।

उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार।

योग दिवस – 2026

निरर्थक रील्स की आरी – गुमराह होती नारी।

बात वक्त की।

तिरंगा का करें सम्मान।

एक सफर।

बाल विवाह – एक अभिशाप।

क्या बदलाव लायेगा नया साल।

है तो नववर्ष।

Footer

Protected by Copyscape

KMSRAJ51

DMCA.com Protection Status

Disclaimer

Copyright © 2013 - 2026 KMSRAJ51.COM - All Rights Reserved. KMSRAJ51® is a registered trademark.